Warning: session_start(): open(/var/cpanel/php/sessions/ea-php56/sess_78174e802fbc69a44a8e2b89b260a390, O_RDWR) failed: No such file or directory (2) in /home/mobilepenews/public_html/wp-content/plugins/accelerated-mobile-pages/includes/redirect.php on line 261

Warning: session_start(): Failed to read session data: files (path: /var/cpanel/php/sessions/ea-php56) in /home/mobilepenews/public_html/wp-content/plugins/accelerated-mobile-pages/includes/redirect.php on line 261
दवा कम्पनियों से रिश्वत लेकर रात रंगीन करने वाले डाक्टरों में हड़कम्प, सरकार ने कहा— ऐसा करने वालों की खैर नहीं - Mobile Pe News
Monday , January 20 2020
Home / Off Beat / दवा कम्पनियों से रिश्वत लेकर रात रंगीन करने वाले डाक्टरों में हड़कम्प, सरकार ने कहा— ऐसा करने वालों की खैर नहीं

दवा कम्पनियों से रिश्वत लेकर रात रंगीन करने वाले डाक्टरों में हड़कम्प, सरकार ने कहा— ऐसा करने वालों की खैर नहीं

एक एनजीओ की रिपोर्ट सार्वजनिक हो जाने के बाद भारत में दवाओं का कारोबार करने वाली दवा कम्पनियों के हाथ—पैर फूल गए हैं. ये दवा कम्पनियां डाक्टरों को दवाएं लिखने के बदले न सिर्फ नकद और उपहार रिश्वत के रूप में देती हैं. कई डाक्टरों को रात रंगीन करने का सामान भी उपलब्ध कराती हैं.
जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने उच्च स्तर पर दवा कम्पनियों को चेतावनी दी है कि अगर वे डाक्टरों को रिश्वत देने से बाज नहीं आई तो सरकार उनकी बाहें मरोड़ेगी. जायडास कैडिला, टोरेंट फार्मा और वॉकहार्ट सहित कई शीर्ष दवा निर्माताओं के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि वे या तो अपने तौर—तरीके सुधार लें अन्यथा उनकी खैर नहीं.

सपोर्ट फॉर एडवोकेसी एंड ट्रेनिंग टू हेल्थ नामक एनजीओ की हाल ही प्रकाशित एक रिपोर्ट बताया गया था कि दवा कंपनियों द्वारा नियुक्त मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स अथवा एमआर डॉक्टरों को विदेश यात्राओं, महंगे स्मार्टफोन और यहां तक ​​कि महिलाओं के साथ सम्बंध बनाने का प्रलोभन देते हैं. ये एमआर कई बार कारों की खरीद, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी, ऑनलाइन शॉपिंग वाउचर डॉक्टरों द्वारा महिलाओं से सबंध बनाने से जुड़े खर्चों का भी भुगतान करते हैं.
इस तरह की व्यवस्था कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन की ओर से की जाती है. यह सुविधा केवल उन्हीं डॉक्टरों मिलती है जो बड़े स्तर पर दवाओं की बिक्री कराते हैं. यूसीपीएमपी दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरणों से जुड़े उद्योग के लिए मार्केटिंग व्यवहारों से संबंधित एक स्वैच्छिक कोड अथवा संहिता है. यह फार्मा कंपनियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तक सैंपल प्रोडक्ट्स मुफ़्त मे पहुंचाने से रोकती है. कोड के मुताबिक किसी भी एक डॉक्टर को दिया गया सैंपल पैक तीन रोगियों के लिए निर्धारित खुराक तक ही सीमित होना चाहिए.
कोड यह भी कहता है कि किसी भी दवा कंपनी या उसके किसी भी एजेंट, वितरक, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता आदि उन दवाओं को प्रिस्क्रिाइब करने योग्य व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का उपहार, विशेष व्यवहार अथवा वास्तु लाभ नहीं दिए जा सकते हैं. यह कोड न केवल डाक्टरों अपितु उनके परिजनों पर भी लागू होता है. इसमें लिखा है कि ‘कंपनियां या उनके सहायक संगठन देश के अंदर अथवा बाहर स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों के लिए छुट्टी मनाने या प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए किसी भी तरह के रेल, हवाई, जहाज, क्रूज टिकट सहित किसी भी तरह की यात्रा सुविधा प्रदान नहीं करेंगे.

About Desk Team

Check Also

पांच सौ साल पहले लकड़ी के हथौडे से कूटा जाता था ये स्वादिष्ट बीज, आज भी आ जाता है मुंह में पानी

सर्दियों में तिलकुटा किसको पसंद नहीं होता, लेकिन इसके शौकीनों को बता दें कि अगर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *