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कोरोना: सबसे ज्यादा मामले वाले 10 देशों में शामिल हुआ India

नयी दिल्ली । कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के एक ही दिन में करीब सात हजार मामले आने के साथ भारत इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों में शामिल हो गया है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, आज कुल 6,977 नये मामले सामने आये। अब तक देश में 1,38,845 मरीजों में इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। देश में इस समय कोरोना वायरस के 77,103 मरीज उपाचाराधीन हैं और 57,721 स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 4,021 लोगों को नहीं बचाया जा सका।

इसके साथ ही देश में कोविड-19 के कुल मरीजों की संख्या ईरान से अधिक हो गयी है और इस मामले में हम 10वें स्थान पर पहुँच गये हैं। दुनिया भर में कोविड-19 के 54 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कुल 16.43 लाख मामलों के साथ अमेरिका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इसके बाद क्रमश: ब्राजील (3.63 लाख), रूस (3.44 लाख), ब्रिटेन (2.60 लाख), स्पेन (2.35 लाख), इटली (2.29 लाख), फ्रांस (1.82 लाख), जर्मनी (1.80 लाख) और तुर्की (1.56 लाख) का स्थान है।भारत में मई महीने में ही एक लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 01 मई की सुबह देश में इस महामारी के 35,043 मामलों की पुष्टि हुई थी जो आज सुबह बढ़कर 1,38,845 पर पहुँच गयी। इस प्रकार महज 24 दिन में 1,03,802 मामले सामने आ चुके हैं।

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महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 50000 के पार

मुंबई । महाराष्ट्र में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) ने रविवार को सबसे अधिक कहर बरपाया और रिकॉर्ड तीन हजार से अधिक नये मामलों से कुल संक्रमितों की संख्या 50 हजार को पार कर गई जबकि 58 मरीजों की और मृत्यु से कोरोना वायरस 1635 लोगों की जान ले चुका है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में संक्रमण के रिकॉर्ड 3041 मामले आए और कुल संक्रमितों की संख्या 50 हजार 231 पर पहुंच गई।इस दौरान 58 मरीजों की मृत्यु संक्रमण से 1635 की यह वायरस जान ले चुका है।महाराष्ट्र में इस अवधि में 1196 लोग स्वस्थ भी हुए और 14600 मरीज ठीक हो चुके हैं। राज्य में 33 हजार 988 संक्रमण मामले सक्रिय हैं।

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देश में कोरोना संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 5611 मामले, 3124 स्वस्थ हुए

नयी दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के एक दिन में रिकाॅर्ड 5611 मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 106750 पर पहुंच गयी है तथा इस दौरान 3124 लोग स्वस्थ हुए जिससे इस महामारी से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 42298 हो गयी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 5611 नये मामले आये जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 106750 पर पहुंच गयी। देश में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 61149 सक्रिय मामले हैं। इससे एक दिन पहले 4970 नये मामले सामने आये थे।

देश में इस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 140 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 3303 हो गयी। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और पिछले 24 घंटों में 3124 लोग स्वस्थ हुए हैं जिसके साथ स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 42298 हो गयी है।

देश में कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है और कुल संक्रमण के मामलों में एक तिहायी हिस्सा यहीं का है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 4083 नये मामले सामने आये हैं , जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 37136 हो गयी है तथा कुल 1325 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 9639 लोग इसके संक्रमण से ठीक भी हुए हैं।

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। तमिलनाडु में अब तक 12448 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 84 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 4895 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में पांच अंकों के आंकड़ों की सूची में गुजरात तीसरे नंबर पर है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 12140 हो गई है तथा इसके संक्रमण से 719 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 5043 लोग इस बीमारी से उबरे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की भी स्थिति इस जानलेवा विषाणु के कारण चिंताजनक बनी हुई है और यहां भी संक्रमितों की संख्या पांच अंकों पर पहुंच गयी है। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 500 नये मामले सामने आये हैं हालांकि इस दौरान किसी की मौत नहीं हुई है।

यहां अब तक 10,554 लोग संक्रमित हुए हैं तथा मृतकों का आंकड़ा 168 पर है जबकि 4750 लोगों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।राजस्थान में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 5845 हो गयी है तथा 143 लोगों की मौत हो चुकी है , जबकि 3337 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 4926 लोग इसकी चपेट में आए हैं तथा इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या 123 हो गयी है और 2918 लोग अब तक इससे ठीक हुए हैं।पश्चिम बंगाल में 2961 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 250 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1074 लोग ठीक हुए है।

तेलंगाना में अब तक कोरोना से 1634 लोग संक्रमित हुए हैं। राज्य में जहां कोरोना से 38 लोगों की जान गई है , वहीं 1010 लोग अब तक ठीक हुए हैं।दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 2532 और कर्नाटक में 1397 लोग संक्रमित हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 52 और 40 हो गयी है।

वहीं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1317 हो गई है और 17 लोगों की मृत्यु हुई है। पंजाब में 38, हरियाणा में 14, बिहार में नौ, ओडिशा में पांच, केरल और असम में चार-चार, झारखंड, चंडीगढ़, और हिमाचल प्रदेश में तीन-तीन तथा मेघालय, पुड्डचेरी और उत्तराखंड में एक-एक व्यक्ति की इस महामारी से मौत हुई है।

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गरारे और जलनेति से थम सकता है कोरोना वायरस का संक्रमण: डा. शीतू सिंह

जयपुर. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जयपुर के सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज की श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ शीतू सिंह ने दावा किया है कि गुनगुने पानी के गरारे और नेजल वाश (जल नेति) करके कोरोना वायरस के संक्रमण को फेफडों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय जनरल “लंग इंडिया” के ताजा अंक में प्रकाशित डा. सिंह के रिसर्च पेपर में कहा गया है कि नियमित रूप से गुनगुने पानी के गरारे और नेजल वॉश (जल नेति) गले और नाक में पहुंचे कोरोना वायरस को समाप्त कर देते हैं। जल नेति को मेडिकल साइंस में नेसोफेरेंजियल प्रोसेस कहते हैं।

नाक और गले की धुलाई से कम होता है वायरस का लोड

डॉ शीतू सिंह ने बताया कि Rapid Systematic Analysis में सर्दी, खांसी और बुखार के रूप में प्रकट होने वाले अपर रेसपेरेटरी वायरल संक्रमण की रोकथाम में गरारे और जल नेति का मूल्यांकन किया गया है। शोध से पता चला कि नाक और गले के माध्यम से प्रवेश करने वाले वायरस जनित रोगों की रोकथाम में गरारे और जलनेति से मदद मिलती है। जिस तरह धोने से हाथ संक्रमण रहित होते हैं, उसी तरह गरारे और नेजल वॉश से नाक और गले की धुलाई होती है और उससे वायरल लोड कम होता है। गले और नाक के म्यूकोसा की कोशिकाओं में इसका एंटी वायरल प्रभाव होता है।

कम हो जाती है बीमारी की अवधि

शोध के अनुसार नियमित गरारे और नेजल वॉश COVID 19 की रोकथाम में भी उपयोगी हो सकते है। पूर्व के अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करने के लिए मौजूद हैं कि जलनेति और गरारे करने से बीमारी की अवधि, उसके लक्षण और वायरस की मात्रा कम हो जाती है। शोध के ग्रुप लीडर श्वांस रोग विशेषज्ञ और राजस्थान हॉस्पीटल के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एडिनबरा में हुए एक अध्ययन में अपर रेसपेरेटरी वायरल संक्रमण में वायरस के प्रकार का भी अध्ययन किया गया था। डॉ वीरेंद्र ने कहा कि जापान में इन्फ्लूएंजा नियंत्रण के लिए जारी राष्ट्रीय दिशानिर्देश में फेस मास्क और हाथ धोना भी शामिल है। इसी तर्ज पर गरारे और नेजल वॉश को भारत में प्रोत्साहित किया जा सकता है। डा. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कान के छिद्र वाले मरीजों को गरारे और जलनेति चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही करने चाहिए।