Categories
international

कागज की इस स्ट्रिप से एक घंटे में होगी कोरोना की जांच

सीएसआईआर ने कागज की ऐसी स्ट्रिप बनाई है जिससे मात्र एक घंटे में कोरोना की जांच की जा सकेगी। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने कागज की स्ट्रिप के जरिए कोरोना वायरस का टेस्‍ट करने की तकनीक को ‘फेलुदा’ नाम दिया है। बड़े पैमाने पर फटाफट टेस्टिंग (रैपिड मास टेस्टिंग) के लिए इसका इस्‍तेमाल होगा। इसके लिए सीएसआईआर और टाटा संस ने हाथ मिलाया है। उम्‍मीद है कि मई के अंत तक इस तकनीक के जरिये टेस्टिंग का काम शुरू हो जाएगा। यह तकनीक पूरी तरह भारत में बनी है। ‘फेलुदा’ को कोरोना महामारी को काबू में करने के लिए बनाया गया है। इसके जरिये बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की जा सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यह किफायती है। इसे इस्‍तेमाल करना आसान है और इसके लिए महंगी क्‍यू-पीसीआर मशीनों की जरूरत नहीं पड़ती है।

बताया जाता है कि इस तकनीक के जरिये डेढ़ से दो घंटे में कोविड टेस्ट मुमकिन है और कीमत भी 500 रुपये के आसपास आएगी। ‘फेलुदा’ को सीएसआईआर की इंस्‍टीट्यूट ऑफ जेनोमिक्‍स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) ने विकसित किया है। सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ शेखर सी मांडे के मुताबिक आईजीआईबी जैसी सीएसआईआर की प्रयोगशालाएं ‘डीप साइंस’ पर काम कर रही हैं। वे उन्‍नत तकनीकों को विकसित कर रही हैं। उन्‍होंने टाटा ग्रुप जैसे प्रमुख उद्योग घराने के इस मुहिम में शामिल होने पर खुशी जताई। सीएसआईआर-आईजीआईबी और टाटा संस ने इसे लेकर एक एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए हैं। यह कोविड-19 की सटीक और बड़े पैमाने पर टेस्टिंग के लिए किट के विकास की लाइंसिंस से जुड़ा है।