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राजस्थान में कोरोना संक्रमित संख्या 6281, एक की मौत

जयपुर। राजस्थान में 54 नये कोरोना पाॅजिटिव मरीज सामने आने केे साथ ही इसकी संख्या बढकर आज 6281 पहुंच गयी वहीं अब तक 152 लोगों की मौत हो गयी।

चिकित्सा विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी जयपुर में 13, डूंगरपुर में 14, कोटा में17, झुंझुनू में छह, अजमेर में दो, दौसा एवं बीकानेर में एक-एक नया कोरोना पाॅजिटिव मरीज सामने आया है।
विभाग के अनुसार राज्य में एक और कारोना संक्रमित मरीज की आज मौत हो गयी। इस जानलेवा विषाणु से अब तक राज्य में 152 लोगों की मौत हो गयी है।

विभाग के अनुसार अब तक अजमेर में 275, अलवर में 40, बांसवाडा में 75, बारां मे पांच, बाडमेर में 56, भरतपुर में 130, भीलवाडा में 92, बीकानेर में 72, चित्तौडगढ में 168, चुरू में 60, दौसा 40, धौलपुर मे 28, डूंगरपुर में 28़9, गंगानगर में एक, हनुमानगढ में 14, जयपुर में 1699, जैसलमेर में 61, जालोर में 130, झालावाड 52, झुंझुनू में 77, जोधपुर में 1142,

बीएसएफ 48, करौली में 10, कोटा में 356, नागौर में 229, पाली मे 227, प्रतापगढ में 10 राजसमंद 68 सवाई माधोपुर में 17, सीकर में 69, सिरोही 78, टोंक में 156 उदयपुर में 433 संक्रमित मरीज सामने आये है।
विभाग के अनुसार अब तक दो लाख 75 हजार 974 सैंपल लिए जिसमें से 6281, पाॅजिटिव दो लाख 66 हजार 687 नेगेटिव तथा तीन हजार 006 की रिपोर्ट आनी बाकी हैं। इसके अलावा राज्य में कुल एक्टिव केस दो हजार 587 है।

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विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 लाख के करीब , 3.28 लाख लोगों की मौत

बीजिंग/जिनेवा/नयी दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड 19) का कहर बढ़ता जा रहा है और विश्व भर में इससे संक्रमितों की संख्या 50 लाख के करीब पहुंच चुकी है और 3.28 लाख से अधिक लोग अब काल के गाल में समा चुके हैं।

अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल संक्रमितों की संख्या 49,96,472 हो गयी जबकि 3,28,115 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। दुनिया भर में सर्वाधिक प्रभावित देशों में पहले स्थान पर अमेरिका, दूसरे पर रूस और तीसरे पर ब्राजील है।

भारत में भी कोरोना वायरस ने तेजी से पैर पसारे हैं और अब यह एक लाख से अधिक संक्रमण के मामलों वाले देशों में शामिल हो गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके संक्रमण से अब तक 1,12,359 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 3435 लोगों की मौत हुई है जबकि 45,300 लोग इस बीमारी से निजात पा चुके हैं।

अमेरिका में कोरोना वायरस से दुनिया में सर्वाधिक 15 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और इसके संक्रमण से मरने वालों की संख्या 90 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। विश्व की महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कुल संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ते हुए 15,51,853 हो गयी जबकि 93,439 लोगाें की मौत हो चुकी है।

रूस में भी कोविड-19 का प्रकोप लगातार तेजी से बढ़ रहा है और यह इस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों की सूची में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। यहां अब तक 3,08,705 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 2972 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।इस बीच ब्राजील में भी कोरोना को संकट गहराता जा रहा है।

यहां 291,579 लोग संक्रमित हुए हैं तथा पिछले 24 घंटों के दौरान ‘कोविड 19’ के प्रकोप से 888 मरीजों की मौत के बाद देश में इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18,859 हो गयी है। संक्रमण के मामले में ब्राजील का तीसरा स्थान है।इसके अलावा ब्रिटेन में भी हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।

यहां अब तक इस महामारी से 2,49,619 लोग प्रभावित हुए हैं और अब तक 35,786 लोगों की इसके कारण मौत हो चुकी है।यूरोप में गंभीर रूप से प्रभावित देश इटली में इस महामारी के कारण अब तक 32,330 लोगों की मौत हुई है और 2,27,364 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। स्पेन में कुल 2,32,555 लोग संक्रमित हुए है जबकि 27,888 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस वैश्विक महामारी के केंद्र चीन में पिछले 24 घंटों में संक्रमण अथवा मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। यहां अब तक 84,063 लोग संक्रमित हुए हैं और 4638 लोगों की मृत्यु हुई है। इस वायरस को लेकर तैयार की गयी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में हुई मौत के 80 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के थे।यूरोपीय देश फ्रांस और जर्मनी में भी स्थिति काफी खराब है।

फ्रांस में अब तक 1,81,700 लोग संक्रमित हुए हैं और 28,135 लाेगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी में कोरोना वायरस से 1,78,473 लोग संक्रमित हुए हैं और 8,144 लोगों की मौत हुई है।तुर्की में कोरोना से अब तक 1,52,587 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इससे 4,222 लोगों की मौत हो चुकी है।कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित खाड़ी देश ईरान में 1,26,949 लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 7183 लोगों की इसके कारण मौत हुई है।

बेल्जियम में 9150, कनाडा में 6150, मेक्सिको में 6090, नीदरलैंड में 5767, स्वीडन में 3831, पेरू में 3024, इक्वाडोर में 2888, स्विट्जरलैंड में 1892, आयरलैंड में 1,571 और पुर्तगाल में 1263 लोगों की मौत हो गयी है।इसके अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1932 नये मामले सामने आये हैं जबकि और 46 लोगों की मौत हो गयी। यहां अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 45,898 हो गयी है जबकि 985 लोगाें की मौत हुई है।

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शोध से सामने आई असलियत, कोरोना मरीजों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने से बढ़ जाता है मौत का खतरा!

अपने अडियल रुख के लिए प्रसिद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति को तब शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब उनके देश के ही एक हैल्थ इंस्टीट्यूट में भर्ती मरीजों पर किए गए अध्ययन में साफ हो गया कि जिस हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को वे रामबाण दवा बता रहे थे, उससे उल्टे मरीजों की मौत होने का जोखिम ज्यादा हो गया। शोध में पता चला है कि कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज में यह दवा फायदेमंद साबित नहीं हुआ है। मेडआर्काइव के प्रीप्रिंट रिपोजिटरी में प्रकाशित निष्कर्षों के अनुसार, उन लोगों की मौत होने का जोखिम ज्यादा बढ़ गया,जिनका इलाज हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन से किया गया था। अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 11 अप्रैल तक अमेरिका के ‘वेटरन्स हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन मेडिकल सेंटर कन्फर्म सार्स कोविड-2 संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती रोगियों के डेटा का विश्लेषण किया।

मरीजों को सिर्फ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसी) या एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन (एचसी प्लस एजी) के साथ देने के आधार पर कोविड-19 के लिए मानक सहायक प्रबंधन के अलावा उपचार के रूप में वर्गीकृत किया गया था। कुल 368 मरीजों का मूल्यांकन किया गया। जिन्हें सिर्फ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दिया गया था उस समूह में मृत्यु की दर 27.8 प्रतिशत थी।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन समूह में मृत्यु की दर 22.1 प्रतिशत थी और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन नहीं देने पर यह 11.4 प्रतिशत से भी कम था। शोधकर्ताओं ने पाया कि नो एचसी ग्रुप की तुलना में एचसी ग्रुप में और एचसी प्लस एजी समूह में वेंटिलेशन का जोखिम समान था। अध्ययन में कोई सबूत नहीं मिला कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल अकेले या तो एजिथ्रोमाइसिन के साथ करने पर अस्पताल में भर्ती कोविड-19 रोगियों में मैकेनिकल वेंटिलेशन का जोखिम कम रहता है।

कोविड-19 के रोगियों के इलाज में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को लेकर सीमित और परस्पर विरोधी आंकड़ों के बावजूद, अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इस दवा के आपातकालीन उपयोग को ऐसी स्थिति के लिए अधिकृत कर दिया है, जब नैदानिक परीक्षण अनुपलब्ध या अव्यवहार्य हो।