दो लाख रुपए महीेने मिलता था वेतन फिर भी देश को धोखा दिया केन्द्र सरकार के इस पूर्व अफसर ने

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 1973 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी एवं केंद्रीय उत्पाद के पूर्व आयुक्त सुरेंद्र पाल सिंह उर्फ ​​एस पी सिंह को दो वर्षाें के कठाेर कारावास की सजा सुनायी है तथा उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सीबीआई के अपर विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद विशाखापत्तनम के पोर्ट एरिया के तत्कालीन केंद्रीय उत्पाद आयुक्त को दोषी ठहराते हुए उन्हें यह सजा सुनाई।

सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा कि भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सिंह, हैदराबाद स्थित निजी कंपनी के एक व्यक्ति, नयी दिल्ली के एक व्यापारी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ नौ मार्च 2001 को मामला दर्ज किया गया था। बयान में कहा गया कि वर्ष 2001 के दौरान सिंह ने व्यवसायी सहित तीन निजी व्यक्तियों के साथ एक आपराधिक साजिश की और आंध्र प्रदेश स्थित निजी कंपनियों (सभी अनुसांगिक इकाईयां) द्वारा 4.88 करोड़ रुपये का उत्पाद कर की चोरी मामले में अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया था।
प्रारंभ में, सिंह ने दिल्ली के एक व्यवसायी को नौ मार्च 2001 को हैदराबाद के निजी व्यक्ति से हैदराबाद में 25 लाख रुपये की राशि एकत्र करने को कहा। इसके बाद, पूर्व केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त ने राशि को घटाकर 15 लाख रुपये कर दिया। उक्त आपराधिक साजिश के तहत नयी दिल्ली के व्यवसायी ने बदले में दो अन्य निजी लोगों को हैदराबाद आने और हैदराबाद स्थित कंपनी के व्यक्ति से सिंह के लिए 15 लाख रुपये की अवैध राशि हासिल करने का निर्देश दिया। दोनों व्यक्तियों ने नौ मार्च 2001 को हैदराबाद का दौरा किया और कथित तौर पर सिंह के लिए निजी व्यक्ति से 15 लाख रुपये का रिश्वत स्वीकार किया।
प्रवक्ता ने कहा कि इसके बाद सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी व्यक्तियों को पकड़ लिया। सीबीआई ने आरोपी व्यक्तियों के परिसरों और विभिन्न ठिकानों की तलाशी ली और छापेमारी की जिसमें शेयरों से संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी, एक लॉकर की चाबी, एक लाख 40 हजार की नकदी, 1019 अमेरिकी डॉलर, 95 सिंगापुर डॉलर, अचल और चल संपत्ति के दस्तावेज और अन्य आपराधिक दस्तावेज बरामद किये गये।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि गहन जाँच के बाद जांच एजेंसी ने 29 जुलाई 2004 को अपर विशेष न्यायाधीश की अदालत में सिंह और एक व्यवसायी सहित तीन निजी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने सिंह को दोषी पाया और उसे कठाेर कारावास की सजा सुनाई जबकि अन्य तीनों लोगों को बरी कर दिया।