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देश में कोरोना संक्रमण के 1,12,359 मामले, 45 हजार से अधिक स्वस्थ

नयी दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के एक दिन में रिकाॅर्ड 5609 मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,12,359 पर पहुंच गयी है हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान 3000 से अधिक लोगों ने इस संक्रमण से निजात भी पायी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 5609 नये मामले आये जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 112359 पर पहुंच गयी। देश में कुल सक्रिय मामले 63624 हैं। इससे एक दिन पहले 5611 नये मामले सामने आये थे।

देश में इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 132 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 3435 हो गयी। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और पिछले 24 घंटों में 3002 लोग इस संक्रमण से मुक्त हुए हैं जिससे स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 45300 हो गयी है।

देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है और कुल संक्रमण के मामलों में एक तिहाई से अधिक हिस्सा यहीं का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 2161 नये मामले सामने आये हैं , जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 39297 हो गयी है तथा कुल 1390 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10318 लोग इसके संक्रमण से ठीक भी हुए हैं।

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कोरोना रोगियों को दी जा रही दवा के तीन डोज की कीमत 1.80 लाख

मुम्बई में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे रोगियों को बचाने के लिए टोसिलीजुमैब दवा दी जा रही है, उसके तीन डोज की कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपए है। इस दवा के परिणाम अच्छे आए हैं लेकिन इसका बड़े पैमाने पर उपयोग करने से पहले इसकी कीमत रास्ते का रोडा बन गई है।

आइटोलिजुमैब का कोरोना के उपचार में इस्तेमाल

जानकारी के अनुसार हाल ही दो दवा कंपनियां रॉश और बायोकॉन भी कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए दवाएं पेश करने की होड़ में शामिल हो गई हैं। रॉश की गठिया रोग की सिप्ला द्वारा बेची जाने वाली दवा एक्टेम्रा (टोसिलिजुमैब) को कोविड-19 मरीजों में सूजन दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं बायोकॉन अपनी सोरायसिस की दवा आइटोलिजुमैब में बदलाव लाकर इसका कोरोना वायरस के उपचार में इस्तेमाल कर रही है।

टोसिलीजुमैब का भी उपयोग

दोनों दवाओं का परीक्षण मुंबई के नायर हॉस्पिटल और किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) हॉस्पिटल में गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीजों पर किया जा रहा है। रॉश की टोसिलीजुमैब का इस्तेमाल कर रहे नायर हॉस्पिटल में दो मरीजों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार दिखा है और उन्हें वेंटिलेटर से हटाया जा सकता है। वहीं केईएम में भी मरीज को बायोकॉन की आइटोलिजुमैब दवा दी गई।

मरीजों में बनता है साइटोकिन

मणिपाल हॉस्पिटल्स में इंटरवेंशनल पलमोनोलॉजी ऐंड स्लीप मेडिसिन के एचओडी सत्यनारायण मैसूर के अनुसार मुंबई में, कोरोनावायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक टोसिलिजुमैब का इस्तेमाल कोविड-19 मरीजों में ज्यादा साइटोकिन बनने से रोकने के लिए इंटरल्यूकिन-6 के तौर पर किया जा रहा था। अब इसे आइटोलिजुमैब के तौर पर पुन: तैयार कर इसका परीक्षण किया जा रहा है। मणिपाल हॉस्पिटल्स कर्नाटक में गठित कोविड-19 कार्यबल का भी सदस्य है।

एक खुराक की कीमत लगभग 60,000 रुपये

वृहनमुंबई नगरपालिका (बीएमसी) ने 120 से ज्यादा उन मरीजों पर इन दवाओं को आजमाने का निर्णय लिया है जिनकी उसने पहचान की है और उसका मानना है कि इन दवाओं से उन्हें लाभ मिल सकता है। लेकिन समस्या कीमत को लेकर है। इसकी एक खुराक की कीमत लगभग 60,000 रुपये है। इस दवा की तीन खुराक लेने के लिए मरीज को 1.8 लाख रुपये चुकाने की जरूरत होगी। आईटोलिजुमैब को अलजुमैब ब्रांड नाम के तहत भारत में 2013 में बायोकॉन ने तैयार करके पेश किया। इस दवा को गंभीर त्वचा रोग सोरायसिस के इजाज के लिए विकसित किया गया था।