इधर चुटकी बजेगी उधर प्रधानमंत्री दफ्तर जा पहुंचेंगे……..

भारत के प्रधानमंत्री का सरकारी आवास जल्द ही राष्ट्रपति भवन के बगल में हो सकता है। यहां से उन्हें अपने दफ्तर पहुंचने में चंद मिनट ही लगेंगे। अभी प्रधानमंत्री के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के आसपास यातायात पर अक्सर लगने वाली पाबंदियों से दिल्ली बेहद परेशान हैं। प्रधानमंत्री जब साउथ ब्लॉक स्थित दफ्तर यातायात रोक दिया जाता है।

1984 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे तो वह सात रेसकोर्स अब 7, लोक कल्याण मार्ग में रहने आए थे। 12 एकड़ का यह परिसर नई दिल्ली के वास्तुकार एडविन लुटियंस के डिजाइन पर बना है। नई पुनर्विकास योजना सेंट्रल विस्टा के तहत रायसीना हिल पर साउथ ब्लॉक के दक्षिण-पश्चिम कोने पर प्रधानमंत्री आवास बनाने की योजना है। प्रधानमंत्री के मौजूदा आवास और साउथ ब्लॉक दफ्तर की दूरी 2.8 किमी है। योजना में संसद की नई इमारत, सभी केंद्रीय मंत्रालयों को करीब लाना और सेंट्रल विस्टा के आसपास स्थित धरोहर इमारतों का पुनर्विकास का लक्ष्य शामिल है। सेंट्रल विस्टा में सभी मंत्रालयों के साथ प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के आवास भी होंगे। उपराष्ट्रपति का आवास नॉर्थ ब्लॉक के पीछे होगा।

संसद की इमारत के पुनर्निर्माण की अपेक्षा संसद परिसर में ही एक नई इमारत बनाई जाएगी। अभी जिस इमारत में संसद है, उसी के 13 एकड़ के भूखंड पर नया कक्ष बनाया जाएगा। इसमें मौजूदा लोक सभा कक्ष से तीन गुना ज्यादा आकार का कक्ष, राज्य सभा कक्ष और एक लाउंज होगा। लोक सभा के नए कक्ष को संयुक्त सत्र के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। अभी इसके लिए केन्द्रीय कक्ष का इस्तेमाल होता है। इसमें नियमित रूप से 900 लोग बैठ सकेंगे लेकिन संयुक्त सत्र के दौरान 1,350 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। हर सांसद को 50 फीसदी ज्यादा जगह मिलेगी। मौजूदा लोकसभा में केवल 552 सांसद बैठ सकते हैं।

अभी केंद्र सरकार के 51 में से 22 मंत्रालय सेंट्रल विस्टा और इसके आसपास हैं। योजना के मुताबिक राजपथ के दोनों तरफ 10 नई इमारतों में सभी मंत्रालयों के दफ्तर होंगे। एकीकृत भूमिगत पार्किंग के अलावा इनमें सीधे दिल्ली मेट्रो की येलो और वॉयलेट लाइनों तक पहुंचने के लिए भूमिगत रास्ते भी होंगे। इंडिया गेट और रायसिना हिल के बीच तीन किमी लंबे सेंट्रल विस्टा में यातायात को कम करने के लिए पैदल यात्रियों के लिए ट्रैफिक सिग्नल पर अंडरपास होंगे। सेंट्रल विस्टा परियोजना रायसिना हिल के रिज से शुरू होकर यमुना नदी पर खत्म होगी।