Categories
Tech

होंडा भारत में करेगी ऐसी मोटरसाइकिल लांच जो 3 सैकिंड में पकड़ लेगी 100 की रफ्तार

जापानी कम्पनी होंडा एक ऐसी मोटरसाइकिल भारत में लांच करेगी जो मात्र 3 सैकिंड में 100 की रफ्तार पकड़ लेगी। यह जानकारी कम्पनी के ब्रांड ऑपरेटिंग प्रमुख और उपाध्यक्ष प्रभु नागराज ने दी। दुपहिया वाहन निर्माण की प्रमुख कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भारतीय बाजार में अगले साल प्रीमियम श्रेणी की मोटरसाइकिल और स्कूटर उतारने की आक्रमक रणनीति बना रही है जिससे भारतीय बाजार की संभावनाओं का पूरा इस्तेमाल किया जा सके। कंपनी के ब्रांड ऑपरेटिंग प्रमुख और उपाध्यक्ष प्रभु नागराज ने बताया कि भारतीय बाजार में प्रीमियम श्रेणी के दुपहिया वाहनों की मांग में भारी इजाफा हो रहा है। देश में युवाओं में प्रीमियम श्रेणी के वाहनों में रूचि बढ़ रही है। परंपरागत तौर पर भारतीय बाजार यात्री वाहनों के लिए जाना चाहता है लेकिन अर्थव्यवस्था का स्वरूप बदलने और व्यक्तिगत आय बढ़ने के कारण प्रीमियम श्रेणी के वाहनों की बिक्री में वृद्धि हो रही है।

होंडा भारतीय बाजार में उन दुपहिया वाहनों को भी भारतीय युवाओं के लिए पेश करने की तैयारी कर रहा है जो अभी तक यूरोपीय बाजार में ही देखे जा सकते हैं। कंपनी यूरोप के पर्यावरण मानकों को पूरा कर रही है और इन वाहनों को भारतीय बाजार में भी उतारा जाएगा। इससे पहले कंपनी के यूरोपीय क्षेत्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष टॉम गार्डनर ने मोटरसाइकिल सीबीआर 1000 आर आर के नए संस्करण को वैश्विक स्तर पर जारी किया।
इसमें नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिसके कारण यह पर्यावरण के आधुनिक मानकों के अनुरूप है और इसकी क्षमता में भी वृद्धि की गई है। इसके साथ ही एस एच 125 आई , सीएमएस 500 रिबेल और अफ्रीका ट्विन के नए संस्करण भी वैश्विक बाजार में उतारे गये है तथा सीबी 1000 आर, मोटरसाइकिल का नया संस्करण जारी किया गया। यह सभी वाहन वर्ष 2020 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। जारी किए गए सभी दुपहिया वाहन भारतीय ग्रामीण परिस्थितियों और आवश्यकता के अनुरूप है। इन सभी वाहनों को अगले वर्ष के अंत तक भारतीय बाजार में जारी कर दिया जाएगा।

नये वाहन निश्चित रूप से भारतीय युवाओं और उपभोक्ताओं को पसंद आएंगे। कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपना डीलर नेटवर्क बढ़ाने की योजना भी बना रही है। इस योजना को प्रयोग के तौर पर गुड़गांव में लागू किया जा चुका है और यह सफल रही है। उन्होंने बताया कि दिवाली के अवसर पर कंपनी के दुपहिया वाहनों की बिक्री से यह साफ हो गया है कि भारतीय बाजार में होंडा के वाहनों के प्रति भरोसा है और कंपनी इसका पूरा लाभ उठाएगी।

देश में स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले वाहनों के लिए होंडा अगले साल अनुकूलता रिपोर्ट तैयार करेगी। भारत में अभी बिजली से चलने वाले वाहनों के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। मोटरसाइकिल और स्कूटर जैसे दुपहिया वाहनों की ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मांग है तथा ज्यादातर लोग दुपहिया वाहनों का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं। ऐसे में इनके लिए बुनियादी ढांचा विकसित करना जरूरी है।



		
Categories
Results Tech

जेड-कॉम और डीयू द्वारा अपनी संयुक्त परियोजना की शुरूआत – वाई-फाई उपकरणों का डिजाइन, विकास और विनिर्माण

एक अग्रणी वैश्विक आईटी समाधान प्रदाता, जेड-कॉम ने इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फर्मेटिक्स एंड कम्युनिकेशन, दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ मिलकर भारत में मेक इन इंडिया अभियान के तहत कैरियर ग्रेड वाई-फाई उपकरणों के डिजाइन, विकास और विनिर्माण की संयुक्त परियोजना की शुरुआत की। वर्तमान में, परियोजना अपने दो उत्पादों – वाई-फाई के लिए आउटडोर एक्सेस पॉइंट और इनडोर एक्सेस पॉइंट का अनावरण करेगी। महामहिम, चुंग क्वांग तिएन, ताइवान के राजदूत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे एवं, अन्य उल्लेखनीय लोगों के बीच, प्रौद्योगिकी, आईटी और शिक्षा क्षेत्र के कुछ अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

z.com
source

यह भी देखिये-मिरिंडा ने फोर्टिस हेल्थकेयर के साथ मिलाया हाथ, बताया कैसे करें बच्चे पढाई

इस कार्यक्रम में लॉन्च किए गए इनडोर और आउटडोर दोनों वाई-फाई एक्सेस पॉइंट दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसंधान और विकास सेल द्वारा संसाधित और प्रबंधित सॉफ़्टवेयर से नियोजित और प्रसंस्कृत किया जाता है। यह उद्योग और शिक्षा के बीच एक तरह की सहयोगी परियोजना है जिसका उद्देश्य भारत के प्रधान मंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देना और भारत को दुनिया भर के लिए एक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। देश के माध्यम से उत्पादों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, ज़ेड-कॉम ने स्थानीय विनिर्माण दिग्गजों, क्लाउडेटिक्स और फ्रंटलाइन के साथ मिलकर काम किया है।

राजेश कपूर – जेड-कॉम इंडिया के प्रबंध निदेशक ने बताया कि, “भारतीय वाई-फाई हॉटस्पॉट मार्केट उपलब्धता और उपभोक्ता और औद्योगिक वर्टिकल पर आधारित है। उपलब्धता के आधार पर, इसे कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर और सेवाओं में विभाजित किया गया है। कंपोनेंट के अनुसार, बाजार को वायरलेस हॉटस्पॉट गेटवे, वायरलेस हॉटस्पॉट नियंत्रकों, और मोबाइल हॉटस्पॉट उपकरणों में वर्गीकृत किया गया है। सॉफ्टवेयर के आधार पर, वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार का केंद्रीकृत हॉटस्पॉट प्रबंधन, वाई-फाई सुरक्षा सॉफ़्टवेयर, वाई-फाई हॉटस्पॉट बिलिंग सॉफ़्टवेयर और क्लाउड-आधारित हॉटस्पॉट प्रबंधन में विश्लेषिच किया गया है। सेवाओं के अनुसार, बाजार को पेशेवर सेवा, स्थापना और एकीकरण सेवाओं, परामर्श सेवाओं और प्रबंधित सेवाओं में वर्गीकृत किया गया है। अंतिम उपयोगकर्ताओं के आधार पर, बाजार संचार सेवा प्रदाता और नेटवर्क ऑपरेटरों, उद्यमों, और प्रशासन में विभाजित है। उद्योग के आधार पर, वैश्विक वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार पूरे दूरसंचार और आईटी, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आतिथ्य, परिवहन, खुदरा, और अन्य क्षेत्रों में विभाजित है। आईआईसी – दिल्ली विश्वविद्यालय, के साथ सहयोगी परियोजना न केवल मेक इन इंडिया के लिए मौजूदा वाई-फाई कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर और सेवाओं की श्रृंखला बनाने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन है बल्कि, वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार के लिए नेक्स्ट जनरेशन उत्पादों और समाधानों के लिए संयुक्त अनुसंधान और विकास भी शामिल है।“

एमएस कैथरीन – वाइस प्रेसिडेंट जेड-कॉम इंक के अनुसार, “भारत में “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के तहत वाई-फाई उपकरणों का निर्माण करने हेतु, जेड-कॉम इंका. ने प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी क्लाउडेटिक्स और एक बड़े टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान प्रदाता – फ्रंटलाइन समूह के साथ एक संयुक्त उद्यम का गठन किया है।“

z.com

यह भी देखिये- फेसबुक पर लगा करोड़ों का जुर्माना, दूसरा मामला हुआ शुरू

क्लाउडेटिक्स के प्रबंध निदेशक संजय शर्मा के मुताबिक, “वैश्विक वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार 2017 में 1,766 मिलियन डॉलर का था, जो 2023 तक 5,198 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, अर्थात 2017 से 2023 तक 16.9% के सीएजीआर की वृद्धि हो रही है। क्लाउडडेटिक्स के प्रबंध निदेशक का कहना है कि, करीब 150 लोगों के लिए एक वाई-फाई हॉटस्पॉट के वैश्विक स्तर तक पहुंचने के लिए, वर्तमान 31,000 हॉटस्पॉट की उपलब्धता के मुकाबले, भारत को 80 लाख से अधिक हॉटस्पॉट की आवश्यकता है। क्लाउडेटिक्स के प्रबंध निदेशक संजय शर्मा द्वारा बताए अनुसार, प्रमुख कारक, जो बाजार की वृद्धि को बढ़ावा देंगे, हैं सेल फोन और स्मार्ट उपकरणों के उपयोग में वृद्धि, ग्राम पंचायत, ई-शासन, आतिथ्य, खुदरा, और शिक्षा क्षेत्र के वाई-फाई हॉटस्पॉट की माँग में वृद्धि, डेटा ट्रैफ़िक ऑफलोड और सामुदायिक वाई-फाई के लिए नेटवर्क ऑपरेटर द्वारा वाई-फाई का उपयोग।“

फ्रंटलाइन समूह के अध्यक्ष डॉ संजय सिन्हा के अनुसार, “वाई-फाई का उपयोग ज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्थाओं को गति प्रदान करने और साथ ही अतिरिक्त जीडीपी विकास प्राप्त करने के लिए अनिवार्य हो गया है। माननीय प्रधान मंत्री- नरेंद्र मोदी ने बहुराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह की कंपनियों को देश में ही अपने उत्पादों का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करके भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का प्राथमिक लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेक इन इंडिया की पहल की शुरुआत की है। ‘शून्य दोष शून्य प्रभाव’ एक महत्वपूर्ण वाक्यांश है जो मेक इन इंडिया अभियान से जुड़ा हुआ है। हम अपने उत्पादों को ‘शून्य दोष’ है …और ‘शून्य प्रभाव’ वाले बनाने की योजना बना रहे हैं ताकि विनिर्माण प्रक्रिया का हमारे पर्यावरण पर प्रतिकूल असर न हो।”

“इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड कम्युनिकेशन (आईआईसी), यूडीएससी दक्षिण कैम्पस दिल्ली विश्वविद्यालय का एक प्रमुख संस्थान है। आईआईसी वायरलेस दूरसंचार उद्योग में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित, सूचना प्रौद्योगिकी, भौतिक विज्ञान और दूरसंचार कौशल के साथ-साथ अनुसंधान आधारित उद्यो ग उन्मुख शिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रम संचालित कर रहा है।आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के तत्वावधान में, दिल्ली विश्वविद्यालय के गठबंधन के साथ इलेक्ट्रोप्रिनर पार्क पहले से ही भारत की ईएसडीएम विकास की कहानी में अपना योगदान दे रहा है। यह भारत में ईएसडीएम क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। हम बड़े पैमाने पर उपभोग इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के लिए ईएसडीएम क्षेत्र में उत्पाद और आईपी निर्माण के विकास पर जोर देते हैं,” डॉ. संजीव सिंह ने बताया। दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन – प्रोफेसर पी के बर्मा ने बताया कि, “जेड-कॉम और आईआईसी के साथ सहयोगी परियोजना का उद्देश्य वाई-फाई हॉटस्पॉट बाजार की पूर्ति हेतु पूरी वाई-फाई श्रेणी के उत्पादों के निर्माण के लिए संपूर्ण ईको-सिस्टम और विनिर्माण प्रक्रियाओं को स्थापित करना है।“

यह भी देखिये-गूगल ने किया बड़ा खुलासा, फेक न्यूज़ का होगा पर्दाफास

जेड-कॉम, इंका. के चेयरमैन जॉन शेय ने आश्वासन दिया कि, “जेड-कॉम, इंका., सिंचू, ताइवान के विज्ञान-आधारित औद्योगिक पार्क में स्थापित, एक अग्रणी समाधान प्रदाता है और 1995 में इसकी स्थापना के बाद से, ब्रॉडबैंड वायरलेस इंटरनेट एक्सेस के साथ-साथ विभिन्न मोबाइल डेटा अनुप्रयोगों के लिए वायरलेस डेटा समाधान के अनुसंधान, डिजाइन, विकास और विनिर्माण के लिए समर्पित है। भारत में सार्वजनिक और सामुदायिक वाई-फाई के लिए जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च गति वाले इंटरनेट के सतत विकास, स्मार्ट मोबाइल डिवाइस और क्लाउड एप्लिकेशन की लोकप्रियता को देखते हुए, जेड-कॉम, अपनी कोर टेक्नोलॉजी के साथ “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के तहत वायरलेस संचार उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करेगा।“