Off Beat

मुगल शासक मर्दों को ऐसे बनाते थे नामर्द और करवाते थे अपनी बेगमों की सुरक्षा

भारत में अपने शासनकाल के दौरान बेइंतहा अत्याचार करने वाले मुगल बादशाह मर्दों को हिंजडा बनाकर उन्हें अपनी बेगमों, शाहजादियों की सुरक्षा में तैनात करते थे। जनाने महलों में बेगमों की सुरक्षा करने वाले ये हिंजडे ख्वाजासरा कहलाते थे और वे जन्म से हिंजडे नहीं होते थे।

 

असल में विलासी मुगल बादशाहों को अपने महलों में खूबसूरत औरतों को बेगम बनाकर रखने का शौक था। ताकत के बूते पर वह इस शौक को पूरा तो कर लेते थे, लेकिन उन्हें पत्नी का अधिकार नहीं दे पाते थे। इस वजह से उन्हें हर समय यह डर सताता रहता था कि महलों की सुरक्षा में रहने वाले सिपाही कहीं बेगमों और शाहजादियों से नैन मटक्का करने नहीं लग जाएं। इस डर पर काबू पाने के लिए शुरूआत में वे तातारी बांदियों को बेगमों, शाहजादियों की सुरक्षा में लगाते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मर्द सिपाही जनानखाने की सुरक्षा में रखने पडते थे।

 

बाद में उन्होंने गुलाम बनाकर लाए गए मर्दों को हिंजडा बनाकर महलों में तैनात करना शुरू कर दिया था। इसके लिए वे गुलाम के तौर पर लाए जाने वाले गरीब मर्दों को खरीद लेते थे और उनके ​शिश्न कटवाकर उन्हें हिंजडा बना देते थे। इन हिंजडों को ख्वाजासरा नाम देकर पहले सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता और बाद में महलों में भेज दिया जाता था, जहां वे बेगमों और शाहजादियों के बीच रहकर उनकी सुरक्षा करते थे।

 

इतिहासकारों के अनुसार अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों के महलों में हजारों—हजार ख्वाजासरा काम करते थे। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हुए जिन्होंने अपनी सेवाओं से बादशाहों को खुशकर बडी बडी जागीरें भी प्राप्त कर ली थी। शाहजहां के शासन के दौरान आगरे के लालकिले में ऐसे ही एक ख्वाजासरा को फांसी की सजा भी दी गई थी क्योंकि मर्द नहीं रह पाने के बावजूद एक ख्वाजासरा ने शाहजहां की उस बेटी से मुहब्बत करने की हिमाकत की थी, जिस पर शाहजहां स्वयं बुरी नजर रखता था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Notifications    Ok No thanks