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अब सोमवार को सीबीएसई का डेटशीट आएगा

नयी दिल्ली ।केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बारहवीं और दसवीं के बचे हुए पेपरों की परीक्षा की तिथियों की घोषणा अब सोमवार को की जाएगी।

इससे पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार की शाम पांच बजे किये जाने की घोषणा की थी लेकिन अब तकनीकी कारणों से 18 मई को की जाएगी।

निशंक ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा,“सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट को अंतिम रूप देने से पहले कुछ अतिरिक्त तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है, इस वजह से आज पांच बजे होने वाली कक्षा 10 वीं और 12 वीं परीक्षा की डेटशीट की घोषणा अब सोमवार (18 मई) तक होगी।”

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने परीक्षा की गलत तारीखें घोषित की जिसे सीबीएसई ने फेक न्यूज़ बताया गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तरी इलाके में दंगे के कारण दसवीं के कुछ पेपर नही हो सके थे जबकि पूरे देश में दसवीं के पेपर हो गए थे। इसके अलावा लोकडाउन के कारण बारहवीं के कुछ पेपर नही हो पाए थे। सीबीएसई शेष पेपरों की परीक्षा की तिथियां अपनी वेबसाइट पर डाल देगी।

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दसवीं-बारहवीं के बचे पेपर की परीक्षा तिथियों की घोषणा आज

नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा (सीबीएसई) बोर्ड की बारहवीं और दसवीं के बचे हुए पेपरों की परीक्षा की तिथियों की घोषणा शनिवार शाम पांच बजे कर दी जाएगी।

मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तरी इलाके में दंगे के कारण दसवीं के कुछ पेपर नहीं हो सके थे जबकि पूरे देश मे दसवीं के पेपर हो गए थे। इसके अलावा लॉकडाउन के कारण बारहवीं के कुछ पेपर नहीं हो पाए थे। सीबीएसई शेष पेपर की परीक्षा की तिथियां अपनी वेबसाइट पर डाल देगी।

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नए सत्र से स्कूलों में कला आधारित प्रोजेक्ट

नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नए सत्र से कक्षा दस तक के छात्रों के लिए कला और कौशल आधारित प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है।मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्वीट कर जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्र से सभी सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 1-10 के छात्रों के लिए कला आधारित प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि देश के एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कम से कम एक प्रोजेक्ट ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम’ पर आधारित होगा ।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक एवं जीवन-उपयोगी कौशल के विकास के लिये सीबीएसई क्षमता-आधारित शिक्षा को अमल में लायेगी। सीबीएसई ने इस सम्बंध में 19 पेज का परिपत्र भी जारी किया है जो बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: ये हैं देश के टॉप CBSE स्कूलों की सूची, बच्चों को बना देते हैं जीनियस

Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools:आज के समय में माता-पिता बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन इसके बाद भी सही और अच्छे स्कूल का चयन नहीं कर पाते हैं। हम यहां देश के टॉप (Central Board of Secondary Education) Top schools(CBSE): सीबीएसई स्कूलों की सूची लेकर आए हैं। अपने बच्चों को यहां एड​मिशन दिलाइए और उन्हें जीनियस बनाने के रास्ते पर भेज ​दीजिए।

 

DAV स्कूल
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: CBSE से संबद्ध टॉप स्कूलों में पहला नाम DAV ग्रुप ऑफ स्कूल्स का है। इनमें भी DAV सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोगप्पैर अव्वल है। 1989 में DAV ग्रुप ऑफ स्कूल्स के तहत स्थापित इस स्कूल को तमिलनाडु आर्य समाज एजुकेशनल सोसायटी चेन्नई मैनेज करती है। स्कूल में अच्छी क्लास, प्रयोगशालाएं हैं।

झारखण्ड का यह स्कूल भी टॉप
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: CBSE से संबद्ध टॉप स्कूलों में रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर झारखंड लड़कों का आवासीय विद्यालय है। इसकी स्थापना 1922 में हुई थी। स्कूल छात्र के व्यक्तित्व विकास पर जोर देता है। इसी के चलते इसे भारत के टॉप CBSE स्कूलों में स्थान मिला है। स्कूल में बड़ा परिसर और प्रयोगशालाएं हैं। एक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल भी है।

DPS का जवाब नहीं
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के सभी स्कूल का नाम टॉप स्कूलों की सूची में है, लेकिन नई दिलली के आरके पुरम का दिल्ली पब्लिक स्कूल सबसे टॉप है। 1972 में स्थापित इस स्कूल CBSE में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा और एक साक्षात्कार देना होता है।

इस स्कूल का भी काफी नाम
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: चिन्मय अंतर्राष्ट्रीय आवासीय विद्यालय (CIRS), कोयंबटूर 1996 में स्थापित किया गया था। स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में विश्वास करता है। बच्चे को शारीरिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक स्तर पर ढालने का प्रयास करता है।

(KVS) केवीएस और जेएनवी है बेहतरीन
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: सरकारी स्कूलों की बात करें तो केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) की गिनती स्वयं CBSE नायाब हीरे के तौर पर करता है। JNV में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा होती है। इसकी वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Download sample paper CBSE board : सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तैयारी के लिए यहां से डाउनलोड करें सैंपल पेपर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से चल रही हैं। परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सैंपल पेपर हल कर सकते हैं। इससे प्रश्नों के प्रकार आदि का पता चलेगा। सैंपल पेपर इन वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं।

 

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के आयोजन से कुछ महीने पहले सैंपल पेपर जारी किए जाते हैं। BYJU’S परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट के साथ-साथ इसका एप भी उपलब्ध है। छात्र यहां से बोर्ड परीक्षाओं के लिए सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। सैंपल पेपर के साथ-साथ मार्किंग स्कीम भी डाउनलोड कर सकते हैं।

mycbseguide.com
बोर्ड परीक्षा की तैयारी और सैंपल पेपर के लिए mycbseguide.com भी लोकप्रिय वेबसाइट है। यह सभी विषयों के लिए फ्री में स्टडी मैटेरियल और सैंपल पेपर ऑफर करती है। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फ्री में और पेड दोनों तरह से सैंपल पेपर मिलते हैं। वेबसाइट पर पिछले कई सालों के सैंपल पेपर सॉल्यूशन के साथ उपलब्ध हैं।

Vedantu
Vedantu ऑनलाइन ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म है। छात्रों को स्टडी मैटेरियल के साथ-साथ सैंपल पेपर ऑफर करती है। CBSE 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल पेपर पर उपलब्ध हैं, जिन्हें फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। यहां पिछले साल के प्रश्न पत्र आदि भी उपलब्ध हैं। साथ ही यहां से NCERT सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं।

डाउनलोड करें सैंपल पेपर
बोर्ड परीक्षा की और भी अच्छी तैयारी करने के लिए tiwariacademy.com से सभी विषयों के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। यहां पिछले कई साल के सैंपल पेपर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मार्किंग स्कीम, पिछ्ले साल के प्रश्न पत्र और सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं। NCERT Textbooks सॉल्यूशन भी हैं।

बोर्ड सैंपल पेपर
cbse बोर्ड भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर cbseacademic.nic.in पर सैंपल पेपर जारी करता है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट से फ्री में सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं।

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CBSE Board Exam 2020: CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में चाहते हैं अच्छा स्कोर तो ऐसे करें पढ़ाई

15 फरवरी, 2020 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू हो जाएंगी। परीक्षा में एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ये समय बहुत महत्वपूर्ण है।
परीक्षा में अच्छा स्कोर जरुरी है। इसके लिए समय का सही उपयोग करना होगा।

 

पूरी नींद जरूर ले, शेष समय में रिवीजन करें

परीक्षा में प्रदर्शन के लिए फ्रेश रहना जरुरी है, फ्रेश रहने के लिए पूरी नींद लेनी चाहिए। छात्रों को सात से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। डेटशीट को देखकर विषय का रिवीजन करना चाहिए। उस विषय का पहले रिवीजन करें जिसका पेपर पहले हो। रोजाना कम से कम एक विषय का रिवीजन करना चाहिए।

ब्रेक है बहुत जरूरी

ब्रेक ले-लेकर पढ़ाई करनी चाहिए। लम्बे समय तक एक साथ पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। पढ़ाई के बीच में 40-45 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए, जिससे कि फ्रेश रहें और पढ़ी हुई चीजें याद रहें।

पेपर हल करें

छात्रों को हर विषय के सैंपल पेपर हल करने चाहिए। ये समय सैंपल पेपर हल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सैंपल पेपर हल करने से परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार का पता चलता है। परीक्षा के दौरान अपनी कमजोरियों और ताकतों का पता रहता है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सैंपल पेपर हल करें और मॉक टेस्ट दें।

नोट्स भी हैं

छात्रों को तैयारी के दौरान अपने द्वारा बनाएं गए नोट्स को जरुर देखना चाहिए। रोजाना सिलेबस और कॉन्सेप्ट में उपयोग होने वाले सूत्रों को पढ़ना चाहिए। सूत्रों के बिना किसी भी कॉन्सेप्ट को हल करना और समझना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सूत्रों ध्यान देना चाहिए और रोजाना रिवीजन करते रहना चाहिए।

एडमिट कार्ड ले जाना न भूलें

परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड बहुत जरुरी दस्तावेज है। इसके बिना छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को एडमिट कार्ड में दी गई सभी जानकारी को जांच लेना चाहिए। एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट संभालकर रखें।

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बेरोजगारों के लिए सीबीएसई ने दिया 2020 का सबसे बड़ा तोहफा, ये टेस्ट पास करके पाइए 80 हजार माहवार की नौकरी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई), नई दिल्ली के सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यूनिट (Central Teacher Eligibility Test Unit) ने हाल ही सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी-जुलाई 2020) Central Teacher Eligibility Test (CTET-July 2020) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

 

स्टूडेंट्स ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 05 जुलाई, 2020 (रविवार) को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए जरूरी जानकारी निम्न प्रकार है:-
शैक्षणिक योग्यता : कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी स्टेज) – न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ सीनियर सेकंडरी या एलिमेंट्री एजुकेशन के दो वर्षीय डिप्लोमा के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत स्टूडेंट भी आवेदन कर सकते हैं। बीएड केे अलावा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक किया हो।

कक्षा 6-8 (एलिमेंट्री स्टेज)- एलिमेंट्री एजुकेशन Elementary Education के दो वर्षीय डिप्लोमा में अध्ययनरत और स्नातक पास भी आवेदन कर सकते हैं।

पेपर पैटर्न : प्राइमरी स्टेज के लिए पेपर – । (चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी, लेंग्वेज- । व ।।, मैथमेटिक्स व एन्वायरन्मेंटल स्टडीज) और एलिमेंट्री स्टेज केे लिए पेपर-।। (चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी, लेंग्वेज-। व ।।, मैथमेटिक्स एंड साइंस व सोशल स्टडीज/साइंस) लिया जाएगा। प्रत्येक पेपर ढाई घंटे का होगा। इसमें प्रश्नों की प्रकृति वैकल्पिक होगी। साथ ही किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है।

आवेदन की अंतिम तिथि : 24 फरवरी, 2020

अधिक जानकारी के लिए देखें :

https://ctet.nic.in/webinfo/Handler/FileHandler.ashx?i=File&ii=224&iii=Y

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CBSE Admit Card 2020: इंतजार खत्म, इस तारीख को जारी होंगे एडमिट कार्ड

CBSE Admit Card 2020: जो विद्या​र्थी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की दसवीं और बाहरवीं बोर्ड की परीक्षाओं का एडमिट कार्ड जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, उनका इंतजार अब खत्म हो जाएगा क्योंकि CBSE Admit Card 2020 जारी होने की तिथि आ गई है। CBSE Admit Card 2020 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) इस महीने दसवीं और बाहरवीं बोर्ड की परीक्षाओं का एडमिट कार्ड जारी कर सकता है।
हालांकि बोर्ड ने अभी कोई भी ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है लेकिन बोर्ड के हमारे सूत्रों ने बताया ​है कि 19 जनवरी को परीक्षा का रोल नबंर जारी हो सकता है। सभी छात्रों को अपना एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए अपने स्कूल से संपर्क करना होगा। प्राइवेट छात्र सीबीएसइ की ऑफिशियल वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

 

डेटशीट जारी

बोर्ड दसवीं और बारहवीं कक्षा की डेटशीट जारी कर चुका है। फरवरी से यह परीक्षा शुरू होगी जो मार्च तक चलेगी। ऐसे उम्मीदवार जो इस बार सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं वह लगातार सीबीएसइ की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल और टाइमिंग की जानकारी मिलेगी।

शिक्षकों की अभिभावकों को सलाह

शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि यदि बच्चा पहले ही सैंपल पेपर को ढाई घंटे में करने का अभ्यास कर लेगा तो वह बोर्ड परीक्षा के दौरान आसानी से तीन घंटे में पेपर सॉल्व कर लेगा। यदि अभिभावक बच्चों को समयबद्ध ढंग से तैयारी कराएं तो वे बोर्ड में अच्छे अंक ला सकते हैं।

इस साल फरवरी से 10 वीं और 12 वीं के बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होगी। इसको लेकर छात्रों को मोटिवेड करने लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात में छात्रों का मनोबल बढ़ाएंगे। इससे पहले पीएम मोदी परीक्षा से पहले छात्रों का मनोबल बढ़ा चुके हैं।

यह भी पढ़ें

सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए ज्यादा समय नहीं रह गया है। ऐसे में छात्रों को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना ताकि वह परीक्षा में सफल हो सकें। ऐसे में जरूरी है कि छात्र सबसे पहले सभी जरूरी विषय को पढ़ ले ताकि परीक्षा में किसी भी प्रकार से प्रश्न का उत्तर दे सकें।

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लर्निंग आउटकम के आधार पर मिलेगी नये स्कूलों को मान्यता

नयी दिल्ली । केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अब लर्निंग आउटकम के आधार पर नए स्कूलों को मान्यता देगी और उन्हें सीबीएसई के बजाय राज्यस्तर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। यह जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने गुरुवार को पत्रकारों को दी।

 CBSE

जावडेकर ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और सुधार लाने के लिए स्कूलों को मान्यता देने के मामले में सीबीएसई की नियमवाली में बदलाव किया गया है। पहले नए स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता लेने के लिए पहले राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता था फिर सीबीएसई भी जाँच कर दोबारा अनापत्ति प्रमाण पत्र देती थी। इस तरह दोहराव होता था और काफी समय भी लगता था। कई मामलों में तो दस दस साल तक आवेदन लंबित रहता था लेकिन अब स्कूलों को केवल जिला शिक्षा अधिकारी से अनापति प्रमाण पत्र लेना होगा।

सीबीएसई लर्निंग आउटकम के आधार पर उन स्कूलों को मान्यता देगी और इसके लिए वह स्कूलों का दौरा कर इसकी जांच करेगी। इस से गुणवत्ता को ही मान्यता मिल सकेगी।उन्होंने कहा कि दूसरा परिवर्तन यह किया गया है कि अब वे अपना आवेदन ऑनलाइन जमा करेंगे जिस से समय की भी बचत होगी। देश में सीबीएसई के बीस हज़ार 700 स्कूल हैं और हर साल दो हज़ार से अधिक नए स्कूलों को मान्यता दी जाती है पिछले कई वर्षों से इतने आवेदन लंबित पड़े थे कि हमें गुण-दोष के आधार पर आठ हज़ार मामले निबटाये।

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तमिलनाडु के छ़ात्रों के साथ खडी है एनएसयूआई

एनएसयूआई तमिलनाडु के छात्रों के साथ खड़ा है: मांग करता है कि भाजपा सरकार टीएन या भालू व्यय के भीतर एनईईटी परीक्षा की सुविधा प्रदान करे, छात्रों के लिए परीक्षा लेने के लिए मजबूर छात्रों के लिए। एनएसयूआई टीएन के बाहर परीक्षा लेने के लिए मजबूर छात्रों के लिए हेल्पडेस्क स्थापित करेगा, तमिलनाडु के छात्रों के लिए अधिक राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) केंद्रों की व्यवस्था करने पर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम मिनट रहना बेहद निराशाजनक है। यह छात्रों और उनके परिवारों को एक समय में जबरदस्त असुविधा और व्यय के लिए रखता है जब उनकी सभी ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यह छात्रों के भविष्य को भी अपमानित करता है और हमें उन आधारों पर सवाल उठता है जिन पर सीबीएसई ने मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा एक छात्र-छात्र आदेश के खिलाफ अपील करने का फैसला किया। सीबीएसई एक संस्था है जो देश के लाखों युवा छात्रों के भविष्य के लिए ज़िम्मेदार है। यह बेहद निंदाजनक है कि सीबीएसई ने इस तथ्य को खो दिया।

Congres

 

बीजेपी सरकार के तहत सीबीएसई अक्षम और छात्रों के खिलाफ साबित हुआ है। यह सिर्फ एक महीने में दूसरा उदाहरण है जहां सीबीएसई ने छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी असुविधा और टालने योग्य तनाव पैदा किया है। मार्च के आखिरी सप्ताह में बारहवीं मानक गणित और आर्थिक पेपर रिसाव पिछले उदाहरण थे। प्रेस से बात करते हुए, एनईईटी निदेशक (नई दिल्ली) सान्याम भारद्वाज ने कहा कि इस साल तमिलनाडु के एनईईटी आवेदकों की संख्या 1.1 लाख थी। सीबीएसई ने इन आवेदनों को प्राप्त किया और रुपये एकत्र किया। इन आवेदकों में से प्रत्येक परीक्षा शुल्क से पहले छह सप्ताह पहले फीस में 1,400 / -। आवेदकों की संख्या के अग्रिम ज्ञान के साथ सशस्त्र, सीबीएसई के लिए कोई बहाना नहीं था कि तमिलनाडु के भीतर पर्याप्त केंद्र आवंटित न करें। एक कारण यह था कि एनईईटी केंद्रों को बुनियादी ढांचे के एक निश्चित स्तर की आवश्यकता होती है। यह निराशाजनक है कि सीबीएसई तमिलनाडु के भीतर उपयुक्त केंद्रों को खोजने में असमर्थ था जो देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक है और उच्च शिक्षा के कई अच्छी तरह से सुसज्जित संस्थानों का घर है। तमिलनाडु लोक सेवा आयोग ने नवंबर, 2016 में तमिलनाडु के भीतर एक दिन में 12 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए परीक्षा आयोजित करने पर विचार करने के लिए यह बहाना भी विफल रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चेन्नई में सीबीएसई कार्यालय ने कहा है कि राज्य के 5,371 छात्रों को राज्य के बाहर परीक्षाएं लिखनी होंगी जबकि एनईईटी निदेशक सान्याम भारद्वाज ने कहा कि 1000 या 1,500 छात्रों को राज्य के बाहर केंद्र आवंटित किए गए थे। सीबीएसई राज्य के बाहर तमिलनाडु आवंटित केंद्रों के छात्रों की संख्या स्पष्ट रूप से बताए जाने में असमर्थ क्यों है? यह भ्रम सीबीएसई के भीतर मामलों की खेद की स्थिति को स्पष्ट रूप से इंगित करता है।

यह घटना तमिलनाडु के एक उज्ज्वल युवा छात्र शनमुगम अनिता के 8 महीने बाद आती है, जो सभी चिकित्सकीय उम्मीदवारों पर एनईईटी लगाकर केंद्र द्वारा अपने सपने बिखरने के बाद डॉक्टर बनने की इच्छा रखते थे। मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने एक वर्ष के लिए एनईईटी से तमिलनाडु को मुक्त करने के फर्जी आश्वासन दिए और बाद में अपने शब्द पर वापस चले गए। गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा को केन्द्रीय करना हमारे संविधान की संघीय प्रकृति को अनदेखा नहीं करना चाहिए और छात्रों के अधिकार पर अपनी मूल भाषा और उनके मूल राज्यों में परीक्षा लेने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

मोदी सरकार सीबीएसई को तमिलनाडु के छात्रों के सपनों और आकांक्षाओं को नष्ट करने दे रही है। यह राज्य की आखिरी यात्रा के दौरान उनके खिलाफ विरोध करने के लिए तमिलनाडु के लोगों के खिलाफ मोदी की बदमाश प्रतीत होता है। इन तरह के कदम, चाहे विरोधाभासी राजनीति से प्रेरित हों या बेहद अक्षमता से प्रेरित हों, संविधान में स्थापित संघवाद के सिद्धांतों के खिलाफ जाएं। तमिलनाडु के साथ-साथ देश के बाकी हिस्सों के छात्र देख रहे हैं कि कैसे मोदी की अगुआई वाली बीजेपी सरकार उच्च शिक्षा के संस्थानों पर हमला कर रही है, छात्र अधिकारों को कम कर रही है, स्वतंत्र अभिव्यक्ति को कमजोर कर रही है और व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं पर उतर रही है। वे बीजेपी शिक्षा मंत्रियों द्वारा दैनिक आधार पर किए जा रहे अस्पष्ट बयान और इस शासन के भगवाकरण एजेंडे से नाराज होने से उनकी शिक्षा को कमजोर करने पर चिंतित हैं। पुन: परीक्षा योद्धा मोदी और उनकी पार्टी जल्द ही भारत के बुद्धिमान छात्रों द्वारा एक सबक सिखाया जाएगा।

एनएसयूआई ने मोदी की अगुवाई में बीजेपी सरकार को एनईईटी परीक्षा के लिए अतिरिक्त केंद्र स्थापित करने के लिए सीबीएसई को निर्देशित करना चाहिए। इसे विफल करते हुए, केंद्र सरकार को तमिलनाडु के छात्रों और उनके अभिभावकों के यात्रा और आवास खर्चों को अपने राज्य के बाहर के नियत एनईईटी केंद्रों में यात्रा करना चाहिए। एनएसयूआई तमिलनाडु के छात्रों के लिए टीएन के बाहर अपनी परीक्षा लेने के लिए मजबूर होने के लिए हेल्पडेस्क स्थापित करेगा।