Categories
Business

ये कंपनी दे रही रोजाना 3 जीबी इंटरनेट डाटा, अन्य सेवाएं बिल्कुल फ्री

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन के इस दौर में घर से काम पर अधिक जोर दिया जा रहा है और इसके लिए निर्बाध चलने वाला इंटरनेट जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर रिलायंस जियो ग्राहकों के लिए केवल 999 के रिचार्ज पर 84 दिन तक हर रोज तीन जीबी हाईस्पीड डाटा के बाद 64 केबीपीएस असीमित डाटा का लाभ का नया प्लान लाई है।

मोबाइल सेवा को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सेवाएं देने में हमेशा तत्पर जियो ने इस प्लान में कई अन्य सुविधाएं जिनमें वॉइस कॉल की सुविधा, जियो से जियो और लैंडलाइन पर मुफ्त और असीमित कॉल भी शामिल है।प्लान में जियो से दूसरे नेटवर्क पर 3000 मिनट की कॉलिंग मुफ्त दी गई है।

इसके अलावा 84 दिन तक 100 एसएमएस प्रति दिन की सुविधाएं दी गई है। ग्राहकों सबसे अधिक इंटरनेट डाटा देने के मामले में रिलायंस जियो क्षेत्र की अन्य कंपनियों से हमेशा आगे रहती है और अपने प्रीपेड और ब्रॉडबैंड प्लान्स में हमेशा बदलाव करती रहती है।

प्लान में ग्राहकों को जियो एप्स का सबस्क्रिप्शन पूरक मिलेगा।रिलायंस जियो की आक्रामक नीति और ग्राहकों के लिए वाजिब दरों पर नये-नये प्लान का परिणाम है कि कंपनी ने चार वर्ष के भीतर ही अन्य कंपनियों का वर्चस्व तोड़कर करीब 39 करोड़ ग्राहक का नेटवर्क बना लिया और मोबाइल सेवा की अगुआ बन गई।

Categories
National

पहले बीएसएनएल की अर्थी देख खुश हो रहे थे, अब लाल—पीले हो रहे हैं मुकेश अंबानी, जानिए इसके पीछे का असली सच

जिस आईयूसी चार्ज(इंटरकनेक्टेड यूजर्स चार्ज) को कम करने के ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक संस्था) के निर्णय से बीएसएनएल की कमर टूटी, अब उसी चार्ज पर रिलायंस जियो के मुकेश अंबानी इसलिए लाल—पीले हो रहे हैं क्योंकि अब उन्हें भी अन्य कम्पनियों को यह चार्ज चुकाना होगा और सब कुछ मुफ्त देने का झांसा देकर बीएसएनएल की ढांचागत सुविधाओं के उपयोग से अरबों कमा रहे थे। ट्राई के नए निर्णय से मुकेश की रिलायंस जियो को उपभोक्ताओं से चार्ज लेना पड़ रहा है और यही उनके लाल—पीले होने का मूल कारण है। व्यापार में सब कुछ जायज की मानसिकता वाले मुकेश को जब इस समस्या से निजात का कोई उपाय नहीं सूझा तो वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजि​टल इंडिया के सपने के चकनाचूर हो जाने की आड़ लेकर देश के सामने आए हैं।
मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने भारतीय दूरसंचार नियामक संस्था (ट्राई) के इंटरकनेक्टेड यूजर्स चार्ज (आईयूसी) परामर्श पत्र को मनमाना, प्रौद्योगिकी और गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को चकनाचूर कर देगा। जियो ने कहा आईयूसी को खत्म करने की सीमा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ मनमानी, प्रौद्योगिकी विरोधी, कानूनी रूप से कमजोर, अनुचित और गरीब विरोधी है। जियो ने ट्राई पर निशाना साधते हुए कहा कि आईयूसी पर नियामक संस्था के मनमाने रवैये से उसकी विश्वसनीयता संदेह के दायरे में है। इससे दूरसंचार क्षेत्र के निवेशकों के भरोसे पर कुठाराघात होगा। जियो ने कहा है कि आईयूसी की वजह से वह अन्य दूरसंचार कंपनियों को साढ़े तेरह हजार करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।

रिलायंस जियो ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़न के मुताबिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देश के हर नागरिक का हक है, किन्तु आईयूसी को बनाए रखने की इच्छा ने प्रधानमंत्री के इस विज़न को चकनाचूर कर दिया है। कुछ टेलीकॉम ऑपरेटर चाहते है कि पुराना पड़ चुका 2जी का नेटवर्क सदा बना रहे और देश के 47 करोड़ से ज्यादा ग्राहक जो 2जी नेटवर्क से जुड़े हैं डिजिटल क्रांति के लाभों से वंचित रह जाएं। कंसल्टेशन पेपर जारी कर ट्राई इन टेलीकॉम ऑपरेटरों के निहित स्वार्थ को बचाए रखना चाहती है। ट्राई को अपने जवाब में रिलायंस जियो ने कहा कि कुछ ऑपरेटरों के पास 2जी नेटवर्क से 4जी में अपग्रेड ना करने के अनेक बहाने हैं। लगता है वे जानबूझ कर ऐसा नहीं करना चाहते। वे अपने 2जी ग्राहकों का विभिन्न तरीकों से शोषण कर रहे हैं। ये ऑपरेटर 2जी ग्राहकों से वॉयस कॉलिंग के पैसे वसूलते हैं, जबकि जियो के 4जी नेटवर्क पर यह फ्री है। खराब गुणवत्ता और ऊंची कीमतों के डेटा की वजह से यह 2जी ग्राहक डिजिटल सोसाइटी का हिस्सा भी नहीं बन पाते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री के सपने ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी आराम से जीने का हक भी इससे बाधित होता है। आईयूसी पर ट्राई के कंसल्टेशन पेपर से उन ऑपरेटर्स को बल मिलेगा जो 2जी से 4जी में अपग्रेड करने में आनाकानी कर रहे हैं।

आईयूसी को जारी रखने के पक्ष में तर्क दिया जा रहा है कि कुछ टेलीकॉम कंपनियों के वित्तीय हालात काबू में नहीं है इसलिए आईयूसी जारी रखना जरूरी है। रिलायंस जियो के मुताबिक इस तर्क में कोई दम नहीं है। आईयूसी की रकम इतनी बड़ी नहीं होती कि कई हजार करोड़ की कंपनियों के वित्तीय हालात पर इसका कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़े। रिलायंस जियो का कहना है कि वित्तीय हालात का रोना रोने वाली कंपनिया इसे एक बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहीं हैं। दरअसल वह नये निवेश से बचना और 2जी नेटवर्क को जारी रखना चाहती हैं।

 

रिलायंस जियो ने ट्राई के 18 सितंबर को आईयूसी जारी कंसल्टेशन पेपर का जवाब देते हुए कहा कि यह कंसल्टेशन पेपर जल्दबाजी में और बिना किसी सोच-विचार के जारी कर दिया गया है। ट्राई के ढुलमुल रवैये की वजह से अगर आईयूसी को समाप्त करने में देरी की गई तो यह फ्री वॉयस कॉलिंग व्यवस्था को खत्म कर देगा, जो ग्राहक के हक में नहीं होगा।

Categories
National

जियो ने एयरटेल पर लगाया राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप

दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस जियो ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी एयरटेल पर एप्पल वॉच सीरीज़-3 के ग्राहकों के डाटा में सेंध लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए दूरसंचार विभाग को इस बाबत पत्र लिखा है।

Jio

जियो ने गत 11 मई को लिखे इस संबंध में लिखे गये पत्र में आरोप लगाया है कि एयरटेल ने एप्पल वॉच सीरीज़-3 के लिए जरूरी सर्वर विदेश में लगाए हैं, जो लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है। यूनिफाइड लाइसेंस के अनुसार कोई भी दूरसंचार कंपनी अपने सर्वर देश के बाहर नही लगा सकती है।

यह भी देखिये- नवनीत की हैट्रिक से भारत ने जापान को 4-1 से पीटा

जियो और एयरटेल दोनों कंपनियों ने 11 मई को एप्पल वॉच सीरीज़-3 की बिक्री शुरू की थी और उसी दिन जियो ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए दूरसंचार विभाग का दरवाजा खटखटाया। जियो का कहना है कि एप्पल वॉच की खास तकनीक की वजह से एक विशेष सर्वर लगाने की जरूरत पड़ती है। इस सर्वर में नेटवर्क, मोबाइल डिवाइस और ग्राहक की महत्वपूर्ण जानकारियां सेव होती हैं। ऐसे में एयरटेल द्वारा सर्वर विदेश में लगाना लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है। जियो ने साथ ही यह आरोप भी लगाया है कि एयरटेल ने अपने व्यावसायिक हितों के लिए देश की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। एप्पल वॉच सीरीज-3 की सर्विस शुरू करने से पहले एयलटेल ने जरूरी सुरक्षा क्लियरेंस नहीं लिए हैं।

यह भी देखिये-ख़ुशी माहौल में पसरा सन्नाटा, हर्ष फायरिंग में गोली लगने से बाराती सहित तीन घायल

जियो ने दूरसंचार विभाग से एयरटेल के खिलाफ सख्त कदम उठाने की गुजारिश की है। जियो ने कहा है कि एयरटेल को एप्पल वॉच सीरीज़-3 की सर्विस देने से तब तक रोका जाए जब तक वह जरूरी सुरक्षा क्लियरेंस प्राप्त ना कर ले।

यह भी देखिये- भाजपा ने चिदंबरम पर लगाया विदेश में धन छुपाने का आरोप