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इन ब्रांचों में करेंगे इंजीनियरिंग तो मिलेगा करोड़ों का पैकेज

12वीं करने वाले छात्र इंजीनियरिंग के इन पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर शानदार कॅरियर बना सकते हैं।

 

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की ही एक ब्रांच है। इसमें रोबोट्स का निर्माण, डिजाइन, अनुप्रयोग और संचालन से संबंधित जानकारी दी जाती है। इस क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के बाद अच्छा करियर बना सकते हैं। इसका स्कोप बढ़ता जा रहा है। रोबोटिक्स इंजीनियर को अच्छे पैकेज वाली नौकरी मिलती है।

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में पृथ्वी के सतह के नीचे मौजूद कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस बारे में पढ़ाया जाता है। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग पिछले कुछ वर्षों से अधिक मांग में है। इसका चयन करके अच्छा और सुनहरा भविष्य बना सकते हैं।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग

एयरोस्पेस इंजीनियर तहत एयरक्राफ्ट, स्पेस क्राफ्ट, उपग्रह और मिसाइलों को डिजाइन करना, डिजाइन का सही आकलन करना, उनके प्रोटोटाइप का परीक्षण करना आदि सिखाया जाता है। इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स इंजन, एयरफ्रेम, विंग्स, लैंडिंग गियर, इंस्ट्रूमेंट्स और कंट्रोल सिस्टम आदि का निर्माण करते हैं और इसके घटकों को डिजाइन करते हैं। इसमें डिग्री प्राप्त करके एयरलाइंस, एयर फ़ोर्स, सरकारी अनुसंधान, कॉर्पोरेट अनुसंधान, हेलीकॉप्टर कंपनियां और रक्षा मंत्रालय में काम का मौका मिलता है।

केमिकल इंजीनियरिंग

केमिकल इंजीनियरिंग ऐसी ब्रांच है, जिसका चयन कम लोग करते हैं। इसमें रॉ मेटीरियल्स को उपयोगी प्रोडक्ट्स में बदलने के लिए केमिकल प्रोसेसेज को डेवलप करना आदि सिखाया जाता है। इसमें डिप्लोमा कोर्स, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। केमिकल इंजीनियरिंग करके हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, गेल लिमिटेड और HLL लाइफकेयर लिमिटेड में नौकरी के मौके मिलते हैं।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का काम इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, मेकाट्रोनिक्स टेक्नोलॉजीज़, ऑटोमेशन और कंट्रोल सिस्टम्स आदि की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट और निर्माण कार्य से संबंधित होता है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करके सेमीकंडक्टर, नेटवर्किंग, कम्यूनिकेशन नेविगेशन सिस्टम, कंप्यूटर्स एंड डाटा एनालिसिस में काम करने का अवसर मिलता है।

 

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List of top engineering entrance exams in 2020: 12वीं पास करने के बाद इन प्रवेश परीक्षाओं में करें आवेदन, जानिए पूरे साल में कब होने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा

12वीं पास करने वाले टॉपर युवाओं के समक्ष अपना लक्ष्य लगभग स्पष्ट होता है, लेकिन बहुत सारे ऐसे विद्या​र्थी भी होते हैं जो अंकों के हिसाब से भले ही टॉपर नहीं हो, लेकिन बहुत मेधावी होते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को 12वीं पास करते ही इन कोर्सों में से किसी एक में प्रवेश ले लेना चाहिए। इसके लिए उन्हें प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी। 2020 में देश के जितने भी टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालय कौनसी प्रवेश परीक्षा लेंगे और उसके आवेदन का समय क्या है। वह सभी जानकारी यहां पढ़ें।

 


List of top engineering entrance exams in 2020:

12वीं करने वाले युवाओं के बीच इंजीनियरिंग सबसे पसंदीदा प्रोफेशनल कोर्सों में से है।
एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अख्बार की खबर के अनुसार हर साल लगभग 4,000 संस्थानों और विश्वविद्यालयों से 15 लाख से भी अधिक इंजीनियर निकलते हैं। विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है।

ये हैं प्रवेश परीक्षाओं सम्बंधी जानकारी

JEE मेन अप्रैल की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी

JEE-Main और JEE-एडवांस्ड लोकप्रिय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक हैं। JEE-Main NIT, IITS और अन्य GFTIS में प्रवेश के लिए साल में दो बार (जनवरी और अप्रैल) परीक्षा होती है। JEE Main अप्रैल के लिए 07 मार्च, 2020 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और परीक्षा 05, 07, 09 और 11 अप्रैल, 2020 को होगी।

JEE-Advanced के आवेदन की अंतिम तिथि 09 मई, 2020 है और परीक्षा 17 मई, 2020 को होगी।

BITSAT 2020 और IIIT-हैदराबाद प्रवेश परीक्षा के लिए करें आवेदन

BITS पिलानी में BITS प्रवेश परीक्षा (BITSAT) के माध्यम से उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा। BITSAT 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2020 और परीक्षा 16-30 मई, 2020 के बीच होगी।

List of top engineering entrance exams in 2020:

IIIT-हैदराबाद स्नातक प्रवेश परीक्षा (UGEE) और पोस्ट ग्रेजुएजन प्रवेश परीक्षा (PGEE) आयोजित करता है। UGEE और PGEE के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च, 2020 है। परीक्षा का आयोजन 28 अप्रैल, 2020 को होगा।

एमिटी JEE और VITEEE के लिए इस डेट तक आवेदन

एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉज, नोएडा, एमिटी JEE आयोजित करता है। JEE मेन के आधार पर भी प्रवेश देता है। एमिटी JEE-2020 के लिए रजिस्ट्रेशन मार्च, 2020 तक होंगे और परीक्षा 08 अप्रैल-05 मई, 2020 के बीच होगी।

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वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) BTech, MTech और PhD में प्रवेश के लिए VITEEE परीक्षा लेता है। 29 फरवरी, 2020 तक आवेदन होंगे और परीक्षा 13-19 अप्रैल, 2020 के बीच होगी।

इन संस्थानों में ऐसे प्रवेश

धीरूभाई अंबानी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (DA-IICT) गांधीनगर, JEE-मेन और GATE स्कोर के आधार पर प्रवेश देता है। निर्धारित समय सीमा के भीतर BTech प्रवेश के लिए JEE-मेन स्कोर और MTech प्रवेश के लिए GATE स्कोर दिखाने होंगे।

PSG College of Technology, कोयंबटूर TNEA और GATE के माध्यम से स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों के लिए उम्मीदवारों को प्रवेश देता है। TNEA के लिए आवेदन मई, 2020 तक कर सकते हैं।

SRMJEEE में लें ऐसे प्रवेश

SRM इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी SRMJEEE के माध्यम से BTech में प्रवेश देता है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च, 2020 है। SRMJEEE-2020 परीक्षा 12-20 अप्रैल, 2020 के बीच आयोजित की जाएगी।

शिव नादर विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा BTech में प्रवेश के लिए JEE और MTech में प्रवेश के लिए GATE के स्कोर स्वीकार करता है। उम्मीदवारों को समय सीमा में स्कोर के साथ आवेदन करना आवश्यक है।

List of top engineering entrance exams in 2020:

इनमें शामिल होकर भी ले सकते हैं प्रवेश

BMS इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट बेंगलुरु KCET (BTech) और PGCET और GATE (MTech) के माध्यम से प्रवेश देता है। KCET का आयोजन 29 अप्रैल, 2020 को और PGCET का आयोजन 20 जुलाई, 2020 को किया जाएगा।
नीति मीनाक्षी प्रौद्योगिकी संस्थान (NMIT), बेंगलुरु KCET और COMED-K से स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों में GATE के माध्यम से प्रवेश देता है। COMED-K के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल, 2020 है और परीक्षा का आयोजन 10 मई, 2020 को होगा।

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आईएएस की परीक्षा में फेल होने वालों को प्राइवेट कम्पनियां दे रही हैं सरकार से ज्यादा वेतन

यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में असफल प्रतिभागियों को प्राइवेट कंपनियां और दूसरे संस्थान मोटे वेतन वाली नौकरियों का आॅफर दे रहे हैं। हाल ही पंद्रह हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने यूपीएससी की परीक्षा के बाद अपने अंक पब्लिक डोमेन में डालने के विकल्प को चुना। 2017 में जब इसका प्रयोग किया गया था तो महज 800 स्टूडेंट ने इस विकल्प को चुना था।

 

एसएससी में भी यह लागू होगा

अंक पब्लिक डोमेन में डालने की इस प्रवृत्ति को तब तेजी मिली जब पहली बार दो सौ से अधिक स्टूडेंट को इस प्रयोग से नौकरी मिली। 2018 में यह आंकड़ा 6 हजार तक पहुंचा और इनमें से करीब 1 हजार स्टूडेंट को नौकरी के लिए प्राइवेट कंपनियों ने इंटरव्यू के लिए बुलाया। सूत्रों के अनुसार सिविल सर्विस परीक्षा के अलावा इंजिनियरिंग और फॉरेस्ट सेवा को भी मिला दिया जाए तो इस साल 14 हजार स्टूडेंट ने यह विकल्प चुना।

2016 से शुरू हुई थी यह व्यवस्था

डीओपीटी ने 2016 में यह व्यवस्था शुरू की थी। डीओपीटी का कहना है कि अंकों को सार्वजनिक करने से प्राइवेंट कंपनियों को अपने यहां योग्य उम्मीदवार खोजने के लिए बड़ा विकल्प मिल जाएगा। इस सिस्टम में स्टूडेंट की शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा में मिले अंक लेकर उनसे संपर्क करने की जानकारी जैसी सूचनाएं एक जगह मिल जाती हैं। इसके लिए एनआईसी ने खासतौर पर वेबसाइट बनाई है। लेकिन किसी के अंक या डिग्री सार्वजनिक करने से पहले यूपीएससी प्रतिभागी की सहमति लेता है। परीक्षा के लिए फॉर्म भरते समय इस बारे में पहले से पूछा जाता है। सरकार की कोशिश है कि इस सिस्टम को अधिक से अधिक परीक्षाओं में लागू कर दिया जाए।

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मजदुर संघ हड़ताल का व्यापक असर सभी क्षेत्रो में देखने को मिला

नयी दिल्ली|केंद्र सरकार की कथित श्रमिक विरोधी, जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ दस केंद्रीय मजदूर संघों के आह्वान पर आज आयोजित हड़ताल का असर देशभर में देखा गया आैर औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज नहीं हुआ जबकि बैंकिंग, बीमा, खनन, बिजली, शिक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य सेवायें प्रभावित रहीं।प्रारंभिक खबरों के मुताबिक देशभर में बैंकिंग, बीमा, कोयला एवं अन्य खनन, पेट्रोलियम, डाक, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, इस्पात, स्वास्थ्य, रक्षा, शिक्षा, जल प्रबंधन, सड़क परिवहन, केंद्र एवं राज्य सरकार कर्मचारी तथा आटो- टैक्सी से जुड़े क्षेत्रों में हड़ताल का असर रहा है।

दस केंद्रीय मजदूर संघ के आह्वान पर आयोजित दो दिवसीय हड़ताल का आज पहला दिन है। इस हड़ताल में आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमसी, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी से जुड़े संगठन शामिल हैं। मजदूर संगठनों ने आठ तथा नौ जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया है।

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(इस खबर को मोबाइल पे न्यूज संपादकीय टीम ने संपादित नहीं किया है। यह एजेंसी फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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एडिना को मिला क्विंस अवार्ड फॉर एंटरप्राइज

नई दिल्ली,
एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और इसकी यूके की सहायक कंपनी एनर्जीप्रो एसेट्स लिमिटेड (ईपीएएल) की ओर से हाल ही में अधिग्रहित की गई कंपनी एडिना यूके लिमिटेड को प्रतिष्ठित ‘क्विंस अवार्ड फॉर एंटरप्राइज: इनोवेशन 2018’ हासिल हुआ है। एडीना युनाइटेड किंगडम में कंबाइंड हीट एंड पॉवर (सीएचपी), गैस और डीजल बिजली उत्पादन की व्यवस्था की आपूर्ति, स्थापित करने और रख-रखाव करने की अग्रणी कंपनी है। 1966 में स्थापित, क्विंस अवार्ड फॉर एंटरप्राइजेज कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय कारोबार, इनोवेशन, स्थायी विकास और सामाजिक गतिशीलता के जरिए अवसरों के विकास में शानदार उपलब्धि हासिल करने वाले कारोबारों को पुरस्कृत करने के लिए यूके का सर्वोच्च आधिकारिक सम्मान है। पांच साल के लिए मान्य यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 200 ब्रिटिश कारोबारों को दिया जाता है।
एडीना को संपूर्ण ऊर्जा उत्पादन समाधान के तैयार प्रोजेक्ट प्रबंधन मुहैया करवाने, आंतरिक तकनीकी दृष्टिकोण और इनोवेशन के लिए ‘क्विंस अवार्ड फॉर एंटरप्राइज: इनोवेशन 2018’ हासिल हुआ है। ईईएसएल और ईपीएएल ने भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के तहत संचालित किसी इकाई की ओर से अपनी तरह के पहले ऐसे प्रयास में £5.5 करोड़ (493 करोड़ रुपये) के निवेश से हाल ही में एडीना को अधिग्रहित किया है। एडीना सीएचपी, गैस और डीजल बिजली इकाइयों के लिए डिजाइन, इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन, कमिशनिंग और सेवा तथा रख-रखाव मुहैया करवाती है। इसके लिए यह ऐसी डिजाइन का इस्तेमाल करती है जो उच्च स्तरीय सेवा व रख-रखाव मुहैया करवाते हुए संचालन दक्षता को अधिकतम कर देती है। 

 

ईईएसएल के प्रबंध निदेशक और ईपीएएल के चेयरमैन श्री सौरभ कुमार ने कहा: “यह ईईएसएल और ईपीएएल के लिए अत्यंत गर्व का अवसर है और हम एडीना टीम को इस उपलब्धि के लिए, जिसके वे बिल्कुल उपयुक्त पात्र हैं, बधाई देते हैं। यह पुरस्कार एडीना की बेहतर तकनीक और सेवा क्षमताओं में बाजार के विश्वास की फिर से पुष्टि करता है साथ ही भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ट्राइजेनरेशन बाजार में आगे बढ़ने के लिए इस कंपनी को साझेदार के तौर पर चुनने के हमारे फैसले पर भी इससे मुहर लगती है।” यूके के बिजली उत्पादन क्षेत्र में दो बार यह सम्मान हासिल करने वाली एडीना अब तक की अकेली कंपनी है। इससे पहले 2014 में इसे ‘क्विंस अवार्ड फॉर एंटरप्राइज: इनोवेशन’ मिला था।
ईपीएएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अब एडीना की निदेशक, कमर्शियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट सुश्री नीलिमा जैन ने कहा: “एडीना की इस जीत से हम बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। क्विंस अवार्ड एडीना की तीन दशकों की विशिष्ट सेवा के लिए एक अहम सम्मान और पहचान है। यह एडीना, ईईएसएल और ईपीएएल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की हमारी क्षमताओं को और मजबूत करेगा। इन सभी कंपनियों ने दुनिया भर में ऊर्जा दक्षता के प्रतिद्वंदी बाजार में विशिष्ट मुकाम हासिल किया है। ईईएसएल के लिए अपनी क्षमताओं के संवर्धन के लिहाज से यूके एक अहम संभावनाओं वाला बाजार है और हमें विश्वास है कि भविष्य में हम ऐसे बहुत से और मील के पत्थरों को पार करेंगे।”
ट्राइजेनरेशन वैश्विक स्तर पर प्रमाणित तकनीक है जो एक साथ तीन ऊर्जा स्रोत तैयार करती है- बिजली, ऊष्मा और शीतलता। यह काम प्राकृतिक गैस, तेल और बायोमास जैसे इंधनों से संचालित इंजिन जेनरेटर के जरिए होता है। सीएचपी एक लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से मान्य मॉडल है और इसे उद्योगों की इकाइयों, व्यावसायिक भवनों, जिला ऊर्जा आदि में स्थापित किया जा सकता है। यह ऊर्जा उपभोक्ता के बिजली बिल को कम करती है, कैप्टिव जेनरेशन की वजह से बिजली की भरोसेमंद आपूर्ति को संभव बनाती है