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तेजस विमान बनाने वालों ने दी केन्द्र सरकार को चुनौती, उठा लिया ये कदम

हथियार बनाने वाली सरकारी फैक्ट्रियों के कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब देश की वायुसेना की रीढ़ हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारी सरकार को चुनौती देने के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। एचएएल के कर्मचारी संगठन का कहना है कि उनके वेतन पुनरीक्षण मुद्दे पर प्रबंधन विचार ही नहीं करना चाहता। संगठन के अनुसार वेतन पुनरीक्षण के मुद्दे पर प्रबंधन के साथ वार्ता विफल रहने के बाद रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारी सोमवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गये।
एचएएल स्टाफ इंप्लाइज यूनियन के सूत्रों के अनुसार एचएएल प्रबंधन उनकी उचित मांगों को मानने के लिए तैयार रही है। इस वजह से कर्मचारियों के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं है। यूनियन नेता ने कहा, “हमने अंतिम कदम उठाने के फैसले को टालने के लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश की है।”

 

बेंगलुरु स्थित एचएएल मुख्यालय के इंप्लायी यूनियन देशभर में स्थित एचएएल की सभी ठिकानों पर नोटिस भेज दिया है, जिसमें कर्मचारियों के 14 अक्टूबर से अनिश्चितकाली हड़ताल पर जाने की बात कही गयी है। इस नोटिस में समझौता के लिए कर्मचारियों के वेतन जनवरी 2017 से पुनरीक्षण प्रभावित होने की शर्त रखी गयी है।
यहां ये उल्लेखीनय है कि एचएएल वायुसेना के लिए विदेशों से खरीदे ​गए विमानों का लाइसेंस के तहत उत्पादन करने के साथ ही स्वदेशी विमान तेजस का उत्पादन करता है। इसके अलावा वह हैलीकॉप्टर समेत अन्य रक्षा उपकरणों का भी देश का एक मात्र बड़ा कारखाना है।