भारत में यूनानी चिकित्सा के पितामह हकीम अजमल खां को भारत रत्न दिया जाए— यूनानी कांग्रेस

नई दिल्ली. जिस हस्ती ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में शिरकत करते हुए भी प्राचीन चिकित्सा पद्धति यूनानी और आयुर्वेद को जिंदा रखने के लिए दिल्ली में यूनानी चिकित्सा संस्थान स्थापित किया और जीवन भर हिंदू—मुस्लिम एकता के लिए समर्पित रहे, ऐसे हकीम अजमल खां को अभी तक भारत रत्न घोषित ​नहीं किए जाने पर उनके वारिस के रूप में काम करने वाली यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने क्षोभ जताते हुए केन्द्र सरकार से मांग की है कि हकीम अजमल खां को भारत रत्न से नवाजा जाए ताकि देश उनके किए कामों से अवगत हो सके।

यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने यह मांग राजधानी दिल्ली में विश्व यूनानी चिकित्सा विज्ञान दिवस पर आयोजित समारोह में की। कांग्रेस के मानद महासचिव डा. सैयद अहमद खां ने बताया कि ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की ओर से राजधानी दिल्ली में आयोजित विश्व यूनानी चिकित्सा विज्ञान दिवस समारोह में सर्वसम्मति से यह मांग की कि हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक व यूनानी और आयुर्वेद को भारत में नई दिशा देकर विकसित करने वाले स्वतंत्रता सेनानी हकीम अजमल खां को यथा शीघ्र भारत रत्न से सम्मानित किया जाये। इसके साथ ही उनके द्वारा दिल्ली के करोल बाग में स्थापित आयुर्वेद और यूनानी महाविद्यालय को तरक्की देकर विश्वविद्यालय बनाया जाए। इस अवसर पर देश भर से आये यूनानी पैथी के विद्वानों ने यूनानी पैथी के विकास पर सुझाव दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने की और मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जस्टिस एन.के जैन थे। अन्य हस्तियों में निदेशक आयुष पंजाब डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक आयुष दिल्ली सरकार डॉ. के. मनचन्दा, सलाहकार युनानी भारत सरकार डॉ. ताहिर,उपसलाहकार युनानी भारत सरकार डॉ. एम.ए. कासमी, डॉ. सैयद अहमद खान, वरिष्ठ पत्रकार सीमा किरण, अशरफ बस्तवी, फहीम अहमद, फरजान, कुरैशी सहित अन्य विशिष्ट अतिथि थे।