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चीन के चेंगदू की आसमान में ही कब्र बना देगा भारत का ये हथियार

इस विमान ने मनवाया अपना लोहा

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के चलते भारत और चीन युद्ध के कगार पर खड़े हैं इसलिए हर किसी को यह जानने की उत्सुकता है कि क्या भारत का बेहतरीन लड़ाकू विमान रफाल चीन के चेंगदू जे-20 को मात दे पाएगा? जबकि चीन का दावा है कि उसके लड़ाकू विमान जे-20 जैसा विमान सिर्फ अमरीका के पास है।

तकनीकी पहलुओं की बात करें तो रफ़ाल परमाणु मिसाइल डिलीवर करने में सक्षम है। चीन के जे-20 में दो तरह की मिसाइलें हैं जिसमें से एक की रेंज डेढ़ सौ किलोमीटर है तो दूसरी की रेंज क़रीब तीन सौ किलोमीटर है। परमाणु हथियारों से लैस रफ़ाल हवा से हवा में 150 किलोमीटर तक मिसाइल दाग सकता है और हवा से ज़मीन तक इसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है।
रफाल की ज़मीन से ऊंचाई 5.30 मीटर और लंबाई 15.30 मीटर है। उसे अब तक अफ़ग़ानिस्तान, लीबिया, माली, इराक़ और सीरिया की जंग में इस्तेमाल किया जा चुका है। इनमें इस विमान ने अपना लोहा मनवाया है।

लेकिन चेंगदू जे-20 के साथ ऐसा नहीं है। चेंगदू ने अब तक किसी जंग में हिस्सा नहीं लिया है। चेंगदू का पहला टेस्ट 2011 में हुआ। सर्विस में सितंबर-अक्टूबर 2017 में आया है। इसका पहला कॉम्बैट यूनिट 2018 में बना है। इन दोनों विमानों में एक बारीक़ अंतर ये भी है कि रफ़ाल 4.5 जेनरेशन का है लेकिन जे-20 कथित रूप से पांचवीं जेनरेशन का फाइटर प्लेन है। इस समय दुनिया में सिर्फ तीन एयरक्राफ़्ट पांचवी जेनरेशन के हैं. एक जे-20 है और दो अमरीका के एफ-22 और एफ-35 हैं।

रफ़ाल की ख़ासियत उसका मिसाइल सिस्टम है। इसकी मीटिओर मिसाइल हवा से हवा में 150 किलीमीटर की दूरी से भी दूसरे विमान पर हमला कर सकती है। एक लॉन्ग रेंज मिसाइल स्कैल्प है जिसकी रेंज 550 से 600 किलोमीटर है। बीस से तीस किलोमीटर रेंज की एक शॉर्ट रेंज मिसाइल भी है। जे-20 के मिसाइल सिस्टम की बात करें तो उसमें छोटी और लंबी दूरी और हवा से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है।

दोनों विमानों की तुलना करें तो रफ़ाल की स्टेल्थ तकनीक, मेन्युवरबिलिटी और टारगेट हासिल करने की क्षमता, ग्राउंड स्टेशन के साथ जानकारियों के आदान प्रदान की कैपेसिटी और मिसाइल सिस्टम के साथ रफ़ाल जे-20 समेत हमारे क्षेत्र में मौजूद सभी विमानों से बेहतर माना जाता है।

अगर दोनों विमानों की रेंज की बात करें तो जे-20 की रेंज का अब तक खुलासा नहीं किया गया है। रफाल का 3700 किलोमीटर का रेंज है। दोनों विमानों की स्पीड में मामूली अंतर है। जे-20 2220 किलोमीटर की रेंज तक पहुंच सकता है। रफ़ाल की स्पीड लगभग 2130 किलोमीटर है। रफ़ाल का आकार जे-20 से छोटा और हल्का है। जे-20 का भार 19 टन के आसपास है तो रफ़ाल लगभग 10 टन का है। जे-20 की लंबाई 20 मीटर और रफ़ाल बस 15 मीटर का है।

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