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Big News: 60 लाख लोगों के मोबाइल में सेव प्राइवेट फोटोज लीक, फेसबुक से हुई गलती

मोबाइल फोन पर फेसबुक चलाने वालों के लिए ये चौंकाने वाली खबर हो सकती है। जानकारी के अनुसार फेसबुक एप के जरिए करीब 60 लाख 80 हजार लोगों की प्राइवेट फोटोज लीक हो गई है। ये फोटोज अब तक करीब 1500 से ज्यादा थर्ड पार्टी एप तक पहुंच गई है। इस गंभीर चूक पर फेसबुक ने माफी भी मांग ली है।

आपको बता दें कि फेसबुक एप से आप मोबाइल से अपनी फोटोज को शेयर कर सकते हैं। इससे ये सीधे आपके अकाउंट पर दिखने लगती हैं। इसी फीचर के चलते 60 लाख से ज्यादा लोगों के ऐसे फोटोज लीक हो गए हैं जो अपलोड नहीं किए गए थे।

कौन से हैं ये फोटोज
फेसबुक स्टोरी, फेसबुक मार्केटप्लेस साफ्टवेयर पर ये फोटोज यूजर्स ने अपलोड किए। ये वो फोटोज हैं जो आपने केवल अपलोड की हों लेकिन शेयर नहीं की हों। इसे समझने के लिए एक उदाहरण लिया जा सकता है। मान लीजिए आप अपनी कोई फोटो फेसबुक पर शेयर करना चाहते हैं। आप फेसबुक ऐप पर ​गए और पोस्ट में फोटो को अपलोड करने लगे। बीच में ही आपको आपका बॉस बुला लेता है। आप तुरंत जाते हैं। इसके बाद आप मोबाइल पर कोई और काम करने लगते हैं और फोटो अपलोड होकर रह जाती है। आपने इसे शेयर नहीं किया है। ऐसे फोटोज लीक हो गए हैं।

लीक होने से क्या है नुकसान

फेसबुुक से लीक हुए इन फोटोज से किसी को क्या खतरा हो सकता है। खतरा ये हो सकता है कि आपकी फोटो का दुरुपयोग 1500 से भी ज्यादा एप कर सकते हैं। ये फोटोज उन तक पहुंच गए हैं। गंदी साइट्स, प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों आदि में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आपकी फेसबुक आईडी को हैक करने में इन फोटोज की मदद ली जा सकती है। हालांकि आपकी फोटो का इस्तेमाल तभी हो पाएगा जब हैकर्स के किसी मैसेज का गलती से जवाब दे दें या उनके कहे अनुसार फोन में बदलाव कर दें।

फेसबुक ने मांगी माफी
इस गलती पर फेसबुक की नजर तो पड़ी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जब मामला सामने आया तब तक लीक हुए फोटोज सैंकड़ों एप्स तक पहुंच गए। फेसबुक ने इसके लिए माफी मांगी है। फेसबुक उन हैकर्स से बात कर रहा है जिन्होंने इस काम को अंजाम दिया है। उनसे फोटोज वापस लेने या उनका दुरुपयोग नहीं करें, इसकी कोशिश की जा रही है। साथ ही जल्द ही फेसबुक ने इस गलती को सुधारने के लिए नया अपडेट लांच करने की बात कही है।

फेसबुक का दावा है कि ये फोटोज 13 सितंबर से 25 सितंबर 2018 के बीच लीक हुई हैं। कंपनी के लिखे नए ब्लॉग में बताया गया है कि फेसबुक बिना शेयर हुए अपलोड फोटोज को केवल 3 दिन के लिए अपने डाटा में रखता है।

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कैसे बचेगी भैया, छोटी सी गौरैया

गौरैया चिड़िया की लुप्त हाे रही प्रजाति को बचाने की कवायद के बीच प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर चंबल घाटी में गौरैया के झुंड के झुंड देखकर इस पक्षी के भविष्य को लेकर सुखद अनुभूति होती है। पर्यावरण में आए बदलाव एवं अंधाधुंध शहरीकरण के चलते कई देशों में इस चिड़िया की प्रजाति लुप्तप्राय हो चुकी है मगर चंबल इलाके का भ्रमण करने वाले पर्यटकों का मन बडी तादाद मे गौरैया चिडिया को देख प्रसन्न हो जाता है। इटावा सफारी पार्क मे जहां बडी तादाद मे गौरैया चिडिया देखी जा रही है वही यमुना चंबल के बीहडो मे तो इनकी संख्या इतनी है कि इनका झुंड देख कर खुश होना लाजिमी है । असल मे चंबल के बीहड मे खासकर अधिक हरियाली होने के कारण गौरैया यहां पर बडे आराम से रह रही है और उसको यहां पर किसी भी तरह का कोई नुकसान करने वाला नहीं है। गौरैया एक ऐसी चिड़िया है जो इंसान के घर आँगन में घौंसला बनाकर रहती है लेकिन शहरों के विस्तार और हमारी बदलती जीवन शैली से अब गौरैया के रहन-सहन और भोजन में कई दिक्कतें आ रही हैं। यही वजह है कि शहरों में अब गौरैया की आबादी कम होती जा रही है।  

 

शहरीकरण के इस दौर में गौरैया भी प्रभावित हुईं। गौरैया आबादी के अंदर रहने वाली चिड़िया है जो अक्सर पुराने घरों के अंदर, छप्पर या खपरैल अथवा झाड़ियों में घोंसला बनाकर रहती हैं। घास के बीज, दाना और कीड़े-मकोड़े गौरैया का मुख्य भोजन है जो पहले उसे घरों में ही मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। गौरैया के झुण्ड दिन भर उनके आँगन में मंडराते रहते थे। पहले हमारे घर में अगर 40-50 चिड़ियां आती थीं लेकिन अब एक भी दिखती नहीं है।

अब से करीब 10 साल पहले तक गौरैया चिड़ियों की खासी तादाद को घरों में देखा करते थे, लेकिन अब यह चिड़िया करीब करीब शहरी इलाकों से गायब हो गई हैं। गौरैया एक ऐसी चिड़िया है, जो इंसान के घर आँगन में घौंसला बनाकर उसके सबसे करीब रहती रही है लेकिन शहरों के विस्तार और हमारी बदलती जीवन शैली से अब गौरैया के रहन-सहन और भोजन में कई दिक्कतें आ रही हैं। जिस तरह से इटावा के पास बड़ी संख्या में गौरैया चिड़िया नजर आई उससे गौरैया के भविष्य को लेकर एक सुखद अनूभूति हो रही है।
गौरैया चिड़िया बहुत संवेदनशील पक्षी हैं और मोबाइल फोन तथा उनके टावर्स से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडियेशन से भी उसकी आबादी पर असर पड़ रहा है इसके अलावा शहरों में भव्य इमारतों के निर्माण और मोबाइल टावरों से निकलने वाली किरणों के कुप्रभाव के चलते गौरैया चिड़िया शहरी इलाकों से पूरी तरह से लुप्त हो रही है। गौरैया बचाओ अभियान के तहत इसके लिए बडी तादाद मे घोंसले प्रदेश भर मे लगाये गये थे उससे भी गौरैया को काफी जगह देखा जाने लगा है लेकिन अभी गौरैया के सकंट को दूर नहीं कहा जा सकता है।

ब्रिटेन की ‘रायल सोसायटी ऑफ प्रोटेक्शन आफ बर्ड्स’ ने भारत से लेकर विश्व के विभिन्न हिस्सों में अनुसंधानकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययनों के आधार पर गौरैया को ‘रेड लिस्ट’ में डाला गया है। आम घरों में हमेशा रहने वाली गौरैया नामक चिड़िया करीब-करीब विलुप्त होने के कगार पर आ खड़ी हुई थी। इसको लेकर वन अधिकारियों और पर्यावरणीय संस्थाओं की ओर से चिंता जताई जाने लगी कि आम लोग गौरैया को देखने के लिये तरस गये है।

अध्ययनों में गौरैया एक संकटग्रस्त पक्षी पाया गया है। ब्रिटेन ,इटली ,फ्रांस ,जर्मनी जैसे देशों में इनकी संख्या तेजी से घट रही है,लेकिन नीदरलैंड में तो इसे दुर्लभ प्रजाति के वर्ग में रखा गया है। गौरैया को बचाने की कवायद में दिल्ली सरकार ने गौरैया को राज पक्षी भी घोषित कर दिया है। एक अध्ययन के अनुसार भारत में गौरैया की संख्या करीब साठ फीसदी तक घट गई है।

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मोबाइल फ़ोन के फायदे और नुकसान

आज के युग में mobile phones लोंगो के लिए जरुरी सा बन गया है। हम सब लोग ये जानते है की अगर कोई चीज हमें जरुरी होती है तो ये साफ बात है उसके फायदे और नुकशान दोनों ही होते है। आजकल mobile phones ज्यादा चलन में है। mobile phones हमारे लिए जरुरी है। अब लैंडलाइन का जमाना ही नहीं रहा क्योकि mobile phones हमेशा पास में ही रहता है लेकिन लैंडलाइन तो एक जगह फिक्स होती है। mobile phones का जमाना तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हम मोबाइल फ़ोन के फायदे और नुकशान की बात करेंगे।

mobile phones
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मोबाइल फ़ोन के फायदे-

पुराने समय में सम्पर्क का कोई सीधा साधन नहीं था तो सन्देश तार के जरिये भेजते थे। तार पहुंचने में समय लग जाता था। इसके चलते खोजकर्ताओं ने लैंडलाइन को बनाया जिसके जरिये आप एक-दूसरे से सीधे बात कर सकते है। लेकिन लैंडलाइन में वायर प्रयोग होने के कारण एक जगह पर रखना पड़ता था। फिर मोबाइल फ़ोन की अविष्कार हुआ। पहले तो मोबाइल फ़ोन से केवल बात ही होती थी लेकिन अब तो नेट या फिर कंप्यूटर का पूरा काम एक मोबाइल फ़ोन ही कर लेता है।

सबसे ज्यादा जरुरी फायदा ये है की हम कही भी हो किसी से भी बात कर सकते है। हम नेट के फीचर भी जान सकते है जैसे किसी को मेसेज ये मेल भी कर सकते है। आवश्यक डॉक्युमेंट भी सेंड रेसिव कर सकते है। नेट का सारा काम हम मोबाइल के जरिये कर सकते है। कोई भी जानकारी नेट से मोबाइल में देख सकते है। अकेले में भी हमारे पास अगर मोबाइल है तो मनोरंजन कर सकते है। गेम, विडिओ, फोटो, पर अपना समय बिता सकते है। मोबाइल फ़ोन का उपयोग हम किसी मुसीबत में कर सकते है। आज के ज़माने में अगर सबसे ज्यादा असुरक्षित है तो वो है लड़कियां। लड़कियां अपनी जरुरत के हसाब से उपयोग कर सकती है। अगर हम कही बाहर अनजानी जगह पर जाते है और हमें वहाँ का कुछ पता मालूम नहीं है तो मोबाइल मेप एप के जरिये किसी भी पत्ते पर जा सकते है। हम अपनी मदद भी किसी को फ़ोन करके मांग सकते है। और भी कई कारण हो सकते है।

मोबाइल फ़ोन के नुकशान-

मोबाइल फ़ोन के वैसे तो बहुत सारे नुकशान होते है इसमें कुछ हम आपको आज बताते है। सबसे बड़ा नुकशान होता है आँखों को, हम ज्यादा देर तक मोबाइल में देखने से हमारी ऑंखें भी कमजोर हो जाती है धीरे-धीरे देखना कम हो जाता है। कुछ लोग तो पुरे दिन मोबाइल में कुछ न कुछ करते रहते है हांलाकि कोई जरुरी नहीं होता है फिर भी चलते रहते है। लोग गाड़ी चलते समय फ़ोन का उपयोग करते है जोकि नहीं करना चाहिए। रोड पर कई एक्सीडेंट तो मोबाइल की वजह से होते है। बीना काम के मोबाइल नहीं चलना चाहिए। आजकल बच्चे फ़ोन का ज्यादा उपयोग कर रहे जो की उनकी पढाई पर गलत असर हो सकता है। छोटे बच्चों से फ़ोन को दूर ही रखना चाहिए लेकिन फिर बच्चों को फ़ोन दे देते है। किसी को बार-बार फ़ोन करके परेशान भी करते है। गलत मेसेज भी भेजते है। फ़ोन की वजह से रिश्ते भी टूट जाते है।

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