Categories
Off Beat

कोरोना वायरस के एक हजार से अधिक टुकड़े कर देगा ‘अतुल्य’

Incredible will break thousand pieces of Corona virus:

भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसा माइक्रोवेव बनाया है जो कोरोना वायरस के एक हजार से अधिक टुकड़े करके उसे नष्ट करने में सक्षम है। ये माइक्रोवेव पुणे स्थित उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी संस्थान ने विकसित किया है। यह एक मिनट से भी कम समय में कोरोना विषाणु के टुकड़े टुकड़े कर उसे नष्ट कर देगा। संस्थान द्वारा विकसित माइक्रोवेव को अतुल्य नाम दिया गया है और यह 560 से 600 सेल्सियस के तापमान पर कोरोना विषाणु को टुकड़े टुकडे कर उसे नष्ट करने में सक्षम है। माइक्रोवेव किफायती है और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है या एक जगह पर फिक्स भी किया जा सकता है। माइक्रोवेव इसे चलाने वाले व्यक्ति के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। विभिन्न वस्तुओं के आकार के अनुसार यह उस पर लगे कोरोना विषाणु को 30 सेकेंड से एक मिनट में नष्ट करने में सक्षम है। इस माइक्रोवेव का वजन तीन किलो है और यह केवल गैर धातु वाली वस्तुओं को ही संक्रमण मुक्त करने में सक्षम है।

 

ये तीन सुपर हीरो देंगे मात

इस बीच कोरोना वायरस को मात देने के लिए तीन सुपर हीरो भी आगे आए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सुपर पावर के साथ चलने की बात की है। इतना ही नहीं कोविड-19 के सुपर हीरो से नाम से एक पोस्टर भी जारी किया है, जिसमें साबुन, मास्क और अल्कोहल वाले हैण्ड सैनिटाइजर को वायरस से मुकाबला करने वाले सुपर हीरो के रूप में दिखाया गया है।
पोस्टर के माध्यम से सन्देश दिया जा रहा है कि कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रहना है तो साबुन और पानी से बार-बार अच्छी तरह से हाथ धोएं। बाहर से जब भी घर के अंदर आयें तो हाथों को अच्छी तरह से धोना कतई न भूलें। नाक, मुंह व आँख को न छुएं।

इसी तरह कोविड-19 के दूसरे सुपर हीरो मास्क को भी बहुत अहम बताते हुए इसका उपयोग खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए करने को कहा गया है। कोरोना का वायरस खांसने व छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, इसलिए खांसते या छींकते समय नाक व मुंह को ढककर रखें। वहीं, अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर भी कोरोना की जंग में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना को फैलने से रोकने के साथ ही कीटाणुओं को खत्म करने और खुद को सुरक्षित रखने में इनका इस्तेमाल बहुत ही प्रभावी है।

Categories
Off Beat

बन गई कोरोना की दवा, नैनोमेडिसिन है नाम

Nano medicine is the name of Corona medicine:

भारत के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा खोज निकाली है जो शरीर घुस चुके कोविड 19 वायरस की विस्तार की क्षमता को समाप्त कर देगी। वैज्ञानिकों ने दवा का पशुओं पर परीक्षण पूर्ण करके मानवों पर परीक्षण की तैयारी शुरू कर दी है।

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बदलने में सक्षम

ये वैज्ञानिक कोलकाता स्थित एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साईंसेज, (एसएनबीएनसीबीएस) के है और उन्होंने ऐसी सुरक्षित एवं किफायती नैनोमेडिसिन विकसित की है जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बदलने में सक्षम है। नैनोमेडिसिन स्थिति के अनुसार हमारे शरीर में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पेसीज (आरओएस) को घटा या बढ़ा सकती है और रोग का उपचार कर सकती है।
स्तनधारियो में आरओएस की नियंत्रित वृद्धि के लिए इस अनुसंधान की क्षमता कोविड-19 सहित वायरस संक्रमणों को नियंत्रित करने में नैनोमेडिसिन के अनुप्रयोग के लिए नई संभावना की उम्मीदें बढ़ाती है।

पशु परीक्षण पूर्ण

कई रोगों के रिडक्शन एंड ऑक्सीडेशन प्रोसेसेज (रेडॉक्स) के लिए पशु परीक्षण पूर्ण हो चुका है और अब संस्थान मानवों पर नैदानिक परीक्षण करने के लिए प्रायोजकों की खोज कर रहा है। यह मेडिसिन नींबू जैसे नींबू वर्गीय अर्क के साथ मैगनीज सॉल्ट से निकाले गए नैनोपार्टिकल्स को जोड़ती है। नैनोटेक्नोलॉजी की तरकीबों का उपयोग करते हुए मैगनीज और साइट्रेट का महत्वपूर्ण मिश्रण नैनोमेडिसिन का उत्पादन करता है।

ऑक्सीजन जोड़ती हटाती हैं

कृत्रिम रूप से निर्मित्त नैनोमेडिसिन हमारे शरीर के उत्तकों में रिडक्शन एंड ऑक्सीडेशन प्रोसेसेज (रेडॉक्स) के संतुलन को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण पाया गया। कोशिकाओं में रेडॉक्स प्रतिक्रियाएं ऑक्सीजन जोड़ती या हटाती हैं और कोशिकाओं में ऊर्जा पैदा करने जैसी कई प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य हैं। रेडॉक्स प्रतिक्रियाएं रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पेसीज (आरओएस) नामक कोशिकाओं के लिए हानिकारक उत्पादनों का भी निर्माण कर सकती हैं चूहों पर किए गए एक परीक्षण में, नैनोमेडिसिन सुरक्षित एवं त्वरित पाए गए और ढाई घंटों के भीतर बिलरुबिन के स्तर को नीचे ले आए।

तोड़ देती है वायरस की संरचना

स्तनपायियों में रिएक्टिव आक्सीजन स्पेसीज (आरओएस) की नियंत्रित वृद्धि की यह क्षमता कोविड-19 सहित वायरस संक्रमणों को नियंत्रित करने में नैनोमेडिसिन के अनुप्रयोग की नई संभावनाओं का रास्ता प्रशस्त करता है। अभी हाल में, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, जो आरओएस के वर्ग का है, की स्थानीय दवा की अनुशंसा कोविड-19 से बचने के एक तरीके के रूप में की गई है। एक नेबुलाइजर के जरिये श्वसन मार्ग में हाइड्रोजन पेरोक्साइड के उपयोग द्वारा अत्यधिक आरओएस अर्जित किया गया, जिसकी सलाह वायरस संरचना को तोडऩे के द्वारा कोविड-19 को निष्क्रिय करने के लिए दी जाती है। ये निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित किए गए हैं।