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राहुल ने रट पकड़ी, काले कानूनों से नष्ट हो जाएगी खाद्य सुरक्षा

नई दिल्ली. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर दोहराया है कि कृषि संबंधी तीन ‘काले कानूनों’ से खाद्य सुरक्षा की व्यवस्था नष्ट हो जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन कानूनों से अपने कुछ पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।
गांधी ने कहा, जो तीनों कानून बनाए गए हैं वो खाद्य सुरक्षा की मौजूदा व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास है। इन कानूनों से पंजाब और हरियाणा पर सबसे ज्यादा विपरीत असर होगा।
पहले नोटबंदी की गई और जीएसटी लागू किया गया। इससे छोटे एवं मध्यम कारोबार नष्ट हो गए। सरकार ने कोई मदद नहीं की। गांधी ने कहा, देश में खाद्य सुरक्षा की एक व्यवस्था है। अगर यह टूट गई तो सिर्फ किसानों को नहीं, बल्कि सभी लोगों को नुकसान होगा। विपक्ष के कमजोर होने की धारणा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, जब पूरे संस्थागत ढांचे को नियंत्रण में ले लिया गया है तो ऐसे में यह कहना उचित नहीं है कि विपक्ष कमजोर है। उन्होंने दावा किया कि देश की आत्मा पर जबरन कब्जा कर लिया गया है।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक

मुंबई. सरकार की तरफ से मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में तीन सदस्यों की नियुक्ति के साथ ही रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि समिति की अगली बैठक सात अक्ट्रबर से शुरू होगी।
रिजर्व बैंक ने 28 सितंबर को एमपीसी की बैठक को टाल दिया था।
समिति में स्वतंत्र सदस्यों की नियुक्ति में देरी के कारण बैठक को आगे टालना पड़ा। मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 7 से 9 अक्ट्रबर 2020 को तय की गई है। सरकार ने एमपीसी में तीन सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। तीन जाने माने अर्थशास्त्रियों अशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को एमपीसी का सदस्य नियुक्त किया गया है। इन सदस्यों की नियुक्ति चेतन घाटे, पामी दुआ, रविन्द्र ढोलकिया के स्थान पर की गई है। इनकी नियुक्ति एमपीसी में 29 सितंबर 2016 को चार साल के लिये की गई थी।