Categories
Business

कभी ऊपर तो कभी नीचे कूदने से हो गई इसकी हालत खराब, अब विदेशी डाक्टर ही कर सकेंगे इलाज

वैश्विक स्तर से मिले मिश्रित रूझानों के बीच घरेलू स्तर पर आर्थिक विकास में सुस्ती आने की चिंताओं में निवेशकों के सतर्कता बरतने से सोमवार को शेयर बाजार गिरावट लेकर बंद हुआ तो दूसरे दिन मंगलवार को यूरोपीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और घरेलू स्तर देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड द्वारा दिसंबर से टैरिफ में बढोतरी करने की घोषणा से मिले समर्थन के बल पर शेयर बाजार में तेजी का रूख कायम रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार के बार—बार ऊपर—नीचे होने से अर्थव्यवस्था की हालत खराब हो रही है और अब इसका इलाज विदेश में बैठे विशेषज्ञ ही सुझा सकते हैं क्योंकि भारत में एक भी विशेषज्ञ ऐसा नहीं बचा जिसकी साख को केन्द्र सरकार अपने ऊटपंटाग तर्कों से धूल में नहीं मिलाया हो।
बीएसई का सेंसेक्स 72.50 अंक उतरकर 40284.19 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1.20 अंक उतरकर 11894.25 अंक पर रहा। बीएसई में दिग्गज कंपनियों में जहां बिकवाली देखी गयी वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में लिवाली का जाेर देखा गया जिससे बीएसई का मिडकैप 0.44 प्रतिशत बढ़कर 14837.53 अंक पर और स्मॉलकैप 0.27 प्रतिशत बढ़कर 13362.61 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 2771 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 1154 बढ़त में और 1404 गिरावट में रहे जबकि 213 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई का सेंसेक्स 75 अंकों की तेजी के साथ 40431.08 अंक पर खुला और लिवाली के बल पर यह 40542.90 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा। इसी दौरान शुरू हुयी बिकवाली के कारण 40221.97 अंक के निचले स्तर तक उतरा। अंत में यह पिछले दिवस के 40356.69 अंक की तुलना में 0.18 प्रतिशत अर्थात 72.50 अंक गिरकर 40284.19 अंक पर रहा।

 

एनएसई का निफ्टी 20 अंकाें की बढ़त लेकर 11915.15 अंक पर खुला और लिवाली के जोर से यह 11946.20 अंक के उच्चतम स्तर तक गया। इसी दौरान बिकवाली होने से यह 11867.60 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह पिछले दिवस के 11895.45 अंक की तुलना में 1.20 अंक अर्थात 0.01 प्रतिशत गिरकर 11894.25 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 29 बढ़त और 20 गिरावट में रहे जबकि एक में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इधर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 185.51 अंक बढ़कर 40469.70 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 55.60 अंक बढ़कर11940.10 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान मझौली कंपनियों में जहां बिकवाली देखी गयी वहीं छोटी कंपनियों में लिवाली का रूख रहा। बीएसई का मिडकैप 0.05 प्रतिशत उतरकर 14830.49 अंक पर रहा जबकि स्माॅलकैप 0.31 प्रतिशत चढ़कर 13404.51 अंक पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजार मिश्रित खुले। यूरोपीय बाजार में लगभग तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिलेजुले रहे। ब्रिटेन का एफटीएसई 1.22 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 1.16 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.55 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.85 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि जापान का निक्की 0.53 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.34 प्रतिशत की गिरावट में रहा।

बीएसई का सेंसेक्स 172 अंकों की तेजी के साथ 40456.36 अंक पर खुला। एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतोे के कारण यह सत्र के मध्य में 40290.21 अंक के निचले स्तर तक फिसला लेकिन इसके बाद शुरू हुयी लिवाली के बल पर यह 40544.13 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 40284.19 अंक की तुलना में 0.46 प्रतिशत अर्थात 185.51 अंक बढ़कर 40469.79 अंक पर रहा।
एनएसई का निफ्टी 35 अंकों की बढ़त के साथ 11919.45 अंक पर खुला। बिकवाली के कारण यह 11881.75 अंक के निचले स्तर तक फिसला लेकिन लिवाली के जाेर से यह 11958.85 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा। अंत में यह पिछले दिवस के 11884.50 अंक की तुलना में 0.47 प्रतिशत अर्थात 55.60 अंक बढ़कर 11940.10 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 24 हरे निशान में और 26 लाल निशान में रही।

Categories
international

इन मुस्लिम सुंदरियों ने कहा, जो उखाड़ना है, उखाड़ ले अमेरिका, हम तो खरीदेंगी ये वस्तु

तुर्की ने रूस की हवाई सुरक्षा प्रणाली एस 400 को सक्रिय करने के संकेत देने के बाद कहा है कि यदि अमेरिका एफ 35 लड़ाकू विमान को सौपने के अपने रुख के बारे में जल्द बदलाव नहीं करेगा तो वह एस 400 प्रणाली को सक्रिय करने से पीछे नहीं हटेगा।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दाेगन ने हालांकि इस मामले पर उम्मीद जताई है कि अमेरिका के साथ यह मसला बातचीत के जरिए हल कर लिया जाएगा। एर्दाेगन ने जस्टिस और डेवलपमेंट पार्टी के संसदीय समूह से कहा, “ द्विपक्षीय बातचीत में एस 400 को लेकर जारी विवाद को खत्म करने का प्रयास किया जायेगा। हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एस 400 सुरक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद को अधिकारीयों के जरिये खत्म करने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा,“ एस 400 सुरक्षा प्रणाली को छोड़ देना या सक्रिय नहीं करने का कोई सवाल ही नहीं है और इस मामले का निवारण सच्चाई के माध्यम से किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि तुर्की रुसी निर्मित एस 400 सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने पर विचार कर रहा है। सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए रूस की संघीय सेवा के प्रमुख दिमित्री शुगाव ने इसे लेकर कहा है कि एस-400 सुरक्षा के प्रणाली के संचालन प्रकिया को लेकर हम वर्ष के अंत तक तुर्की विशेषज्ञों को पूरी तरह से प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। यह प्रणाली अगले वर्ष वसंत ऋतु से पहले युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
अमेरिका तुर्की की एस-400 सुरक्षा प्रणाली खरीदने के खिलाफ था। अमेरिका का कहना था कि नाटो सुरक्षा मापदंडो के आधार पर यह हथियार प्रणाली ‘अयोग्य’ है और इससे पांच जनेरेशन वाले एफ-35 लड़ाकू विमान के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।

तुर्की द्वारा रुसी एस-400 सुरक्षा प्रणाली खरीदने पर अमेरिका खासा नाराज़ हो गया था जिसके बाद उसने इस वर्ष जुलाई में एफ-35 कार्यक्रम में तुर्की की सहभागिता को स्थगित करते हुए कहा था कि वह मार्च 2020 तक इस परियोजना से तुर्की को पूरी तरह बाहर कर देगा। वहीं रूस ने तुर्की को अपने लड़ाकू विमान एसयू35 और एसयू 37 बेचने की इच्छा जताई है।