coaching with gap: अच्छी नौकरी पानी हैं तो गैप लेकर करें कोचिंग, हासिल हो जाएगा लक्ष्य

coaching with gap: 12वीं करने के बाद असमंजस के शिकार हैं कि किस कोर्स में एडमिशन लें ताकि बेहतर कॅरियर बन सके और अच्छी नौकरी पा सकें तो हम बताते हैं कि किन प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेकर अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

कॉलेज में प्रवेश से पहले करें कोचिंग

कई छात्र बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं। ऐसे छात्रों को एक साल का गैप लेकर कोचिंग करनी चाहिए। छात्र को 12वीं के साथ-साथ ही प्रतियोगी परीक्षा देनी चाहिए और विश्लेषण करना चाहिए कि अगर वे एक साल कोचिंग या खुद तैयारी करते हैं तो वे उसमें कितना अच्छा स्कोर कर पाएंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे तैयारी करके अच्छी रैंक प्राप्त कर सकते हैं तो उन्हें एक साल का गैप लेना चाहिए।

अगर है दिमाग में ये बात तो गैप लेने के बारे में नहीं सोचें

coaching with gap: 12वीं के साथ-साथ ही प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्र विश्लेषण करें कि क्या वे एक साल तैयारी करके इससे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे इससे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे या परीक्षा से संबंधित सिलेबस को पढ़ने में उन्हें रुचि नहीं आएगी तो उन्हें 12वीं करने के तुरन्त बाद ही किसी कोर्स में प्रवेश ले लेना चाहिए।

coaching with gap:

coaching with gap: छात्रों को किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखना चाहिए। क्योंकि कोचिंग करने में काफी खर्चा होता है। इसलिए अगर आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है तो एक साल कोचिंग करने के बारे में नहीं सोचें। आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि आप प्राइवेट कॉलेज की फीस नहीं दे सकते हैं तो गैप लेकर खुद पढ़ें और अच्छी रैंक प्राप्त करके सरकारी कॉलेज में प्रवेश लें।

coaching with gap: कई बार ऐसा होता है कि सीट फुल हो जाने के कारण या प्रतियोगी परीक्षा में कम नंबर आने के कारण आपको अपने पसंद के कॉलेज और कोर्स में एडमिशन नहीं मिलता है। इसलिए गैप लें और अगले साल अपने पसंदीदा कोर्स में प्रवेश लें।