Off Beat

दिल्ली में चल रहे निर्माण कार्य पर रोक, पर्यावरण के अनुकूल पटाखे बेचे जायेंगे

नयी दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगा दी गयी है तथा पानी का छिड़काव शुरू करने का आदेश दिया गया है। पर्यावरण सचिव सी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी फैसला किया गया कि इस साल सिर्फ कम प्रदूषण फैलाने वाले पर्यावरण के अनुकूल पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जायेगी। आतिशबाजी के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा तय समय की पाबंदी की निगरानी के लिए 52 टीमों का गठन किया गया है।

मिश्रा ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम करने के विभिन्न उपायों के बावजूद इसमें कमी नहीं आने पर चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली सरकार को 400 टैंकरों से पानी का छिड़काव तुरंत शुरू करावाने का निर्देश दिया। साथ ही किसी भी तरह के निर्माण कार्यों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें सरकारी एजेंसियों को भी कोई छूट नहीं दी जायेगी। कूड़ा ले जाने वाले ट्रकों के लिए ऊपर से ढका होना जरूरी कर दिया गया है। इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, नगर निगमों के आयुक्त और दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा के जिलाधीश शामिल थे।

प्रदूषण नियंत्रण पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में 44 टीमों का गठन किया गया है। स्थानीय एसडीएम इन दलों का नेतृत्व करेंगे। इनमें पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा स्थानीय निकायों के के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। एनसीआर के चार शहरों, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में दो-दो टीमें होंगी। बैठक में तय किया गया कि सिर्फ उन्हीं विक्रेताओं को पटाखे बेचने की अनुमति होगी जिन्हें पेट्रोलियम एवं विस्फोट सुरक्षा संगठन (पेसो) से लाइसेंस प्राप्त है। वे सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल पटाखे ही बेच सकेंगे। किसी और तरह के पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। दिल्ली पुलिस और एनसीआर शहरों के जिलाधीशों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Notifications    Ok No thanks