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अफगानिस्तान में भारत की 3 करोड़ डालर की परियोजना ने बदले हालात

नई दिल्ली. तालिबान के साथ अफगानिस्तान के शीर्ष शांति वार्ताकार डॉ अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने भारत की चार दिवसीय सरकारी यात्रा के दौरान अंतर-अफगान शांति प्रक्रिया की प्रगति से भारत सरकार को अवगत कराया और विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर चर्चा की।

डॉ अब्दुल्ला अब्दुल्ला अफगानिस्तान के राष्ट्रीय समन्वय उच्च परिषद (एचसीएनआर) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अफगान शांति प्रक्रिया के प्रति पूर्ण समर्थन जताने के लिए पड़ोसी देशों को धन्यवाद दिया है और कहा कि अफगानिस्तान में शांति के लिए क्षेत्रीय आम सहमति और सहयोग महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भारत यात्रा के समापन के बाद अपने बयान में कहा, भारत की चार दिनों की सरकारी यात्रा का सफल समापन हुआ। मैं प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और यहां की जनता को गर्मजोशी से स्वागत और सत्कार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। अफगान शांति प्रक्रिया के प्रति पूर्ण समर्थन जताने के लिए पड़ोसी देशों को धन्यवाद देता हूं। अफगानिस्तान में शांति के लिए क्षेत्रीय आम सहमति और सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।

भारत के निरंतर समर्थन से खुश

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से भेंट हुई और विभिन्न क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मसलों पर उनसे विस्तृत चर्चा हुई। मोदी ने उन्हें अफगान शांति प्रक्रिया के लिए भारत के निरंतर समर्थन और देश की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, डॉ अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने अफगान शांति प्रक्रिया और दोहा में चल रही वार्ता पर प्रधान मंत्री को जानकारी दी। दोनों नेताओं ने विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

अफगानी नेता ने भारत की तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजनाओं के विकासपरक प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि इससे उनके देश के सभी 34 प्रांत के लोगों को फायदा मिल रहा है।