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कैर-सांगरी को चट करने आंधियों के कंधे पर सवार होकर आई टिड्डी

कोरोना से परेशान राजस्थान अब टिड्डियों के निशाने पर है। धूल भरी आंधियों के कंधों पर सवार होकर पाकिस्तान से आए टिड्डी दल रेगिस्तानी कल्पवृक्ष खेजड़ी पर टूट पड़े हैं। कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जल्द ही टिड्डियों का सफाया नहीं किया गया तो वे जोधपुर से लेकर बाड़मेर तक सांगरी को पूरी तरह चट कर सकती हैं। इसके अलावा वे खरीफ की अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाएंगी!

पाकिस्तान की सीमा से सटे सीमावर्ती जैसलमेर, बाड़मेर एवं गंगानगर की सीमा के कई इलाकों में पिछले दो दिनों से टिड्डियों का जबरदस्त हमला हुआ हैं। पाकिस्तान के सिंध एवं पंजाब प्रान्त में टिड्डियों की भरमार को देखते हुए रबी की फसल के लिये यह टिड्डियां किसानों के लिये खतरे की घंटी बन सकती हैं इसको देखते हुए टिड्डी नियंत्रण विभाग द्वारा अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं तथा एरियल कंट्रोल के लिये इस बार विशेष रूप से एयरक्राफ्ट, ड्रोन व अन्य दूसरे संसाधन मंगवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पाकिस्तान की सीमा से बड़ी संख्या में टिड्डियों ने उनके खेतों में धावा बोला हैं हालांकि वहां पर फसलें कट चुकी हैं लेकिन खेतों में पड़े हुवे पशुओं के लिये घास व अन्य वनस्पतियों को टिड्डियां नष्ट कर रही हैं। टिड्डी नियंत्रण विभाग के उपनिदेशक डॉ के एल गुर्जर ने बताया कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में टिडिड्यों पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम रहा हैं इसके कारण बड़ी संख्या में टिड्डियों के होपर्स एडल्ट होकर भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर के सम क्षेत्र में भुवाना, धनाना, लंगतला एवं बछियाछोर लाठी चांधन आदि क्षेत्रों में तथा रामगढ़ में मीरवाला, आसुतार, लोंगेवाला, घोटारू आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में टिड्डी दल पहुंचे हैं हालांकि यह छोटे छोटे पेचेज में हैं।

टिड्डी नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं तथा इन्हें नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह गंगानगर के हिन्दूमल कोट कोठा आदि कई सीमावर्ती इलाकों में टिड्डियां पिछले कई दिनों से पाकिस्तान की सीमा से आ रही हैं जिन्हें लगातार नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इन टिड्डियों को कंट्रोल कर नहीं पाया, कुछ समय पूर्व ईरान में टिड्डियों की जो ब्रीडिंग चल रही थी और उस दौरान बरसात भी हो रही थी। ऐसे में टिड्डियों के समूह ईरान से सटे हुवे पाकिस्तानी ब्लूचिस्तान व अन्य इलाकों में आ गए और अब पंजाब व सिंध इलाकों में जबरदस्त रूप से इन टिड्डियों ने डेरा डाल रखा है।