Categories
National

देश में कोरोना के मामले तीसरे दिन भी छह हजार से अधिक

नयी दिल्ली । देश में लगातार तीसरे दिन भी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के छह हजार से अधिक मामले सामने आने से कुल संक्रमितों की संख्या 1,31,868 पर पहुंच गयी है हालांकि राहत की बात यह है कि देश में 54 हजार से अधिक लोगों ने इस संक्रमण से निजात भी पायी।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवंकी ओर से रविवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक 6767 नये मामले सामने आये जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 1,31,868 पर पहुंच गयी। देश में कुल सक्रिय मामले 73560 हैं। इससे एक दिन पहले 6654 नये मामले सामने आये थे।

देश में कोविड-19 संक्रमण से पिछले 24 घंटों में 147 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 3,867 हो गयी। शनिवार की तुलना में रविवार को मृतकों की संख्या 10 बढ़ गयी है। शनिवार के आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में कोविड-19 से 137 लोगों की मौत हुई थी। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच पिछले 24 घंटों में इस महामारी से 2657 लोग मुक्त हुए हैं जिससे स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 54,441 हो गयी है।देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है और कुल संक्रमण के मामलों में एक तिहाई से अधिक हिस्सा यहीं का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 2608 नये मामले सामने आये हैं , जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 47190 हो गयी है तथा कुल 1577 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 13404 लोग इसके संक्रमण से ठीक भी हुए हैं।

Categories
National

देश में कोरोना संक्रमण के 1,12,359 मामले, 45 हजार से अधिक स्वस्थ

नयी दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के एक दिन में रिकाॅर्ड 5609 मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,12,359 पर पहुंच गयी है हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान 3000 से अधिक लोगों ने इस संक्रमण से निजात भी पायी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 5609 नये मामले आये जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 112359 पर पहुंच गयी। देश में कुल सक्रिय मामले 63624 हैं। इससे एक दिन पहले 5611 नये मामले सामने आये थे।

देश में इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 132 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 3435 हो गयी। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और पिछले 24 घंटों में 3002 लोग इस संक्रमण से मुक्त हुए हैं जिससे स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 45300 हो गयी है।

देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है और कुल संक्रमण के मामलों में एक तिहाई से अधिक हिस्सा यहीं का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 2161 नये मामले सामने आये हैं , जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 39297 हो गयी है तथा कुल 1390 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10318 लोग इसके संक्रमण से ठीक भी हुए हैं।

Categories
Off Beat

भारत की छह आईआईटी ने किया कमाल, थम जाएगा कोरोना का नकारात्मक धमाल

भारत पर जब भी कोई मुसीबत आती तो देश के प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हमेशा अलर्ट मोड में काम शुरू कर देते हैं। कोविड 19 (COVID-19) महामारी की आशंका से जूझते भारत में सम्भावित रोगियों को वेंटिलेटर की बड़ी संख्या में आवश्यकता होगी और देश के आईआईटी इन्हें बनाने की तकनीक ईजाद करने में जुट गए हैं। इसके अलावा वे सस्ती जांच किट और मशीनें भी बना रहे हैं। IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने पॉलीमरेस चेन रिएक्शन (PCR) मशीन बनाई है। इसकी मदद से 12 घंटों में 1,000 सैंपल चेक किए जा सकते हैं। IIT ने अभी तक दो ऐसी मशीनें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में भेज दी है और बाकी पर काम जारी है। यहीं के छात्रों ने ऑटोमेटेड स्प्रेयर के साथ एक ड्रोन तैयार किया है, जो ऊंची इमारतों, पार्क और सड़क आदि को सैनिटाइज करने के काम आ सकता है।

IIT गुवाहाटी कोरोना वायरस की वैक्सीन पर काम कर भी रहा है। IIT की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फैकल्टी मेंबर बायो टेक्नोलॉजी टूल का इस्तेमाल करते COVID-19 के इलाज के लिए वैक्सीन तैयार कर रहे हैं। यहां फेस शील्ड का प्रोटोटाइप तैयार किया गया है। इसे स्वास्थ्यकर्मी मुंह पर पहनते हैं। 3D प्रिंटर की मदद से तैयार इस फेस शील्ड को इस्तेमाल करना आसान है।

IIT मुंबई ने कोरोंटाइन नाम से एक मोबाइल ऐप बनाई है, जो संक्रमित व्यक्ति को ट्रैक सकती है। यह ऐप समय-समय पर GPS कॉर्डेिनेट्स भेजती रहती है, जिससे ट्रेसिंग आसान हो जाती है। दिल्ली IIT छात्रों ने टेस्टिंग किट तैयार की है, जिससे कोरोना वायरस के टेस्ट के दौरान आने वाली लागत को कम किया जा सकता है। फिलहाल इसका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे में क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। इसके अलावा यहां इंफेक्शन-प्रूफ फैब्रिक तैयार किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल अस्पतालों में इंफेक्शन को फैलने से बचाने के लिए हो सकता है।
IIT दिल्ली के केमिस्ट्री विभाग ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप हैंड सैनिटाइजर तैयार किया है। यह कोरोना वायरस को मारने में पूरी तरह कारगर है। फिलहाल इसे कैंपस के अंदर इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली की तरह IIT हैदराबाद के छात्रों ने भी हैंड सैनिटाइजर तैयार किया है। इसे भी WHO के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

IIT कानपुर में नोक्का रोबोटिक्स नाम की कंपनी है। इस कंपनी ने वेंटिलेटर प्रोटोटाइप तैयार किया जिसकी फिलहाल टेस्टिंग चल रही है। यह बाजार में पहले से मौजूद वेंटिलेटर की तुलना में बेहद सस्ता है। वहीं IIT हैदराबाद ने वेंटिलेटर का विकल्प तैयार किया है। इस बैग वॉल्व मास्क को इमरजेंसी में मरीज को सांस देने के लिए किया जा सकता है। इसी तरह IIT खड़गपुर ने हैंड सैनिटाइजर तैयार किए हैं।

Categories
Off Beat

इंसानी शरीर के चौकीदार की रक्षा करता है शहतूत, शरीर में कोरोना के प्रवेश पर लगाता है रोक

कोरोना वायरस के भय से घरों में बंद लोगों के लिए राहत की खबर। देश के जाने—माने यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ डा. सैयद अहमद का दावा है कि इंसानी शरीर के गले में प्रकृति ने जिन टांसिल्स को स्थान दिया है, वे असल में शरीर के सबसे मजबूत चौकीदार हैं और कोरोना जैसे खतरनाक वायरस का हमला होते ही बचाव के लिए संकेत भेजना शुरू कर देते हैं लेकिन अधिकांश लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसी गलती के चलते वायरस को फेफडों तक पहुंचने का अवसर मिल जाता है। टांसिल्स हर उस बैक्टीरिया, वायरस को रोकने की कोशिश करते हैं जो शरीर में प्रवेश की कोशिश कर रहा होता है। इस प्रक्रिया के चलते ही गले में खराश पैदा होती है।

डा. सैयद अहमद का कहना है कि प्रकृति ने शरीर को निरोग बनाए रखने के लिए पृथ्वी पर वनस्पति के रूप में तमाम औषधियां पैदा कर रखी हैं और यूनानी, आयुर्वेद जैसी चिकित्सा पद्धतियां उन्हीं वनस्पतियों का औषधि के रूप में इस्तेमाल कर रोग से बचाव के साथ ही उसे जड़ से नष्ट करने में भरोसा रखती हैं।

गले का रक्षक है शहतूत

डा. सैयद अहमद का कहना है कि आमतौर पर भारत में लगभग सभी इलाकों में पाया जाने वाला शहतूत गले का सबसे बड़ा रक्षक है। उसके पत्तों को उबालने के बाद बचे पानी के गरारे गले के टांसिल्स को न सिर्फ राहत देते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति के साथ मिलकर घातक से घातक वायरस को गले से बाहर निकाल फैंकते हैं। शहतूत फल का उपयोग भी अनेक तरह के वायरस और बैक्टीरिया को मार भगाता है।

यूनानी चिकित्सा विशेषज्ञ के अनुसार अभी तक के अध्ययन में यह साफ हो चुका है कि कोरोना वायरस मूलत: अनेक तरह के फ्लू के वायरस का ही एक घातक रूप है। चूंकि दुनिया इन दिनों कोरोना के खतरे से जूझ रही है, ऐसी स्थिति में जैसे ही किसी को गले में खराश महसूस हो, उसे तत्काल शहतूत के पत्तों के गरारे शुरू कर देने चाहिए। इसके अलावा नमक के गरारे भी गले की रक्षा करते हैं।

तीखी है लेकिन गले को रखती है स्वस्थ

यूनानी विशेषज्ञ का कहना है कि कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए मौसमी फल—सब्जियों का सेवन बढ़ा दिया जाना चाहिए। ड्राई फ्रूट के साथ ही तुलसी जैसी पारम्परिक औषधि भी शरीर को रोगों से बचाने में सहायक है। काली मिर्च भी ऐसा ही एक सूखा फल है जो स्वाद में तीखी होने के बावजूद गले को स्वस्थ रखती है। प्राकृतिक इलाज में भरोसा रखने वाले गायक आज भी काली मिर्च और मिश्री से गले को बैठने से बचाते हैं।

Categories
Off Beat

कोरौना गांव निवासियों की बढ़ी मुसीबत, नाम सुनते ही भाग खड़े होते हैं लोग

भारत में अजीबोगरीब नाम वाले गांवों की भरमार है और जब कभी उससे मिलते—जुलते नाम वाले कुछ वाकये हो जाते हैं तो उन गांव वालों की परेशानी बढ़ जाती है। इन दिनों ऐसा ही उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कोरौना गांव के निवासियों के साथ हो रहा है। Increased trouble residents of Korauna

‘कोरौना’ नामक यह गांव उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित है, जिसका नाम गांव वालों के लिए आफत बन चुका है। गांव वासियों के अनुसार जब से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है, उनके गांव में बाहरी व्यक्ति आने से डरते हैं। इतना हीं नहीं, जब कोई गांववाला गांव का नाम बताता है तो वे उससे दूरी बना लेते हैं। लोग यह नहीं समझते हैं कि कोरौना एक गांव है कोई कोरोना से संक्रमित इंसान नहीं। Increased trouble residents of Korauna

हैरान रह जाती है पुलिस

इस गांव के नाम का इतना खौफ है कि लोग टेलीफोन पर भी बात नहीं करते हैं। गांव के लोग जब सड़क पर निकलते हैं तो पुलिस उनसे पूछती है कि कहां जा रहे हो और वह बताते हैं कि हम कोरौना जा रहे हैं तो पुलिस भी हैरान-परेशान हो जाती है।

Increased trouble residents of Korauna इसके अलावा केरल के कोच्चि के एक गांव में स्थित कोरोना टेक्सटाइल नामक दुकान भी भारी चर्चा में है। जब से कोरोना महामारी फैली है तब से यह दुकान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। लोग अब इस दुकान के सामने दूर से ही सेल्फी ले रहे हैं। Increased trouble residents of Korauna

Categories
Off Beat

increase immunity corona will not near: डरें नहीं, रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाएं, पास तक नहीं फटकेगा कोरोना

increase immunity corona will not near: कोरोना के भय से थर—थर कांप रही दुनिया को यूनानी विशेषज्ञों की सलाह है कि उसे डरने की अपेक्षा अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। रोग प्रतिरोधक शक्ति को रात में जल्दी सो जाने और सुबह जल्दी उठ कर ताजा और सादा नाश्ता करके मजबूती दी जा सकती है। इसके अलावा ड्राईफ्रूट का सेवन बढ़ा दें तो कोरोना का इन्फेक्शन पास तक नहीं फटकेगा। अलबत्ता इंसानों को एक—दूसरे से दूरी कायम रखने के साथ ही हाथ धोने पर विशेष ध्यान भी देना होगा ताकि कोरोना वायरस हाथों के जरिए शरीर में प्रवेश नहीं कर पाए।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में यूनानी विंग के प्रभारी डा. सैयद अहमद का कहना है कि कोरोना वायरस का अभी तक किसी भी पैथी में कोई इलाज नहीं है, लेकिन यह वायरस मजबूत रोग प्रतिरोधक शक्ति वाले शरीरों का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। डा. सैयद का कहना है कि इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि मजबूत रोग प्रतिरोधक शक्ति वाले जबरन भीड़भाड़ में जाकर घुस जाएं। उन्हें भी सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी की पालना करते हुए घरों में रहना चाहिए। increase immunity corona will not near:

फ्रोजन खाद्य से बचना जरूरी

यूनानी पैथी के विशेषज्ञ डा. सैयद अहमद का कहना है कि सुबह उठकर ताजा पका हुआ नाश्ता कर लेने से कुछ ही दिनों में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ना शुरू हो जाएगी। इसके लिए सुबह नाश्ते में दूध, हलवा बादाम इत्यादि खाया जा सकता है। अगर किसी को ये सब खाद्य उपलब्ध नहीं हैं तो वह मूंगफली, चना इत्यादि खाकर भी रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ा सकता है। अलबत्ता फ्रोजन खाद्य से बचना बेहद जरूरी है। जहां तक चिकन मटन खाने का सवाल है तो वह भी ताजा लाकर पकाया जाना चाहिए। फ्रिज में रखा हुआ और प्रोसेस फूड इस वक्त में त्याग देना ही बेहतर होगा। increase immunity corona will not near:

 

सेनेटाइजर से ज्यादा फायदा देगा हाथ धोना

डा. सैयद अहमद का कहना है कि सेनेटाइजर का उपयोग किया जा सकता है लेकिन सबसे अधिक फायदा हाथ धोने से मिलेगा। खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएं। जब भी कोई काम करें, साबुन से हाथ धो लें। जहां तक मास्क का सवाल है तो सामान्य फ्लू पीड़ितों के साथ ही कोरोना के लक्षण वाले लोगों के लिए अनिवार्य है। अन्य लोग भी लगा सकते हैं लेकिन मास्क से ज्यादा फायदा हाथ धोने से मिलेगा। increase immunity corona will not near:

बेहतरीन सेनेटाइजर है नींबू—पानी

उन्होंने बताया कि नीबू पानी ​बेहतरीन सेनेटाइजर है। चने के बेसन से भी हाथ धोए जा सकते हैं। मुल्तानी मिट्टी भी हाथ धोने के काम ली जा सकती है। लेकिन सबसे ​बढ़िया है कि साबुन से हाथ धोए जाएं। इसके लिए नीम बेस साबुन मिल जाए तो सोने में सुहागा हो सकता है। increase immunity corona will not near:

इन्फेक्शन दिखे तो शहतूत पत्ते के गरारे करें

डा. सैयद अहमद का कहना है कि फ्लू का हमला होते ही गले में खराश के साथ ही निगलने में दिक्कत शुरू हो जाती है। ऐसी स्थिति में शहतूत पत्ते के पानी के गरारे तत्काल शुरू कर दिए जाएं। नमक मिले पानी के गरारे भी फायदेमंद रहेंगे। इसके साथ ही चिकित्सक की मदद भी तत्काल ली जाए। ऐसी स्थिति आते ही शबर्ते उन्नाव को गुनगने पानी से लें। बादाम, अखरोट, चिलगोजा, मूंगफली खाएं। मूंगफली खाने के बाद आधा घंटे तक पानी नहीं पीएं। increase immunity corona will not near:

Categories
Off Beat

Pangolin gave Corona: शोध में हुआ साबित, चमगादड ने नहीं पेंगोलिन ने दिया इंसानों को कोरोना का उपहार

Pangolin gave Corona:

पूरी दुनिया को हिलाकर रख देने वाले कोरोना वायरस ने इंसानों के शरीर में किस जानवर के जरिए प्रवेश पाया, इस पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह चमगादड अथवा सांप से नहीं बल्कि पेंगोलिन से इंसानों को उपहार के रूप में मिला है। इससे पहले आए अध्ययन में कहा गया था कि सांप के जरिए कोरोना वायरस इंसानों में पहुंचा, लेकिन नए अध्ययन ने इसे खारिज कर दिया है।  Pangolin gave Corona:

 

पैंगोलिन ने चमगादड़ और मनुष्यों में फैलाया वायरस

वायरस के जीनोम को लेकर हालिया दो अध्ययनों ने सांप को नए वायरस के लिए जिम्मेदार बताया था। लेकिन अब एक नए अध्ययन में बताया गया है कि चींटी खाने वाले जानवर पैंगोलिन ने चमगादड़ और मनुष्यों में इस वायरस को फैलाया है। ज्यादातर विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि सार्स-सीओवी-2 फैलाने का चमगादड़ एक प्राकृतिक स्रोत है, लेकिन चमगादड़ से इंसानों में फैलने के लिए बीच में एक होस्ट की आवश्यकता होती है। Pangolin gave Corona:

चमगादड़ कोरोना वायरस भी शामिल

इसके लिए वैज्ञानिकों ने एसएआरएस-सीओवी-2 डीएनए और प्रोटीन अनुक्रम (सीक्वन्स) का अधिक सावधानी पूर्ण विश्लेषण किया। इसके लिए बड़े डेटा सेट और नए अधिक सटीक जैव सूचना विज्ञान के तरीकों और डेटाबेस का उपयोग किया। उन्होंने पाया कि प्रोटीन के चार खण्डों को सार्स-सीओवी-2 और एचआईवी-1 के बीच अलग तरीके से बांटा गया था, इस तरह चार क्रमवार खण्डो में अन्य वायरस भी पाए जा सकते है, जिसमें चमगादड़ कोरोना वायरस भी शामिल है। Pangolin gave Corona:

मानव और चमगादड़ संक्रमित प्रोटीन के बीच 19 अंतर

टीम ने पैंगोलिन के ऊतकों से अलग डीएनए और प्रोटीन अनुक्रमों (सीक्वन्स) की खोज की जो कि सार्स-सीओवी -2 के समान थे।
शोधकर्ताओं ने बीमार जानवरों के फेफड़ों में प्रोटीन अनुक्रम की पहचान की जो मानव वायरस के प्रोटीन के 91 फीसदी समान थे। इसके अलावा, पैंगोलिन कोरोना वायरस के प्रोटीन रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में सार्स-सीओवी-2 से केवल 5 एमिनो एसिडों का अंतर था, जबकि मानव और चमगादड़ संक्रमित प्रोटीन के बीच 19 अंतर पाए गए। यह सबूत पैंगोलिन को नए कोरोना वायरस के लिए सबसे संभावित होस्ट के रूप में मानता है, शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके अतिरिक्त अन्य होस्ट भी हो सकते हैं। Pangolin gave Corona:

Categories
Off Beat

Corona virus treatment found: मिल गया कोरोना वायरस का इलाज, वैज्ञानिकों ने खोज निकाला प्रोटीन ‘पेप्टाइड’

Corona virus treatment found:

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के शोधकर्ता प्रोटीन के एक टुकड़े ‘पेप्टाइड’ पर परीक्षण कर रहे हैं, जो कोरोनावायरस कोविड-19 को फेफड़ों की कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोक सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार पेप्टाइड प्रोटीन का छोटा टुकड़ा है। यह मानव कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले प्रोटीन की तरह दिखता है। यह पेप्टाइड उस वायरल प्रोटीन को रोक सकता है जिसका उपयोग कोरोना वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए करता है। इसकी मदद से कोरोना वायरस को शरीर में फैलने से पहले ही रोक सकते हैं। Corona virus treatment found:

 

रोक देगा वायरस का सेल में प्रवेश

यह एक ऐसा योगिक है जिसकी मदद से कोरोनावायरस को सेल में प्रवेश करने से रोका जा सकता है। शोधकर्ताओं ने पेप्टाइड के नमूने मानव कोशिकाओं पर परीक्षण करने के लिए भेज दिए हैं। एमआईटी द्वारा किये जा रहे इस शोध से जुड़े प्रारंभिक निष्कर्ष की अभी समीक्षा बाकी है।
मार्च की शुरुआत से ही लैब ने इस परियोजना पर काम करना शुरू कर दिया था। जब से पता चला है कि यह वायरस बीमार व्यक्ति के सेल्स को अपने ट्रिमेरिक स्पाइक ग्लाइको प्रोटीन के माध्यम से जोड़ लेता है। कोविड-19, सार्स वायरस की तुलना में 10 गुना अधिक मजबूती से होस्ट सेल्स में चिपक जाता है। वायरस होस्ट के किसी विशिष्ट हिस्से में ‘रिसेप्टर’ से जुड़ जाता है। यह रिसेप्टर, मानव कोशिकाओं की सतह पर पाया जाता है, जिनमें फेफड़े भी शामिल हैं। Corona virus treatment found:

बांध देगा वायरस के ग्लाइको प्रोटीन को

यह जानने के बाद लैब में सिमुलेशन की मदद से उस स्थान का पता लगाया गया जहां कोरोनावायरस ग्लाइको प्रोटीन की मदद से अपने आप को होस्ट सेल के रिसेप्टर से जोड़ लेता है। यह जानने के बाद इससे निपटने के लिए लैब ने पेप्टाइड सिंथेसिस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया, जो उन्होंने पहले ही विकसित कर रखी थी। इसकी मदद से उन्होंने उस पेप्टाइड का निर्माण किया जो इस वायरस के ग्लाइको प्रोटीन को बांध सकता है। इसे समझने के लिए उन्होंने 100 से भी ज्यादा प्रकार के पेप्टाइड का निर्माण किया है। Corona virus treatment found:

बना सकते हैं कोरोना वायरस पर पकड़ 

गौरतलब है कि शोधकर्ताओं ने उस पेप्टाइड को लैब में भेज दिया है जहां इसे ह्यूमन सेल्स और कोविड-19 से संक्रमित जानवरों पर टेस्ट किया जा सकता है। उनका मानना है कि पेप्टाइड्स के अणु बड़े होते हैं, इसलिए वे कोरोना वायरस पर पकड़ बना सकते हैं और उसे कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोक सकते हैं। जबकि यदि आप एक छोटे अणु का उपयोग करते हैं, तो यह वायरस के पूरे क्षेत्र को अवरुद्ध नहीं कर पाते हैं। हालांकि एंटीबॉडी की सतह भी बड़ी होती है, इसलिए वे भी इसे रोकने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। पर उसमें सबसे बड़ी दिक्कत यह है की वो खोज और निर्माण में अधिक समय लेते हैं। जबकि ऐसी दवाओं का फायदा यह है कि उन्हें बड़ी मात्रा में निर्मित करना अपेक्षाकृत कहीं ज्यादा आसान हैं। Corona virus treatment found:

शरीर में इंजेक्ट करना पड़ेगा

पेप्टाइड दवाओं को खाया नहीं जा सकता, उन्हें शरीर में इंजेक्ट करना पड़ता है। साथ ही उसमें बदलाव करने की भी जरुरत है जिससे वो ज्यादा समय तक ब्लड में रह सके और अधिक प्रभावी हो सके। वर्तमान में लैब इस पर भी काम कर रही है। लैब के अनुसार यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कब तक रोगियों पर इस दवा का परीक्षण शुरू होगा। दुनिया भर में यह वायरस 6 लाख से भी ज्यादा लोगो को अपनी चपेट में ले चुका है, साथ ही इससे अब तक 27,456 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में यदि जल्दी ही इससे निपटने के लिए कोई दवा नहीं आती, तो इससे मरने वालों का आंकड़ें इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है। Corona virus treatment found:

Categories
Off Beat

वुहान के वायरस का सगा भाई है भारत में बीमार कर रहा वायरस

Wuhan Corona virus:

भारत में कोरोना फैला रहे Sars-Cov-2 वायरस की पहली तस्वीर पुणे के वैज्ञानिकों ने ट्रांसमिशन इलेक्ट्रोन माइक्रोस्कोप इमेजिंग का प्रयोग करते हुए ली हैं और इन्हें इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। भारत में कोरोना वायरस की पहली मरीज के सैंपल से ये तस्वीरें ली गई हैं। इनमें कांटों के ताज जैसे दिखने वाले Sars-Cov-2 को देखा जा सकता है। Wuhan Corona virus:

 

केरल छात्रा के गले के सैंपल की जांच से निकला निष्कर्ष

वैज्ञानिकों ने 30 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई केरल की छात्रा के गले से लिए सैंपल का प्रयोग किया था। केरल की इस छात्रा को 30 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, ये छात्रा कोरोना वायरस के केंद्र रहे चीन के वुहान शहर से वापस लौटी थी। तस्वीरों से पता चलता है कि Sars-Cov-2 वायरस 2002 में SARS बीमारी और 2012 में MERS बीमारी पैदा करने वाले कोरोना वायरसों से मिलता है। Wuhan Corona virus:

कांटेदार ताज से ​घिरा है वायरस

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की पूर्व महानिदेशक डॉ निर्मल के गांगुली के अनुसार “कोरोना वायरस एक ताज जैसा होता है और इसकी सतह पर मिलने वाले कांटों से इसे ये नाम मिला है, क्योंकि लैटिन में कोरोना का मतलब ताज होता है। वे विकसित होकर कई तरह के रिसेप्टर्स को पहचानने लग गए हैं। किस रिसेप्टर से जुड़ना है इसकी पहचान करने के बाद उसके साथ विलय करके ये कोशिका में दाखिल होता है। Wuhan Corona virus:

वायरस जानवरों से इंसानों में कैसे आया

ये तस्वीरें क्लीनिकल सैंपलों में म्यूटेसन समझने और वायरस के इवॉस्युशन और आनुवंशिक उत्पत्ति की पहचान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें हमें ये समझने में मदद मिलेगी कि वायरस जानवरों से इंसानों में कैसे आया, कैसे एक इंसान से दूसरे इंसान में प्रसार शुरू हुआ और क्या ये अभी भी म्यूटेट कर रहा है। Wuhan Corona virus:

छात्रा के गले से लिए गए सैंपल में एक वायरस बहुत अच्छी तरह से संरक्षित था और कोरोना वायरस जैसे फीचर्स दिखा रहा था, जिसके बाद उसे अलग करके उसकी तस्वीरें ली गईं। Wuhan Corona virus:

वुहान के वायरस जैसी जेनेटिक संरचना

केरल की छात्रा के सैंपल में पाए गए कोरोना वायरस चीन के वुहान में पाए गए कोरोना वायरस से जेनेटिक तौर पर 99.98 प्रतिशत मिलता है।
उल्लेखनीय है कि भारत में अब तक कोरोना वायरस के 724 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 17 लोगों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक चार लोगों की इसकी वजह से जान गंवानी पड़ी है। वहीं गुजरात में तीन, कर्नाटक में दो, दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक-एक शख्स की मौत हुई है। Wuhan Corona virus:

 

Categories
Off Beat

Corona virus: भारत के 16 शहरों में है कोरोना के सबसे अधिक मरीज

Corona virus:

भारत में में कोरोना वायरस (COVID-19) के 312 मामलों में से 80 प्रतिशत 16 शहरों और जिलों से हैं। दिल्ली, मुंबई, भीलवाड़ा (राजस्थान), कसारगोड (केरल) और नवांशहर (पंजाब) समेत पांच जगहों पर 40 प्रतिशत से अधिक मरीज मिले हैं। भारत में शनिवार को महामारी के सबसे अधिक 194 मामले सामने आए। इससे पहले 26 मार्च को एक दिन में सर्वाधिक 88 लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित पाए गए थे। वहीं 79 लोग इससे ठीक हो चुके हैं और 19 लोगों की मौत हुई है। Corona virus:

संक्रमण का हॉटस्पॉट: मुंबई, पुणे और पथानामथिट्टा 

मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर, केरल के कन्नूर और पथानामथिट्टा, महाराष्ट्र के पुणे और सांगली, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर, गुजरात के अहमदाबाद, तेलंगाना के करीमनगर, लेह और चेन्नई में तेजी से इस महामारी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों ने बताया कि इनमेंं से मुंबई, पुणे और पथानामथिट्टा कोरोना वायरस के संक्रमण का ‘हॉटस्पॉट’ बनकर उभरे हैं। यहां संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले कई लोग इसका शिकार हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अभी तक देश के 132 जिलों में इस महामारी से संक्रमित लोग पाए गए हैं। लॉकडाउन शुरू होने से पहले यह संख्या 75 थी। बता दें कि संक्रमण रोकने के लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है। Corona virus:

 

दुनियाभर में 6 लाख से ज्यादा संक्रमित

कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने 22 मार्च को देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के आने पर रोक लगा दी थी। स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम 22 मार्च से भोपाल, इंदौर, कन्नूर, सूरत और अहमदाबाद के एयरपोर्ट पर विदेशों से आने वाले लोगों पर खास ध्यान दे रही है। इन लोगों के संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में महामारी से संक्रमित लोगों को 28 दिन की भुगतान सहित छुट्टी देने का निर्देश दिया गया है। इसमें फैक्ट्री में काम करने वाले, दिहाड़ी मजदूर और दुकानों पर काम करने वाले लोग भी शामिल हैं।
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल लोगों की संख्या 6 लाख से ज्यादा पहुंच गई है। Corona virus:

सबसे अधिक संक्रमित अमेरिका में

सबसे अधिक संक्रमित अमेरिका (1,04,865), इटली (86,498), चीन (81,996), स्पेन (72,248) और जर्मनी (53,340) में हैं। पिछले साल के अंत में चीन के वुहान से शुरू हुए इस वायरस ने दुनिया के 201 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है और इसका संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित इटली में इसके कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 10,000 से पार पहुंच गई है और 86,000 से ज्यादा इससे संक्रमित है। यहां रोजाना सैंकड़ों लोगों की मौत हो रही है। चीन में शनिवार को इस महामारी के 45 नए मामले सामने आए। यह संख्या शुक्रवार को मिले 54 नए संक्रमितों के मुकाबले कम है। Corona virus:

वुहान में फिर पांच मौत

वुहान में शनिवार को पांच मौतें हुईं। इसके साथ यहां इस महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 3,300 से पार पहुंच गई है। लगभग तीन महीने तक पूरी तरह बंद रहने के बाद वुहान में रोजमर्रा की जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।