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दीपावली पर फिर फूल सकते हैं कोरोना संक्रमितों के फेफडे

बी.के झा

जयपुर.अगर राज्य सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो राजस्थान में दीपावली कोरोना प्रभावितों के लिए कोढ़ में खाज साबित होगी! इस तरह की परोक्ष चेतावनी उन चिकित्सकों ने दी है, जो कोरोना के इलाज के लिए दवाओं का नया काम्बिनेशन बनाकर अमेरिका तक से वाहवाही पा चुके हैं। चिकित्सकों का दावा है कि अगर पटाखे फोड़े गए तो कोरोना मरीजों के फेफड़े फिर से फूल सकते हैं।

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मौत के मुंह में जाने से बच सकते हैं गम्भीर रोगी

पटाखे कोरोना प्रभावितों के साथ ही अस्थमा और हृदय रोगियों को खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं। कोरोना महामारी में नए दवाओं का नया काम्बिनेशन बनाकर पायनियर बने सवाई मानसिंह चिकित्सालय के चार विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाल ही प्रदेश में पटाखों पर रोक के लिए राज्य सरकार से अपील की थी। चिकित्सकों का कहना है कि इस बार दीपावली पर पटाखों पर पाबंदी लगाकर कोरोना के फैलाव पर लगाम लगाई जा सकती है। साथ ही पटाखों के धुएं से उत्पन्न वायु प्रदूषण आधारित दिक्कतों पर भी काबू पाया जा सकेगा, जिससे गम्भीर रोगी मौत के मुंह में जाने से बच जाएंगे। मानवाधिकार आयोग भी चिकित्सकों के कथन से कमोबेश सहम​त है।

भारी पड़ी पटाखा विक्रेता लॉबी

लेकिन राज्य सरकार इस पर विचार करती, उससे पहले ही पटाखा विक्रेताओं की लॉबी ने व्यापारियों के तबाह होने का हवाला देकर राज्य सरकार से यह कहलवा लिया कि सरकार प्रतिबंध जैसे कदम नहीं उठाएगी लेकिन आमजन से अपील जरूर करेगी कि वह रोगियों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए पटाखों से दूर रहे।

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जबकि राज्य सरकार जानती है कि लॉकडाउन में घूमने वाले और मास्क नहीं लगाने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाकर ही कानून का पालन करवाया जा सका था। ऐसे में उसकी अपील को जनता सुनेगी, इसमें संदेह है!

गहलोत गम्भीर लेकिन अमला…………

इधर प्रदेश में कोरोना ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है। 2 अक्टूबर को कोरोना संक्रमित मिलने के आंकड़े ने 2211 के अंक को छू लिया था। अब पिछले चार-पांच दिन से संक्रमित मिलने का आंकड़ा
दो हजार से नीचे जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जितनी गम्भीरता के साथ प्रदेश में कोरोना की स्थिति और उसकी रोकथाम के उपायों की समीक्षा कर रहे हैं, उतनी ही गम्भीरता से धरातल पर काम हो तो कोरोना पर विजय पाई जा सकती है।
लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं