maha shivratri puja vidhi: शंख से भगवान शिव की पूजा की गल​ती ना करें, बैरागी हैं शिव इसलिए कुमकुम भी ना चढ़ाएं

Maha shivaratri 2020: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को 21 फरवरी के दिन मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन एक विशेष योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह विशेष संयोग लगभग 59 साल बाद बन रहा है, जो साधना-सिद्धि के लिए खास महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था।

maha shivratri puja vidhi: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पर एक लोटा जल चढ़ाने से ही भगवान शिव अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। भगवान शिव अपने भक्तों पर जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उतनी ही जल्दी उनसे रुष्ट भी हो सकते हैं। ऐसे में आइए जानते वो 7 चीजें जिसे भूलकर भी भगवान शिव की पूजा के दौरान नहीं करना चाहिए।

शंख जल

भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है जो भगवान विष्णु का भक्त था। इसलिए विष्णु भगवान की पूजा शंख से होती है शिव की नहीं। maha shivratri puja vidhi:

पुष्प

भगवान शिव जी की पूजा में केसर, दुपहरिका, मालती, चम्पा, चमेली, कुन्द, जूही आदि के पुष्प नहीं चढ़ाने चाहिए।

करताल

भगवान शिव के पूजन के समय करताल नहीं बजाना चाहिए। maha shivratri puja vidhi:

तुलसी पत्ता

जलंधर नामक असुर के वध के लिए भगवान विष्णु ने उसकी पत्नी वृंदा जिसका दूसरा नाम नाम तुलसी था का सतीत्व छल से भंग किया था। छल का पता चलने पर वृंदा ने भगवान विष्णु को पत्थर हो जाने का शाप दे दिया था, लेकिन जलंधर माता लक्ष्मी का सगा भाई होने के कारण भगवान विष्णु का साला भी था। वृंदा के शाप से लक्ष्मी ने ही विष्णु को मुक्त कराया था। इसके बाद भगवान विष्णु ने तुलसी को पत्नी रूप में स्वीकार किया था। इसलिए तुलसी से शिव जी की पूजा नहीं होती। maha shivratri puja vidhi:

तिल

यह भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ मान जाता है इसलिए इसे भगवान शिव को अर्पित नहीं करते।

टूटे हुए चावल

भगवान शिव को अक्षत यानी साबूत चावल अर्पित किए जाने के बारे में शास्त्रों में लिखा है। टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है इसलिए यह शिव जी को नही चढ़ता। maha shivratri puja vidhi:

कुमकुम

यह सौभाग्य का प्रतीक है जबकि भगवान शिव वैरागी हैं इसलिए शिव जी को कुमकुम नहीं चढ़ता। maha shivratri puja vidhi: