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प्रधानमंत्री मोदी जी के पांच बड़े मुद्दे, अभी तक लागू नहीं हुए

आर.पी.एन. सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 में चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी जी ने five big issues को लेकर देश से वायदा किया था कि, अगर उनकी सरकार बनेगी तो उन five big issues को वो लागू करेंगे। लगभग 4 साल होने जा रहे हैं और वो five big issues पूरे देश को मालूम है और जानकारी है, पर उनको मैं फिर आज दोहरा देता हूं।

five big issues
R. P. N. shingh

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एक तो उन्होंने वायदा किया था कि, हर वर्ष वो 2 करोड़ नौकरियाँ देंगे। उन्होंने कहा था किसानों की राहत के लिए फसल पर MSP के दाम को लागत से 50 फिसदी से ज्यादा करेंगे। 15 लाख रुपए हर आम आदमी के खाते में भेजेंगे। भ्रष्टाचार के विषय में उन्होंने कई बड़ी-बड़ी बातें कहीं थी। पाँचवा, उन्होंने कहा था सिक्योरिटी के बारे में, बॉर्डर सिक्योरिटी हो, चाहे वो चीन के खिलाफ हो, पाकिस्तान के खिलाफ हो, वो कड़े कदम उठाएंगे।

आज हमारी प्रैसवार्ता किसानों के बारे में हैं। नौकरियों के बारे में आप स्वयं सबकुछ जानते ही हैं कि 2 करोड़ नौकरियाँ तो छोड़िए, कल ही अखबार में छपा है कि डेढ़ करोड़ से ज्यादा अन-ओर्गेनाईजड़ सेक्टर में नौकरियाँ लोगों की छुटी हैं, इनकी प़ॉलिसी की वजह से। 15 लाख खाते में जाने की बात जहाँ थी, वो तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं कह दिया कि जुमला
था। भ्रष्टाचार के बारे में जिन्होंने कहा था कि मैं चौकीदारी करुंगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर, मुख्यमंत्रियों तक, केन्द्रीय मंत्रियों तक, पदाधिकारियों पर इतने आरोप, कागजी सुबूत पेश किए गए हैं। पर चौकीदार ने उस पर अपना मुँह अभी तक खोला नहीं। जहाँ तक पाकिस्तान औऱ चीन के बारे में था, आज ही अखबारों में छपा है कि जितने आज intrusions चीन की ओर से हो रहे हैं, वो बहुत ही खतरनाक हैं। पाकिस्तान ने जितने सीजफॉयर वॉयलेशन इन साढ़े तीन सालों में किए हैं और जितने आतंकी हमले military establishment पर हुए हैं, इतिहास में पहले कभी इतने नहीं हुए।

परंतु आज जैसा मैंने पहले कहा कि चर्चा किसानों के बारे में होगी  क्योंकि इस देश में 70 फिसदी लोग गाँव में रहते हैं और खेती का काम करते हैं। रीढ़ की हड्डी अगर इस देश की कोई है तो वो किसान हैं। लेकिन रोजाना अखबारों में, टेलिविजन पर हम क्या देखते हैं, केन्द्र में तो भाजपा की हुकूमत है ही परंतु जहा-जहाँ राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहाँ देखिए। मध्यप्रदेश में देखिए किसानों के साथ क्या जुल्म बरसाया जा रहा है। कहीं उन पर गोलियाँ चलाई जाती हैं, तो कहीं उनके कपड़े उतार कर उनको पीटने का काम करते हैं। राजस्थान में देखिए, देश में अगर कहीं भी सबसे ज्यादा किसानों की आत्महत्या हो रही है, तो वो महाराष्ट्र में हो रही हैं। झारखंड में गोलियाँ किसानों पर चलाई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश में हाल में हमने देखा कि किस तरह से किसान मजबूर होकर अपनी आलू की फसलें सरकारी बिल्डिंगों पर, विधानसभा के बाहर फैंक रहे हैँ। इसके कुछ आंकड़े जो हमारे सामने आए हैं।

एग्रीकल्चर ग्रोथ में देखिए, जो अभी के आंकड़े आए हैं, 10 साल में जब तक यूपीए सत्ता में थी तो किसानों का ग्रोथ था,  एग्रीकल्चर का वो 4 फीसदी था और अक्टूबर, 2017 में जो रिपोर्ट आई है CSA की, उसमें स्पष्ट रुप से एग्रीकल्चर में उससे आधा 1.9 प्रतिशत ग्रोथ देश में हो रही है। चुनाव के समय प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश में जहाँ-जहाँ भाषण किया तो उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो जो भी आपका खर्चा होगा, किसान का फसल कि लागत पर 50 फीसदी बढ़ाकर हम MSP देंगे। उनके घोषणापत्र में, जो भाजपा का था, पेज नंबर 44 पर किसानों के हक की बात लिखी थी, वायदा जो किया था, आज देश देख रहा है कि MSP कहीं 10 रुपए, कहीं 20 रुपए बढ़ती है। उस काम के बारे में आज प्रधानमंत्री जी कहीं भी चर्चा नहीं कर रहे हैं।

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परंतु जैसे- जैसे चुनाव नजदीक आने लगे हैं 2019 के, अब वो बताते हैं कि किसानों की आय हम दो गुना कर देंगे 2022 से। मैं प्रधानमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि जब किसानों की इनपुट इतने ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं, हाल में आपने देखा कि दिल्ली में जो डीजल खेती में, ट्रैक्टर हो, पम्पिंग सेट हो, डीजल का कितना बड़ा काम होता है, उसकी कीमत 60.66 रुपए तो केवल डीजल का दाम हो गया है और इस वर्ष में टैक्स के माध्यम से सरकार 1.6 लाख करोड़ रुपए कमा चुकी है, जो आम किसान और आम आदमी का है। इन साढ़े तीन सालों में सिर्फ पेट्रोल और डीजल के टैक्स पर 9 लाख करोड़ से ज्यादा फायदा सरकारों को हुआ है। ये पैसा क्यों नहीं किसानों को दिया जाता है आम आदमी को दिया जाता है, मध्यम वर्ग के लोगों को यह फायदा क्यों नहीं पासओन किया जा रहा है?

दूसरी चीज किसान और आमदनी की बात करते हैं, रुरल वेजिस की बात की जाती है। 2013 में जब हमारी सरकार थी तो रुरल वेजिस में उस वर्ष में 17.6 प्रतिशत का ग्रोथ हुआ था और इस वर्ष कितना ग्रोथ हुआ है रुरल वेजिस में 6.6 फीसदी सिर्फ ग्रोथ हुई है। किसानों का कर्जा माफ, कहा था कि किसानों का लोन माफ करेंगे। तो तमाम राज्यों में किसानों का कर्जा माफ करने की बात कही गई और उत्तर प्रदेश में आपने देखा कि जहाँ उत्तर प्रदेश में एक मुद्दा भाजपा ने बनाया और उत्तर प्रदेश में लोगों को एक-एक पैसे का सर्टिफिकेट मिला है, इस चीज को मीडिया ने बहुत तरीके से देश को दिखाया है। हमारी सरकार जब थी तो हमने 77 हजार करोड़ रुपया माफ किया था और आम, छोटे से लेकर बड़े किसानों को इसका फायदा पहुंचा था और एक झटके में जितना लोन था, उसको खत्म किया गया था।

केन्द्र सरकार से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने किसानों की लड़ाई हमेशा लड़ी है। किसानों के कर्जा माफ को लेकर हमेशा से सरकार को घेरने की कोशिश की है। लोन माफ करने की बात छोडिए किसानों का एक रुपया केन्द्र सरकार ने माफ नहीं किया, परंतु 1 लाख 30 हजार  करोड़ रुपए से ज्यादा बड़े उद्योगपतियों का माफ करने का काम किया है। 3 सालों में दर्दनाक आंकड़े हैं। बड़े गंभीरता से उदासी से, मैं ये आंकड़े आपके सामने पेश करना चाहता हूं। पिछले 3 सालों में 38 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। 35 किसान रोजाना आत्महत्या इस सरकार के कार्यकाल में कर रहे हैं और जो आत्महत्याओं के आंकड़े हैं, अगर उनको देखें, दिल को झकझोर देने वाले आंकड़े हैं। किसानों की 45 फीसदी आत्महत्या इस सरकार में बढ़ी है। तो रुरल डिस्ट्रैस, ग्रामीण अंचलों में किसान कितना परेशान है, किसान मजदूरी करता है, उन पर किन तरीकों से दुष्प्रभाव पड़ा है। इन सब चीजों को देखा जाए तो किसानों की बात करने वाली ये सरकार, जो फसल बीमा योजना के आंकडे जो इस सरकार ने दिए थे, उसमें से चंद बड़े-बड़े प्लेयर को ही उसका फायदा हुआ है, आम, गरीब और छोटे किसानों का इसका कोई फायदा नहीं हुआ है।

4 साल चले गए हैं, किसानों तक कोई भी राहत इस सरकार ने नहीं दी है। 1 साल चुनाव के लिए बचा है। हम फिर से प्रधानमंत्री जी को कहेंगे कि इस बजट में किसानों के लिए बड़े कदम उठाने की जरुरत है और इस लड़ाई को हम लड़ते रहेंगे और जब तक किसानों को राहत नहीं मिलेगी, कांग्रेस की आवाज, कांग्रेस का साथ किसानों के हक के लिए बना रहेगा।

केन्द्र सरकार द्वारा सिंगल रिटेल के क्षेत्र  में 100 प्रतिशत  FDI की अनुमति दिए जाने संबंधी एक प्रश्न के उत्तर में  सिंह ने कहा कि आप सबको स्पष्ट याद होगा कि, लोकसभा, राज्यसभा से लेकर किस तरह के भाषण भाजपा के नेताओं ने दिए थे और प्रधानमंत्री जी ने दिए थे। ये जो FDI हुआ है, कांग्रेस पार्टी के जमाने में हमने FDI देश में लागू करने की बात की थी। परंतु उसमें तमाम clause दिए थे, जिससे देश को फायदा हो और देश में Raw material है, उसका फायदा हो और तमाम उस पर गारंटी लगाई थी, ताकि उसमें हिंदुस्तान के सभी लोगों को फायदा हो।

इस संदर्भ में नरेन्द्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री रहते हुए FDI  का वीडियो दिखाया गया..

 

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तो आपने एक चेहरा देखा प्रधानमंत्री जी का, जब वो विपक्ष में थे और आज एक चेहरा आपने देखा है। जब हमने FDI को लागू किया था तो हमने इसमें safe guard किए थे, अगर सिंगल रिटेल में देखा जाए, तो आपने देखा होगा हमने compulsory रखा था कि, देश में 30 प्रतिशत Raw material खरीदना पड़ेगा। अगर 30 प्रतिशत जो भी सिंगल रिटेल में FDI वाला आएगा, तो उसको तत्काल 30 प्रतिशत Raw material हिंदुस्तान से ही खरीदना पड़ेगा। हमने ये लागू किया था, उसका विरोध भाजपा ने किया था। प्रधानमंत्री जी का क्लिप आपने सुना। आज प्रधानमंत्री जी ने FDI में वो जो clause 30 प्रतिशत जो Raw material हिंदुस्तान से लेना था, उसको भी रद्द कर दिया है। क्या यही ‘मेक इन इंडिया’है, क्या इसी से ‘मेक इन इंडिया’होगा, यहाँ इसी से जो प्रोडक्शन सामानों का होता है, उसको लिया जाएगा? तो किस ‘मेक इन इंडिया’ की बात प्रधानमंत्री जी करते हैं। दोहरा चेहरा की, विपक्ष में रहे तो कुछ और, सत्ता में आए तो कुछ और। देश की जनता को बताएं कि दिक्कतें इस देश में क्या हैं और जब विपक्ष में रहे तो उन दिक्कतों को बढ़ाने का काम करें। उन्हीं चीज के लिए जिस पर आरोप लगाए, उन्हीं आरोपों को इन कानूनों को पास करके देश की जनता को परेशान और हैरान करने के कानून ये सरकार ला रही है।

एयर इंडिया की बात जैसे आपने पूछी। हम जब सत्ता में थे, हमने उस समय भी रुल पास किया था कि विदेशी एलायंस आने के लिए 49 प्रतिशत FDI हम लागू करते हैं। परंतु National carrier को इस कानून में हमने नहीं लाया था, क्योंकि ये राष्ट्र का carrier था और 49 प्रतिशत हमने एयर इंडिया को अलग रखा था कि, इसको हिंदुस्तान के लोगों को ही चलाना चाहिए। आज इन्होंने कैसा कानून पास किया कि वो भी 49 प्रतिशत भी बाहर का आदमी आकर FDI एयर इंडिया में कर सकता है। जबकी पार्लियामेंट्री स्टेंडिंग कमेटी ने साफ तौर से कहा है कि अगले 5 सालों तक एयर इंडिया को हमें नहीं बेचना चाहिए। हजारों लोग देश के उसमें नौकरियाँ करते हैं, अपने बच्चों को पालते हैं, घर चलाते हैं और अगर उनको FDI National carrier में लाना है, तो उसके लिए तमाम तरीके हैं, उसमें बॉन्ड हो सकते हैं, इक्विटी हो सकती है, विदेशी निवेश हो सकते हैं, परतुं आप National carrier को भी इंटरनेशनल ताकतों को देना चाहते हैं, विदेश के लोगों को देना चाहते हैं। जहाँ हिंदुस्तान के लोग नौकरियाँ कर रहे हैं, उनका क्या होगा? तो क्या ये एक और मेक इन इंडिया का नया पहलू है कि आप National carrier को भी विदेशों को देना चाहते हैं। विपक्ष में रहे तो कुछ और भाषण, पक्ष में आए तो देश जहाँ हिंदुस्तान के लोगों का, हिंदुस्तान के प्रोड्यूस को समाप्त करने के कानून लाते हैं। तो ये कौन से ‘मेक इन इंडिया’ की बात कर रहे हैं?

एक अन्य प्रश्न पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में है। हर पार्टी चुनाव से पहले अपने संगठन को, अपने लोगों को और अपनी बातों को मजबूती देना चाहता है। जब चुनाव आएंगे, कहीं-कहीं कई प्रांतों में हम समझौते में हैं और कहीं-कहीं जब चुनाव आएगा, जो हमारे सेम आईडियोलोजी और विचारधारा के होंगे, तब हम बातचीत करेंगे। अभी उस पर कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी।

पेट्रोलियम मंत्री के द्वारा दिए बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इन साढ़े तीन सालों में कितना वैट घटाया है। केन्द्र सरकार हर वर्ष जब सरकारी कोष के लिए सेंट्रेल सरकार के टैक्स बढ़ाते रहे हैं। बातें स्टेट पर कह देना बहुत आसान हैं। बड़े भाषण देते हैं प्रधानमंत्री जी, हम 16 राज्यों में हैं कि 18 राज्यो में। राज्य भी उनके, केन्द्र भी उनकी तो क्यों नहीं कानून लगा कर वेट कम कर देते हैं। क्या केन्द्र में प्रधानमंत्री जी ने कोई पहल की है? पत्र तो लिख देते हैं परंतु कितना बड़ा कदम केन्द्र सरकार ने उठाया है और कितना कम टैक्स घटाया है, ये तो देश को बता देते। हमने तो बताया  आपको टैक्स के माध्यम से 9 लाख करोड़ से ज्यादा फायदा सरकारों को हुआ है।

एक प्रश्न पर कि सिक्ख विरोधी दंगो में 186 केस बंद पड़े थे, उन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दुबारा उनकी जांच होगी, क्या कहेंगे, सिंह ने कहा कि जो आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में कहा, पूरी जानकारी मेरे पास अभी नहीं है। परंतु कोई भी कानून या कोई भी आदेश सिक्ख समुदाय को, उनको पूरा न्याय और पूरी जांच करने के लिए कोई इस तरह की जांच होती है तो कांग्रेस उसका हमेशा समर्थन करेगा और सिक्ख बिरादरी पर कोई भी उत्पीड़न हुआ है, उसकी जांच होनी चाहिए और किसी ने भी उसमें गलती की है, तो उसको सजा मिलनी चाहिए।

एक अन्य प्रश्न पर कि विद्यालयों में जो सुबह की प्रार्थना होती है, उस पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट कोई पहुंचा है, क्या कहेंगे, सिंह ने कहा कोर्ट का मसला है, अगर कोर्ट ने ये कहा है कि सरकार को जवाब देना चाहिए, हम इस पूरी चीज की जांच करेंगें। सरकार किस तरह का उस पर जवाब देती है, इसकी जानकारी देने पर हम अपनी बात अवश्य रखेंगे।

एक अन्य प्रश्न पर कि भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर विश्व बैंक ने नए आंकडे जारी किए हैं, उस पर आप क्या कहेंगे, सिंह ने कहा कि कल किसने देखा है, आज जो हो रहा है, उसकी आप विस्तृत जानकारी ले लें। GDP ग्रोथ 4 साल में सबसे कम है। 6.5 प्रतिशत इस वर्ष है। अगर यशवंत सिन्हा को जाना जाए, तमाम अर्थशास्त्री को जाना जाए, तमाम आंकड़ों को जाना जाए तो वो 4.5 होता।

अगर आप inflation को देखें तो 15 महीनों में सबसे ज्यादा inflation इन 15 महीनों में जारी है। अगर नए पैसे लगा रहे हैं देश के लोग तो 13 साल में सबसे कम fresh investment इस साल हुए हैं। क्रेडिट ग्रोथ वो 63 साल में सबसे कम है। बैंक से जो क्रेडिट ग्रोथ होती है वो 63 सालों में सबसे कम है। fiscal deficit को अगर देखा जाए तो वो भी इस बार पूरा कंट्रोल के बाहर है और 8 सालों में पहली बार देखने को मिल रहा है। जो हालात जिस बर्बादी के स्तर पर हमारी अर्थव्यवस्था है, ये हम नहीं सरकारी आंकड़े कह रहे हैं। ये तो 2014 में हमने ये भी सुना था, जैसा मैंने कहा कि आपके खाते में 15 लाख आ जाएगा, तो कल किसने देखा है। आए क्या 15 लाख आपके खाते में?

एक अन्य प्रश्न पर कि 2019 का चुनाव जीतने के लिए भाजपा 8 मार्च से लालकिले पर एक राष्ट्रसुरक्षा यज्ञ करने जा रही है, क्या कहेंगे,सिंह ने कहा कि यज्ञ तो कोई भी कर सकता है। यज्ञ वो कर रहे हैं, तो इसमें हमें कहने की या टिप्पणी करने की क्या जरुरत है। यज्ञ कर रहे हैं पर इस देश के लोगों को उन्होंने इतने सपने दिखाए थे, इतने जुमले दिखाए थे, इतने जो वायदे किए थे, अगर उनको ही पूरा कर देते तो स्वयं भगवान उनको आशीर्वाद दे देते। पर किसानों से, गरीबों से, इस देश के नौजवानों से, आम-वृद्ध आदमियों से, हमारे मध्यम वर्गीय लोगों से, छोटे व्यापारियों से, सबको उत्पीड़ित करके साढ़े तीन सालों में जो श्राप आम किसान, गरीब और नौजवान ने दिया है, भगवान भी इनको माफ नहीं करेगा।

एक अन्य प्रश्न पर सिंह ने कहा कि मैं आंकड़ों में नहीं जाता। कितने जवान हमारे रोज शहीद हो रहे हैं, इसके बारे में मैं क्या आंकडे पेश करुं। क्या ये आंकड़े पेश करें कि कितने हमारे रोजाना जवान शहीद हो रहे हैं। रोजाना पाकिस्तान से हमला होता है, क्या जवाब हम साढ़े तीन साले से दे पाए। हमारे military establishment पर हमला होता है। आईएसआई जो हमारे देश को बर्बाद करने पर तुली है और इस सरकार ने उसको जांच करने के लिए इस देश में बुलाया। आप बात करते हैं कि हमने इतने आंतकियों को मार दिया। शर्म की बात है। यही 56 ईंच का सीना है कि पाकिस्तान आकर हमारे नौजवानों को, सिविलियन को, जवानों को रोज शहीद करता है।

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