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विश्व में कोराना संक्रमितों की संख्या 45.42 लाख, तीन लाख से अधिक मौत

बीजिंग/जिनेवा/नयी दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है और विश्व भर में इसके संक्रमितों की संख्या 45.43 लाख से अधिक हो गयी है जबकि 3.07 लाख से ज्यादा लोग काल का ग्रास बन चुके हैं।

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों की संख्या 45,42,752 हो गयी जबकि कुल 3,07,696 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है।

भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है और यह संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में 11वें स्थान के साथ ही वैश्विक महामारी के केंद्र चीन से आगे हो गया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना से संक्रमितों और मृतकों की संख्या में क्रमश: 3970 और 103 की बढ़ोतरी हुई है।देश में इसके संक्रमण से अब तक 85,940 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 2752 लोगों की मौत हुई है जबकि 30,153 लोग पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं।

सीएसएसई के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस से दुनिया में सर्वाधिक लोग संक्रमित हुए हैं तथा यहां संक्रमण के मामलों की संख्या 14 लाख से अधिक हो चुकी है।

विश्व की महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में 14,42,924 संक्रमित है और 87,493 की मौत हो चुकी है।रूस में भी कोविड-19 का प्रकोप लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह कोविड-19 के संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों की सूची में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है।

देश में संक्रमितों की संख्या ढाई लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। यहां अब तक 2,62,843 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 2418 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।यूरोप में गंभीर रूप से प्रभावित देश इटली में इस महामारी के कारण अब तक 31610 लोगों की मौत हुई है और 2,23,885 लोग इससे संक्रमित हुए हैं।

स्पेन में काेरोना से 230183 लोग संक्रमित है जबकि 27459 लोगों की मौत हो चुकी है।इस वैश्विक महामारी के केंद्र चीन में अब तक 82,941 लोग संक्रमित हुए हैं और 4633 लोगों की मृत्यु हुई है।

इस वायरस को लेकर तैयार की गयी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में हुई मौत के 80 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के थे।रोपीय देश फ्रांस और जर्मनी में भी स्थिति काफी खराब है।

फ्रांस में अब तक 1,78,994 लोग संक्रमित हुए हैं और 27529 लाेगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी में कोरोना वायरस से 173722 लोग संक्रमित हुए हैं और 7881 लोगों की मौत हुई है।इसके अलावा ब्रिटेन में भी हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।

यहां अब तक इस महामारी से 236711 लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 33998 लोगों की इसके कारण मौत हो चुकी है। तुर्की में कोरोना से अब तक 146457 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इससे 4055 लोगों की मौत हो चुकी है।

कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित खाड़ी देश ईरान में 116635 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 6902 लोगों की इसके कारण मौत हुई है।ब्राजील में 14817, बेल्जियम में 8959, नीदरलैंड में 5643, कनाडा में 5562, मेक्सिको में 4767, स्वीडन में 3646, स्विट्जरलैंड में 1874, आयरलैंड में 1518 और पुर्तगाल में 1190 लोगों की मौत हो गयी है।

इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के तीन हजार से अधिक तथा 64 लोगों की मौत का नया मामला सामने आया हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 38799 हो गयी है जबकि 834 लोगाें की मौत हो चुकी है।

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फलों के बीज, छिलके और लहसुन के तेल से बनी दवा करेगी कोरोना का सफाया

भारत के बायोटेक्नोक्रेट कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए प्रोटीन अवरोधक के रूप में फलों के बीज और छिलकों तथा लहसुन के कुदरती तेल के प्रयोग से चिकित्सकीय और मूल्यवान औषधीय घटकों को अलग करने की कोशिश में जुटे हुए है।

 

 

पंजाब के मोहाली में बायोटेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ इनोवेटिव एंड एप्लाइड बायोप्रोसेसिंग (डीबीटी-सीआईएबी) विभाग ने ऐसी अनेक अनुसंधान परियोजनाएं शुरू की हैं जिनका उद्देश्य ऐसे उत्पाद तैयार करना है जो घातक कोरोना वायरस ‘कोविड-19Ó संक्रमण की रोकथाम, निदान या इलाज के लिए किया जा सकता है जो वर्तमान में पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। इस योजना को इसके वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए तैयार किया गया है, जो रसायन, रासायनिक इंजीनियरिंग, जैव प्रौद्योगिकी, आणविक जीव विज्ञान, पोषण, नैनो प्रौद्योगिकी सहित अनुसंधान के विविध वर्गों से आते हैं। रोग निरोधी प्लेटफॉर्म के अंतर्गत संस्थान ने एंटीवायरल कोटिंग सामग्री विकसित करने के लिए काष्ठ अपद्रव्यता (लिग्निन) से उत्पन्न नोबल धातु नैनो कम्पलेक्सों और चिकित्सा शास्त्र प्लेटफॉर्म के तहत रॉक ऑक्साइड-समृद्ध सिट्रोनेला तेल, कार्बोपोल और ट्राइथेनोलामाइन युक्त अल्कोहल सैनिटाइजर का उपयोग करने पर काम करने की योजना बनाई है।

ऐसे होगा कुदरती तत्वों से इलाज

इसमें पोलीपायरोलिक फोटोसेन्सीटाइजरों और एंटीवायरल फोटोडायनामिक थेरेपी, इम्युनोमोडायलेटरी के माइक्रोबियल उत्पादन और संक्रमण रोधी फ्रक्टन बायोमॉलिक्यूल्स तथा कोरोना संक्रमण से पीडि़त व्यक्ति की छाती में भारीपन (कंजेशन) को कम करने के लिए नैजल स्प्रे किट के विकास और उसके व्यावसायिक निर्माण के लिए उसके नैनो संरूपण पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। दवा की खोज प्लेटफ़ॉर्म के अंतर्गत, इस अनुसंधान से सार्स-सीओवी-2 को रोकने के लिए एसीई 2 प्रोटीन अवरोधक के रूप में फलों के बीज और छिलकों तथा लहसुन के कुदरती तेल के प्रयोग से चिकित्सीय और मूल्यवान औषधीय घटकों को अलग करने के बारे में पता लगाया जाएगा। इसके अलावा, संक्रमण रोधी दवा की डिलीवरी की संभावना और न्यूट्रास्युटिकल के रूप में करक्यूमिन फोर्टीफाइड छाछ प्रोटीन पाउडर का उपयोग करने के साथ एंटीवायरललिग्निन से उत्पन्न नैनोकैरियर्स (एलएनसी) के विकास के लिए भी अध्ययन किया जाएगा।