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इंसानी मांस खाने के शौकीन का अब नैनीताल में होगा इलाज, सिर्फ सूप पर गुजारेगा जिंदगी – Mobile Pe News

इंसानी मांस खाने के शौकीन का अब नैनीताल में होगा इलाज, सिर्फ सूप पर गुजारेगा जिंदगी

कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के ढिकाला जोन में दो लोगों को निवाला बनाने वाला आदमखोर बाघ अब नैनीताल प्राणी उद्यान (जू) में पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र रहेगा।बाघ को आज जीबी पंत उच्च हिमालयी प्राणी उद्यान भेज दिया गया है।
वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद व उप वन क्षेत्राधिकारी दीपक तिवारी ने बताया कि बाघ को आज नैनीताल प्राणी उद्यान लाया गया है। बाघ को रानीबाग के रेस्क्यू सेंटर से यहां लाया गया है। बाघ नरभक्षी हो गया था और उसे कल ढिकाला से पकड़कर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर लाया गया था।
इस नरभक्षी की उम्र लगभग 12 साल बतायी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ अब नैनीताल प्राणी उद्यान की शान बनेगा। अब नैनीताल प्राणी उद्यान में बाघों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है। इनमें दो मादा व दो नर शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि यह नरभक्षी बाघ कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला जोन में दो सुरक्षाकर्मियों को शिकार बना चुका था। नरभक्षी को शनिवार को ढिकाला से रानीबाग सेंटर लाया गया था।

सीटीआर के निदेशक श्री राहुल ने बताया था कि सीटीआर के ढिकाला जोन में बाघ दो सुरक्षा कर्मियों पंकज व विशनराम को शिकार बना चुका है। बाघ के हमले में दोनों की मौत हो गयी थी। इसके बाद कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन चितिंत था।इसी के चलते बाघ को पकड़ने और उसे सीटीआर से बाहर ले जाने की योजना बनायी गयी।इन घटनाओं के बाद सीटीआर के सुरक्षाकर्मियों में भय व असंतोष का माहौल था।

उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढिकाला जोन से एक नरभक्षी बाघ को वन कर्मियों ने पकड़कर उसे हल्द्वानी के रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा दिया है। यह बाघ अभी तक दो सुरक्षा कर्मचारियों को अपना निवाला बना चुका है।सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिये वन विभाग एवं सुरक्षा अधिकारियों की कई टीमें पिछले कई दिनों से अभियान चला रही थीं। पार्क प्रशासन की ओर से बाघ को पकड़ने के लिये तीन टीमें बनायी हुई थीं। इस खतरनाक अभियान को हाथियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था लेकिन बाघ टीम के हत्थे नहीं पड़ रहा था।

श्री राहुल ने बताया कि आखिरकार टीम को शुक्रवार को सफलता मिली और नरभक्षी बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया। उन्होंने कहा कि आज बाघ को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। उस पर काफी दिनों तक नजर रखी जायेगी। फिलहाल कुछ दिनों तक बाघ सेंटर में रहेगा और उसके बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।उन्होंने बताया कि यह नरभक्षी बाघ अभी तक दो सुरक्षा कर्मियों को शिकार बना चुका है। दोनों की मौत हो गयी थी। इसके बाद कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन चितिंत था। इसके बाद बाघ को पकड़ने की योजना बनायी गयी। उन्होंने बताया कि नरभक्षी बाघ ने नवम्बर में ढिकाला जोन में ही पंकज कुमार और इससे पहले अगस्त में बीट वाचर विशनराम को गश्त के दौरान अपना शिकार बना लिया था। इसके बाद सीटीआर के सुरक्षाकर्मियों में काफी असंतोष था।