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धीमा जहर है स्वाद बढ़ाने का यह मसाला !

सुनील शर्मा
जयपुर. आजकल व्यंजनों में खासकर चायनीज डिश में स्वाद बढ़ाने के लिए एक सफेद पाउडर का उपयोग किया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह मोनो सोडियम ग्लुटामेट (M.S.G.) नामक रसायन है, जिसे दुनिया अजीनोमोटो के नाम से जानती है। आजकल इसका प्रयोग बहुत बढ़ गया है। पहली बार एक जापानी कंपनी ने ही बताया था कि एमएसजी को अजीनोमोटो कहा जाता है, जिसका मतलब होता है ‘एसंस ऑफ टेस्ट’ (स्वाद का सार)। कंपनी ने इसके नाम के अनुसार ही इसे इस्तेमाल किया। अकसर यह दुनियाभर में चर्चा का विषय बना रहता है, भले ही कई बार कोई गलत कारण ही क्यों न हो।

भ्रमित हो जाती है जीभ

यह एक ऐसा रसायन है, जिसके जीभ पर स्पर्श के बाद जीभ भ्रमित हो जाती है और मस्तिष्क को झूठे संदेश भेजने लगती है, जिससे सड़ा-गला या बेस्वाद खाना भी अच्छा महसूस होता है। इस रसायन के प्रयोग से शरीर के अंगों-उपांगों और मस्तिष्क के बीच न्यूरोंस का नेटवर्क बाधित हो जाता है, जिसके दूरगामी दुष्परिणाम होते हैं।

चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम

चिकित्सकों के अनुसार अजीनोमोटो के प्रयोग से एलर्जी, पेट में अफारा, सिरदर्द, सीने में जलन, बाॅडीे टिश्यूज में सूजन, बाँझपन , याददाश्त कमजोर होना, माइग्रेन आदि हो सकते है। अजीनोमोटो से होने वाले रोग इतने व्यापक हो गए हैं कि अब इन्हें चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम कहा जाता है। दीर्घकाल में मस्तिष्काघात (Brain Hemorrhage) हो सकता है, जिसकी वजह से लकवा होता है।

अमेरिका में अजीनोमोटो पर प्रतिबंध

अमेरिका आदि बहुत से देशों में अजीनोमोटो पर प्रतिबंध है। अभी तक फूड सेफ्टी एण्ड स्टैन्डर्ड अथाॅरिटी ऑफ इंडिया’ (fssai) ने भारत में अजीनोमोटो को प्रतिबंधित नहीं किया है। सेहत के लिए दावतों में हलवाई द्वारा मंगाये जाने पर उसे अजीनोमोटो लाकर ना देवें।