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Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: ये हैं देश के टॉप CBSE स्कूलों की सूची, बच्चों को बना देते हैं जीनियस

Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools:आज के समय में माता-पिता बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन इसके बाद भी सही और अच्छे स्कूल का चयन नहीं कर पाते हैं। हम यहां देश के टॉप (Central Board of Secondary Education) Top schools(CBSE): सीबीएसई स्कूलों की सूची लेकर आए हैं। अपने बच्चों को यहां एड​मिशन दिलाइए और उन्हें जीनियस बनाने के रास्ते पर भेज ​दीजिए।

 

DAV स्कूल
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: CBSE से संबद्ध टॉप स्कूलों में पहला नाम DAV ग्रुप ऑफ स्कूल्स का है। इनमें भी DAV सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोगप्पैर अव्वल है। 1989 में DAV ग्रुप ऑफ स्कूल्स के तहत स्थापित इस स्कूल को तमिलनाडु आर्य समाज एजुकेशनल सोसायटी चेन्नई मैनेज करती है। स्कूल में अच्छी क्लास, प्रयोगशालाएं हैं।

झारखण्ड का यह स्कूल भी टॉप
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: CBSE से संबद्ध टॉप स्कूलों में रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर झारखंड लड़कों का आवासीय विद्यालय है। इसकी स्थापना 1922 में हुई थी। स्कूल छात्र के व्यक्तित्व विकास पर जोर देता है। इसी के चलते इसे भारत के टॉप CBSE स्कूलों में स्थान मिला है। स्कूल में बड़ा परिसर और प्रयोगशालाएं हैं। एक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल भी है।

DPS का जवाब नहीं
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के सभी स्कूल का नाम टॉप स्कूलों की सूची में है, लेकिन नई दिलली के आरके पुरम का दिल्ली पब्लिक स्कूल सबसे टॉप है। 1972 में स्थापित इस स्कूल CBSE में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा और एक साक्षात्कार देना होता है।

इस स्कूल का भी काफी नाम
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: चिन्मय अंतर्राष्ट्रीय आवासीय विद्यालय (CIRS), कोयंबटूर 1996 में स्थापित किया गया था। स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में विश्वास करता है। बच्चे को शारीरिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक स्तर पर ढालने का प्रयास करता है।

(KVS) केवीएस और जेएनवी है बेहतरीन
Central Board of Secondary Education (CBSE) Top schools: सरकारी स्कूलों की बात करें तो केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) की गिनती स्वयं CBSE नायाब हीरे के तौर पर करता है। JNV में प्रवेश के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा होती है। इसकी वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Download sample paper CBSE board : सीबीएसई बोर्ड परीक्षा तैयारी के लिए यहां से डाउनलोड करें सैंपल पेपर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से चल रही हैं। परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सैंपल पेपर हल कर सकते हैं। इससे प्रश्नों के प्रकार आदि का पता चलेगा। सैंपल पेपर इन वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं।

 

10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के आयोजन से कुछ महीने पहले सैंपल पेपर जारी किए जाते हैं। BYJU’S परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट के साथ-साथ इसका एप भी उपलब्ध है। छात्र यहां से बोर्ड परीक्षाओं के लिए सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। सैंपल पेपर के साथ-साथ मार्किंग स्कीम भी डाउनलोड कर सकते हैं।

mycbseguide.com
बोर्ड परीक्षा की तैयारी और सैंपल पेपर के लिए mycbseguide.com भी लोकप्रिय वेबसाइट है। यह सभी विषयों के लिए फ्री में स्टडी मैटेरियल और सैंपल पेपर ऑफर करती है। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फ्री में और पेड दोनों तरह से सैंपल पेपर मिलते हैं। वेबसाइट पर पिछले कई सालों के सैंपल पेपर सॉल्यूशन के साथ उपलब्ध हैं।

Vedantu
Vedantu ऑनलाइन ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म है। छात्रों को स्टडी मैटेरियल के साथ-साथ सैंपल पेपर ऑफर करती है। CBSE 10वीं और 12वीं के लिए सैंपल पेपर पर उपलब्ध हैं, जिन्हें फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। यहां पिछले साल के प्रश्न पत्र आदि भी उपलब्ध हैं। साथ ही यहां से NCERT सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं।

डाउनलोड करें सैंपल पेपर
बोर्ड परीक्षा की और भी अच्छी तैयारी करने के लिए tiwariacademy.com से सभी विषयों के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं। यहां पिछले कई साल के सैंपल पेपर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मार्किंग स्कीम, पिछ्ले साल के प्रश्न पत्र और सॉल्यूशन भी प्राप्त कर सकते हैं। NCERT Textbooks सॉल्यूशन भी हैं।

बोर्ड सैंपल पेपर
cbse बोर्ड भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर cbseacademic.nic.in पर सैंपल पेपर जारी करता है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट से फ्री में सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं।

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CBSE Board Exam 2020: CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में चाहते हैं अच्छा स्कोर तो ऐसे करें पढ़ाई

15 फरवरी, 2020 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू हो जाएंगी। परीक्षा में एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ये समय बहुत महत्वपूर्ण है।
परीक्षा में अच्छा स्कोर जरुरी है। इसके लिए समय का सही उपयोग करना होगा।

 

पूरी नींद जरूर ले, शेष समय में रिवीजन करें

परीक्षा में प्रदर्शन के लिए फ्रेश रहना जरुरी है, फ्रेश रहने के लिए पूरी नींद लेनी चाहिए। छात्रों को सात से आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। डेटशीट को देखकर विषय का रिवीजन करना चाहिए। उस विषय का पहले रिवीजन करें जिसका पेपर पहले हो। रोजाना कम से कम एक विषय का रिवीजन करना चाहिए।

ब्रेक है बहुत जरूरी

ब्रेक ले-लेकर पढ़ाई करनी चाहिए। लम्बे समय तक एक साथ पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। पढ़ाई के बीच में 40-45 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए, जिससे कि फ्रेश रहें और पढ़ी हुई चीजें याद रहें।

पेपर हल करें

छात्रों को हर विषय के सैंपल पेपर हल करने चाहिए। ये समय सैंपल पेपर हल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सैंपल पेपर हल करने से परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार का पता चलता है। परीक्षा के दौरान अपनी कमजोरियों और ताकतों का पता रहता है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सैंपल पेपर हल करें और मॉक टेस्ट दें।

नोट्स भी हैं

छात्रों को तैयारी के दौरान अपने द्वारा बनाएं गए नोट्स को जरुर देखना चाहिए। रोजाना सिलेबस और कॉन्सेप्ट में उपयोग होने वाले सूत्रों को पढ़ना चाहिए। सूत्रों के बिना किसी भी कॉन्सेप्ट को हल करना और समझना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए सूत्रों ध्यान देना चाहिए और रोजाना रिवीजन करते रहना चाहिए।

एडमिट कार्ड ले जाना न भूलें

परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड बहुत जरुरी दस्तावेज है। इसके बिना छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों को एडमिट कार्ड में दी गई सभी जानकारी को जांच लेना चाहिए। एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट संभालकर रखें।

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आज दिल्ली में हो जाएगा नागालैंड की समस्या का अंत, खून—खराबे पर भी लग जाएगी रोक

कई दशकों से नागालैंड में जारी खून—खराबे पर अब रोक लगने की पूरी सम्भावना है क्योंकि केन्द्र सरकार नागालैंड में लड़ रहे आतंककारियों के साथ ही पड़ोसी राज्यों को एक मंच पर ले आई है। माना जा रहा है कि इससे नागालैंड की समस्या का अंत हो जाएगा और नगा समुदाय शांति के साथ जी सकेगा। इसके साथ ही भारतीय सेना को भी वहां बड़ी संख्या में सैनिक भी तैनात नहीं रखने पड़ेंगे। केन्द्र सरकार की ओर से नागा शांति वार्ता को लेकर असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर राज्यों से परामर्श लेने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के बुधवार और गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने की संभावना है।

सोनोवाल के कुछ अन्य केन्द्रीय मंत्रियों से भी मिलने की संभावना है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक के मुद्दे पर पूर्वोत्तर राज्य में नए सिरे से आंदोलन के बीच श्री सोनोवाल की यह दिल्ली यात्रा होगी। सूत्रों के अनुसार सोनोवाल मोदी और शाह से बातचीत करेंगे और उन्हें उल्फा ओर नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनडीएफल) जैसे असम स्थित संगठनों के साथ शांति वार्ता की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे। गृह मंत्रालय ने असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर राज्यों में नागा क्षेत्रों से संबंधित मामलों पर उन्हें ‘विश्वास’ में लेने का आश्वासन दिया है। इसलिए नागा शांति वार्ता पर बैठक काफी महत्वपूर्ण होगी।

नागा संकट को दूर करने के लिए 1997 में एनएससीएन (आईएम) के साथ बातचीत शुरू हुइ्र थी। मोदी सरकार ने विभिन्न नागा समूह को नागा नेशनल पॉलिटिकल ग्रूप्स (एनएनपीजीएस) के बैनर तले एकत्र कर बातचीत में भगीदारी को व्यापक कर दिया है और एनएससीएन के अलावा सभी के साथ बातचीत शुरू की है। वर्ष 1997-98 में केंद्र की इन्द्रकुमार गुजराल सरकार, 2004 से 2004 के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन-1 की वाजपेयी सरकार, 2004 और 2014 के बीच मनमोहन सिंह और 2014-19 मोदी सरकार के दौरान नागा शांति वार्ता का दौर जारी रहा लेकिन फिलहाल इस संकट का समाधान नहीं किया जा सका है।

शांति वार्ता पिछले 31 अक्टूबर को ‘सकारात्मकता’ के साथ समाप्त हुई और नागा शिविर में खुशी देखी गयी थी। इस बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के भी शीघ्र ही यहां आने की संभावना है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने 30 अक्टूबर को शाह से मुलाकात कर इस बात पर जोर दिया कि राज्य की क्षेत्रीय अखंडता को नहीं बिगड़ा जाना चाहिए।