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न्यायालय की टिप्पणी के बाद मोदी-शाह की जोड़ी पर कैसे करें भरोसा : कांग्रेस

नयी दिल्ली । कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश गुजरात और गृहमंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र अहमदाबाद में कोरोना की स्थिति सबसे बदतर है और यदि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई छेड़ने वाले इन दोनों प्रभावशाली लोगों के गृह क्षेत्र की यह स्थिति है तो जनता उन पर कैसे भरोसा करेगी कि वे देश को इस महासंकट से निजात दिला सकते हैं।कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी देश को इस महामारी से बचाने के लिए आश्वस्त कर रही है लेकिन यह दो बडे नेता अपने प्रदेश को संभालने में ही असमर्थ साबित हो रहे हैं। अहमदाबाद तो शाह का संसदीय क्षेत्र है लेकिन इस महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र में कोरोना सबसे बडा संकट बन गया है। इसे लेकर गुजरात उच्च न्यायालय ने जो टिप्पणी की है वह बहुत चौंकाने वाली है और उन्होंने न्यायालय से इस तरह की फटकार कम ही सुनी है।

उन्होंने कहा कि गुजरात उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शनिवार को गुजरात सरकार के अहमदाबाद में कोरोना की स्थिति को लेकर जो शब्द कहें हैं वे निशब्द करते हैं और उन्हें सुनकर लगता है कि सच में गुजरात में जंगलराज चल रहा है। सिंघवी ने कहा कि न्यायालय ने अपने 143 पेज के आदेश में कहा है कि गुजरात का अहमदाबाद शहर कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां वेंटीलेटर, आईसीयू और पीपीई की गंभीर रूप से कमी है।प्रवक्ता ने कहा कि न्यायालय ने अहमदाबाद के सिविल अस्पताल को लेकर ज्यादा ही तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि इस अस्पताल की स्थिति बहुत खराब है जबकि यह शहर का प्रमुख अस्पताल है। अहमदामद में कोरोना के कारण जो मौत हो रही हैं उनमें 62 प्रतिशत मामले इसी अस्पताल के है जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित लोग पूरे गुजरात की तुलना में 85 प्रतिशत इसी शहर में हैं।

उन्होंने कहा कि न्यायालय की टिप्पणी में कहा गया है “कोरोना को लेकर पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है और किसी का कहीं कोई नियंत्रण ही नजर नहीं आता है। स्वास्थ्य मंत्री शायद कभी इस अस्पताल में झांकने तक नहीं गये होंगे जिससे सिविल अस्पताल की स्थिति तहखाने से भी बदतर हुई है।उन्होंने कहा कि न्यायालय ने निजी अस्पतालों को टेस्ट करने की अनुमति नहीं होने को भी संज्ञान में लिया है और इस पर आश्चर्य व्यक्त किया है। सिंघवी ने कहा कि दिल्ली सहित कई प्रदेशों में निजी अस्पतालों को कोरोना जांच की अनुमति है लेकिन हैरानी की बात है कि गुजरात सरकार ने यह सुविधा नहीं दी है।

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अम्फान: अमित शाह ने की पटनायक और ममता से बात

नयी दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मंगलवार को बात की और ‘अम्फान’ चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।

शाह ने दोनों मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग बात की और उनके राज्यों में मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तूफान के कारण जान माल के नुकसान को कम करने के लिये सभी जरूरी कदम उठाने को कहा।शाह ने कहा कि केंद्र सरकार दोनों राज्यों की हर संभव मदद के लिये तैयार हैं । उन्होंने कहा कि केंद्र की सभी एजेंसियां भी मुस्तैद हैं और जरूरत पड़ने पर वे राज्य सरकार की मदद को तत्पर हैं।उल्लेखनीय है कि अम्फान चक्रवात के बुधवार को पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की आशंका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की थी।

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delhi police getting alert: मिलते रहे अलर्ट फिर भी हाथ बांधे खड़ी रही पुलिस

delhi police getting alert:  खुफिया एजेंसियों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस को कम से कम छह बार अलर्ट भेजा गया था। भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान के दौरान पुलिस को ये अलर्ट भेजे गए थे और इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने को कहा गया था। लेकिन पुलिस कार्रवाई में नाकाम रही और हिंसा पूरे इलाके में फैल गई।

हिंसा से पहले बढ़ा तनाव

शनिवार रात को जाफराबाद में लगभग 500 महिलाएं नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में सड़क पर धरने पर बैठ गईं थीं। विरोध में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने CAA समर्थकों से रविवार दोपहर तीन बजे मौजपुर चौक पर इकट्ठा होने को आह्वान किया।
मिश्रा तय समय पर चौक पर पहुंचे और समर्थकों की मौजूदगी में पुलिस को चेतावनी दी कि वो तीन दिन के अंदर सड़के खाली कराएं नहीं तो उन्हें खुद सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

मिश्रा के जाने के बाद पत्थरबाजी

भाषण देने के बाद कपिल मिश्रा इलाके से चले गए। उनके जाने के बाद CAA समर्थकों और विरोधियों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। पहले पत्थरबाजी किसने की, ये अभी तक साफ नहीं है। रविवार को देर शाम तक पत्थरबाजी की खबरें आती रहीं। अगले दिन सोमवार को हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया और ये दंगे में बदल गया जो तीन दिन तक चलता रहा। दिल्ली पुलिस के हिंसा रोकने में नाकाम पर गंभीर सवाल उठे हैं।

इस समय भेजा गया पहला अलर्ट

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल ब्रांच और खुफिया इकाई ने वायरलेस रेडियो के जरिए उत्तर-पूर्व जिले के पुलिस अधिकारियों को कई अलर्ट भेजे।
पहला अलर्ट दोपहर 1:22 बजे के बाद भेजा गया जब मिश्रा ने ट्वीट कर लोगों को मौजपुर चौक पर जमा होने को कहा था। दोनों गुटों में टकराव की आशंका को देखते हुए खुफिया इकाई ने स्थानीय पुलिस को इलाके में सतर्कता बढ़ाने को कहा था।

पत्थरबाजी शुरु होने के बाद आए बाकी अलर्ट

जब इलाके में दोनों गुटों के बीच पत्थरबाजी हुई और भीड़ इकट्ठा होने लगी, तब भी स्पेशल पुलिस और खुफिया इकाई की तरफ से पुलिस को कई अलर्ट भेजे गए थे। हालांकि पुलिस ने इन अलर्ट पर किसी भी तरह की लापरवाही बरतने की बात से इनकार किया है।
एक पुलिस अधिकारी ने टाइम्स आॅफ इंडिया से कहा, अलर्ट मिलने के बाद सभी आवश्यक कदम उठाए गए। इसी कारण एक वरिष्ठ अधिकारी मिश्रा के साथ था और उसने ये सुनिश्चित किया कि वो जल्द से जल्द इलाके से बाहर जाएं। इन प्रयासों के बावजूद CAA विरोधियों ने मिश्रा के समूह पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

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ऐसी पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जिसमें जंग न लगा हो-अमित शाह

लोहरदगा । केंद्रीय गृहमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड के लोगों से एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए आज कहा कि यदि पार्टी दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित कार्यों को पूर्ण करेगी।

शाह ने यहां बी. एस. कॉलेज मैदान में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोहरगा अपने धातु भंडार के लिए जाना जाता है इसलिए यहां के लोगों को वैसी पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जिसमें जंग न लगा हो। पिछले पांच साल में भाजपा सरकार ने झारखंड के विकास के लिए काम किया है यदि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित पड़े सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और हमला करते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस सत्ता में रही तबतक झारखंड राज्य का गठन नहीं हो सका लेकिन जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तब यह संभव हुआ। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने वैसे लोगों से हाथ मिला लिया जो केवल सत्ता में आने के लिए युवओं पर गोली चलाने के आदेश देते हैं।

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इसलिए बौखला गया भारत का ये बड़ा जाट नेता, दे रहा है कमल को मसल देने की धमकी

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के संयोजक एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मंत्री यूनुस खान पर खींवसर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की मदद करने का आरोप लगाया है। बेनीवाल ने ट्वीट कर इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं कार्यवाहक अध्यक्ष जे पी नड्डा एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया से शिकायत कर इन दोनों नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव और अब खींवसर उपचुनाव में भी श्रीमती वसुंधरा राजे और श्री खान रालोपा का भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी की चुनाव में खुले आम मदद की, इन पर कार्यवाही की जानी चाहिये।

पिछले लोकसभा चुनाव के समय रालोपा एवं भाजपा के बीच गठबंधन हुआ था और श्री बेनीवाल नागौर से सांसद चुने गये थे। इसके बाद हाल में खींवसर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में भी गठबंधन जारी रहा। गत 24 अक्टूबर को उपचुनाव परिणाम में हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई एवं रालोपा प्रत्याशी नारायण बेनीवाल संभावना से बहुत कम अंतर करीब साढ़े हजार से चुनाव जीता। जबकि लोकसभा चुनाव में क्षेत्र में रालोपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों में करीब 55 हजार का अंतर रहा था।

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई खींवसर में शुरू से ही हनुमान बेनीवाल का राजनीतिक दबदबा रहा है और वह पहले चुनाव में ही भाजपा के टिकट पर खींवसर से विधायक चुने गये। इसके बाद 2013 में निर्दलीय एवं गत वर्ष पिछले विधानसभा चुनाव में खुद की पार्टी रालोपा उम्मीदवार के रुप में विधायक निर्वाचित होकर लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।

इसके बाद वह सांसद निर्वाचित हुए और सीट खाली होने पर हुए उपचुनाव में अपने छोटे भाई को चुनाव मैदान में उतारा और वह भी विधायक चुने गये। हालांकि उनके भाई नारायण बेनीवाल के चुनाव जीत जाने से उनका दबदबा कायम रहा लेकिन संभावना से कम मत मिले। इसके बाद हनुमान बेनीवाल ने श्रीमती राजे एवं खान पर कांग्रेस प्रत्याशी की चुनाव में मदद करने का आरोप लगाया।

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राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है- राजनाथ

नयी दिल्ली । कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने एवं इस्तीफा दिलाने के आरोपों से इन्कार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज संसद में कटाक्ष किया कि कांग्रेस में त्यागपत्र देने का सिलसिला राहुल गांधी ने शुरू किया है जिसका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है।

लोकसभा में शून्यकाल आरंभ होते ही सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र साजिश का शिकार हो गया है।ध्यप्रदेश एवं कर्नाटक की सरकार में दलबदल कराया जा रहा है। केन्द्र सरकार गुप्त तरीके से साजिश कर रही है। भाजपा को पसंद नहीं है कि विपक्षी दलों की सरकार किसी राज्य में चले। ये बहुत चिंता की बात है।

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को राज्यपाल के कार्यालय से सुनियोजित ढंग से कारों के जरिये हवाईअड्डे ले जाया गया और फिर वहां से भाजपा के एक सांसद के चार्टर्ड विमान से मुंबई ले जाकर एक पांच सितारा होटल में रखा गया है। यह सब कुछ पूर्वनियोजित ढंग से कराया गया है। केन्द्र सरकार कहती है कि ये लोकतंत्र में विश्वास करती है लेकिन ये तो लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। उन्होंने कहा, “आपके 303 सांसद जीत गये लेकिन आपका पेट नहीं भरा। आपका पेट कश्मीरी गेट हो गया है।”चौधरी के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सदन के उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस विषय पर बोलेंगे। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में माैजूद हैं, तो उन्हीं को जवाब देना चाहिए। पर जोशी ने कहा कि सिंह सदन के उपनेता हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में जो कुछ भी हो रहा है। उससे उनकी पार्टी का कुछ भी लेना देना नहीं है। उनकी पार्टी का ऐसा कोई इतिहास नहीं है कि किसी दूसरी पार्टी के विधायकों/ सांसदों पर दबाव डाल कर इस्तीफा दिलवाया हो। भाजपा संसदीय गरिमा को बनाये रखने को लेकर हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला हमने नहीं शुरू किया। राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है। भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है।

सिंह के जवाब से कांग्रेस के सदस्य उत्तेजित हो गये। उन्होंने अपनी अपनी सीटों पर खड़े हाे कर ‘लोकतंत्र बचाओ’ के प्लेकार्ड उठाकर सरकार के विरुद्ध नारे भी लगाये। इसी शोरशराबे के बीच अध्यक्ष आेम बिरला ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू का नाम पुकारा। बालू ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) के पाठ्यक्रम की एकरूपता को लेकर सवाल उठाये और कहा कि तमिलनाडु में कुछ लड़कियों ने आत्महत्या भी की है। शोर शराबे में उनकी बात साफ नहीं सुनायी दी। उन्होंने सरकार ने जवाब चाहा लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं तो द्रमुक के सारे सदस्य सदन के बहिर्गमन कर गये। अध्यक्ष ने इसके साथ ही भोजनावकाश के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

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नरेंद्र मोदी व अमित शाह ने इस दुखद हादसे पे जताया शोक

लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में 29 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मोदी ने ट्वीट करके कहा, “उत्तर प्रदेश के आगरा में हुई सड़क दुर्घटना एक दुखद हादसा है । जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने परिजनों को खो दिया है उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूू। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूूं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिवारों और घायलों की हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं।”

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुये अपने ट्वीट में कहा “मैं यमुना एक्सप्रेसवे में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और उम्मीद करता हूं कि घायल जल्द ही स्वस्थ हो जाएं।”

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ, राज्य के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने भी आगरा में सड़क दुर्घटना में 29 लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की एक बस सोमवार सुबह लगभग चार बजे आगरा के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर झरना नाले में गिरने से 29 लोगों की मृत्यु हो गई तथा 20 लोग घायल हो गये थे।

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शाह की टक्कर मे कांग्रेस के इस दिग्गज नेता को उतारा मैदान में

नयी दिल्ली| कांग्रेस ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ गांधीनगर लोकसभा सीट से गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सी जे चावड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।चावड़ा गांधीनगर उत्तर सीट से कांग्रेस के विधायक हैं।कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय को रांची से जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रनीत कौर को पटियाला और पवन के बंसल को चंडीगढ़ से पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा चुनावों के लिए 20 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कांग्रेस के महासचिव मुकुल वासनिक ने उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस सूची में पंजाब से छह, गुजरात से चार, झारखंड से तीन, कर्नाटक से दो, ओडिशा से दो, हिमाचल प्रदेश से एक, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से एक और दादरा नागर हवेली से एक उम्मीदवार की घोषणा की है।

कांग्रेस की इस सूची में पंजाब के गुरु दासपुर से सुनिल जाखड़ जबकि अमृतसर से गुरजीत सिंह ओजला और लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू का नाम शामिल है।

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शाह ने जताया पर्रिकर के निधन पर शोक, कहा देश, पार्टी के लिए किया जीवन समर्पित

नयी दिल्ली| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व रक्षा मंत्री एवं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आज कहा कि उन्होंने निःस्वार्थ भाव से अपना समग्र जीवन देश एवं पार्टी के लिए समर्पित कर दिया।शाह ने कहा कि वह पर्रिकर के असामयिक निधन से अत्यंत दुखी एवं स्तब्ध हैं । पर्रिकर के रूप में राष्ट्र ने अपने महान सपूत एवं सच्चे देशभक्त को खो दिया है जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से अपना समग्र जीवन देश, देश के विकास एवं पार्टी की विचारधारा के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि पर्रिकर ने पूरे राष्ट्र को यह चरितार्थ कर दिखाया है कि किस तरह भाजपा का एक कार्यकर्ता अपने सबसे कठिनतम समय के दौरान भी सबसे पहले राष्ट्र, फिर पार्टी और सबसे अंत में स्वयं के बारे में चिंता करने के दर्शन को लेकर प्रतिबद्ध है। पर्रिकर की अपनी जनता एवं अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता अनुकरणीय थी। उन्हें भारत के रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए सदैव याद किया जाएगा।

शाह ने कहा कि पर्रिकर का जीवन “सादा जीवन, उच्च विचार” की प्रतिमूर्ति है। सादगी, सरलता, सौम्यता और जन-कल्याण की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। पर्रिकर 2000 से 2005, 2012 से 2014 और 2017 से अब तक गोवा के मुख्यमंत्री रहे। वे 2014 से 2017 के दौरान देश के रक्षा मंत्री थे। उन्हीं के रक्षा मंत्री रहते हुए देश की जांबाज सेना ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की थी और उरी में पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादियों के कायराना हमले में शहीद हमारे वीर जवानों की शहादत का बदला लिया था।पर्रिकर 1994 से 2001 तक गोवा में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता रहे। वह केंद्र में रक्षा मंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य भी रहे। वह देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे जो आईआईटी से स्नातक थे।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पर्रिकर अपने सौम्य व्यक्तित्व और जनता से जुड़ी समस्याओं को उठाने वाले एक जुझारू नेता के रूप में सदैव याद किये जायेंगें। उनका निधन न केवल पार्टी, वरन देश के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। एक उत्कृष्ट मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री एवं समाजसेवी के रूप में किये गए अपने उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से वे हमेशा याद किये जायेंगे।शाह ने कहा, “संपूर्ण भारतीय जनता पार्टी परिवार पर्रिकर जी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। मैं करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ और विशेष रूप से गोवा की जनता के साथ, जो उनके परिवार थे, अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। दुःख की इस घड़ी में मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और शोक संतप्‍त परिवार को धैर्य और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।”

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हमने तो समर्थन किया था फिर भी हमें क्यों दोष दे रहे हैं मोदी, इस पार्टी ने पूछा भाजपा से सवाल

एयर स्ट्राइक में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चल रहे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमले के परिणामों की जानकारी देने की मांग कर रहे राजनीतिक ​दलों को देश विरोधी करार देने का अभियान शुरू कर दिया है, वहीं कांग्रेस भी अब खुलकर मैदान में आ गई है। पार्टी ने मोदी पर हमला करते हुए कहा है कि उसने एयर स्ट्राइक के बाद सरकार का खुलकर समर्थन किया था, लेकिन मोदी हैं कि उसी को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। 

 

पार्टी प्रवक्ता आरपीएन सिंह के अनुसार एयर स्ट्राइक पर कांग्रेस ने कोई सवाल नहीं उठाया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह घूम घूमकर उसे दोषी बताने की कोशिश कर रहे हैं, उसका जवाब देना अब उसकी मजबूरी बन गई है। सिंह का कहना है कि एक तरफ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयर स्ट्राइक में 250 आतंककारियों की मौत का दावा कर रहे हैं तो प्रधानमंत्री राफेल विमान के गीत गा रहे हैं। 

 

दूसरी ओर वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने स्पष्ट कर दिया है कि वायुसेना टारगेट ध्वस्त करती है। उस समय वह कैजुअल्टी नहीं गिनती। जबकि भाजपा इसका पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। यहां तक कि वह उस कांग्रेस को गालियां दे रही है जिसने उसका इस मुद्दे पर पूरा समर्थन किया था। 

 

कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि अब इस मामले पर चुप नहीं रहा जा सकता इसलिए पार्टी यह पूछना चाहती है कि अमित शाह को ढाई सौ लोगों के मारे जाने का आंकड़ा कहां से मिला है, जबकि वायुसेना अध्यक्ष ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार कर रही है। इसके अलावा मोदी सरकार के ही एक मंत्री एस एस अहलूवालिया ने यह कहकर सरकार पर ही सवालिया निशान लगा दिया है कि एयर स्ट्राइक पाकिस्तान को भारत की ताकत का अहसास कराने के मकसद से की गई थी, ना कि आतंककारियों को मारने के लिए। अब देश की जनता किसे सही माने, अमित शाह को, वायुसेना अध्यक्ष धनोआ को अथवा एस एस अहलूवालिया को।