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दो किलोमीटर दूर तक दुश्मन की लाशों का अम्बार लगा देती है ये मशीनगन – Mobile Pe News

दो किलोमीटर दूर तक दुश्मन की लाशों का अम्बार लगा देती है ये मशीनगन

भारतीय थल सेना अपनी इन्फेंट्री बटालियनो की ताकत बढ़ाने के लिए ऐसी मशीनगन की तलाश में है जो एक मिनट में दो हजार से अधिक गोलियां एक से दो किलोमीटर की दूरी तक युद्ध के मैदान में बरसा सके। सेना ऐसी मशीनगन पहाड़ी लड़ाई के लिए हासिल करना चाहती है क्योंकि अभी उसके पास जिस तरह की मशीन गन हैं उनकी मारक क्षमता उतनी नहीं है जितनी पहाड़ की चोटियों पर बैठे दुश्मन को धूल चटाने के लिए जरूरी है।

सेना को ऐसी मशीन गनों की आवश्यकता कारगिल युद्ध के दौरान महसूस हुई थी जब चोटियों पर कब्जा करके बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को मार भगाने के लिए उसे मैदान में बोफोर्स तोपों को लाना पड़ा था।

सेना अभी देश में बनी मशीनगन इस्तेमाल करती है लेकिन उनकी मारक और गोलियां बरसाने की क्षमता उतनी नहीं है जितनी वह चाहती है। सेना ऐसी मशीनगनों का उपयोग मैदानी इलाकों की अपेक्षा पहाड़ों पर ही करना चाहती है क्योंकि मैदान में उसे आर्टिलरी का सहारा आसानी से मिल जाता है। जबकि आर्टिलरी अर्थात तोप पहाड़ी इलाकों में दुश्मन की छाती तक ले जाने में बहुत अधिक खतरा होता है। दुश्मन उन्हें हवाई हमले से ध्वस्त कर सकता है, लेकिन ऐसी मशीनगन इंफेंट्री बटालियनों के जवान कंधे पर ढो सकते हैं। ऐसी गन को कहीं भी फिट करके दुश्मन के परखच्चे उड़ाए जा सकते हैं।

सेना के पास अभी जो मशीनगन हैं वे बहुत भारी हैं, जबकि उसे वैसी मशीनगनों की जरूरत है जिन्हें अमेरिकी फौज इस्तेमाल करती है। अमेरिकी फौजों ने अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाकों में तालिबान को धूल चटाने के लिए ऐसी गनों का बखूबी इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सेना की माउंटेन डिवीजनों को 90 के दशक में ही लैस कर दिया गया था।