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सुपर-30को लेकर ऋतिक रोशन ने गणितज्ञ आनंद कुमार को शॉल ओढ़ाकर पैर छु कर किया सम्मान

पटना । बॉलीवुड के माचो मैन ऋतिक रोशन का कहना है कि फिल्म सुपर-30 में काम करने का अनुभव शानदार रहा और फिल्म की कहानी काफी प्रेरणादायक है, जो लोगों के दिल को छूएगी

ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर-30 हाल ही में प्रदर्शित हुयी है।विकास बहल के निर्देशन में बनी यह फिल्म गणितज्ञ और सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार के जीवन पर आधारित है।सुपर-30 एक प्रसिद्ध संस्थान है, जिसे आनंद कुमार खुद चलाते हैं, जिसमें गरीब बच्चों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-जेईई जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है।फिल्म में ऋतिक ने आनंद कुमार की भूमिका निभायी है।

फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में राजधानी पटना आये ऋतिक ने बताया कि सुपर-30 में काम करने का अनुभव शानदार रहा।यह बेहद शानदार जर्नी रही।उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी काफी प्रेरणादायक है और दर्शकों के दिल को छूएगी। ऋतिक पहली बार फिल्म के प्रमोशन के लिये बिहार आये हैं।उन्होंने कहा फिल्म में उन्होंने बिहारी शिक्षक का किरदार निभाया है।

उन्हें लगता है कि वह पूर्व जन्म में अवश्य बिहारी रहे होंगे।उन्होंने कहा, “मुझे पटना के लोगो से जिस तरह से प्यार किला है उससे मैं बेहद खुश हूं और उनका फैन हो गया हूं।इस मौके पर ऋतिक ने गणितज्ञ आनंद कुमार को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।ऋतिक ने इसके बाद आनंद कुमार के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया।

गणितज्ञ आनंद कुमार ने कहा, “ऋतिक ने उनका किरदार बेहतरीन तरीके से निभाया है।उन्होंने जिस तरह से फिल्म में मेरा किरदार निभाया है मुझे लगता है कि हॉलीवुड का भी कोई अभिनेता इस तरह से मेरे किरदार को नही निभा सकता है।सुपर-30 मेरी जिंदगी के संघर्ष और अनुभव को दर्शाती है।कोई भी बड़ा आदमी बन सकता है।

असफलता से निराश नहीं होना चाहिए।किसी भी बदलाव के लिए सकारात्‍मक शुरुआत की जरूरत होती है।जीवन में उतार-चढ़ाव और समस्‍याएं तो आती ही हैं, लेकिन ऐसे में लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए धैर्य बनाये रखना जरूरी है।मैंने भी अपने जीवन में कई समस्‍याओं को झेला है इससे पूर्व ऋतिक की एक झलक पाने के लिए उनके फैंस की दीवानगी पूरे शबाब पर दिखी।
सुबह से फैंस हवाईअड्डा और होटल परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए थे।

ऋतिक के हवाईअड्डे से बाहर आते ही उनकी एक झलक पाने को उनके प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस बीच बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ऋतिक रोशन से मुलाकात की और उन्हें फिल्म की सफलता के लिये बधाई दी।इस अवसर पर गणितज्ञ आनंद कुमार भी मौजूद रहे।

बिहार सरकार ने ‘सुपर-30’ को राज्य में करमुक्त कर दिया है।उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर गणितज्ञ आनंद कुमार की संस्था सुपर-30 पर केंद्रित हिंदी फिल्म ‘सुपर-30’ को 16 जुलाई से पूरे राज्य में प्रसारण को कर मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।इसके लिए ऋतिक ने ट्वीट कर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई भी दी।वहीं, आनंद कुमार ने भी मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार एवं उप मुख्‍यमंत्री सुशील मोदी के प्रति आभार प्रकट किया।

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बरसात के पानी का पूरा उपयोग किया जाता है, इस गांव में

चिड़ावा | राजस्थान का शेखावटी अंचल सूखा प्रभावित चिड़ावा पंचायत समिति क्षेत्र ने बरसात के पानी के महत्व को समझा और पानी की समस्या से मुक्ति पाली, ऐसे तकरीबन 66 गांव में करीब 40000 लोगों की प्यास इसी वर्षा जल से बुझाई जा रही है, यहां के ग्रामीण बरसात के पानी को एक बड़े टैंक में एकत्रित करते हैं गांव में कुल ऐसे 3129 टैंक बनाए गए हैं. जिसमें लगभग 6,25 करोड लीटर जल 1 साल में एकत्रित किया जाता है, चिड़ावा में अबकी बार 470 एमएम बारिश हुई जो औसत बारिश से 430एमएम अधिक है छत अगर 460 वर्ग फीट से ज्यादा है तो सामान्य बारिश से टैंक आसानी से भर जाता है|

यहा के निवासी महिपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने 2016 में 1 टैंक बनाया अगर अच्छी बारिश हो जाए तो खाना बनाने और पीने के लिए पानी उपलब्ध हो जाता है, गांव में एक टैंक बनवाने की कीमत लगभग 55000 का खर्च आता है ओर यहा के टैंक पाइप के माध्यम से छतों से जुड़े होते हैं बारिश का पानी पाइप के माध्यम से टैंक में पहुंचता है गंदा पानी टैंक में न जाए इसके लिए पॉपअप फिल्टर लगाया जाता है अगर यह टैंक ओवरफ्लो जाते हैं तो यह पानी खराब हो चुके बोरवेल में पहुंचा दिया जाता है जिससे इनको पुनर्भरण रिचार्ज हो जाता है, जिससे कई जगह सरकारी बोरवेल में जलस्तर की वर्दी को देखी गई है, भूजल स्तर का पता लगाने के लिए 12 गांव में भूजल मापक यंत्र पिजोमीटर लगाया गया है जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की मदद से तैयार किया गया है |

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दूध में पानी की मिलावट है या कुछ और, झट से बता देगा ये भारतीय स्मार्टफोन, सजा उम्रकैद

नयी दिल्ली। अब मोबाइल फोन की मदद से दूध में मिलावट का पता लगाया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), हैदराबाद एक ऐसा मोबाइल फोन तैयार कर रहा है जिससे दूध में मिलावट का पता लगाया जा सकता है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे स्मार्ट फोन का नमूना तैयार किया है जिसके जरिए दूध में सोडा, बोरिक अम्ल, यूरिया, पानी और शर्करा का पता लगाया जा सकता है।

आईआईटी के इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर शिव गोविन्द सिंह के नेतृत्व में शोध टीम ने यह स्मार्ट फोन प्रयोग के तौर पर बनाया है। इस महीने फ़ूड एंड एनालिटिकल मेथेड जर्नल में इस आशय का उनका एक लेख भी प्रकाशित हुआ है।

सिंह ने बताया कि दूध में एक डिटेक्टर डालने के बाद उसके रंग में परिवर्तन होगा और मोबाइल फोन से फोटो खींच कर उसे अपलोड कर लिया जायेगा और फिर मोबाइल फोन उसका अध्यन कर यह बता देगा कि दूध में कौन सी चीज़ मिलाई हुई है। यह डिटेक्टर सेंसर चिप पर आधारित होगा।

पशु कल्याण बोर्ड के अनुसार 68 प्रतिशत दुग्ध में मिलावट होती है और इस मोबाइल फोन से दूध में 99.7 प्रतिशत से अधिक शुद्धता का पता लगाया जा सकता है। यहां हम बताना चाहेंगे कि एक जनहित चाचिका की सुनवाई पर आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था सरकार ऐसे कानून को आईपीसी में शामिल करे। हालांकि देश के कुछ ही राज्यों ने इस पर सह​म​ति बनाई थी।

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राहुल ने बंगलौर जाकर कहा, प्रधानमंत्री बनते ही हॉल को कर देंगे निहाल

राफेल लड़ाकू विमान खरीद सौदे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश के साथ धोखा करने का लगातार आरोप लगा रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक और कदम आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (हॉल) को आश्वासन दिया है कि जैसे ही वे प्रधानमंत्री बनेंगे, हॉल को इतनी मदद देंगे कि वह निहाल हो जाएगा। राहुल ने बंगलौर स्थित हॉल के कर्मचारियों से सीधी बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। 

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह हिन्दुस्तान एयरोनाॅटिक्टस लिमिटेड (एचएएल) के कर्मियों की मदद के लिए यहां आये हैं लेकिन कांग्रेस अभी विपक्ष में है और जब सत्ता में आयेगी तो इस सरकारी उपक्रम की भरपूर मदद की जायेगी। गांधी ने एचएएल कल्याण मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने शुरुआती बयान में कहा कि आजादी के बाद देश की समृद्धि के लिए रणनीतिक संस्थानों की स्थापना की गयी थी। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंजीनियरिंग की शिक्षा के लिए और एचएएल रक्षा विमानों के निर्माण के लिए स्थापित किये गये थे। एचएएल की उपलब्धियां शानदार रही हैं।

Rahul Gandhi

उन्होंने कहा, “अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार कहा था कि अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन चीन नहीं बल्कि रक्षा और आर्थिक क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के कारण भारत है। ” गांधी ने कहा,“ हम यहां अापकी समस्याएं जानने आये हैं हालांकि हम अभी विपक्ष में हैं फिर भी आपकी समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे लेकिन हम आपको आश्वस्त करते हैं कि जब सत्ता में आयेंगे और हमारी सरकार बनेगी तो हम आपकी अधिकतम सहायता करेंगे। मैं आज यहां आपकी समस्याओं को सुनने और देश के एक प्रतिष्ठित और रणनीतिक उद्योग के बारे में आपकी राय जानने आया हूं।” इस मौके पर एचएएल के कई वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मी मौजूद थे। श्री गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में पार्टी के नेता एम मल्लिकार्जुन खड्गे, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और अन्य राजनेता मौजूद थे।

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बीएचयू छात्रों के बीच हुई जंग में चली गोलियां

उत्तर प्रदेश में वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुछ छात्रों ने वर्चास्व की लड़ाई को लेकर आज एक दूसरे पर पथराव किया और पेट्रोल बमों से हमले किये,जिससे कई छात्र धायल हो गए और तनाव को देखते हुए यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया हैं।

BHU
BHU

 

विश्वविद्यालय सूत्रों ने बताया कि बिड़ला छात्रावास के दो छात्रों को लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के कुछ छात्रों द्वारा बंधक बनाने की अफवाह के बाद कल आधी रात छात्रों के बीच टकराव शुरु हो गया। दोनों छात्रावासों के बहुत से छात्र अपने हाथों में पत्थर एवं लाठी डंडे लेकर सड़क पर आ गए। उन्होंने एक दूसरे को निशाना बनाकर पथराव एवं पेट्रोल बमों से हमले किये और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस एवं विश्वविद्यालय के सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कल आधी रात से आज तड़के लगभग चार बजे तक रुक-रुक पथराव होता रहा। चीफ प्रॉक्टर प्रो0 रोयना सिंह ने छात्रों को समझाने की कोशिशें कीं, लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। हालत बेकाबू होता देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। इस आधार पर बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस पीएससी के जवानों के साथ पहुंची।

पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा छात्रों को समझाने-बुझाने और कार्रवाई करने की चेतावनी तो छात्र शांत हुए। विश्वविद्यालय अधिकारी ने घायल छात्रों का विवरण नहीं दिया है। उल्लेखनीय है कि गत पांच मई को आशुतोष मौर्य नामक छात्र पर चाकू से हमले के बाद यहां तनाव शुरु हुआ था। तब से विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों के बीच विवाद हल करने की कोशिशें की गईं, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आशुतोष परीक्षा देने जा रहा था, तभी विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी विभाग चौराहे के पास कुछ युवकों ने चाकू एवं लोहे के रॉड से हमला कर उसे घायल कर दिया था।

आशुतोष के पेट एवं अन्य हिस्सों में चोटें आयीं थी। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। उन्होंने बताया कि पांच मई को दिनदहाड़े हुई घटना के बाद लाल बहादुर शास्त्री एवं बिरला छात्रावास के छात्र आपस में भिड़ गए थे। उन्होंने एक दूसरे पर पथराव किया था। इसके बाद पुलिस बुलानी पड़ी थी। तब से तनाव बना हुआ है।

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याक के पनीर में मिला एक नया एंजाइम

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की शोधकर्ताओं ने याक के पनीर में एक नया एंजाइम की पहचान की है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों की जैव उपलब्धता में सुधार करके अनाज के पौष्टिक मूल्य में सुधार करने की क्षमता है। यह भारत के लिए बहुत बड़ा लाभ होगा जहां फॉस्फोरस, लौह, कैल्शियम और जस्ता जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी विशेष रूप से शाकाहारियों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। पौधों में, फॉस्फोरस मुख्य रूप से कार्बनिक फॉस्फोरस के रूप में संग्रहीत होता है जिसे ‘फाइटेट’ कहा जाता है, जो एक पोषण संबंधी कारक है। नट, बीज, सेम और पूरे अनाज फॉस्फोरस में समृद्ध होते हैं, जबकि सब्जियों और फलों की मात्रा कम होती है। इसके बावजूद, शाकाहारी भोजन वाले लोग न केवल फॉस्फोरस के साथ-साथ अन्य खनिजों की कमी प्रदर्शित करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मनुष्यों को शरीर द्वारा अवशोषण के लिए फाइटेट को मुक्त फॉस्फोरस में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक फाइटेज नामक एंजाइम की कमी होती है।

नवनिर्मित एंजाइम इस समस्या को हल करने का वादा करता है। यह प्रभावी रूप से मुक्त फॉस्फोर उत्पन्न करने के लिए पाया गया है। शोधकर्ताओं ने यह भी दिखाया है कि यह लौह, जस्ता, मैग्नीशियम और कैल्शियम की जैव उपलब्धता में वृद्धि करने में भी मदद करता है। इस परियोजना के महत्व के बारे में बोलते हुए, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ। नवीन कुमार नवानी, अनुसंधान के नेतृत्व में आईआईटी रुड़की ने कहा, “एफएओ रिपोर्टों के मुताबिक, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (छुपे हुए भूख के रूप में भी माना जाता है) विवाद विश्व स्तर पर तीन लोगों में से एक। इसके परिणामस्वरूप विशेष रूप से बच्चों के लिए मानसिक और शारीरिक स्तर पर गंभीर कमी आई है। फिजेट जैसे एंजाइमों में शरीर के लिए उपलब्ध गैर-उपलब्ध सूक्ष्म पोषक तत्वों को उपलब्ध कराकर छुपे हुए हूगर के इस तरह के बोझ को कम करने की क्षमता है ” अपने शोध पर विस्तार से, उन्होंने कहा कि एंजाइम की पहचान ‘क्लैक्टोबैसिलस एनकेएन51’ नामक एक प्रोबियोटिक बैक्टीरिया से पहचाना और क्लोनिज्ड किया गया था। बैक्टीरिया को नबरा में खारडोंग गांव से हिमालयी याक के दूध से बने जातीय पनीर से अलग किया गया था। घाटी, लेह। एंजाइम को नाम दिया गया है।

डॉ नवनी और उनकी टीम अब इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च – सेंट्रल एवियन रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज़ाततनगर के डॉ अजीतवाईव के साथ सहयोग कर रही थीं, इस शुद्ध फाइटेज एंजाइम को अन्य पौधों से प्राप्त एंटीमिक्राबियल्स के साथ लोड को कम करने पर उनकी प्रभावकारिता को देखने के लिए साल्मोनेला जैसे रोगजनक जीवाणुओं और पोल्ट्री के विकास प्रदर्शन में सुधार। लंबी अवधि में, इस एंजाइम का उपयोग शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि के लिए किया जा सकता था। डॉ नवनी ने कहा कि नट, बीज, बीन्स और पूरे अनाज फॉस्फोरस में समृद्ध थे जबकि सब्जियों और फलों की मात्रा कम थी। शुद्ध एंजाइम के साथ डुरम गेहूं और उंगली बाजरा आटा का अवशोषण, इसके बाद गैस्ट्रिक पाचन के इन-विट्रो मॉडल में बायो-एक्सेसिबिलिटी और लौह, जस्ता, मैग्नीशियम और कैल्शियम सामग्री की डायलिसिबिलिटी के स्तर में वृद्धि हुई है।

परंपरागत रूप से, फाइटेज एंजाइम कवक से व्युत्पन्न होते हैं और पोल्ट्री और अन्य पशुधन फ़ीड के पौष्टिक मूल्यों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग के लिए उपयुक्त माना जाता है। डॉ नवनी ने कहा कि उनकी टीम एक ऐसे स्रोत की तलाश में थी जिसका उपयोग मनुष्यों द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता था – एक खाद्य ग्रेड बैक्टीरिया। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से गाय, भैंस, भेड़ और बकरी के दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के नमूनों की कोशिश की। शोध भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और उत्तराखंड विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान कोष द्वारा वित्त पोषित किया गया था। शोधकर्ताओं ने जर्नल बायोरेसोर्स टेक्नोलॉजी के हालिया अंक में अपने काम के परिणाम प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा, डॉ नवनी, टीम में  रेखा शर्मा, पियुष कुमार और आईआईटी रुड़की के वंदना कौशल और कोलकाता के भारतीय विज्ञान संस्थान और अनुसंधान संस्थान के राहुल दास शामिल थे।