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coaching with gap: अच्छी नौकरी पानी हैं तो गैप लेकर करें कोचिंग, हासिल हो जाएगा लक्ष्य

coaching with gap: 12वीं करने के बाद असमंजस के शिकार हैं कि किस कोर्स में एडमिशन लें ताकि बेहतर कॅरियर बन सके और अच्छी नौकरी पा सकें तो हम बताते हैं कि किन प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेकर अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कॉलेज में प्रवेश से पहले करें कोचिंग

कई छात्र बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं। ऐसे छात्रों को एक साल का गैप लेकर कोचिंग करनी चाहिए। छात्र को 12वीं के साथ-साथ ही प्रतियोगी परीक्षा देनी चाहिए और विश्लेषण करना चाहिए कि अगर वे एक साल कोचिंग या खुद तैयारी करते हैं तो वे उसमें कितना अच्छा स्कोर कर पाएंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे तैयारी करके अच्छी रैंक प्राप्त कर सकते हैं तो उन्हें एक साल का गैप लेना चाहिए।

अगर है दिमाग में ये बात तो गैप लेने के बारे में नहीं सोचें

coaching with gap: 12वीं के साथ-साथ ही प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्र विश्लेषण करें कि क्या वे एक साल तैयारी करके इससे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे इससे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे या परीक्षा से संबंधित सिलेबस को पढ़ने में उन्हें रुचि नहीं आएगी तो उन्हें 12वीं करने के तुरन्त बाद ही किसी कोर्स में प्रवेश ले लेना चाहिए।

coaching with gap:

coaching with gap: छात्रों को किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखना चाहिए। क्योंकि कोचिंग करने में काफी खर्चा होता है। इसलिए अगर आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है तो एक साल कोचिंग करने के बारे में नहीं सोचें। आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि आप प्राइवेट कॉलेज की फीस नहीं दे सकते हैं तो गैप लेकर खुद पढ़ें और अच्छी रैंक प्राप्त करके सरकारी कॉलेज में प्रवेश लें।

coaching with gap: कई बार ऐसा होता है कि सीट फुल हो जाने के कारण या प्रतियोगी परीक्षा में कम नंबर आने के कारण आपको अपने पसंद के कॉलेज और कोर्स में एडमिशन नहीं मिलता है। इसलिए गैप लें और अगले साल अपने पसंदीदा कोर्स में प्रवेश लें।

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Download sample paper CBSE board : सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तैयारी के लिए यहां से डाउनलोड करें सैंपल पेपर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से चल रही हैं। परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सैंपल पेपर हल कर सकते हैं। इससे प्रश्नों के प्रकार आदि का पता चलेगा। सैंपल पेपर इन वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं।

 

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के आयोजन से कुछ महीने पहले सैंपल पेपर जारी किए जाते हैं। BYJU’S परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट के साथ-साथ इसका एप भी उपलब्ध है। छात्र यहां से बोर्ड परीक्षाओं के लिए सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। सैंपल पेपर के साथ-साथ मार्किंग स्कीम भी डाउनलोड कर सकते हैं।

mycbseguide.com
बोर्ड परीक्षा की तैयारी और सैंपल पेपर के लिए mycbseguide.com भी लोकप्रिय वेबसाइट है। यह सभी विषयों के लिए फ्री में स्टडी मैटेरियल और सैंपल पेपर ऑफर करती है। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फ्री में और पेड दोनों तरह से सैंपल पेपर मिलते हैं। वेबसाइट पर पिछले कई सालों के सैंपल पेपर सॉल्यूशन के साथ उपलब्ध हैं।

Vedantu
Vedantu ऑनलाइन ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म है। छात्रों को स्टडी मैटेरियल के साथ-साथ सैंपल पेपर ऑफर करती है। CBSE 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल पेपर पर उपलब्ध हैं, जिन्हें फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। यहां पिछले साल के प्रश्न पत्र आदि भी उपलब्ध हैं। साथ ही यहां से NCERT सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं।

डाउनलोड करें सैंपल पेपर
बोर्ड परीक्षा की और भी अच्छी तैयारी करने के लिए tiwariacademy.com से सभी विषयों के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। यहां पिछले कई साल के सैंपल पेपर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मार्किंग स्कीम, पिछ्ले साल के प्रश्न पत्र और सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं। NCERT Textbooks सॉल्यूशन भी हैं।

बोर्ड सैंपल पेपर
cbse बोर्ड भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर cbseacademic.nic.in पर सैंपल पेपर जारी करता है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट से फ्री में सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं।

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how will get a job 2020: ऐसे मिलेगी नौकरी, तैयार रखें अपना रेज्यूमे, सीवी और बायोडाटा

नौकरी नहीं है तो चिंतित मत होइए, हम आपको बताएंगे कि आपको नौकरी कैसे प्राप्त होगी। आपको बस इतना करना है कि अपना सीवी अथवा बायोडाटा तैयार रखें और यहां बताई गई वेबसाइट पर लोड़ कर दें। how will get a job 2020:

 

how will get a job 2020:

इस साइट पर लोड़ करें अपना सीवी

नौकरी की तलाश करने के लिए इंटरनेट का सहारा लेकर www.naukri.com पर जाएं और अपना सीवी उस पर लोड़ कर दें। कुछ ही दिनों में आपके पास आॅफरों की भरमार हो जाएगी।
आसानी से और घर पर बैठकर नौकरी की तलाश करने के लिए Naukri.com टॉप वेबसाइट्स में से एक है। इसमें अपनी लोकेशन, जॉब प्रोफाइल और योग्यता के अनुसार नौकरी की तलाश कर सकते हैं। यहां अपना प्रोफाइल बना सकते हैं और अपना रेज्यूमे अपलोड कर सकते हैं।

ये भी दिलाती है नौकरी

नौकरी की तलाश करने के लिए Glassdoor का नाम भी टॉप पर आता है। Glassdoor पर अकाउंट बनाते ही आपको कई बड़ी कंपनियों द्वारा ऑफर की जा रही नौकरियों के बारे में पता चलेगा। वहीं से उनके लिए आवेदन भी कर सकते हैं। साथ ही यहां किसी भी कंपनी के रिव्यू पढ़ सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं।

जॉब सर्च इंजन SimplyHired

SimplyHired जॉब सर्च इंजन है। इससे विभिन्न क्षेत्र और प्रोफाइल में नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। यहां से पार्ट टाइम नौकरी भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आप अपनी लोकेशन और प्रोफाइल के अनुसार नौकरी की तलाश कर सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट LinkedIn

LinkedIn सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट है। 2020 में अच्छी नौकरी की तलाश करने वाले के लिए ये बहुत अच्छा विकल्प है। यहां फेसबुक की तरह अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और कनेक्शन जोड़ सकते हैं। इस पर अपने प्रोफेशन से संबंधित लोगों को प्रोफाइल में जोड़ सकते हैं। इस पर लोग अपनी कंपनी में निकली नौकरियों को पेस्ट करते हैं। जिससे विभिन्न कंपनियों में निकली नौकरियों के बारे में पता चलता है।

Shine.com है नौकरी खोजने का स्थान

www.shine.com भी नौकरी खोजने के लिए टॉप वेबसाइट्स में से एक है। यहां भी अपने अनुसार नौकरी की तलाश कर सकते हैं। साथ ही जॉब अलर्ट भी लगा सकते हैं। इससे कोई भी नई नौकरी आने पर अलर्ट मिल जाएगा।

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Uttar Pradesh Secondary Education Council (UP board) : UP बोर्ड कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को पढ़नी होंगी NCERT सिलेबस पर आधारित किताब

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) (UP) बोर्ड (UP board) के कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को अब साइंस और आर्ट्स स्ट्रीम की तरह ही NCERT सिलेबस आधारित किताबें पढ़नी होंगी।

 

 

इस शैक्षणिक सत्र से होगा लागू

UP बोर्ड 2,700 से भी अधिक स्कूलों में 01 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र (2020-21) से कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सिलेबस पर आधारित किताब लागू करेगा। इससे पहले केवल साइंस और आर्ट्स के छात्र ही NCERT के सिलेबस पर आधारित किताबें पढ़ते थे। NCERT पाठ्यक्रम की अकाउंटेंसी और बिजनेस स्टडीज की किताबें 11वीं में शुरू की जाएंगी।

ये है (UP board) का आदेश

बोर्ड इस सत्र से 9वीं और 11वीं में अंग्रेजी के लिए NCERT की किताबें भी शुरू करने जा रहा था। UP बोर्ड की सचिव का कहना है कि NCERT आधारित पाठ्यक्रम के लिए 11वीं कॉमर्स के साथ-साथ 9वीं और 11वीं की अंग्रेजी की किताबें भी 02 जनवरी, 2020 तक प्रकाशित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

शुरू हुई तैयारी

बोर्ड ने किताबों के प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने 01 अप्रैल, 2018 को 18 विषयों में NCERT पाठ्यक्रम शुरू किया था।

शुरू हुआ NCERT पाठ्यक्रम

9वीं में साइंस, गणित और सोशल साइंस, 10वीं में गणित और साइंस, 11वीं में हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलावा 12वीं में गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसके बाद 01 अप्रैल, 2020 से 12वीं में सोशल साइंस के साथ-साथ, हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र का NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ।

इस तिथि तक शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं

2020 में 18 फरवरी, 2020 से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए कई बदलाव किए हैं। बोर्ड ने नकल को रोकने के भी कड़े इंतजाम किए हैं।

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co-curricular activities: इन को-करिकुलर एक्टिविटीज से पढ़ाई में हो सकते हैं अव्वल

पढ़ाई के साथ-साथ को-करिकुलर एक्टिविटीज में भाग लेना भी जरुरी है क्योंकि इससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करने में मदद मिलती है। स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को कई को-करिकुलर एक्टिविटीज में भी शामिल किया जाता है। माता-पिता स्कूल के बाद भी बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार को-करिकुलर एक्टिविटीज में शामिल करते हैं।

 

 

टाइम टेबल से मैनेज करें

छात्रों को पढ़ाई और को-करिकुलर एक्टिविटीज को एक-साथ मैनेज करने के लिए एक सही टाइम टेबल बनाना चाहिए। उन्हें समय को मैनेज करना सीखना चाहिए। छात्रों को एक ऐसा टाइम टेबल बनाना चाहिए, जिसमें वे अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दें पाएं और रोजाना को-करिकुलर एक्टिविटीज के लिए भी समय दे पाएं। छात्रों को इस बात को ध्यान में रखते हुए टाइम टेबल बनाना चाहिए और उसके अनुसार चलना चाहिए। ऐसा करके वे दोनों के बीच संतुलन बना सकते हैं।

सोचकर चुनें को-करिकुलर एक्टिविटीज

छात्रों को स्कूल या कॉलेज द्वारा ऑफर किए जाने वाले सभी क्लब को नहीं चुनना चाहिए। इससे वे पढ़ाई और को-करिकुलर एक्टिविटीज के बीच संतुलन नहीं बना पाएंगे। उन को-करिकुलर एक्टिविटीज को चुनना चाहिए, जिसमें रुचि हो। ऐसा करने से को-करिकुलर एक्टिविटीज में रुचि बढ़ जाएगी और आसानी से उसके लिए समय निकाल पाएंगे तथा पढ़ाई का भी नुकसान नहीं होगा।

ब्रेक में करें को-करिकुलर एक्टिविटीज

कई छात्र परीक्षा पास आने पर को-करिकुलर एक्टिविटीज पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। उनका ध्यान पढ़ाई पर ज्यादा रहता है। ऐसे में छात्रों को अपने ब्रेक टाइम में को-करिकुलर एक्टिविटीज करनी चाहिए। छात्रों को लम्बे समय तक लगातर पढ़ाई नहीं करने की सलाह दी जाती है। उन्हें छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करनी चाहिए और इसी ब्रेक में उन्हें को-करिकुलर एक्टिविटीज करनी चाहिए। इससे वे फ्रेश महसूस करेंगे और को-करिकुलर एक्टिविटीज को भी समय दे पाएंगे।

प्राथमिकता तय करें

पढ़ाई और को-करिकुलर एक्टिविटीज के बीच संतुलन बनाने के लिए छात्रों को प्राथमिकता सेट करनी चाहिए। उन्हें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि किस समय क्या जरुरी है। अगर वे ऐसा करते हैं तो पढ़ाई और को-करिकुलर एक्टिविटीज दोनों पर ध्यान दे पाएंगे।

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Board Exam: ऐसे करें मदद तो आपका बेटा—बेटी कर सकते हैं बोर्ड परीक्षा में टॉप

बोर्ड परीक्षाएं सिर पर आ गई हैं। तैयारी के लिए छात्रों के पास काफी कम समय रह गया है। छात्रों के साथ उनके माता—पिता भी चाहते हैं कि परीक्षा में अच्छा स्कोर किया जाए, लेकिन इसके लिए विद्यार्थियों को अभिभावकों की मदद की आवश्यकता रहती है।

 

परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए अभिभावक इस प्रकार अभिभावक बच्चों की सहायता कर सकते हैं।

उत्साह बढ़ाने का सही तरीका चुनें

किसी भी परीक्षा में अच्छा करने के लिए मोटिवेशन बहुत जरुरी है। जब तक छात्रों को मोटिवेट नहीं किया जाएगा तब तक वे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। अभिभावकों को अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छी-अच्छी बातें करनी चाहिए और अच्छे-अच्छे शब्दों की प्रयोग करना चाहिए। अभिभावकों को कहना चाहिए कि उन्हें भरोसा है कि वे परीक्षा में अच्छा स्कोर कर पाएंगे। इससे छात्रों को प्रोत्साहन मिलता है और वे अच्छा करने का सोचते हैं।

डर भगाने का ये तरीका अपनाएं

छात्रों में बोर्ड परीक्षा को लेकर काफी डर रहता है और वे इस डर के कारण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। अभिभावकों को छात्रों के इस डर को दूर करना चाहिए। इस डर को दूर करने के लिए उन्हें छात्रों को अधिक से अधिक मॉक टेस्ट, सैंपल पेपर और पिछले साल के प्रश्न पत्र हल करने के लिए कहना चाहिए। इससे छात्रों को परीक्षा का प्रकार पता चलेगा और परीक्षा का डर उनके मन से जाएगा।

पढ़ाई के समय साथ बैठे

अभिभावकों को पढ़ाई करते समय छात्रों के साथ बैठना चाहिए। इससे पढ़ाई से उनका ध्यान कम भटकेगा। उन्हें ये नहीं लगेगा कि वे अकेले पढ़ रहे हैं। साथ ही आपको बीच-बीच में उनका मूड फ्रेश करने के लिए सिलेबस से संबंधित प्रश्न पूछने चाहिए।

साथ समय बिताएं
अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए। उनका मूड फ्रेश करने के लिए उन्हें उनके साथ बीतचीत करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्हें ये भी पता करना चाहिए कि बच्चे क्या सोच रहे हैं और उससे संबंधित परेशानियों को दूर करना चाहिए। वहीं ब्रेक टाइम में अभिभावकों को छात्रों को कुछ भी करने से रोकना नहीं चाहिए। उन्हें उनके अनुसार ब्रेक लेने देना चाहिए।
इससे वे पढ़ाई पर फोकस कर पाएंगे और उन्हें कोई अन्य परेशानियां नहीं होगी।

खाने—पीने का रखें ध्यान

पढ़ाई करते समय छात्रों को खाना खाने का समय नहीं मिलता है और वे अपना ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई करने में लगा देते हैं। जिससे उनके खाने-पीने की दिनचर्या बिगड़ जाती है, इसलिए अभिभावकों को उनके खाने-पीने का ध्यान रखना चाहिए। इस समय छात्रों को बीमार होना काफी मंहगा पड़ सकता है। इसके साथ ही अभिभावकों को छात्रों को पूरी नींद लेने के लिए भी कहना चाहिए। अगर वे सही से सोएंगे तभी पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगे।

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परीक्षार्थियों की घबराहट दूर करेंगे सीबीएसई के ये विशेषज्ञ, बताएंगे ऐसे पाएं मेरिट सूची में स्थान

10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जल्द ही विद्यार्थियों के लिए विशेष परामर्श सेवा शुरू की जाएगी।

विशेषज्ञ विद्यार्थियों को तनाव व घबराहट के बजाय परीक्षाओं की योजनाबद्ध तैयारी करने की सलाह देंगे। सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की वार्षिक परीक्षाएं फरवरी से शुरू होंगी। पहली बार बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ ही कई विद्यार्थी परीक्षा के दौरान तनावग्रस्त रहते हैं। लिहाजा बोर्ड ने विद्यार्थियों की सहायता के लिए विशेषज्ञों को तैनात करने का फैसला किया है।

 

विद्यार्थी मोबाइल, लैंडलाइन अथवा टोल फ्री नम्बर पर फोन कर विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे। इसके लिए सीबीएसई ने कई स्कूलों के प्राचार्यों, शिक्षकों,विशेषज्ञों और मनोविज्ञानियों को इससे जोड़ा है। साथ ही उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

विशेषज्ञ विद्यार्थियों को तनाव व घबराहट के बजाय परीक्षाओं की योजनाबद्ध तैयारी करने की सलाह देंगे। सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की वार्षिक परीक्षाएं फरवरी से शुरू होंगी। पहली बार बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ ही कई विद्यार्थी परीक्षा के दौरान तनावग्रस्त रहते हैं।

विद्यार्थी मोबाइल, लैंडलाइन अथवा टोल फ्री नम्बर पर फोन कर विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे। इसके लिए सीबीएसई ने कई स्कूलों के प्राचार्यों, शिक्षकों,विशेषज्ञों और मनोविज्ञानियों को इससे जोड़ा है। साथ ही उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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फर्जी प्रेक्टिकल के दम पर 90 फीसदी अंक लाने वालों की आएगी शामत, स्कूलों के साथ माता—पिता भी नपेंगे

मोटे पैकेज के लालच में अपने नौनिहालों को आईआईटी, आईएमए जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने में मशगूल रहने वाले अभिभावकों की अब शामत आने वाली है क्योंकि सीबीएसई को उनके ​उस गोरखधंधे की भनक लग गई है जिसमें वे पैसे के दम पर शिक्षकों को खरीदकर फर्जी प्रेक्टिकल कराते हैं।

बोर्ड को पता चल गया है कि प्रायोगिक परीक्षा के दम पर 90 प्रतिशत अंक कैसे हासिल किए जा रहे हैं। जैसे ही इसका खुलासा हुआ बोर्ड ने देश भर के सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित स्कूलों को चेतावनी जारी कर दी है कि अगर उनके स्कूलों के विद्यार्थियों के लिखित परीक्षा में नाममात्र के और प्रायोगिक परीक्षा में 90 प्रतिशत तक अंक आए तो उनकी मान्यता खतरे में पड़ जाएगी। इसके साथ ही बोर्डअब ऐसे विद्यार्थियों पर बोर्ड नजर रखेगा जो या तो लाइंग स्टूडेंट हैं या फिर दूसरे शहरों में रहकर अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। बोर्ड प्रेक्टिकल एग्जाम की भी वीडियोग्राफी कराने की तैयारी कर रहा है।

दरअसल, देशभर में सीबीएसई से संबद्ध ऐसे बहुत से स्कूल हैं, जिनमें प्रयोगशाला ही नहीं हैं। ऐसे में उन स्कूलों के विद्यार्थियों को परेशानी होगी। अब बिना प्रायोगिक परीक्षा दिए सांठ-गांठ से टीचर्स नंबर नहीं दिला सकेंगे। साथ ही स्कूल को बताना होगा कि विद्यार्थी ने कहां प्रायोगिक परीक्षा दी। दरअसल, अब तक कई स्कूल बिना प्रायोगिक परीक्षा के ही मौखिक आधार पर नंबर दे देते थे, अब ऐसा नहीं होगा। पिछले वर्ष की बोर्ड परीक्षा के बाद बोर्ड को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं जिनमें बताया था कि विद्यार्थियों ने बिना प्रेक्टिकल एग्जाम के नंबर ले लिए। बोर्ड परीक्षा में प्रायोगिक परीक्षा को लेकर इस धांधली की शिकायत रीजन से बोर्ड कार्यालय पहुंची थी।

शिकायतों में बताया था कि किस तरह से फर्जी विद्यार्थियों से यह प्रायोगिक परीक्षा कराई जाती है। अब बिना प्रायोगिक परीक्षा के विद्यार्थी को अंक मिले तो टीचर्स व स्कूल पर भी कार्रवाई होगी। बोर्ड अब ऐसे विद्यार्थियों पर भी नजर रखेगा, जो प्रायोगिक परीक्षा के समय दूसरे शहरों में रहकर इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करते रहते हैं। ये छात्र केवल सैंद्धांतिक परीक्षा देने आते हैं।
सीबीएसई ने ऐसे कई मामले भी पकड़े हैं, जिनमें विद्यार्थी के प्रेक्टिकल में तो शत प्रतिशत या 90 प्रतिशत अंक आए हैं, थ्योरी में 10 प्रतिशत भी नहीं आए। अब बोर्ड ऐसे विद्यार्थियों पर भी नजर रखेगा। प्रायोगिक परीक्षा नहीं देने पर विद्यार्थी को परिणाम में अनुपस्थित दर्शाया जाएगा। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड लेकर जाना होगा। लैब में क्लास अटैण्ड नहीं करने वाले विद्यार्थियों को नॉलेज नहीं होने से प्रेक्टिकल में परेशानी उठानी होगी।

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बोर्ड परीक्षा परिणाम में नंबर आए कम तो छात्र कूदा ट्रेन के आगे, मौके पर मौत

मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र में इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में कम अंक आने के कारण एक छात्र ने आज शाम ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार शेरगढ़ इलाके के ओहावा गांव निवासी दीपक(18) ने इस साल इन्टरमीडिएट की परीक्षा दी थी।

fail in exam
fail in exam

 

पुलिस ने बताया कि शेरगढ क्षेत्र में आेहवा गांव निवासी दीपक (18) कल आये इन्टरमीडियेट परीक्षाफल में तृतीय श्रेणी आने से क्षुब्ध था। परिजनो के अनुसार छात्र को फर्स्ट डिवीजन आने की उम्मीद थी। आज शाम को वह हाइवे क्षेत्र में स्थित रेलवे क्रासिंग के किनारे घूम रहा था और इस बीच तेज रफ्तार ट्रेन के आने पर उसने छलांग लगा दी जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एक अन्य घटना में कल देर रात तेज बारिश के बाद भार्गव गली के पास एक बिजली के खंभे से चिपक जाने से 13 वर्षीय कृष्णा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वह गली से अपने घर जा रहा था। बालक की मृत्यु से आक्रोशित लोगों ने आज घीयामण्डी में भार्गव गली के सामने जाम लगा दिया जिसे पुलिस एवं बिजली विभाग के अधिकारियों के इस आश्वासन पर खोला गया कि आसपास के खंभों पर प्लास्टिक चढवा दी जायेगी जिससे इस प्रकार की अप्रिय घटना भविष्य में न हो।

पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी

देवरिया। देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि क्षेत्र के अहिल्यापुर गांव निवासी श्याम प्रजापति(33) सोनूघाट स्थित एक दुकान पर काम करता था। वह अपने परिवार से अलग रह रहा है। श्याम की पत्नी एक पखवारे पूर्व दोनों बच्चों को लेकर मायके गई थी। कल देर शाम को वह सोनूघाट स्थित दुकान से लौटा। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल पर पत्नी से आने के बारे में पूछने लगा। इस बात को लेकर मोबाइल पर ही दोनों में तकरार हुई। इसके बाद उसने रात में मकान के पंखे से लटक कर फांसी लगा लिया। आज सुबह आस-पास के लोगों ने युवक को पंखे की कुंडी से लटकते देख पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर मामले की छानबीन कर रही है।