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कार्बेट के हाथी अब स्वच्छ शौचालयों में मल त्याग करेंगे, गैंडे के लिए भी बनेंगे वाशरूम – Mobile Pe News

कार्बेट के हाथी अब स्वच्छ शौचालयों में मल त्याग करेंगे, गैंडे के लिए भी बनेंगे वाशरूम

उत्तराखंड राज्य वन्य जीव परिषद (बोर्ड) ने कार्बेट और राजाजी राष्ट्रीय पार्क के बाघों और हाथियों की अधिकतम धारण क्षमता का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बोर्ड की 14वीं बैठक में कई निर्णय लिए गए। इसमें कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन करने और मानव वन्य जीव संघर्ष से प्रभावित गांवों में वॉलण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स की स्थापना जल्द से जल्द किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही यह भी तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर बंदरों को पीड़क घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में गरतांग गली ट्रेल में मार्ग निर्माण उसके प्राचीन स्वरूप को बनाए रखते हुए करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के निकट स्थित टोंगिया तथा अन्य ग्रामों में सोलर लाईट, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के काम को प्राथमिकता से करने के भी निर्देश दिये गये।

गैण्डे के रिइन्ट्रोडक्शन के संबंध में प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की भौगोलिक तथा पर्यावरणीय परिस्थितियां गैण्डे के अनुकूल है। गैण्डे द्वारा मानव के साथ संघर्ष की जीरो सम्भावना होती है और यह अन्य जीवों के लिए भी सहायक होता है। इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियां भी काफी बढ़ेंगी। इस पर बोर्ड द्वारा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन पर सहमति दी गई।
मछलियों को पकड़ने में अवैधानिक तरीकों के प्रयोग को रोकने के लिए युवक मंगल दलों, महिला मंगल दलों, वन पंचायतों का सहयोग लिया जाए। संरक्षित क्षेत्रों से दूसरे स्थानों पर बसाए जाने पर वन्य ग्रामों के लोगों भूमि संबंधी वही अधिकार मिलने चाहिए जो कि उन्हें अपनी पहले की भूमि पर प्राप्त थे। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।

राज्य वन्य जीव बोर्ड द्वारा संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत तथा संरक्षित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाली वन भूमि हस्तांतरण तथा अन्य प्रकरणों पर स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि की राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजने, रूद्रप्रयाग के उखीमठ नगर पंचायत में पेयजल योजना के लिए पाईप लाईन बिछाने की अनुमति, जनपद अल्मोड़ा में एनटीडी-कफड़खान मोटरमार्ग के दो किलोमीटर से ग्राम भूल्यूड़ा सब्जी उत्पादन क्षेत्र हेतु मोटरमार्ग का नवनिर्माण, रामनगर-लालढांग मोटर मार्ग के नौ किलोमीटर तथा 13 किलोमीटर में सेतु का निर्माण, सोनप्रयाग से त्रिजुगीनारायण तथा कोठियालसैण से ऊषाड़ा तक मोटरमार्ग के किनारे ओएफसी लाईन बिछाए जाने की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजना प्रमुख हैं।

बैठक में वन मंत्री डा.हरक सिंह रावत, विधायक ससुरेश राठौर, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य वन संरक्षक जयराज, पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था अशोक कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और राज्य वन्य जीव परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित थे।