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शारदीय नवरात्र में घोड़े पर आएंगी, हाथी पर जाएंगी मां भगवती

दिप्र शर्मा

जयपुर. मां भगवती की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र 17 से 25 अक्टूबर तक चलेगा। यूं तो पूरे नवरात्र ही शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अपने आप में शुभ मुहूर्त होते हैं। लेकिन इस बार विभिन्न शुभ योगों का संयोग रहेगा।

सूर्य बना रहा है बुधादित्य योग

ज्योतिषाचार्य पंडित दिप्र शर्मा ने बताया कि घटस्थापना के समय तुला राशि का चंद्रमा, चित्रा नक्षत्र, विषकुंभ योग, किंस्तुन करण रहेगा। सूर्य लाभेश होकर तुला लग्न में बुध के साथ होने से बुधादित्य योग बना रहा है। इन नवरात्रों में तीन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, रवि योग और त्रिपुष्कर योग का संयोग भी रहेगा।

घटस्थापना के लिए प्रातः 6:31 से 8:47 तक सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके अलावा प्रातः7:56 से 9:22 तक शुभ के चौघड़िए में, इसके अलावा दोपहर 12:12 से शाम 4:28 तक चर लाभ और अमृत के चौघड़िया रहेंगे। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:49 से 12:35 तक रहेगा। इस मुहूर्त में भी घट स्थापना की जा सकती है। इस बार शारदीय नवरात्रों की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है। इस लिए मां भगवती का वाहन घोड़ा रहेगा।

शासन और सत्ता के लिए अशुभ है घोड़े की सवारी

माता घोड़े को अपना वाहन बनाकर धरती पर आएंगी। देवी भागवत पुराण के अनुसार जब माता दुर्गा नवरात्रि पर घोड़े की सवारी करते हुए आती है, तब शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है।इससे सरकार को विरोध का सामना करना पड़ता है व सत्ता परिवर्तन का योग भी बनता है, लेकिन रविवार को विजयादशमी होने पर माता हाथी पर सवार होकर वापस कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करेंगी। माता की विदाई हाथी पर होने से आने वाले वर्ष में खूब वर्षा होगी। इससे अन्न का उत्पादन अच्छा होगा।
उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को नवमी तिथि प्रातः 7:41 तक रहेगी और बाद में दशमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन सुबह 9 बजे तक रहेगी। इसी वजह से इस बार महानवमी और दशहरा एक साथ 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा।