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National Testing Agency (NTA): मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन काम करती है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी

सरकारी नौकरियां देने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से गठित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कौन कौनसी परीक्षाएं कराती है, इसकी जानकारी बहुत कम बेरोजगारों को होती हैं। हम यहां बता रहे हैं कि एजेंसी किन किन परीक्षाओं का आयोजन करती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) JEE-मेन्स समेत कई प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन कराती है।

 

इसलिए बनाई गई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA

NTA को शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और फैलोशिप प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए परीक्षा संगठन के रूप में बनाया गया है। केन्द्रीय केबिनेट ने नवंबर, 2017 में इसकी मंजूरी दी थी और उसके बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने NTA का गठन किया था।

NTA में हैं ये विशेषज्ञ

NTA में शिक्षा प्रशासकों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और मूल्यांकन डेवलपर्स की एक टीम होती है, ये टीमभारत के स्कूलों में शिक्षण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के सुझाव भी देती है। नौ सदस्यीय कोर टीम में टेस्ट आइटम राइटर्स, शोधकर्ता और मनोचिकित्सक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल होते हैं। IIT-मद्रास के पूर्व निदेशक प्रोफेसर एमएस अनंत हैं। अध्यक्ष केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय नियुक्त करता है।

ये परीक्षाएं कराता है

NTA ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन्स का आयोजन साल में दो बार और UGC-NET और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट (NEET-UG), कॉमन मैनेजमेंट कम एडमिशन टेस्ट (CMAT) और ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) का आयोजन भी करता है। NTA का उद्देश्य प्रवेश और भर्ती परीक्षा आयोजन कराना है। प्रश्नों का चयन करने के लिए विशेषज्ञों और आयोजन के लिए संस्थानों की पहचान करना भी NTA का काम है। परीक्षा का सिलेबस, मॉक टेस्ट और सैंपल पेपर आदि जारी करना भी NTA की जिम्मेदारी है। परीक्षाओं की आधिकारिक अधिसूचना और आवेदन पत्र आदि भी NTA जारी करती है।

कब कराता है परीक्षा

NTA साल में दो बार, जनवरी और अप्रैल, देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों IIT, NIT आदि में प्रवेश के लिए JEE मेन्स परीक्षा का आयोजन करता है। मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए NEET-UG का आयोजन मई में किया जाता है। फार्मेसी में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Pharm) में प्रवेश के लिए GPAT और MBA/PGDM में प्रवेश के लिए CMAT का आयोजन जनवरी में किया जाता है। UGC-NET का आयोजन साल में दो बार जून और दिसंबर में किया जाता है।

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सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है यह विधानसभा क्षेत्र

नयी दिल्ली। सोशल मीडिया की ताकत से चुनाव प्रचार रोचक कैसे बनता है छत्तीसगढ में कांग्रेस संसदीय दल के नेता टी एस सिंहदेव का विधानसभा क्षेत्र अम्बिकापुर इसका ताजा उदाहरण बन गया है।कांग्रेस का गढ माने जाने वाली अम्बिकापुर विधानसभा सीट पर सिंहदेव अपने चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया की ताकत का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं जिसके कारण राज्य विधानसभा की यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया पर छायी हुई है।

सिंहदेव तीसरी बार इस सीट से भाग्य आजमा रहे हैं और सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल कर इस छोटे से क्षेत्र को ‘बढते चलो अम्बिकापुर’ नाम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहे हैं। सोशल मीडिया को अब तक भारतीय जनता पार्टी का तगड़ा हथियार माना जाता रहा है लेकिन कांग्रेस भी पीछे नहीं है और डिजिटल माध्यम का प्रचार के लिए वह अम्बिकापुर में अपनी ताकत का बखूबी परिचय दे रही है।

भाजपा ने भी इस क्षेत्र में सोशल मीडिया की ताकत झोंक कर डिजिटल प्रचार के इस खेल को और रोचक बना दिया है जिसके कारण यह सीट सबके लिए आकर्षण का केंद्र बन गयी है।