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मेरा बेटा Tusshar बिल्कुल भी मेरे जैसा नहीं है जीतेन्द्र

मुंबई । बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता जीतेन्द्र अपने बेटे तुषार कपूर पर गर्व महसूस करते हैं।जीतेंद्र लॉकडाउन के दिनों में अपना पूरा समय अपने परिवार को दे रहे हैं। वह अपने नाती-पोती के साथ समय बिता रहे हैं। जीतेंद्र ने बताया है कि वह जब वह बिजी रहते थे तो अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यूं तो ज्यादा बदलाव नहीं आया हैं। मैं काम के लिए ज्यादा घर से बाहर नहीं जाता था। ऐसे में मेरे लिए सब पहले जैसे ही हैं।

जीतेन्द्र ने कहा, “लॉकडाउन में मैंने ये महसूस किया है कि जब मैं अभिनेता था तो अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाया लेकिन मैंने देखा कि मेरा बेटा तुषार बिल्कुल भी मेरे जैसा नहीं है। वह अपने बेटे को पूरा समय देता है। जब मैं तुषार को देखता हूं तो गर्व महसूस करता हूं। वह कितना अच्छा पिता है। मैं उसका एक प्रतिशत भी नहीं था। यह आभास मुझे उम्र और लॉकडाउन के साथ-साथ हुआ है। जाहिर तौर पर आप मरते दम तक कुछ न कुछ सीखते ही रहते हो।”

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Saif Ali Khan बने लॉकडाउन में शेफ

मुंबई। बॉलीवुड के छोटे नवाब सैफ अली खान लॉकडाउन में शेफ बन गये हैं।देश में जब से लॉकडाउन लागू हुआ है तब से बॉलीवुड के सेलेब्स कुछ न कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं। इस कड़ी में सैफ अली खान का नाम भी जुड़ गया है। सैफ अली खान को उनकी फिल्म शेफ में तो हर किसी ने स्वादिष्ट पकवान बनाते देखा था, लेकिन अब इस लॉकडाउन के बीच सैफ असल मायनों में शेफ बन गए हैं। उन्होंने खुद मटन बिरयानी बनाई है।

करिश्मा कपूर ने सोशल मीडिया पर उस बिरयानी की फोटो शेयर की है। अपनी इंस्टा स्टोरी पर करिश्मा ने लिखा, “सैफू की बेस्ट मटन बिरयानी। बेहतरीन लंच रहा। करिश्मा ने पोस्ट में ईद मुबारक भी लिखा है।”करिश्मा की इस पोस्ट को करीना कपूर भी शेयर करना नहीं भूली हैं। उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी पर हार्ट इमोजी के जरिए रिएक्शन दिया है।

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IPLके आयोजन पर सरकार लेगी निर्णय : किरेन रिजिजू

मुंबई । कोरोना वायरस के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए आईपीएल के 13वें सत्र को आयोजित कराने को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि इस बाबत फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) नहीं बल्कि केंद्र सरकार करेगी।

कोरोना वायरस के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंध के कारण बीसीसीआई ने आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था। रिजिजू ने कहा कि आईपीएल आयोजित कराने पर फैसला लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लिया जाएगा।

खेल मंत्री ने कहा, “भारत में आईपीएल को लेकर फैसला सरकार देश में महामारी की स्थिति को देखते हुए लेगी।उन्होंने इंडिया टूडे से कहा, “केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करने के लिये हम अपने देशवासियों का स्वास्थ खतरे में नहीं डाल सकते। हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 से लड़ना है।”ऐसा माना जा रहा है कि दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी-20 विश्वकप का आयोजन नहीं होने की स्थिति में आईपीएल के आयोजन पर विचार कर सकती है।

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बॉलीवुड को लगा एक और झटक, Kanika Kapoor, मोरानी फैमिली के बाद इस एक्टर को हुआ corona

मुंबइ । बॉलीवुड के जाने माने चरित्र अभिनेता किरण कुमार कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं।कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक कई कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। लॉकडाउन के बावजूद इस जानलेवा वायरस के बढ़ते मामलों ने सभी को चिंता में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि 14 मई को किरण कुमार कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसके बाद उन्होंने खुद को घर में ही क्वारंटाइन कर लिया। उन्होंने अपने परिवार वालों से भी दूरी बना ली और एक फ्लोर पर ही खुद को सीमित कर लिया, वो 10 दिनों से क्वारंटाइन में हैं और उनका उनका अगला कोविड-19 टेस्ट एक-दो दिन में होगा।

बताया जा रहा है कि किरण कुमार मेंं कोरोना के कोई लक्ष्ण नहीं हैं, फिर भी उनके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उनके परिवार वाले भी दंग रह गए।गौरतलब है कि किरण कुमार के पूर्व बॉलीवुड सेलेटिब्रीटीज में कनिका कपूर, पूरब कोहली, निर्माता करीम मोरानी और उनकी दो बेटी जोआ मोरानी ,शाजिया मोरानी भी इससे प्रभावित हो चुके हैं और इस जंग में जीत भी चुके हैं।

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छात्राओं को झूठे आरोपों में फंसाने का आरोप लगाया जेएनयू शिक्षक संघ ने

नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University ) शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय की दो छात्राओं देवांगना कलिता और नताशा नरवाल को लॉकडाउन के दौरान पुलिस द्वारा झूठे आरोपों में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है।शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डीके लोबियाल और सचिव सुजीत मजूमदार ने रविवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि दिल्ली पुलिस ने कोरोना महामारी के समय हाल ही में इन दोनों छात्राओं को पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है जबकि यह दोनों छात्राएं शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही थी। शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगे को रोकने में न केवल विफल रही बल्कि वह मूकदर्शक भी बनी रही लेकिन उसने उल्टे इन छात्राओं को झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस एक खास समुदाय के लोगों को और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वालों को कुचलने में लगातार लगी है। जेएनयू परिसर में पिछले दिनों हुए बाहरी छात्रों के हिंसा की घटना में भी पुलिस की यही भूमिका रही। शिक्षक संघ ने कहा है कि जब पूरे देश में कोरोना महामारी से लोग परेशान हैं वैसे में पुलिस द्वारा निर्दोष छात्राओं को गिरफ्तार करना निंदात्मक कार्रवाई है इसलिए इन दोनों छात्राओं को अविलंब रिहा किया जाए और मुकदमे वापस लिए जाएं।

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कोरोना की दूसरी लहर में देश बंद नहीं होगा- trump

वाशिंगटन। (शिन्हुआ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) महमारी की दूसरी लहर में देश बंद नहीं होगा।

मिशिगन राज्य में फोर्ड उत्पादन संयंत्र के दौरे के दौरान पत्रकार के एक सवाल के जवाब में  ट्रंप ने कहा, “लोग कह रहे है बहुत पृथक संभावना है। यह मानक है और हम विपत्ति से बाहर आ रहे है। हम देश को बंद नहीं कर रहे है। हम विपत्ति से बाहर रहे है।”

उन्होंने कहा, “ एक स्थायी लॉकडाउन स्वस्थ राज्य या स्वस्थ देश की रणनीति नहीं है। हमारे देश को बंद करने का कोई मतलब नहीं है।” राष्ट्रपति ने कहा, “कभी न खत्म होने वाले लॉकडाउन एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा को आमंत्रित करेगा।” अपने लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हमारे पास एक कामकाजी अर्थव्यवस्था होनी चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को गति देने के उद्देश्य से कोरोना वायरस प्रतिबंधों में ढील देने की शुरु करने योजना की घोषणा की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी के मौसम में वायरस की दूसरी लहर आने की संभावना को लेकर चेतावनी दी है।

  • अमेरिका में अभी तक डेढ़ लाख लोग इस महमारी मारी से बीमारी है और 90 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार जून की शुरुआत तक देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख तक पहुंचने की संभावना है।
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लॉकडाउन में किसानों की मदद के लिये आगे आयी जूही चावला

मुंबई।बॉलीवुड की चुलबुली अभिनेत्री जूही चावला कोरोना वायरस महामारी के कारण जारी लॉकडाउन में किसानों की मदद के लिए आगे आयी हैं।

जूही की मुंबई से कुछ दूरी पर एक कृषि भूमि है, जहां विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा जैविक खेती का अभ्यास किया जाता है। जूही ने अब इस मौसम में धान की खेती करने के लिए इसे भूमिहीन किसानों के लिए खोल दिया है।

जूही चावला ने कहा ,चूंकि हम अभी लॉकडाउन में हैं, ऐसे में मैंने भूमिहीन किसानों को खेती करने के लिए अपनी जमीन देने का फैसला लिया है। वे यहां इस मौसम में धान की खेती कर सकते हैं और बदले में उत्पाद का एक छोटा सा हिस्सा अपने लिए रख सकते हैं।

यह कोई नई बात नहीं है। पुराने जमाने में लोग इसी तरह से खेती करते थे। यह एक अच्छी बात है। हमारे किसानों को मिट्टी, हवा, जमीन के बारे में शहर में रहने वाले लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा पता है।”

जूही ने अपने लोगों से धान की इस खेती पर नजर रखने को कहा है, जिससे इन्हें उगाने के लिए केवल जैविक पद्धतियों का ही उपयोग किया जाए और किसी भी तरह का कोई भी रसायन फॉर्म में न घुसने पाए। जूही ने कहा ,“यह हम सभी के लिए बेहतर है।

हमारे लिए भी और हमारे किसानों के लिए भी। हम कठिन नहीं बल्कि स्मार्ट तरीके से काम कर रहे हैं. इस लॉकडाउन ने मेरे दिमाग में कुछ अच्छे ख्यालात डाले।”

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मोदी रात आठ बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात आठ बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे ।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्विटर पर यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि  मोदी कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण लाॅकडाउन को लेकर भविष्य की योजना के बारे में कोई सूचना देंगे। उन्होंने कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मैराथन बैठक में लाॅकडाउन के बारे में विस्तृत विचार विमर्श किया था।

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आर्थिक धरातल पर लगातार लुढ़कते हुए रसातल में जा रहा है देश का ये क्षेत्र

कोरोना वायरस ‘कोविड-19 के मद्देनजर जारी लॉकडाउन के कारण देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अप्रैल में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। विदेशी तथा घरेलू माँग में तेज गिरावट के कारण आईएचएस मार्किट द्वारा बुधवार को जारी सेवा कारोबार गतिविधि सूचकांक घटकर 5.4 रह गया जबकि मार्च में यह 49.3 दर्ज किया गया। सूचकांक का 50 से नीचे रहना गतिविधियों में कमी और इससे ऊपर रहना वृद्धि को दर्शाता है।

अप्रैल की गिरावट एजेंसी के सर्वेक्षण के 14 साल के इतिहास में सबसे तेज गिरावट है। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री जो हेज ने कहा ”अप्रैल में देश की सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में माह दर माह आधार पर अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। चालीस अंकों से अधिक की यह गिरावट दिखाती है कि लॉकडाउन के कड़े प्रतिबंधों के कारण इस क्षेत्र में लगभग ठहराव आ गया है।

सर्वे में हिस्सा लेने वाले 97 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि उनके कारोबार में कमी आयी है। अंतर्राष्ट्रीय बिक्री का सूचकांक घटकर शून्य पर आ गया। कई क्लाइंटों ने पुराने ऑर्डर भी रद्द किये जिसने उत्पादन में गिरावट में और योगदान दिया। इससे पहले 04 मई को विनिर्माण क्षेत्र के आँकड़े जारी हुये थे जिसमें खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) लुढ़ककर 27.4 अंक पर रह गया था।

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अफीम से भी ज्यादा घातक नशा है आॅनलाइन गेम, जुनूनी बन जाते हैं खेलने वाले

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान घरों में रह रहे लोगों में अफीम से ज्यादा घातक नशे की लत जड़ जमा रही है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ये नशा है आॅनलाइन गेम का। ये गेम मानसिक स्वास्थ्य को खराब करने के साथ ही लोगों को जुनूनी बना रहे हैं।

 

आॅनलाइन गेम से मानसिक बीमारी का खतरा

कोरोना वायरस (कोविड-19) की महामारी से बचने के लिए देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा जहां घरों के भीतर सिमट गया है वहीं खाली समय में ऑनलाइन गेम के प्रति बढ़ती प्रवृत्ति के कारण लोग मानसिक बीमारी के खतरे से घिरते नजर आ रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान कथित रूप से ऑनलाइन गेम के यूजर्स की संख्या 30 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसमें काफी हद तक शहरी यूजर्स का योगदान है, जो कि कुछ मामलों में 50 प्रतिशत के बराबर है। इसके अलावा छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी बहुत पीछे नहीं हैं। स्मार्ट फोन की सुलभता से गेमिंग प्लेटफार्मों ने देश में सभी उम्र और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों को लुभाया है। ऑनलाइन गेम की बढ़ती प्रवृत्ति और इसके खतरनाक अनुपात में पहुंचने की स्धिति को लेकर मनोवैज्ञानिकों ने लोगों, विशेषकर बच्चों और युवाओं में बड़े पैमाने मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक विकारों को लेकर बारे में गहरी चिंता जताई है।

यूजर्स को उकसाता है आॅनलाइन गेम

राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी के पूर्व संस्थापक निदेशक एवं कुलपति डॉ आर के सूरी का कहना है कि ऑनलाइन गेम का बढ़ता चलन निश्चित रूप से लोगों के आदतों पर असर डालने और कई यूजर्स के जुनून को उकसाने वाला है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम से चिपके रहने की पूरी प्रक्रिया अंतत: कई यूजर्स के बीच असंगत आदतों को जन्म देगी। उन्होंने जोर दिया कि कम से कम 15-20 प्रतिशत यूजर्स इस गंभीर नशे की लत से एक बड़ा सामाजिक संकट खड़ा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग ऑनलाइन गेम से तात्कालिक तौर पर संतुष्टि पा सकते हैं लेकिन इसकी लत लग जाने से वे चिंता जैसे विकार और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से घिर सकते हैं।