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हाथरस गैंगरेप अभियुक्त संदीप का दावा, घर में पशुओं को पानी पिला रहा था

नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश की हाथरस जेल में बंद हाथरस गैंगरेप कांड के मुख्य आरोपी संदीप का दावा है कि जिस दिन लड़की घायल हुई, उस दिन वह घर में पशुओं को पानी पिला रहा था। उससे मेरी दोस्ती थी और हम खेतों में मिलते थे। उधर उत्तरप्रदेश सरकार की जांच ए​जेंसियों ने दावा किया है कि हाथरस मामले में दंगा भड़काने के लिए करीब सौ करोड़ की विदेशी फंडिंग की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए मॉरिशस के रास्ते करीब सौ करोड़ रुपए आए हैं।

मुख्य अभियुक्त संदीप ने जेल से हाथरस पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है कि वह निर्दोष है और इस घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। संदीप ने आरोप लगाया है कि लड़की को उसके घरवालों ने ही मारा है। पत्र पर अन्य तीन अभियुक्तों के भी हस्ताक्षर हैं। पत्र में संदीप ने कहा कि घटना के दिन उससे मेरी मुलाकात खेत में हुई थी और उस वक्त उसकी मां और भाई साथ थे। इसके बाद मैं घर जाकर पशुओं को पानी पिलाने लगा। बाद में गांव वालों से पता चला कि मां और भाई ने लड़की को बुरी तरह पीटा था जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं और बाद उसने दम तोड़ दिया।

गांव से पलायन करना होगा

इस बीच, पीड़ित लड़की के परिजनों का कहना है कि इस मामले में उन्हें ही फंसाने की साजिश रची जा रही है। पीड़ित परिवार अभियुक्तों के समर्थन में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और पंचायतों से भी खुद को डरा हुआ महसूस कर रहा है। लड़की के पिता का कहना है कि यदि यही माहौल रहा तो उनके पूरे परिवार को गांव से पलायन करना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस का आरोप है कि राज्य में जातीय और सांप्रदायिक दंगे कराने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची गई थी। हाथरस के चंदपा थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई जिसमें कुछ अज्ञात व्यक्तियों के राजद्रोह जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले में चार लोगों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया जिनमें केरल का एक पत्रकार शामिल हैं।

हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। घटना के करीब दो हफ्ते बाद पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप की एफआईआर दर्ज की थी। लड़की की हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने आनन-फानन में रात में परिजनों के विरोध के बावजूद लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ। घटना को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हुए और विपक्ष हमलावर हो गया। राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए पहले एसआईटी गठित की, उसके बाद सीबीआई जांच की भी सिफारिश की। सीबीआई जांच की स्वीकृति अभी नहीं मिली है।