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जैविक गुलाब की पंखुडियों से बने फिल्टर वाली इस सिगरेट की बाजार में धूम, पीते ही हरी हो जाती है ​तबीयत

धूम्रपान से कैंसर का खतरा अधिक रहता है और ऐसे लोग जो धूम्रपान के आदी हैं और वह इसे छोड़ने के प्रयास में हैं तो उनके लिए तंबाकू रहित जैविक सिगरेट सुरक्षित और अधिक सेहतमंद विकल्प है। ग्रेटर नोएडा में तीन दिन के जैविक उत्पाद मेले बायोफैच इंडिया में तंबाकू रहित जैविक सिगरेट में प्रदर्शनी का अवलोकन करने आए दर्शकों की मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

यह सिगरेट तुलसी, चाय के पौधे (कैमेलिया साइनेंसिस) गुलाब की पंखुड़ियों, पुदीने की पत्तियों को मिलाकर वर्जिन पेपर पर रोल कर और रुई का फिल्टर लगाकर बनाई गई है। तंबाकू और निकोटिन से मुक्त यह जैविक सिगरेट मेले के अंतिम दिन दर्शकों को खूब भायी।
सात नवंबर से नौ नवंबर तक चला बायोफैच इंडिया मेला नर्नबर्ग मेसे इंडिया और वाणिज्य मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने मिलकर आयोजित किया था। तंबाकू रहित सिगरेट को आर्गनिक स्मोक्स शुरू करने वाले पीयूष छाबड़ा ने अपने दो भाइयों गौरव और नितिन के सान्निध्य से तैयार किया।

छाबड़ा ने कहा,“ आर्गनिक स्मोक्स चाय के पौधे कैमेलिया माइनेंसिस से बनी है और 100 प्रतिशत हर्बल है। इसमें कैमेलिया साइनेंसिस के साथ तुलसी का मिश्रण है तथा किसी प्रकार की तंबाकू अथवा निकोटिन नहीं है। इसमें टार आउट फिल्टर है जिससे धूम्रपान भी सेहत भरा हो जाता है और इसका सेवन करने से तनाव, जैट लैग, सर्दी और निकोटिन की तलब से मुक्ति मिलती है और मन भी अच्छा महसूस करता है। छाबड़ा ने जैविक सिगरेट बनाने के पीछे की कहानी बयां करते हुए कहा कि किसी समय वह स्वयं भी बहुत अधिक धूम्रपान करते थे।
उन्होंने कहा, “आर्गेनिक स्मोक्स को प्राकृतिक कागज में ढेर सारी सामग्री मिलकार बनाया गया है। इसमें जैविक तरीके से उगाये गये गुलाब की पंखुड़िया और पुदीने की पत्तियां हैं, जिन्हें कागज में लपेटा जाता है और एक छोर रुई का फिल्टर तथा टार छोड़ने वाला माउथपीस लगाया जाता है। इस हानिमुक्त मिश्रण के कारण धूम्रपान करने वाले को आम सिगरेट जैसी राहत मिलती है लेकिन सेहत को किसी तरह का खतरा नहीं होता। इससे तनाव दूर होता है, जैट लैग दूर करने में मदद मिलती है। यही नहीं सर्दी-जुकाम से भी बचाव होता है।

एफडीए से प्रमाणित यह निकोटिन मुक्त फार्मूला तीन स्वाद–मेंथाल, माइल्ड और रेग्युलर में मिलता है और 10 जैविक सिगरेट पैक की कीमत 100 से 300 रुपए के बीच है। छाबड़ा ने कहा कि वह जैविक सिगरेट का निर्यात करने की योजना भी बना रहे हैं। मेले के दौरान बांस से बने लकड़ी के टूथब्रश, पुन: इस्तेमाल योग्य स्ट्रा और खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। एपीडा के अध्यक्ष पवन के बड़ठाकुर ने मेले की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा बायोफैच 2019 में देश और विदेश के निर्यातकों, प्रसंस्करणकर्ताओं, खुदरा श्रखंला उद्योग, प्रमाणन संस्थाओं और उत्पादकों समेत छह से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मेले में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने जैविक चाय, मसाले,शहद, बासमती चावल, काफी, अनाज, मेवे, सब्जियों, प्रसंस्कृत खाद्य एवं औषधीय पौधों समेत विभिन्न भारतीय जैविक उत्पादों पर वार्ता करके प्रत्यक्ष अनुभव साझा किया।

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