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Download sample paper CBSE board : सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तैयारी के लिए यहां से डाउनलोड करें सैंपल पेपर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से चल रही हैं। परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सैंपल पेपर हल कर सकते हैं। इससे प्रश्नों के प्रकार आदि का पता चलेगा। सैंपल पेपर इन वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं।

 

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के आयोजन से कुछ महीने पहले सैंपल पेपर जारी किए जाते हैं। BYJU’S परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट के साथ-साथ इसका एप भी उपलब्ध है। छात्र यहां से बोर्ड परीक्षाओं के लिए सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। सैंपल पेपर के साथ-साथ मार्किंग स्कीम भी डाउनलोड कर सकते हैं।

mycbseguide.com
बोर्ड परीक्षा की तैयारी और सैंपल पेपर के लिए mycbseguide.com भी लोकप्रिय वेबसाइट है। यह सभी विषयों के लिए फ्री में स्टडी मैटेरियल और सैंपल पेपर ऑफर करती है। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फ्री में और पेड दोनों तरह से सैंपल पेपर मिलते हैं। वेबसाइट पर पिछले कई सालों के सैंपल पेपर सॉल्यूशन के साथ उपलब्ध हैं।

Vedantu
Vedantu ऑनलाइन ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म है। छात्रों को स्टडी मैटेरियल के साथ-साथ सैंपल पेपर ऑफर करती है। CBSE 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल पेपर पर उपलब्ध हैं, जिन्हें फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। यहां पिछले साल के प्रश्न पत्र आदि भी उपलब्ध हैं। साथ ही यहां से NCERT सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं।

डाउनलोड करें सैंपल पेपर
बोर्ड परीक्षा की और भी अच्छी तैयारी करने के लिए tiwariacademy.com से सभी विषयों के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। यहां पिछले कई साल के सैंपल पेपर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मार्किंग स्कीम, पिछ्ले साल के प्रश्न पत्र और सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं। NCERT Textbooks सॉल्यूशन भी हैं।

बोर्ड सैंपल पेपर
cbse बोर्ड भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर cbseacademic.nic.in पर सैंपल पेपर जारी करता है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट से फ्री में सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं।

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Uttar Pradesh Secondary Education Council (UP board) : UP बोर्ड कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को पढ़नी होंगी NCERT सिलेबस पर आधारित किताब

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) (UP) बोर्ड (UP board) के कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को अब साइंस और आर्ट्स स्ट्रीम की तरह ही NCERT सिलेबस आधारित किताबें पढ़नी होंगी।

 

 

इस शैक्षणिक सत्र से होगा लागू

UP बोर्ड 2,700 से भी अधिक स्कूलों में 01 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र (2020-21) से कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सिलेबस पर आधारित किताब लागू करेगा। इससे पहले केवल साइंस और आर्ट्स के छात्र ही NCERT के सिलेबस पर आधारित किताबें पढ़ते थे। NCERT पाठ्यक्रम की अकाउंटेंसी और बिजनेस स्टडीज की किताबें 11वीं में शुरू की जाएंगी।

ये है (UP board) का आदेश

बोर्ड इस सत्र से 9वीं और 11वीं में अंग्रेजी के लिए NCERT की किताबें भी शुरू करने जा रहा था। UP बोर्ड की सचिव का कहना है कि NCERT आधारित पाठ्यक्रम के लिए 11वीं कॉमर्स के साथ-साथ 9वीं और 11वीं की अंग्रेजी की किताबें भी 02 जनवरी, 2020 तक प्रकाशित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

शुरू हुई तैयारी

बोर्ड ने किताबों के प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने 01 अप्रैल, 2018 को 18 विषयों में NCERT पाठ्यक्रम शुरू किया था।

शुरू हुआ NCERT पाठ्यक्रम

9वीं में साइंस, गणित और सोशल साइंस, 10वीं में गणित और साइंस, 11वीं में हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलावा 12वीं में गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसके बाद 01 अप्रैल, 2020 से 12वीं में सोशल साइंस के साथ-साथ, हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र का NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ।

इस तिथि तक शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं

2020 में 18 फरवरी, 2020 से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए कई बदलाव किए हैं। बोर्ड ने नकल को रोकने के भी कड़े इंतजाम किए हैं।

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स्कूलों में पाठ्क्रम को लेकर सरकार करने जा रही ये बड़ा बदलाव

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज कहा कि राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)का पाठ्यक्रम अगले दो से तीन वर्षाें में कम कर दिया जाएगा और इसी हफ्ते इस पर लोगों की राय मांगी जाएगी।

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जावडेकर ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मंत्रालय की ओर से आयोजित छह कार्यशालाओं तथा राज्यों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठकों में यह बात उभरकर आयी कि देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जानी चाहिए। मंत्रालय ने एनसीईआरटी से मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा करके यह फैसला करने को कहा कि इसमें से क्या हटाया जा सकता है और क्या रखा जा सकता है।

जावडेकर ने बताया कि मंत्रालय इस विषय पर शिक्षकों,अभिभावकों, शिक्षाविदों तथा छात्रों आैर अन्य पक्षकारों की राय जानने के लिए इसे इसी हफ्ते वेबसाइट पर डालेगा।उन्होंने बताया कि दो माह के बाद वह इन सुझावों की समीक्षा करेंगे आैर पाठ्यक्रम कम करने के लिए जरूरी कदम उपाय करेंगे।

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जावडेकर ने कहा कि इन बैठकों में बड़ी संख्या में गैर सरकारी संगठनों,शिक्षाविदों,प्रधानाचार्याें आैर शिक्षकों तथा सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें यह बात उभरकर सामने आयी कि ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं देना शिक्षा नहीं है क्योंकि विद्यार्थी डाटा बैंक या शब्दकोष नहीं हैं।

यह वक्त की मांग है कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी को अच्छा इंसान बनाना है। इसके लिए मूल्य आधारित शिक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले कौशल सिखाना ,व्यावहारिक ज्ञान देना तथा तंदरूस्ती बनाना है। शिक्षा का मकसद विद्यार्थियों पर पढ़ाई का बोझ कम करके उन्हें विभिन्न विषयों का मूलभूत सिद्धान्त समझाना है । उन्हें व्याख्या आैर विश्लेषण करने का ताैर -तरीका सिखाकर व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है।

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उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली में इन गतिविधियों के लिए स्थान नहीं है। हम सिर्फ परीक्षा देने वाले विद्यार्थी बना रहे हैं । वे पाठ्यक्रम को रट लेते हैं।इसके लिए लंबे समय से शिक्षा में सुधार की जरूरत थी।