Categories
National

राजस्थान में कोरोना संक्रमित संख्या 6281, एक की मौत

जयपुर। राजस्थान में 54 नये कोरोना पाॅजिटिव मरीज सामने आने केे साथ ही इसकी संख्या बढकर आज 6281 पहुंच गयी वहीं अब तक 152 लोगों की मौत हो गयी।

चिकित्सा विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी जयपुर में 13, डूंगरपुर में 14, कोटा में17, झुंझुनू में छह, अजमेर में दो, दौसा एवं बीकानेर में एक-एक नया कोरोना पाॅजिटिव मरीज सामने आया है।
विभाग के अनुसार राज्य में एक और कारोना संक्रमित मरीज की आज मौत हो गयी। इस जानलेवा विषाणु से अब तक राज्य में 152 लोगों की मौत हो गयी है।

विभाग के अनुसार अब तक अजमेर में 275, अलवर में 40, बांसवाडा में 75, बारां मे पांच, बाडमेर में 56, भरतपुर में 130, भीलवाडा में 92, बीकानेर में 72, चित्तौडगढ में 168, चुरू में 60, दौसा 40, धौलपुर मे 28, डूंगरपुर में 28़9, गंगानगर में एक, हनुमानगढ में 14, जयपुर में 1699, जैसलमेर में 61, जालोर में 130, झालावाड 52, झुंझुनू में 77, जोधपुर में 1142,

बीएसएफ 48, करौली में 10, कोटा में 356, नागौर में 229, पाली मे 227, प्रतापगढ में 10 राजसमंद 68 सवाई माधोपुर में 17, सीकर में 69, सिरोही 78, टोंक में 156 उदयपुर में 433 संक्रमित मरीज सामने आये है।
विभाग के अनुसार अब तक दो लाख 75 हजार 974 सैंपल लिए जिसमें से 6281, पाॅजिटिव दो लाख 66 हजार 687 नेगेटिव तथा तीन हजार 006 की रिपोर्ट आनी बाकी हैं। इसके अलावा राज्य में कुल एक्टिव केस दो हजार 587 है।

Categories
National

विश्व में कोरोना से 3.23 लाख मौतें, करीब 49 लाख संक्रमित

बीजिंग/जिनेवा/नयी दिल्ली।वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड 19) का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और विश्व में इस जानलेवा वायरस के कहर से अबतक 3.23 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 49 लाख लोग इससे संक्रमित हो गए है।

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों की संख्या 4,897,567 हो गयी जबकि कुल 323,286 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है।

भारत में भी कोरोना वायरस ने तेजी से पैर पसारे हैं और अब यह एक लाख से अधिक संक्रमण के मामलों वाले देशों में शामिल हो गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके संक्रमण से अब तक 106750 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 3303 लोगों की मौत हुई है जबकि 42298 लोग इस बीमारी से निजात पा चुके हैं।

अमेरिका में कोरोना वायरस से दुनिया में सर्वाधिक 15 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या 90 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। विश्व की महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कुल संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ते हुए 15,28,568 हो गयी जबकि 91,921 लोगाें की मौत हो चुकी है।

रूस में भी कोविड-19 का प्रकोप लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह इस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों की सूची में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। यहां अब तक 299,941 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 2837 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

इस बीच ब्राजील में भी कोरोना को संकट गहराता जा रहा है। यहां 271,885 लोग संक्रमित हुए हैं तथा पिछले 24 घंटों के दौरान ‘कोविड 19’ के प्रकोप से रिकॉर्ड 1179 मरीजों की मौत के बाद देश में इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17,971 हो गयी है। संक्रमण के मामले में ब्राजील का तीसरा स्थान है।

इसके अलावा ब्रिटेन में भी हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। यहां अब तक इस महामारी से 250,138 लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 35,422 लोगों की इसके कारण मौत हो चुकी है।यूरोप में गंभीर रूप से प्रभावित देश इटली में इस महामारी के कारण अब तक 32,169 लोगों की मौत हुई है और 226,699 लोग इससे संक्रमित हुए हैं।

स्पेन में कुल 232,037 लोग संक्रमित हुए है जबकि 27,778 लोगों की मौत हो चुकी है।इस वैश्विक महामारी के केंद्र चीन में अब तक 84,063 लोग संक्रमित हुए हैं और 4638 लोगों की मृत्यु हुई है। इस वायरस को लेकर तैयार की गयी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में हुई मौत के 80 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के थे।

यूरोपीय देश फ्रांस और जर्मनी में भी स्थिति काफी खराब है। फ्रांस में अब तक 180,933 लोग संक्रमित हुए हैं और 28,025 लाेगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी में कोरोना वायरस से 177,778 लोग संक्रमित हुए हैं और 8,081 लोगों की मौत हुई है।तुर्की में कोरोना से अब तक 151,615 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इससे 4,199 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित खाड़ी देश ईरान में 124,603 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 7119 लोगों की इसके कारण मौत हुई है।बेल्जियम में 9108, कनाडा में 6028, नीदरलैंड में 5734, मेक्सिको में 5,666, स्वीडन में 3743, इक्वाडोर में 2839, पेरू में 2789, स्विट्जरलैंड में 1891, आयरलैंड में 1,561 और पुर्तगाल में 1247 लोगों की मौत हो गयी है।
इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 43,966 हो गयी है जबकि 939 लोगाें की मौत हुई है।

Categories
National

देश में कोरोना संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 5611 मामले, 3124 स्वस्थ हुए

नयी दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के एक दिन में रिकाॅर्ड 5611 मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 106750 पर पहुंच गयी है तथा इस दौरान 3124 लोग स्वस्थ हुए जिससे इस महामारी से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 42298 हो गयी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 5611 नये मामले आये जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 106750 पर पहुंच गयी। देश में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 61149 सक्रिय मामले हैं। इससे एक दिन पहले 4970 नये मामले सामने आये थे।

देश में इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 140 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 3303 हो गयी। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और पिछले 24 घंटों में 3124 लोग स्वस्थ हुए हैं जिसके साथ स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 42298 हो गयी है।

देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है और कुल संक्रमण के मामलों में एक तिहायी हिस्सा यहीं का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 4083 नये मामले सामने आये हैं , जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 37136 हो गयी है तथा कुल 1325 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 9639 लोग इसके संक्रमण से ठीक भी हुए हैं।

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। तमिलनाडु में अब तक 12448 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 84 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 4895 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में पांच अंकों के आंकड़ों की सूची में गुजरात तीसरे नंबर पर है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 12140 हो गई है तथा इसके संक्रमण से 719 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 5043 लोग इस बीमारी से उबरे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की भी स्थिति इस जानलेवा विषाणु के कारण चिंताजनक बनी हुई है और यहां भी संक्रमितों की संख्या पांच अंकों पर पहुंच गयी है। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 500 नये मामले सामने आये हैं हालांकि इस दौरान किसी की मौत नहीं हुई है।

यहां अब तक 10,554 लोग संक्रमित हुए हैं तथा मृतकों का आंकड़ा 168 पर है जबकि 4750 लोगों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।राजस्थान में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 5845 हो गयी है तथा 143 लोगों की मौत हो चुकी है , जबकि 3337 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 4926 लोग इसकी चपेट में आए हैं तथा इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या 123 हो गयी है और 2918 लोग अब तक इससे ठीक हुए हैं।पश्चिम बंगाल में 2961 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 250 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1074 लोग ठीक हुए है।

तेलंगाना में अब तक कोरोना से 1634 लोग संक्रमित हुए हैं। राज्य में जहां कोरोना से 38 लोगों की जान गई है , वहीं 1010 लोग अब तक ठीक हुए हैं।दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 2532 और कर्नाटक में 1397 लोग संक्रमित हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 52 और 40 हो गयी है।

वहीं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1317 हो गई है और 17 लोगों की मृत्यु हुई है। पंजाब में 38, हरियाणा में 14, बिहार में नौ, ओडिशा में पांच, केरल और असम में चार-चार, झारखंड, चंडीगढ़, और हिमाचल प्रदेश में तीन-तीन तथा मेघालय, पुड्डचेरी और उत्तराखंड में एक-एक व्यक्ति की इस महामारी से मौत हुई है।

Categories
international

विश्व में कोराना संक्रमितों की संख्या 45.42 लाख, तीन लाख से अधिक मौत

बीजिंग/जिनेवा/नयी दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है और विश्व भर में इसके संक्रमितों की संख्या 45.43 लाख से अधिक हो गयी है जबकि 3.07 लाख से ज्यादा लोग काल का ग्रास बन चुके हैं।

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों की संख्या 45,42,752 हो गयी जबकि कुल 3,07,696 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है।

भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है और यह संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में 11वें स्थान के साथ ही वैश्विक महामारी के केंद्र चीन से आगे हो गया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना से संक्रमितों और मृतकों की संख्या में क्रमश: 3970 और 103 की बढ़ोतरी हुई है।देश में इसके संक्रमण से अब तक 85,940 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 2752 लोगों की मौत हुई है जबकि 30,153 लोग पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं।

सीएसएसई के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस से दुनिया में सर्वाधिक लोग संक्रमित हुए हैं तथा यहां संक्रमण के मामलों की संख्या 14 लाख से अधिक हो चुकी है।

विश्व की महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में 14,42,924 संक्रमित है और 87,493 की मौत हो चुकी है।रूस में भी कोविड-19 का प्रकोप लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह कोविड-19 के संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों की सूची में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है।

देश में संक्रमितों की संख्या ढाई लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। यहां अब तक 2,62,843 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 2418 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।यूरोप में गंभीर रूप से प्रभावित देश इटली में इस महामारी के कारण अब तक 31610 लोगों की मौत हुई है और 2,23,885 लोग इससे संक्रमित हुए हैं।

स्पेन में काेरोना से 230183 लोग संक्रमित है जबकि 27459 लोगों की मौत हो चुकी है।इस वैश्विक महामारी के केंद्र चीन में अब तक 82,941 लोग संक्रमित हुए हैं और 4633 लोगों की मृत्यु हुई है।

इस वायरस को लेकर तैयार की गयी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में हुई मौत के 80 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के थे।रोपीय देश फ्रांस और जर्मनी में भी स्थिति काफी खराब है।

फ्रांस में अब तक 1,78,994 लोग संक्रमित हुए हैं और 27529 लाेगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी में कोरोना वायरस से 173722 लोग संक्रमित हुए हैं और 7881 लोगों की मौत हुई है।इसके अलावा ब्रिटेन में भी हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।

यहां अब तक इस महामारी से 236711 लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 33998 लोगों की इसके कारण मौत हो चुकी है। तुर्की में कोरोना से अब तक 146457 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इससे 4055 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित खाड़ी देश ईरान में 116635 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 6902 लोगों की इसके कारण मौत हुई है।ब्राजील में 14817, बेल्जियम में 8959, नीदरलैंड में 5643, कनाडा में 5562, मेक्सिको में 4767, स्वीडन में 3646, स्विट्जरलैंड में 1874, आयरलैंड में 1518 और पुर्तगाल में 1190 लोगों की मौत हो गयी है।

इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के तीन हजार से अधिक तथा 64 लोगों की मौत का नया मामला सामने आया हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 38799 हो गयी है जबकि 834 लोगाें की मौत हो चुकी है।

Categories
Off Beat

चावल और कटहल से बने पाज्जाकांजी के सामने नहीं टिक सका कोरोना वायरस

चावल और कटहल के मिश्रण से तैयार डिश के सहारे 93 साल के बुजुर्ग ने समूचे संसार को भयभीत कर देने वाले कोरोना वायरस को धूल चटा दी है। इस डिश का नाम पाज्जाकांजी है और केरल में इसे बड़े चाव से खाया जाता है। कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए केरल के पथानामथिट्टा निवासी 93 वर्षीय बुजुर्ग थॉमस अब्राहम ने पाज्जाकांजी खाकर न सिर्फ अपनी बल्कि अपनी 88 साल की पत्नी की जान भी बचा ली है। वे इलाज के दौरान इस डिश को खाते रहे और आखिरकार कोरोना वायरस उनके शरीर को छोड़ने को बाध्य हो गया।

ठीक होकर घर लौटे बुजुर्ग

केरल के पथानामथिट्टा निवासी 93 वर्षीय बुजुर्ग थॉमस अब्राहम के साथ उनकी पत्नी मरियम्मा (88) को उनके बेटे, बहू और पोते से कोरोना का संक्रमण मिला था। तीनों गत माह ही इटली से लौटे थे। वे तीनों भी गंभीर वायरस की चपेट से बाहर आ चुके हैं और अब अपने माता-पिता के सकुशल घर से आने से बहुत खुश हैं। कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर होता है। बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इससे संक्रमित होने पर उनकी मौत होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है, लेकिन थॉमस ने इस खतरे को टाल दिया।

संयमित जीवन ने बचाया

थॉमस इब्राहिम के घर लौटने के बाद उनके पोते रिजो मोन्सी ने बताया कि उनके दादा के कोरोना वायरस को पछाड़ने के पीछे उनकी स्वस्थ जीवन शैली का बड़ा हाथ है। वह बड़ा संयमित जीवन जीते हैं। वे किसान है और शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। वह न तो कोई नशा करते हैं और ना ही उन्हें धूम्रपान का शौक है। वह बिना जिम जाए भी सुडौल शरीर रखते हैं। दादा को केरल का सबसे बेहतरीन डिश पाज्जाकांजी बहुत पसंद है। इसे चावल के घोल और कटहल के मिश्रण से तैयार किया जाता है। उपचार के दौरान उनके दादा ने आइसोलेशन वार्ड में इसी का नियमित रूप से सेवन किया था।

दादी को भी यही खिलाया

उन्होंने दादी को भी यही खाना खिलाया था। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उपचार करने वाले चिकित्सक भी उनकी संयमित जीवन शैली से चकित थे। इटली में रेडियोलॉजी क्षेत्र में काम करने वाले रिजो मोन्सी ने बताया कि उनका अगस्त में भारत आने का कार्यक्रम था, लेकिन उनके दादा ने जिद करके उन्हें मार्च में ही भारत बुला लिया। यदि वह नहीं आते तो शायद अब उनकी जिंदगी भी खतरे में होती। उन्होंने कहा कि भारत की चिकित्सा व्यवस्था बेहतरीन है और चिकित्सकों ने बेहतरीन प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि उनके दादा इटली की जगह भारत में ज्यादा सुरक्षित हैं। रिजो ने बताया कि उनके परिवार में कुल 26 सदस्य हैं। उनके इटली से आने के बाद उनके दादा-दादी, माता-पिता, उनकी बहन, बहनोई और उनके ताऊजी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे, लेकिन उपचार के बाद सभी ठीक हो गए हैं।

Categories
Off Beat

कोरोना से पहले आई इन पांच महा​मारियों ने बदल दिया था दुनिया का इतिहास

कोरोना वायरस प्रकोप पूरी दुनिया में उसी तरह के बदलाव ला रहा है जिस तरह इससे पहले की पांच महामारियों ने विश्व इतिहास को बदलकर रख दिया था। तकरीबन छह सौ साल के ज्ञात इतिहास में पांच महामारियों ने राजनीतिक और सामाजिक बदलावों के साथ ही पूरे विश्व को कुछ देशों की गुलामी में धकेल दिया था। तारीख़ के पन्ने महामारियों के इतिहास बदलने की मिसालों से भरे पड़े हैं। बीमारियों की वजह से सल्तनतें तबाह हो गईं। चौदहवीं सदी के पांचवें और छठें दशक में प्लेग ने यूरोप में मौत का दिल दहलाने वाला तांडव किया था। इसके क़हर से यूरोप की एक तिहाई आबादी काल के गाल में समा गई थी। ब्लैक डेथ यानी ब्यूबोनिक प्लेग से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के कारण, खेतों में काम करने के लिए उपलब्ध लोगों की संख्या बहुत कम हो गई।

 

महामारियों ने दिया था मजदूरी प्रथा को जन्म

इस बदलाव ने मज़दूरी पर काम करने की प्रथा को जन्म दिया। जिसके कारण पश्चिमी यूरोप ज़्यादा आधुनिक, व्यापारिक और नक़दी आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ चला। चूंकि ज़मींदारों के लिए मज़दूरों की मज़दूरी देना महंगा पड़ रहा था। इसी मजबूरी ने उन्हें ऐसी तकनीक में निवेश करने के लिए बाध्य किया, जिसमें ख़र्च कम लगे। मज़दूरों की कम ज़रूरत हो और काम पूरा हो जाए। ताकि लागत कम कर के पैसा बचाया जा सके। यहीं से पश्चिमी यूरोपीय देशों ने साम्राज्यवाद की शुरुआत की। यूरोप के लोगों ने लंबी समुद्री यात्राएं शुरू कर दीं। लिहाज़ा कहा जा सकता है कि प्लेग के बाद पश्चिमी यूरोप में नई ऊर्जा आई। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया कि यूरोप के विस्तार के बाद अमेरिका की क़रीब छह करोड़ (जो उस वक़्त दुनिया की कुल आबादी का दस फ़ीसद हिस्सा थी) की आबादी केवल एक सदी में घट कर महज़ साठ लाख रह गई। अमरीका में यूरोपीय उपनिवेश स्थापित होने के बाद के बाद इन इलाक़ों में होने वाली अधिकतर मौतों के लिए वो बीमारियां ज़िम्मेदार थीं, जो ये उपनिवेशवादी अपने साथ लेकर अमरीका पहुंचे। इनमें सबसे बड़ी बीमारी थी चेचक। अन्य बीमारियों में ख़सरा, हैज़ा, मलेरिया, प्लेग, काली खांसी, और टाइफ़स भी शामिल थीं, जिन्होंने करोड़ों लोगों की जान ले ली। कैरेबियाई देश हैती में एक महामारी के प्रकोप ने उस समय की बड़ी साम्राज्यवादी ताक़त फ्रांस को उत्तरी अमरीका से बाहर करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। और इसी के बाद अमरीका का एक बड़े और ताक़तवर देश के तौर पर विकास हुआ था। और वो महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ चला था।

 

नेपोलियन के सैनिकों को खा गया था पीला बुखार

1801 में कैरेबियाई देश हैती में यूरोप की औपनिवेशिक ताक़तों के ख़िलाफ़ यहां के बहुत से ग़ुलामों ने बग़ावत कर दी। एक के बाद एक कई बग़ावतों के बाद आख़िरकार तुसैंत लोवरतूर का फ़्रांस के साथ समझौता हो गया और वो हैती का शासक बन गया। उधर, फ्रांस में नेपोलियन बोनापार्ट ने ख़ुद को आजीवन देश का शासक घोषित कर दिया था। नेपोलियन ने पूरे हैती द्वीप पर अपना क़ब्ज़ा जमाने की सोची। लिहाज़ा उसने हैती पर कब्ज़ा जमाने के लिए दसियों हज़ार सैनिकों को वहां लड़ने के लिए भेज दिया। फ़्रांस से आए ये लड़ाकू जंग के मैदान में तो बहुत बहादुर साबित हुए। लेकिन पीत ज्वर या येलो फ़ीवर के प्रकोप से ख़ुद नहीं बचा पाए। एक अंदाज़े के मुताबिक़ फ़्रांस के क़रीब पचास हज़ार सैनिक, अधिकारी, डॉक्टर इस बुखार के चपेट में आकर मौत के मुंह में समा गए। हैती पर क़ब्ज़े के लिए गए फ्रांसीसी सैनिकों में से महज़ तीन हज़ार लोग ही फ़्रांस लौट सके।

 

प्लेग से फैली भुखमरी ने बदल दिया चीन का इतिहास

इस हार ने नेपोलियन को ना सिर्फ़ हैती का उपनिवेश छोड़ने पर मजबूर किया। बल्कि, नेपोलियन ने उत्तरी अमरीका में फ्रांस के औपनिवेशिक विस्तार के अपने ख़्वाब को भी तिलांजलि दे दी। 1888 और 1897 के दरमियान राइंडरपेस्ट नाम के वायरस ने अफ़्रीक़ा में लगभग 90 फ़ीसद पालतू जानवरों को ख़त्म कर दिया। इसे जानवरों में होने वाला प्लेग भी कहा जाता है। इतने बड़े पैमाने पर जानवरों की मौत से हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका, पश्चिमी अफ्रीका और दक्षिणी-पश्चिमी अफ्रीका में रहने वाले बहुत से समुदायों पर क़यामत सी आ गई। भुखमरी फैल गई। चूंकि लोग खेती के लिए बैलों का इस्तेमाल करते थे तो जब बैल ही नहीं रहे तो खेती भी ख़त्म होने लगी। अफ़्रीक़ा के ऐसे बदतर हालात ने उन्नीसवीं सदी के आख़िर में यूरोपीय देशों के लिए अफ्रीका के एक बड़े हिस्से पर अपने उपनिवेश स्थापित करने का माहौल तैयार कर दिया। यूरोपीय देशों को अफ्रीका की ज़मीनें हड़पने में राइंडरपेस्ट वायरस के प्रकोप से भी काफ़ी मदद मिली। वर्ष 1641 में उत्तरी चीन में प्लेग जैसी महामारी ने हमला बोला, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई थी। कुछ इलाक़ो में तो प्लेग की वजह से 20 से 40 फ़ीसद तक आबादी ख़त्म हो गई थी। चीन में प्लेग ने उस वक़्त दस्तक दी थी, जब वो सूखे और टिड्डियों के प्रकोप से जूझ रहा था। फ़सलें तबाह हो चुकी थी। लोगों के पास खाने को अनाज नहीं था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि जब लोगों के पास खाने को कुछ नहीं होता था तो वो प्लेग, भुखमरी और सूखे से मर चुके लोगों की लाश को ही नोच खाने लगे थे।

Categories
Off Beat

आ गया आरोग्य सेतु, बता देगा कि छह फीट दूर है कोरोना संक्रमित

चीन ने कोरोना वायरस संक्रमितों पर नजर रखने के काम जिस मोबाइल एप से किया था, उसी तरह का एप भारत सरकार ने भी तैयार करा लिया है। मोबाइल लोकेशन आधारित कोरोना वायरस ट्रैकर एप को आरोग्य सेतु नाम दिया गया है। एप फोन के लोकेशन डाटा और ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर बताता है कि कहीं यूजर किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया है। इसे संक्रमितों का डाटाबेस के साथ जोड़ा गया है।

यूजर को देगा टेस्ट कराने की सलाह

यह एप लोकेशन डाटा के जरिये यूजर्स की लोकेशन की पता लगाता है और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी की मदद से यह देखा जाता है कि यूजर किसी संक्रमित व्यक्ति के छह फीट के दायरे में आया है या नहीं। इसके आधार पर यह यूजर को अगला कदम उठाने की सलाह देता है। अगर यूजर ‘हाई रिस्क’ एरिया में हैं तो एप उसको कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देता है।

देगा महामारी से बचाने के टिप्स

इसके अलावा आरोग्य सेतु एप यूजर को खुद को महामारी से बचाने के टिप्स भी देता है। अगर कोई यूजर कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो यह उसका डाटा सरकार को भेज देता है। इसमें एक चैटबॉट भी दिया गया है जो महामारी से जुड़े सवालों के जवाब देता है और यह भी अंदाजा लगा सकता है कि कोई यूजर कोरोना संक्रमित है या नहीं। इसमें हर राज्य के हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं। इससे यूजर्स को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से महामारी को लेकर जारी किए जा रहे सभी अपडेट भी मिलेंगे।
भारत में महामारी से संक्रमित कुल लोगों की संख्या 1,965 हो गई है। इनमें से 1,764 मरीजों का इलाज चल रहा है, 151 ठीक हो चुके हैं और 50 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 12 घंटों में 131 नए मामले सामने आए हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कुछ दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 10 लाख पार हो जाएगी और मौतों का आंकड़ा 50,000 तक पहुंच जाएगा।

Categories
Off Beat

कोरोना इलाज की बदलेगी नीति, अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाएंगे सभी पॉजिटिव

बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते केन्द्र सरकार कोरोना संक्रमितों के इलाज की नीति में परिवर्तन करने पर विचार कर रही है। अस्पताल में अब सिर्फ वे ही मरीज भर्ती किए जाएंगे जिन्हें वास्तव में इलाज की जरूरत है। अभी तक सभी पॉजिटिव को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर में दावा किया है सरकार अब केवल गंभीर हालात वाले मरीजों को ही अस्पतालों में भर्ती करेगी। बाकी मरीजों को घर पर क्वारंटाइन किया जाएगा और फोन के जरिए उनकी सेहत पर नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचाने और अस्पतालों में मौजूद बेडों का अधिकतम उपयोग करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।

अभी तक  कोई नियम तय नहीं

अभी तक बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण वाले लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कोई नियम तय नहीं है। मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने का अंतिम फैसला उसके इलाज में लगे डॉक्टरों का होगा और संदिग्ध संक्रमित मरीज के सैंपल की रिपोर्ट आने तक उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखना होगा और उसके लक्षणों के आधार पर इलाज चलेगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हल्का बुखार, खांसी, गले में खराश जैसे लक्षणों वाले लोगों को तब तक अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, जब तक उसकी हालत खराब होने का अंदेशा नहीं है। देश में लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच मौजूद बिस्तरों का अधिकतम इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है ताकि गंभीर मरीजों को अस्पताल में बेड मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने का खतरा भी कम होगा।

80-85 प्रतिशत मरीजों में हल्के लक्षण

भारत में COVID-19 मरीजों के लिए 1.26 आईसोलेशन बिस्तर तैयार किए गए हैं। इनमें से केंद्रीय संस्थानों में 17 हजार 631 और अलग-अलग राज्यों में 1 लाख 09 हजार बिस्तर है। रेलवे को 3 लाख 2 हजार आईसोलेशन और क्वारंटाइन बिस्तर तैयार करने का काम सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार, COVID-19 मरीजों की चार कैटेगरी है। पहली कैटेगरी के मरीजों को आइसोलेशन में रखने की जरूरत होती है ताकि वो दूसरों को संक्रमित न करें। दूसरी कैटेगरी वालों को ऑक्सीजन लगाने की भी जरूरत हो सकती है। तीसरी कैटेगरी के मरीजों को ICU में भर्ती करना पड़ता है और उन पर लगातार नजर रखनी होती है। चौथी कैटेगरी के मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत होती है।
सूत्रों के अनुसार 80-85 प्रतिशत मरीजों में हल्के लक्षण होते हैं और उनके मुताबिक इलाज की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को घर पर ही रखने की योजना हैं। रोजाना फोन के जरिये उन पर नजर रखी जाएगी। अगर जरूरत पड़ेगी तो उन्हें तुरंत अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जो मरीज घर पर रहकर ठीक हो सकते हैं उन्हें अस्पताल में लाना डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरा पैदा करने के समान है।