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Big News: 60 लाख लोगों के मोबाइल में सेव प्राइवेट फोटोज लीक, फेसबुक से हुई गलती

मोबाइल फोन पर फेसबुक चलाने वालों के लिए ये चौंकाने वाली खबर हो सकती है। जानकारी के अनुसार फेसबुक एप के जरिए करीब 60 लाख 80 हजार लोगों की प्राइवेट फोटोज लीक हो गई है। ये फोटोज अब तक करीब 1500 से ज्यादा थर्ड पार्टी एप तक पहुंच गई है। इस गंभीर चूक पर फेसबुक ने माफी भी मांग ली है।

आपको बता दें कि फेसबुक एप से आप मोबाइल से अपनी फोटोज को शेयर कर सकते हैं। इससे ये सीधे आपके अकाउंट पर दिखने लगती हैं। इसी फीचर के चलते 60 लाख से ज्यादा लोगों के ऐसे फोटोज लीक हो गए हैं जो अपलोड नहीं किए गए थे।

कौन से हैं ये फोटोज
फेसबुक स्टोरी, फेसबुक मार्केटप्लेस साफ्टवेयर पर ये फोटोज यूजर्स ने अपलोड किए। ये वो फोटोज हैं जो आपने केवल अपलोड की हों लेकिन शेयर नहीं की हों। इसे समझने के लिए एक उदाहरण लिया जा सकता है। मान लीजिए आप अपनी कोई फोटो फेसबुक पर शेयर करना चाहते हैं। आप फेसबुक ऐप पर ​गए और पोस्ट में फोटो को अपलोड करने लगे। बीच में ही आपको आपका बॉस बुला लेता है। आप तुरंत जाते हैं। इसके बाद आप मोबाइल पर कोई और काम करने लगते हैं और फोटो अपलोड होकर रह जाती है। आपने इसे शेयर नहीं किया है। ऐसे फोटोज लीक हो गए हैं।

लीक होने से क्या है नुकसान

फेसबुुक से लीक हुए इन फोटोज से किसी को क्या खतरा हो सकता है। खतरा ये हो सकता है कि आपकी फोटो का दुरुपयोग 1500 से भी ज्यादा एप कर सकते हैं। ये फोटोज उन तक पहुंच गए हैं। गंदी साइट्स, प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों आदि में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। आपकी फेसबुक आईडी को हैक करने में इन फोटोज की मदद ली जा सकती है। हालांकि आपकी फोटो का इस्तेमाल तभी हो पाएगा जब हैकर्स के किसी मैसेज का गलती से जवाब दे दें या उनके कहे अनुसार फोन में बदलाव कर दें।

फेसबुक ने मांगी माफी
इस गलती पर फेसबुक की नजर तो पड़ी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जब मामला सामने आया तब तक लीक हुए फोटोज सैंकड़ों एप्स तक पहुंच गए। फेसबुक ने इसके लिए माफी मांगी है। फेसबुक उन हैकर्स से बात कर रहा है जिन्होंने इस काम को अंजाम दिया है। उनसे फोटोज वापस लेने या उनका दुरुपयोग नहीं करें, इसकी कोशिश की जा रही है। साथ ही जल्द ही फेसबुक ने इस गलती को सुधारने के लिए नया अपडेट लांच करने की बात कही है।

फेसबुक का दावा है कि ये फोटोज 13 सितंबर से 25 सितंबर 2018 के बीच लीक हुई हैं। कंपनी के लिखे नए ब्लॉग में बताया गया है कि फेसबुक बिना शेयर हुए अपलोड फोटोज को केवल 3 दिन के लिए अपने डाटा में रखता है।

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कैंब्रिज एनालिटिका ने 8.7 करोड़ लोगों के डाटा का किया दुरुपयोग: फेसबुक

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने स्वीकार किया कि ब्रिटिश राजनीतिक कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने आठ करोड़ 70 लाख से अधिक फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल किया।

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फेसबुक के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी माइक स्क्रोफर ने विभिन्न मीडिया समूहों की ओर से किये जा रहे दावे से अधिक इस संख्या की जानकारी अपने कॉर्पाेरेट ब्लॉग पोस्ट पर देते हुए माना कि आठ करोड़ 70 लाख लोगों की जानकारियाँ कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ ग़लत तरीके से साझा की गयी।

उन्होंने बताया कि कंपनी उपयोगकर्ताओं के निजी डाटा पर अधिक नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठा रही है। कंपनी तीसरे पक्ष के एप डेवलपर्स के लिए उपलब्ध व्यक्तिगत डाटा को भी प्रतिबंधित कर रही है। उन्होंने बताया कि उक्त आठ करोड़ 70 लाख उपयोगकर्ताओं में से अधिकांश अमेरिका के हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया ने गत माह दावा किया था कि ब्रिटिश कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डाटा का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में गलत इस्तेमाल किया था। अमेरिका में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने इस कंपनी की सेवाएं ली थी।

फेसबुक ने करोड़ों उपयोगकर्ताओं के डाटा लीक होने के खुलासे के बाद उनके निजी डाटा पर अधिक नियंत्रण देने के लिए मार्च के आखिरी में बड़े बदलावों की घोषणा की थी। गत 17 मार्च को फेसबुक का डाटा लीक होने की खुफिया रिपोर्ट के बाद कंपनी को शेयर बाजार में 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। डाटा लीक के खुलासे के बाद में फेसबुक के शेयरों में लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आयी है।

कंपनी के चीफ प्राइवेसी ऑफिसर एरिन एगन ने कहा, “फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग की पिछले सप्ताह की घोषणा के मुताबिक हम आने वाले सप्ताहों में कुछ ऐसे बदलाव करेंगे जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपनी निजी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण हासिल हो सकेगा। इसके अलावा फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग्स और मेन्यू को भी आसान बनाया जा रहा है ताकि उपयोगकर्ता उनमें आसानी से बदलाव कर सकें।”

फेसबुक में नये प्राइवेसी शॉर्टकट मेन्यू भी बनाए जा रहे हैं जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट और निजी जानकारियों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण रहेगा। इसके तहत उपयोगकर्ता इसकी समीक्षा कर सकेंगे कि उन्होंने क्या शेयर किया है और उसे डिलीट कर सकेंगे। इसके अलावा वे सभी पोस्ट जिन पर उपयोगकर्ता ने रिएक्ट किया है, जो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है और फेसबुक पर जिसके बारे में सर्च किया है, सभी की समीक्षा की जा सकेगी।

उपयोगकर्ता फेसबुक के साथ शेयर किए डाटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसमें अपलोड किए गए फोटो, कांटेक्ट्स और टाइमलाइन पर मौजूद पोस्ट को डाउनलोड किया जा सकेगा तथा किसी दूसरी जगह शेयर किये जाने की भी सुविधा होगी। आने वाले हफ्तों में कंपनी अपनी टर्म ऑफ सर्विस और डाटा पॉलिसी को अच्छी तरह से उपयोगकर्ता के सामने रखेगी और ये बताएगी कि उनसे किस तरह की जानकारी ली जा रही है और उसका क्या उपयोग किया जा रहा है।

सीईओ जुकरबर्ग ने इस पर माफी मांगते हुए फेसबुक पर लिखा था कि उपयोगकर्ताओं के डाटा को गोपनीय रखने को लेकर उनकी कंपनी ने गलती की है। किसी के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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अब फेसबुक पर आपकी फोटो, वीडियो, पोस्ट को कर सकेंगे डाउनलोड, जानिए और क्या मिलेगा खास

अब आप अपने फेसबुक अकाउंट का करीब—करीब सारा डाटा डाउनलोड कर सकेंगे। इस डाउनलोड किए गए डाटा को आप किसी के भी साथ शेयर भी कर सकेंगे। इसके ​अलावा भी कई सारी नई चीजें अब आपके हाथ में होगी। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने करोड़ों उपयोगकर्ताओं के डाटा लीक होने के खुलासे के बाद उनके निजी डाटा पर अधिक नियंत्रण देने के लिए आज बड़े बदलावों की घोषणा की। गत 17 मार्च को फेसबुक का डाटा लीक होने की खुफिया रिपोर्ट के बाद कंपनी को शेयर बाजार में 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। डाटा लीक के खुलासे के बाद में फेसबुक के शेयरों में लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आयी है।

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कंपनी के चीफ प्राइवेसी ऑफिसर एरिन एगन ने कहा, “फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग की पिछले सप्ताह की घोषणा के मुताबिक हम आने वाले सप्ताहों में कुछ ऐसे बदलाव करेंगे जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपनी निजी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण हासिल हो सकेगा। इसके अलावा फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग्स और मेन्यू को भी आसान बनाया जा रहा है ताकि उपयोगकर्ता उनमें आसानी से बदलाव कर सकें।”

फेसबुक में नये प्राइवेसी शॉर्टकट मेन्यू भी बनाए जा रहे हैं जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट और निजी जानकारियों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण रहेगा। इसके तहत उपयोगकर्ता इसकी समीक्षा कर सकेंगे कि उन्होंने क्या शेयर किया है और उसे डिलीट कर सकेंगे। इसके अलावा वे सभी पोस्ट जिन पर उपयोगकर्ता ने रिएक्ट किया है, जो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है और फेसबुक पर जिसके बारे में सर्च किया है, सभी की समीक्षा की जा सकेगी।

उपयोगकर्ता फेसबुक के साथ शेयर किए डाटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसमें अपलोड किए गए फोटो, कांटेक्ट्स और टाइमलाइन पर मौजूद पोस्ट को डाउनलोड किया जा सकेगा तथा किसी दूसरी जगह शेयर किये जाने की भी सुविधा होगी। आने वाले हफ्तों में कंपनी अपनी टर्म ऑफ सर्विस और डाटा पॉलिसी को अच्छी तरह से उपयोगकर्ता के सामने रखेगी और ये बताएगी कि उनसे किस तरह की जानकारी ली जा रही है और उसका क्या उपयोग किया जा रहा है।

सीईओ जुकरबर्ग ने इस पर माफी मांगते हुए फेसबुक पर लिखा था कि उपयोगकर्ताओं के डाटा को गोपनीय रखने को लेकर उनकी कंपनी ने गलती की है। किसी के निजी डाटा का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

गौरतलब है कि अमेरिकी और ब्रिटिश मीडिया ने दावा किया है कि ब्रिटिश कंसल्टेंसी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डाटा का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में गलत इस्तेमाल किया था। अमेरिका में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने इस कंपनी की सेवाएं ली थी।

फेसबुक ने हाल ही में फेस डिटेक्शन फीचर भी शुरू किया है। इस फीचर के तहत अब फेसबुक आपकी फोटो के बिना अनुमति इस्तेमाल और गलत उपयोग को रोका जा सकेगा। साथ ही किसी भी फोटो में अगर आप हो तो आपको टैग कर सकता है।

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यूजर्स को फिर धोखा देने की कोशिश है जुकरबर्ग की माफी

अमेरिका, रूस से लेकर भारत तक फेसबुक के डेटा का चुनावों में इस्तेमाल करने के आरोपों के बीच फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की माफी यूजर्स को एक और धोखा देने की कोशिश है| जुकरबर्ग के माफीनामे को ध्यान से पढ़े तो धोखा देने कोशिश परत दर परत खुलती चली जाती है|

Mark Zuckerberg

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जुकरबर्ग ने माफीनामे में कहा है कि उन्हें यह पता ही नहीं था कि एनालिटिका यूजर की निजी जानकारी चुराकर चुनावों में इस्तेमाल कर रही है| साइबर संसार के विशेषज्ञों के अनुसार फेसबुक पर लोड किया जाना वाला डॉट तक जब उसके निगरानी सिस्टम से नहीं छुप सकता तो एनलिटिका की ओर से यूजर्स को भेजी गई जानकारी कैसे छुप सकती है| फेसबुक पर सक्रिय यूजर जानते है कि जैसे ही वे कोई कमर्शियल जानकारी लगातार साझा करते है तो उन्हें फेसबुक के संदेश मिलने लगते है कि अगर कमर्शियल शेयर नही रोका गया तो उनका एकाउंट फ्रीज कर दिया जाएगा| विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में एनलिटिका कई और से यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल और उन्हें भेजे गए सन्देश किसी भी कीमत पर फेसबुक से नही छुप सकते|

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अब यूजर्स के मन मे यह सवाल उठ सकता है कि फिर जुकरबर्ग माफी क्यों मांग रहे है| जवाब है कि इससे वे फेसबुक को सरकारी कार्यवाही से बचाना चाहते है, अगर जुकरबर्ग यह बहाना नही बनाएंगे की उन्हें पता ही नही था डेटा चोरी का तो सरकारें चुनावों के दौरान फेसबुक को वैन कर सकती है, इससे चुनावों के दौरान होने वाली अरबों की कमाई मारी जा सकती है| इसके अलावा कानूनी कार्रवाई का सामना अलग से करना पड़ेगा|

इसलिए जुकरबर्ग ने माफी मांग कर मामले का पटाक्षेप कर दिया है| असल मे फेसबुक, टिवटर, इंस्टाग्राम आदि तमाम सोशल प्लेटफार्म की मूल कमाई यूजर्स के डेटा को बेचकर ही होती है| मोबाइल कंपनियों समेत इस धंधे में सक्रिय तमाम कम्पनियां यूजर्स के डेटा, उसके नम्बर बेचकर अरबों कमाती है| उदाहरण के लिए आप उस वक्त दंग रह जाते है जब शेयर ब्रोकर कम्पनी के यहां से अचानक फोन आता है कि आपका नम्बर हमारे यहाँ लिस्ट हुआ है| आप कहते ही रह जाते है कि आप शेयर का धंधा नही करते है, लेकिन वह आपको फलां शेयर खरीदने की सलाह दिए बिना नही मानता|

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कैम्ब्रिज एनालिटिक मामले में जकरबर्ग ने खुद की गलती मानी, किये बदलाव

फेसबुक के डाटा लीक मामले आये दिन सामने आते हैं। लोगों की चाहती शेयर साइट हैं फेसबुक। पिछले कुछ सालों से डाटा लीक का मामला सामने आ रहा हैं। कैम्ब्रिज एनालिटिक डाटा लीक के मामले को रोकने के लिए मार्क जकरबर्ग खुद ने जिम्मेदरी ली हैं और कहा की फेसबुक से जुड़े मामलों को हमारे को ही सुधारना होता हैं। अगर हम नहीं सुधारते हैं तो इसमें हमारी गलती मानी जाएगी।

Mark Zuckerberg
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उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट में कहा कि हमसे कई गलतियां हुईं है लेकिन उनको ठीक करने को लेकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी और पहले सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए फेसबुक की तरफ से कई दम उठाए जाएंगे। जुकरबर्ग ने कहा कि वह उन हजारों एप्लिकेशन की जांच करेगा जिसका इस्तेमाल उस वक्त बड़ी संख्या में किया गया।

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उन्होंने कहा कि फेसबुक अपने यूजर्स को एक नया टूल देगा कि ताकि उन्हें पता चले कि उनके डाटा का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है, साझा किया जा रहा है, और आगे से डेवलपर्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए डाटा तक उसके पहुंच को प्रतिबंधित कर देगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में एेसी व्यवस्था की जाएगी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग रोकने के लिए डिवेलपर्स का डाटा ऐक्सेस सीमित किया जाएगा।

जकरबर्ग ने कहा की हमने फेसबुक में कुछ डाटा लीक मामले के बाद बदलाव भी किये हैं। अब ये डाटा लीक होने की कम सम्भावना होगी, क्युकी डाटा ट्रासंफर होने से पहले डाटा धारक की अनुमति मांगता हैं। इस अनुमति के बिना किसी के डाटा ट्रांफर नहीं हो सकते हैं। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं की आने वाले समय में फेसबुक में जो अभी समस्या आ रही हैं उसे कम करेंगे।

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फेसबुक डाटा लीक मामले में मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी, जानिए क्या कहा

फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक डाटा लीक मामले में कंपनी की कमियों को स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। जुकरबर्ग ने सीएनएन से साक्षात्कार में कहा ‘यह बड़ा विश्वासघात था। इसके लिए मुझे खेद है। लोगों के डाटा को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।

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उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट में कहा कि हमसे कई गलतियां हुईं है लेकिन उनको ठीक करने को लेकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी और पहले सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए फेसबुक की तरफ से कई दम उठाए जाएंगे। जुकरबर्ग ने कहा कि वह उन हजारों एप्लिकेशन की जांच करेगा जिसका इस्तेमाल उस वक्त बड़ी संख्या में किया गया।

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उन्होंने कहा कि फेसबुक अपने यूजर्स को एक नया टूल देगा कि ताकि उन्हें पता चले कि उनके डाटा का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है, साझा किया जा रहा है, और आगे से डेवलपर्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए डाटा तक उसके पहुंच को प्रतिबंधित कर देगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में एेसी व्यवस्था की जाएगी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग रोकने के लिए डिवेलपर्स का डाटा ऐक्सेस सीमित किया जाएगा।

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अब Facebook बताएगा आप गरीब हैं या अमीर, पूछे जाएंगे ये सवाल

अभी तक जनगणना के आधार पर पता चलता था कि कौन गरीब है और कौन अमीर, लेकिन अब सोशल मीडिया (Facebook questions) के जरिए भी इसकी जानकारी मिल जाएगी। Facebook ने इसके लिए एक आवेदन दाखिल किया है जिसके बाद यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन यूजर मीडिल क्लास का है और कौन अपर क्लास का?

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दरअसल इस पेटेंट के मिलने के बाद फेसबुक यूजर्स के डाटा के आधार पर उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में पता लगाएगा। इसके लिए फेसबुक नई तकनीक की मदद से यूजर्स का इंटरनेट यूज, शिक्षा, घर की स्थिति के बारे में डाटा इक्कट्ठा करेगा और फिर बताएगा कि कौन-से यूजर्स की आर्थिक स्थिति कैसी है?

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फेसबुक के इस पेटेंट का खुलासा शुक्रवार को हुआ जिससे यह साफ हो गया कि फेसुबक अपने विज्ञापन का दायरा अब एक नए तरीके से आगे बढ़ाने जा रहा है, क्योंकि फेसबुक अब यूजर्स की आर्थिक स्थिति के आधार पर ही उसे विज्ञापन दिखाएगा। ऐसे में थर्ड पार्टी भी अपने प्रोडक्ट की जानकारी अपने खास यूजर्स को आसानी से दे सकेंगे।

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नए अपडेट के बाद फेसबुक आपसे पूछ सकता है कि आपकी उम्र क्या है और आप कहां के रहने वाले हैं? फॉर्म में 20-30 साल के यूजर्स से पूछा जाएगा कि आपके पास इंटरनेट यूज होने वाली कितनी डिवाइस हैं, वहीं 30-40 की उम्र वाले यूजर्स से पूछा जाएगा कि क्या आपके पास खुद का घर है? हालांकि फेसबुक आपसे यह नहीं पूछेगा कि आपकी सालाना आय कितनी है?

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ग्रामीण “डीजीप्रेनुएर” से छत्तीसगढ़ में ई-सेवाओं में बढ़ौतरी

चिप्स के 17वें स्थापना दिवस पर एक-दिवसीय सम्मलेन (Increase e-services) ग्रामीण उद्यमिता सम्मलेन डीजीप्रेनुएर का आयोजन हुआ . इसमें फेसबुक की सहायता से छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसइटी(चिप्स) ने ७,500 ग्रामीण उद्यमियों के वेरिफाइड पेजफेसबुक में लांच किये. इस अवसर पर माननीय मुख्य्मंत्री डॉ. रमन सिंह, फेसबुक के ग्लोबल पॉलिटिक्स एंड आउटरीच डायरेक्टर केटी हर्बाथ, मुख्य सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी छ.ग. सरकार अमन सिंह, देसी-क्रू संचालिका सलोनी मल्होत्रा, कार्यकारी उपाध्यक्ष-डिजिटल बैंकिंग यस बैंक वैभव जोशी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यस बैंक प्रेरणा लांगा, मुख्य सचिव, छ.ग. शासन विवेक ढांड और फेसबुक की टीम के नितिन सलूजा भी इस अवसर पर मौजूद थे।

Increase e-services
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माननीय मुख्यमंत्री ने अपने उदबोधन में चिप्स को 17वी वर्षगाठ पर शुभकामनाएं दी और कहा की ७,५०० पेज एक साथ लांच करने वाला छ.ग. पहला राज्य बन गया है. उन्होंने कहा की फेसबुक आईटी का विस्तार है. फेसबुक जनसेवा-जन जागरूकता का बड़ा माध्यम बन रहा है. फेसबुक और हमारी शुरुवात एक साथ की ही है. 2003 में हमें जनादेश मिला और 2004 में हमने कार्य शुरू किया और मार्क जुकेरबर्ग ने 2004 ही में फेसबुक की स्थापना की है. उन्होंने कहा की फेसबुक पर पहले सिर्फ युवा-वर्ग ही जुड़ा था पर अब सारे आयु-वर्ग के जुड़ गए हैं. जो इसमें नहीं है, वो वैश्विक दुनिया से अछूता है. हमारे ग्रामीण उद्यमी इसका बेहतर उपयोग कर सकते है. इंटरनेट (Increase e-services) पहुंच अब इतनी व्यापक है की दंतेवाड़ा जिले का पालनार गांव अब कैशलेस है. अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ जगह में भी बच्चे कनेक्टिविटी चाहते है. वहां का आदमी भी तकनीक का उपयोग कर अपना जीवन परिवर्तित करना चाहता है. यह नया युग है और इस युग के परिवर्तनकारी ग्रामीण उद्यमी है . उन्होंने कहा की सूचना क्रांति के युग में मैं आपका स्वागत करता हूँ. 7500 लोगों को जोड़ना चमत्कारिक काम है।

उन्होंने यह भी कहा के यह छ.ग. के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान चिप्स के विकास पर एक वीडियो जारी किया गया. मंचासीन अतिथियों ने सीएससी की यात्रा पर किताब विमोचन भी किया. मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर चिप्स के सीएससी में बैंकिंग सेवाओं का उद्घाटन किया. साथ ही में उन्होंने बलोदा बाजार जिले के सरसीवां में पहले ग्रामीण बीपीओ का भी उद्घाटन किया. साथ ही टेलीमेडिसिन, चाय पे चर्चा कैफ़े, सेनेटरी नैपकिन उत्पादन केंद्रों और यस, आई एम द चेंज को भी लांच किया गया. इसके बाद पुरस्कारों की घोषणा हुई. बैंकिंग सेवाओं के लिए देव नंदन कुमार को और उत्कृष्ट महिला उद्यमी का पुरुस्कार जानकी कश्यप को दिया गया।

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केटी ने अपने वक्तव्य में माननीय मुख्यमंत्री को धन्यवाद् देते हुए कहा की डीजीप्रेनुएर में मौजूद होना सम्मान की बात है. उन्होंने ग्रामीण उद्यमी जैसे शासन के महत्ववपूर्ण अंगों के सम्मान को अहम बताया चूँकि वे बैंकिंग सेवाओं और अन्य शासन की गतिविधियों को मंझोले शहर और गाँव तक पंहुचा रहे है. एक अच्छे ग्रामीण उद्यमी में न सिर्फ उद्यमिता की क्षमता होती है बल्कि सामाजिक दाईत्व भी होता है. वे विश्वसनीय भी होते है और समाज में इज़्ज़त भी पाते है. फेसबुक
समुदायों का निर्माण करने में प्रतिबद्ध है इसीलिए हमे यहां उपस्थित होकर गर्व का अनुभव हो रहा है. उन्होंने उद्यमियों को अपनी शुभकामनाएं भी दी. अपनी वाणी को विराम देते हुए उन्होंने जय जोहर- जय छत्तीसगढ़ का नारा भी दोहराया।

उदबोधन में मुख्य सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अमन सिंह ने सीएससी परिवार का स्वागत करते हुए कहा विश्व में यह ऐसा पहला आयोजन है जब फेसबुक इतनी बड़ी मात्रा में अपने वेरिफाइड पेज को लांच कर रहा है; यह वर्ल्ड रिकॉर्ड सरीखा है. उन्होंने चिप्स परियोजना की स्थापना को याद करते हुए कहा की मुख्यमंत्री डॉ. सिंह के मार्गदर्शन की वजह से उन्हें सफलता प्राप्त हुई हैं. मुख्यमंत्री ने उस वक्त ही कहा था की सरकार हर जगह नहीं पहुंच सकती, अतः सरकार का चेहरा सीएससी रहेंगी।

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उन्होंने यह भी ज़िक्र किया के छत्तीसगढ़ सीएससी ट्रांसक्शन रेट में 9% है , जो सबसे अधिक है कर्नाटक और अन्य राज्यों का भी 4% ही है। अमन सिंह ने तीन मुख्य आईटी परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी और कहा हम 800 किलोमीटर का फाइबर ऑप्टिक्स बस्तर में बिछाने का काम अगले महीने शुरू कर देंगे. यह बस्तर नेट योजना है. भारत नेट परियोजना रिंग टोपोलॉजी में हैं और देश का सर्वश्रेष्ठ नेटवर्क है. और सबसे महत्त्वपूर्ण योजना है संचार क्रांति योजना जिसके माध्यम से छ.ग. सरकार ने 50लाख स्मार्टफोन का वितरण किया है, पुराने टावर को अपग्रेड कर तीन हज़ार नए टावर लगाए गए है” हर पहल का मुख्य-उद्देश्य है उद्यमिता में रूचि रखने वाले लोगों को साथ लाना जिससे वे न सिर्फ अपनी बेहतरी की ओर काम कर पाए, बल्कि समाज को भी आगे बढ़ने में मदद करें. ये पहल लोगों को आगे बढ़ने का जरिया मुहैय्या करवाएंगी और स्व-उद्यमिता में वृद्धि भी होगी. आसान डिजिटल माहौल सफल स्टार्ट-अप (Increase e-services) में मदद करेगा और विकास में भी सहायक होगा।

 बैंको से सामंजस्य बैंकिंग सेवाओं के लिए सीएससी वन-स्टॉप के तौर पर
 ग्रामीण बीपीओ राज्य के २७ जिलों की में सीएससी बीपीओ निर्माण
 चाय पे चर्चा कैफ़े
जहाँ सीएससी में मनोरंजन, ज्ञान और अन्य परिचर्चा संभव हो पाएंगी
 टेली-मेडिसिन
सीएससी में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा दूरस्थ डॉक्टरों से स्वास्थ परामर्श
 वाई-फाई चौपाल
सीएससी के माध्यम से हॉटस्पॉट के द्वारा ग्रामीणों को इंटरनेट सुविधा
 सेनेटरी नैपकिन उत्पादन केंद्र
छोटे स्तर पर सेनेटरी नैपकिन उत्पादन केंद्र खोलने के लिए सीएससी की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी

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