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प्रवासी मजदूरों पर BJP and Congress कर रही हैं राजनीति :मायावती

नयी दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने प्रवासी मजदूरों को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुये रविवार को कहा कि मजदूरों को उचित मजदूरी दिलाने के प्रयास नहीं किये गये जिसके उन्हें परेशानी झेलनी पडती है.मायावती ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के लिए भाजपा की केंद्र सरकार और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों के मुद्दे पर दोनों ही पार्टियां घिनौनी राजनीति कर रही हैं।

बसपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार और कांग्रेस ने मजदूरों की लगातार अनदेखी की है जिसके कारण उन्हें रोजगार के लिए अलग-अलग शहरों में जाना पड़ा और अब लॉकडाउन के कारण वे भूखे-प्यासे सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं . उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। अभी तक जहां मजदूर काम कर रहे थे उनसे काम ज्यादा लिया जाता था और वेतन कम दिया जाता था। उन्होंने कहा, ” बसपा ने हमेशा ही मजदूरों के भले के लिए काम किया। हम उन्हें बेरोजगारी भत्ता नहीं रोजगार देते थे.”

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BJP के वादे: 30000 नौकरी, 50 लाख रोजगार, 5000 बेरोजगारी भत्ता, छात्रों को लैपटॉप, स्मार्टफोन…

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी ने अपने पिछले घोषणा पत्र के 94 प्रतिशत वादों को पूरा करने का दावा करते हुये अगली सरकार में प्रतिवर्ष 30 हजार सरकारी नाैकरी तथा निजी क्षेत्र में पचास लाख रोजगार सृजित करने के साथ पांच हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का भरोसा दिलाया है।

इसके अलावा मेवात क्षेत्र में गौ तस्करी ,गौ हत्या रोकने के विशेष प्रयास,जयपुर मेट्रो का काम 2021 तक पूरा करने, सीमावर्ती क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने, मीना और मीणा विवाद सुलझाने, रोडवेज की दशा सुधारने, किसानों को दस हजार रुपये तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया गया है।

राजस्थान गौरव संकल्प-2018 के नाम से आज जारी किये गये घोषणा पत्र में शिक्षित बेरोजगारों को मापदंडों के अन्तर्गत अधिकतम पांच हजार रुपय प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने तथा सरकारी क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग 30 हजार सरकारी नौकरी देने के साथ साथ आगामी पांच वर्ष में स्वरोजगार एवं निजी क्षेत्र में 50 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का भरोसा दिलाया है।

इसके अलावा अनारक्षित युवाओं एवं लघु उद्यमियों को रियायती दर भूमि एवं ऋण, जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेले, जैसलमेर में मरु साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र, सिलाई कला बोर्ड का गठन, रोजगार प्रकोष्ठ की स्थापना तथा रोजगार में मूल निवासियों के हितों का वादा किया गया है।

भाजपा ने सरकारी स्कूलों कालेजों में प्रवेश लेने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, स्मार्ट फोन देने के लिए योजना, हर विधानसभा क्षेत्र में महाविद्यालय, शैक्षणिक पदों पर नियमित भर्तियां, शोध नियामक आयोग का गठन तथा भारतीय संस्कृति के अनुरुप शिक्षा देने वाली संस्थाओं को रियायती दर पर भूखंड देने का वादा किया है।

घोषणा पत्र में किसानों की आय को दुगना करने के लक्ष्य के मद्देंनजर 250 करोड़ रुपये का ग्रामीण स्टार्ट अप कोष स्थापित करने, प्रतिवर्ष एक हजार किसानों को इजरायल व अन्य देशों में खेती की उन्नति दिखाने के लिए उनके दौरे कराने और राेजड़ों से फसलों की सुरक्षा की कारगर योजना बनाने का वायदा किया है। भाजपा ने किसानों को एक वर्ष में दस हजार रुपये की मुफ्त बिजली देने का भी भरोसा दिलाया है।

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गुजरात की सामाजिक संस्था ने की युवाओं के रोजगार एवं व्यापार के लिये अनूठी पहल

रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं एवं नये व्यापार की मुश्किलों से जूझने वालों के लिये विशाल ब्राह्मण व्यापार सम्मेलन, एक खुशखबरी बनकर आ रहा है। 28 और 29 अप्रैल 2018 को गुजरात की सामाजिक संस्था ब्राह्मण विकास आयोग समिति द्वारा गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में दो दिवसीय विशाल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के लगभग 3 लाख से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्येश्य सामाज के कामगार लोगों के आर्थिक पहलुओं को सामने रखकर उनके विकास में गुणात्मक रूप से सहयोग करना है।

 

Unemployed

(प्रतीकात्मक फोटो)

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इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए समाज के सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। ऐसा किसी संस्था द्वारा पहली बार होगा जब बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिये इतने बड़े एवं सुनियोजित स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी खासियत व्यापारियों, उद्योगपतियों, पेशेवरों एवं नौकरी की चाहत रखने वालों को एक ही छत के नीचे लाकर उनकी परेशानियों का निवारण किया जाना है।

इस विशाल व्यापार सम्मेलन के बारे में आज पत्रकारों से बात करते हुए संस्था के राष्ट्रीय संयोजक यग्नेश दवे ने कहा कि कि हमारे यहाँ 15 से 29 वर्ष की उम्र वाले लगभग 28 प्रतिशत युवाओं में बेरोजगारी की तीव्र समस्या है। सम्मेलन में ऐसे युवाओं को कॉरपोरेट जगत के विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा रोजगार एवं व्यापार के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना है। सम्मेलन में खासकर ब्राह्मण समाज के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।

इस कार्यक्रम को कई प्रमुख भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण संगठनों जैसे- विश्व ब्राह्मण संगठन (डब्ल्यूबीओ), परशुराम इंटरनेशनल, परशुराम फाउंडेशन, अन्तर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंस्था, ऑल इंडिया ब्राह्मण फ्रंट जैसी विभिन्न संस्था द्वारा समर्थन दिया जा रहा है।

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इस अवसर पर विश्व ब्राह्मण संस्था के अध्यक्ष हेमंत रावल ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमिता प्रशिक्षण को हमारी शिक्षा और रोजगार प्रणाली में पेश किये जाने की जरूरत है जिससे लोगों को आवश्यक कौशल और विशेषज्ञता प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय संयोजक यग्नेश दवे ने अपनी बात रखते हुए जताया कि जहाँ तक इस दो दिवसीय सम्मेलन की विशेषता की बात है तो खासकर व्यापारियों एवं उद्योगपतियों के लिये एक बेहतरीन मौका होगा। समाज के सभी छोटे, मध्यम एवं बड़े उद्योगों को घरेलू एवं वैश्विक स्तर पर बढावा मिलेगा। नए उद्योगपतियों को अधिक उपयोगी बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किये जाने के साथ नये उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा पेश किए गए विभिन्न उद्योगों, प्रचार कार्यक्रम, प्रमुख बैंक ऋण की पेशकश आदि के बारे में सरकारी प्रतिनिधियों के जरिए समुचित मार्गदर्शन प्रदान करना सम्मेलन की प्राथमिकता होगी। यही नहीं सम्मेलन में बेरोजगारों को रोज़गार के अवसर देने के लिए ब्राह्मण समाज के उद्योगपतियों द्वारा आश्वासन भी दिये जाएँगे।

छोटे पेशेवरों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक, हर कोई ऑनलाइन पंजीकृत होगा और निर्देशिका वैश्विक स्तर पर प्रकाशित होगी। इतना ही नहीं, उद्योगों के उत्साह वर्धन के लिये सम्मेलन में कई प्रेरक कहानियाँ भी सुनायी जाएगी। कॉरपोरेट जगत के व्यक्तियों से बातचीत के लिये भी यह सुनहरा अवसर होगा। हालांकि यह भी एक कड़वी सच्चाई है कि सरकार के आर्थिक सर्वे 2017 के अनुसार भारत की 30 प्रतिशत युवा आबादी बेरोजगारी से दो-चार हो रही है, और ऐसी स्थिति में समिति द्वारा की गई यह अनूठी पहल मील का पत्त्थर साबित होगी।

आयोजकों के अनुसार, शिखर सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। सबसे पहले, समिति भारत सरकार से आग्रह करेगी कि ब्राह्मण समुदाय पर किये गये किसी भी दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक वक्तव्य को अत्याचार अधिनियम के तहत माना जाना चाहिए और इसका निपटारा करना चाहिए। दूसरे प्रस्ताव में राष्ट्रीय ब्राह्मण विकास आयोग की स्थापना के लिए सरकार से अनुरोध किया जाएगा। इस पत्रकार वार्ता के दौरान प्रणय शुक्ला, हेमन्त रावल, कमलेश व्यास, नवीन शर्मा, अनिल एवं दिनेश दवे के साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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