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आँध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा सभी राज्य कल से घरेलू उड़ान के लिए तैयार

नयी दिल्ली । आँध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के अलावा सभी राज्य सोमवार से घरेलू उड़ानें दुबारा शुरू करने पर सहमत हो गये हैं। मुंबई, चेन्नई, पश्चिम बंगाल और आँध्र प्रदेश में उड़ानों की संख्या एक-तिहाई से भी कम होगी।नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज बताया कि घरेलू उड़ानें दुबारा शुरू करने को लेकर विभिन्न राज्यों की सरकारों के साथ दिन भर उनकी वार्ता के बाद सभी राज्य इस पर सहमत हो गये हैं। आँध्र प्रदेश ने हालाँकि 26 मई से और पश्चिम बंगाल ने 28 मई से उड़ान शुरू करने की सहमति दी है। अन्य राज्यों में कल से उड़ान शुरू होगी।

केंद्र सरकार ने पूर्व में मंजूरी ग्रीष्मकालीन समय-सारणी की तुलना में अभी एक-तिहाई उड़ानों की अनुमति दी थी, लेकिन आँध्र प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह 26 तारीख से सीमित उड़ानों की अनुमति देगी। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल सरकार ने भी 28 मई से सीमित उड़ानों की सहमति दी है।
तमिलनाडु ने चेन्नई हवाई अड्डे पर रोजाना मात्र 25 उड़ानों को उतरने की सहमति दी है जबकि राज्य ने अन्य हवाई अड्डों के मामले में वह केंद्र सरकार के एक-तिहाई उड़ानों के प्रस्ताव को मान लिया है। इसी प्रकार महाराष्ट्र सरकार ने भी कहा है कि वह मुंबई हवाई अड्डे पर सीमित उड़ानों की अनुमति देगी जबकि राज्य के अन्य हवाई अड्डों पर केंद्र के एक-तिहाई उड़ानों को प्रस्ताव को वह स्वीकार करेगी।

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Modi बंगाल , ओडिशा के दौरे पर रवाना

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भीषण चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के कारण उत्पन्न हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल और ओडिशा के दौरे पर रवाना हो गये।मोदी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ राहत एवं पुनर्वास के उपायों पर चर्चा करेंगे।

वह पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे कोलकाता पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ राज्य का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। दोनों नेता बशीरहाट में अपराह्न में एक प्रशासनिक बैठक को भी संबोधित करेंगे जिसके बाद श्री मोदी भुवनेश्वर के लिए रवाना हो जाएंगे।

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अम्फान से प्रभावित लोगों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी- माेदी

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि समूचा राष्ट्र चक्रवाती तूफान अम्फान से प्रभावित पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के साथ एकजुट है और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी।
मोदी ने आज ट्विट कर कहा ,“ पश्चिम बंगाल में तूफान के कारण हुई तबाही का दृश्य देखा है।

इस चुनौतीपूर्ण समय में समूचा राष्ट्र पश्चिम बंगाल के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। राज्य के लोगों के कल्याण और भलायी की कामना करता हूं। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। ”उन्होंने कहा , “ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। उच्च अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं।

वे पश्चिम बंगाल सरकार के साथ तालमेल कर रहे हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी।”एक अन्य टि्वट में उन्होंने कहा , “ मेरी संवेदना ओड़िशा के लोगों के साथ हैं जो चक्रवाती तूफान के प्रभावों से साहस के साथ जूझ रहे हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन मौके पर है और उन्हें सभी संभव मदद दी जायेगी। मैं प्रार्थना करता हूं कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य बनें। ”

इससे पहले कैबिनेट सचिव ने भी राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में दोनों राज्यों में अम्फान के बाद उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की थी।केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति का जायजा लिया था और उन्हें केन्द्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।

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चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ का कहर, मृतकों की संख्या 20 हुई

कोलकाता/नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ की चपेट में आकर और आठ लोगों की मौत के साथ प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों की संख्या 20 हो गयी है।सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को कोलकाता में पांच और अन्य जिलाें में तीन लोगों के मरने की रिपोर्टें मिली है।

करीब 165 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और घनघोर बारिश के साथ चक्रवाती तूफान बुधवार की शाम सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र और दक्षिणी बंगाल के छह जिलों में प्रवेश कर गया।पश्चिम बंगाल के साथ ओडिशा में व्यापक तौर पर बचाव के इंतजाम किये गये हैं , हालांकि ओडिशा में किसी जनहानि की रिपोर्ट नहीं है।

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भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान के तट से टकराने का सिलसिला शुरू

नयी दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान बंगाल के तट पर पहुंच चुका है और इसकी वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश हो रही है।मौसम विभाग के महानिदेेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह तूफान पश्चिम बंगाल के तट से टकरा गया है। तट से टकराने की यह की प्रक्रिया अपराह्न 2.30 बजे शुरू हुई थी।यहां अनेक क्षेत्रों में पेड़ उखड़ कर गिर गये हैं।

कल रात से इसका असर ओडिशा के उपर हो गया था और इसकी वजह से ओडिशा के तटीय जिलों मे काफी तेज बारिश हो रही थी और हवाओं की रफ्तार भी सैंकड़ो किलाेमीटर प्रति घंटा से अधिक दर्ज की गई।
ओड़िशा और बंगाल के अनेक हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही हैं। भद्रक और बालासोर में तेज हवाएं चल रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक के मुताबिक एस एन प्रधान ने इस चक्रवाती तूफान को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि ओड़िशा में 20 और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की 20 टीमें तैनात कर दी गई हैं और केन्द्रीय मुख्यालय तथा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में स्थानीय मुख्यालय के बीच लगातार इसे लेकर संपर्क जारी है।

ये सभी टीमें वायरलेस और सेटेलाइट संचार प्रणााली से युक्त हैं। इनके अलावा दो टीमों को तैयार रखा गया हैं।उन्होंने बताया कि इससे पहले आए तूफान फैनी से सबक लेते हुए सभी टीमों के पास पेड़ और लोहे के खंबे काटने वाले उपकरण हैं और तूफान के गुरजने के बाद इस तरह की स्थितियों से निपटा जा सके।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए इन सभी टीमों को पीपीई और आवश्यक उपकरण दिए गए हैं। इन टीमों ने संबद्व जिलों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बना लिया हैं और ये सभी मिलकर काम कर रहे हैं। टीमें लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को कोविड के दौरान सावधानी बरतने और तूफान के दौरान किए जाने वाले एहतियाती उपायों के बारे में पहले ही जागरुक कर चुकी है।

उन्होेंने बताया कि पश्चिम बंगाल से पांच लाख से अधिक और ओडिशा से डेढ़ लाख से अधिक लोगों को तूफान की आशंका के चलते पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। एनडीआरएफ की टीमें दीघा, पूर्वी मेदिनीपुर,काकद्वीप, रामनगर में लोंगों को सावधानी बरतने के लिए समझा रही हैं।

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अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में यम का पहरा, मछली पकड़ने गए तो मरना तय

मध्य अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, कर्नाटक और साथ ही दक्षिण कोंकण और गोवा, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तथा उत्तर पूर्व तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय इलाके, सिक्किम और ओडिशा के कुछ हिस्सो में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल हैं। पश्चिम बंगाल के पर्वतीय हिस्से, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, गुजरात, और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर तेज से अति तेज वर्षा होने के आसार हैं।


उत्तर-पूर्व के साथ-साथ मध्य अरब सागर और गुजरात तट से सटे इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब रहने का अनुमान है इसलिए अगले 24 घंटे तक इन इलाके में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गयी है। पूर्वोत्तर के साथ-साथ मध्य अरब सागर से सटे हुए क्षेत्र में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज गति से हवा चल सकती है जो 70 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती है।


गुजरात समुद्री तट और आस पास के इलाके में 17 जून की शाम से 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चल सकती है। दिन का तापमान कोंकण, गोवा, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामान्य से ऊपर रहा। ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और मराठवाड़ा के शेष हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।


छत्तीसगढ़, रायलसीमा के कुछ हिस्सों में तथा पश्चिम बंगाल में गंगा के तटवर्ती इलाके, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के शेष हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से अत्यधिक ऊपर रहा। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और राजस्थान के शेष हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहा जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

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घोड़े जैसी ताकत पाना चाहते हैं तो एक माह तक मुझे खा लीजिए क्योंकि मैं कड़कनाथ हूं

यौवन शक्ति को घोड़े के बराबर करना चाहते हैं तो मुझे एक माह तक खा लीजिए। अगर आपने सही तरीके से खा लिया तो आप न सिर्फ घोड़े को दौड़ में हरा सकते हैं बल्कि उसके जैसा बलिष्ठ शरीर भी पा सकते हैं।

असल में कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, रक्तचाप और टीबी जैसी बीमारियों की रोकथाम में मददगार ‘कड़कनाथ’ एक समय अस्तित्व का संकट झेल रहा था लेकिन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य संस्थानों की मदद से अब यह देश के कोने कोने में ‘बांग’ दे रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात के कुछ आदिवासी क्षेत्रों में पाया जाता है। यौवन शक्ति बढ़ाने में कारगर होने के कारण लोगों में इसकी भारी मांग से पिछले वर्षों के दौरान इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया जिससे यह प्रजाति विलुप्त होने के कागार पर पहुंच गयी थी। समय रहते भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के हस्तक्षेप से अब यह न केवल तीन राज्यों बल्कि पूरे देश में किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हो रहा है।
उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) ए.के. सिंह ने बताया कि सिर से नख तक बिल्कुल काले रंग का देशी कड़कनाथ में जलवायु परिवर्तन के इस दौर में भी अत्यधिक गर्मी और सर्दी सहने की क्षमता है और यह विपरीत परिस्थिति में भी जीवित रहता है। इसका न केवल खून काला होता है बल्कि इसका मांस भी काला है जो बेहद नर्म और स्वादिष्ट होता है। इसके मांस में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और हृदय रोग के लिए घातक माने जाने वाले काेलेस्ट्रोल की मात्रा इसमें बहुत कम होती है। इसमें नाम मात्र की वसा है।

डॉ. सिंह ने बताया कि प्रोटीन कोशिका का एक महत्वपूर्ण घटक है जो शरीर के ऊतकों के निर्माण और मरम्मत में मददगार है। एंजाइम, हार्मोन और शरीर के अन्य रसायनों के निर्माण में प्रोटीन का उपयोग होता है। प्रोटीन हड्डियों, मांसपेशियों, त्वचा और रक्त के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शरीर में हानिकारक चर्बी और काेलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है। उन्होंने बताया कि कड़कनाथ के मांस में पाया जाने वाला स्टीयरिक एसिड खराब काेलेस्ट्रोल को कम करने में मददगार है। इसमें पाया जाने वाला ओलिक एसिड रक्तचाप और काेलेस्ट्रोल कम करने के साथ ही टाइप टू मधुमेह और कैंसर प्रतिरोधक है। इसमें गामा लिनोलेनिक एसिड, अरचिडोनिक एसिड और डोकोसैक्सिनोइक एसिड भी पाया जाता है जो शरीर को कई प्रकार के फायदे पहुंचाता है। डॉ. सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केन्द्र तथा राज्यों के सहयोग से कड़कनाथ हेचरी की स्थापना की गयी है जहां सालाना 139000 चूजे तैयार हो रहे हैं।
इन चूजों को 20 राज्यों के 117 जिलों में पाला जाता है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर आदि शामिल हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दांतेवाड़ा में सालाना एक लाख चूजे तैयार किये जा रहे हैं। इस राज्य के कांकेड़, बलरामपुर और राजनंदगांव में भी हेचरी की स्थापना की गयी है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, झाबुआ, धार और ग्वालियर में भी इस प्रकार के केन्द्र हैं।

कड़कनाथ का चूजा छह माह में वयस्क हो जाता है और मुर्गी अंडा देने लगती है। यह मुर्गी साल भर में तीन से चार चरणों में अंडे देती है और यह साल भर में 75 से 90 अंडे दे देती है। इसका एक अंडा स्थानीय स्तर पर 10 रुपये से 50 रुपये में मिलता है जबकि इसका मांस 600 से 1200 रुपये प्रति किलोग्राम बिकता है। किसानों को आम अंडों का मूल्य दो से तीन रुपये और सामान्य मुर्गे का मांस का मूल्य 150 रुपये किलोग्राम मुश्किल से मिलता है।
कड़कनाथ का मूल नाम कालामासी है जिसका अर्थ काले मांस वाला मुर्गा है। इसकी तीन किस्मों में जेट ब्लैक, पेनसिल्ड और गोल्डन कड़कनाथ शामिल हैं। कृषि विस्तार उप महानिदेशक ने बताया कि कड़कनाथ के प्रति लोगों में भारी जागरुकता आयी है जिसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों से इसके चूजे की भारी मांग आ रही है। कई स्थानों पर कड़कनाथ के पालन से गरीबों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे व्यावसायिक तौर पर वैज्ञानिक ढंग से इसका पालन कर रहे हैं।

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बला की खूबसूरत इमरान की गर्लफ्रेंड के सामने इस केन्द्रीय मंत्री की बंधी घिग्घी, दिल्ली से मांग रहा है मदद

पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट के लिए चुनाव मैदान में दो हस्तियों मुनमुन सेन और बाबुल सुप्रियो के बीच जबदस्त चुनावी जंग छिड़ी है। आसनसोल से मौजूदा सांसद सुप्रियो इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं, जबकि बांकुरा से सांसद सेन अब बाबुल की सीट छीनने की जुगत में है।

बंगला फिल्म इंडस्ट्री ‘टॉलीवुड’ की आइकॉन सुचित्रा सेन की पुत्री एवं बंगाली फिल्मों के साथ ही बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय के जरिये लोकप्रियता बटोरने वाली सेन ने राजनीति में भी धमाकेदार एंट्री की थी। सेन ने 2014 के आम चुनाव में बांकुरा लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और यहां से नौ बार सांसद रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वासुदेव आचार्य को हराकर अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की। आचार्य 1980 से लगातार सांसद निर्वाचित होते रहें, लेकिन सेन के हाथों मात खा गए और बांकुरा में माकपा का राज छिन गया।

तृणमूल कांग्रेस ने इस बार मुनमुन सेन को आसनसोल में उम्मीदवार बनाया है और वह सुप्रियो को चुनौती देने के मूड में हैं, हालांकि इस बार सेन के लिए आसनसोल की सीट हथिया पाना उतना आसान भी नजर नहीं आ रहा। मुंबई के रिकार्डिंग स्टूडियो से संसद तक का सफर तय करने वाले सुप्रियो ने 2014 में उस दौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से चुनाव लड़ा और जीता, जब पश्चिम बंगाल में भाजपा को केवल दो ही सीटें हाथ लगी। इनमें एक सीट आसनसोल की थी, जहां से सुप्रियो ने जीत का परचम लहराया। सहज एवं सरल व्यवहार के धनी बाबुल ने अपने खिलाफ मुनमुन सेन को तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार घोषित किए जाने पर रोचक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा, “ममता जी सेन को ही मेरा विरोधी बनाती आ रही हैं। वर्ष 2014 में डोला सेन और अब 2019 में मुनमुन सेन।

लोरेटो कॉन्वेंट शिलॉन्ग और लोरेटो हाउस, कोलकाता की पूर्व छात्रा सुश्री सेन ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक किया, जहां इमरान खान (वर्तमान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) उनके सहपाठी रहे। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय के अलावा बंगाली, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, मराठी और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है। दूसरी ओर सुप्रियो पार्श्वगायक के रूप में मशहूर हैं तथा बांग्ला और हिंदी में अनेक गीतों को स्वरबद्ध किया है। वर्ष 2014 के आम चुनाव में पश्चिम बंगाल में महज दो सीट हासिल करने वाली भाजपा राज्य में अपना जनाधार और सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस भाजपा को उसकी दो सीटों से भी बेदखल करने की हरसंभव कोशिश कर रही है और आसनसोल से सुप्रियो के मुकाबले सुश्री सेन को खड़ा करना उसकी इसी रणनीति का हिस्सा है।
वर्ष 2014 के चुनाव में आसनसोल सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार डोला सेन को पराजित कर चुके सुप्रियो इस बार भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, जबकि सुश्री सेन का दावा है कि यहां तृणमूल की लहर हैं और उनकी जीत सुनिश्चित है।

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अब भाजपा की नजर इस गढ़ पर , इसके लिए रथ यात्रा ऐवम जोरदार रैलियों की तयारी

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब तृणमूल कांग्रेस प्रमुुख ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल पर अपनी नजरें टिका दी है और इसके लिए रथ यात्राओं तथा जोरदार रैलियों की तैयारियां की जा रही हैं।

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सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ‘मिशन पूर्व’ में जुट गयी है। इसी के तहत भाजपा तृणमूल कांग्रेस को उसी के गढ़ में कड़ी टक्कर देने की याेजना बना रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहले ही पार्टी के लिए पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 22-23 सीटें हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित कर चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सात दिसंबर को महीने भर चलने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ’ थीम के अंतर्गत रथ यात्राओं की शुरुआत करेगी। शाह राज्य में तीन रथ यात्राओं को हरी झंडी दिखायेंगे। इनमें से पहली सात दिसंबर को उत्तरी बंगाल के कूचबिहार जिले से, दूसरी नौ दिसंबर को दक्षिण बंगाल के गंगासागर से और तीसरी 14 दिसंबर को बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर से शुरू होंगी।

शाह के अलावा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के साथ ‘एनआरसी’ के मुद्दे पर अपना अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र की भी राज्य में कई जनसभा होने की संभावना है।

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भाजपा की पश्चिम बंगाल में तीन बड़ी रथ यात्राओं की तैयारी

नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनावों को देखते हुए राज्य के पूर्वी हिस्सों में तीन बड़ी रथ यात्राएं निकालने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है ताकि मतदाताओं तक अधिक से अधिक पहुंच बनाई जा सके।

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भाजपा सूत्रों के अुनसार तीन रथ यात्राओं को शुरू करने की रणनीति बनाई जा चुकी है और ये तीन दिसंबर( उत्तर बंगाल ,कूच बिहार) पांच दिसंबर(बंगाल की खाड़ी) और सात दिसंबर( तारापीठ, बीरभूम जिला) में की जाएंगी। इन यात्राआें के संचालन का जिम्मा भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य प्रभारी को दिया जाएगा।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि इन तीनों यात्राओं में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के हिस्सा लेने की पूरी उम्मीदें हैं और इस मामले में मेनन कोलकाता में सोमवार और मंगलवार को रथ यात्राओं के बारे में महत्वपूर्ण रणनीति पर चर्चा करेंगें। इस बैठक में राज्य के तीनों शीर्ष नेताओं मुकुल राय, दिलीप घोष और राहुल सिन्हा के हिस्सा लेने की उम्मीद हैं।

इस आशय की भी रिपोर्टें है कि तृणमूल कांग्रेस इन रथयात्राओं की राह में रोड़े अटका सकती हैऔर यह बैठक इसलिए बुलाई गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगर ऐसी काेई स्थिति आती है तो उससे कैसे निपटा जाए।पार्टी सूत्रों ने बताया कि त्रिपुरा में भाजपा के प्रयोग काफी सफल रहे है और अब पश्चिम बंगाल में भी यही रणनीति अपनाई जाएगी क्योंकि राज्य की 42 लोकसभा सीटों का खास महत्व है। राज्य में इस समय भाजपा के दो सांसद हैं और शाह ने आगामी लोकसभा चुनावों में कम से कम 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।