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मुनाफाखोर चीन का पर्दाफाश, दक्षिण कोरियाई कम्पनी आधे दामों पर बेच रही है कोरोना टेस्टिंग किट

कोरोना महामारी को लेकर पूरे विश्व के निशाने पर आए चीन की कम्पनियां टेस्टिंग किट पर भारी मुनाफा वसूल रही हैं। इसका खुलासा दक्षिण कोरियाई कम्पनी एस. डी बायोसेंसर की ओर से हरियाणा सरकार को सप्लाई की गई टेस्टिंग किट से हुआ है। दक्षिण कोरियाई कम्पनी ने किट चीनी कम्पनी के मुकाबले 400 रुपए सस्ती दर पर बेची है। चीनी कम्पनी इसी किट की कीमत 780 रुपए वसूल रही है।

चीन का आर्डर रद्द कर दक्षिण कोरियाई कम्पनी को दिया

इसी के साथ हरियाणा सरकार ने चीन से मंगाई जाने वाली एक लाख रेपिड टेस्ट किट का आर्डर रद्द कर इसे दक्षिण कोरियाई कम्पनी को दे दिया। दक्षिण कोरियाई कम्पनी का कारखाना हरियाणा के मानेसर में ही स्थित है। दक्षिण कोरियाई कम्पनी एस.डी. बायोसेंसर यह किट गुणवत्ता में भी बेहतर है। इसलिये चीन की कम्पनियों को दिया गया आर्डर रद्द किया गया है। इससे सरकार को राजस्व की भी बचत होगी। कोरियाई कम्पनी को एक लाख किट का आर्डर दिया गया है जिसमें से राज्य सरकार को 25 हजार रैपिड टेस्टिंग किट मिल गई हैं। इसकी प्रति किट कीमत 380 रुपए है जो चीन से आयातित किट से लगभग 400 रुपए सस्ती है। यह किट यहां बनने से अब इसके लिये दूसरे देशों पर देश और प्रदेश की निर्भरता कम होगी।

कोरियाई कम्पनी एक माह में देगी एक करोड़ रेपिड टेस्टिंग किट

खास बात यह है कि किट बनाने की स्वीकृति 15 दिन में ही मिल गई, जिसमें रूटीन में पांच माह तक का समय लग जाता है। क्योंकि किट निर्माण के लिये पहले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे को आवेदन करना होता है तो इसके बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद को जाता है तथा इसके बाद औषध महानियंत्रक से उत्पादन की स्वीकृति लेनी होती थी। कोरियाई कम्पनी एक माह में एक करोड़ रेपिड टेस्टिंग किट तैयार करेगी। हरियाणा में कोरोना मरीजों के दुगुने होने की रफ्तार लगभग 14 दिन है जबकि देश में यह औसत 7.5 दिन है। हरियाणा में रिकवरी रेट 57 है वहीं केंद्र में केवल 16 फीसदी है।

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Samosas boom on the internet: इंटरनेट पर समोसे की धूम, हर महीने चार लाख लोग ढूंढते हैं कहां बनता है बेहतर समोसा

चटखारेदार भारतीय व्यंजन दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यही कारण है कि बिरयानी और बटर चिकन इस बार पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बार सर्च किया गया।

 

चिकन बिरयानी सर्च सबसे अधिक

एक अमेरिकी एडवरटाइजिंग कंपनी SEMrush के सर्वे के मुताबिक़, वैश्विक स्तर पर हर महीने औसतन 4.56 लाख लोगों ने ‘चिकन बिरयानी’ सर्च की। सिर्फ़ बिरयानी ही नहीं, बटर चिकन, समोसा, चिकन टिक्का मसाला, डोसा, तंदूरी चिकन, पालक पनीर, नान, दाल मखनी और चाट भी ग्लोबली सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय व्यंजनों की टॉप 10 लिस्ट में शामिल रहे। पिछले साल भी ‘चिकन बिरयानी’ वैश्विक स्तर पर सबसे ज़्यादा सर्च किए जाने वाला इंडियन फ़ूड था।

बटर चिकन भी कम नहीं

इस दौरान हर किसी की पसंदीदा पंजाबी डिश बटर चिकन को लगभग 4 लाख बार खोजा गया। वहीं उत्तर भारतीयों के पसंदीदा समोसे को औसतन 3.9 लाख बार सर्च किया गया। जबकि ‘चिकन टिक्का मसाले को 2.5 लाख बार सर्च किया गया। स्टडी के मुताबिक़, दक्षिण भारतीय व्यंजन ‘डोसा’ औसतन 2.28 लाख बार बार सर्च किया गया। टॉप 10 की इस सूची में अगले 5 व्यंजन तंदूरी चिकन, पालक पनीर, नान, दाल मखनी और चाट को भी लाखों बार खोजा गया। प्रवासी भारतीय इन डिसेज़ को आज भी अपनी प्राथमिकताओं में रखते हैं। विदेशों में रहने वाले लोगों में अधिकतर पंजाबी हैं जो आज भी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं।

समोसा की किसी से टक्कर नहीं

स्नैक्स की बात करें तो चटपटे स्वाद के लिए प्रसिद्ध समोसा और चाट भी सबसे अधिक खोजे गए व्यंजनों में से एक हैं। जिन लोगों ने इन व्यंजनों को सर्च किया वो अधिकतर उत्तर भारतीय थे क्योंकि ये दोनों व्यंजन उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय स्नैक्स में से एक हैं। मेन कोर्स की बात करें तो पालक पनीर और दाल मखनी भी इस सूची में एकमात्र शाकाहारी व्यंजन थे। इस सूची में अगर रोटियों की बात करें तो नान अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा जो किसी ट्रेंड शेफ़ द्वारा ही बनाई जा सकती है।

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भारत में जल्द ही काले बाजार में बिकेगी इस कम्पनी की आलू की चिप्स

गुजरात के किसान संगठनों ने आज यहां बहुराष्ट्रीय खाद्य एवं पेय पदार्थ विक्रेता कंपनी पेप्सिको इंडिया के नाम से प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वरायिटिज एंड फार्मर्स राइट्स एक्ट 2001 के तहत रजिस्टर्ड आलू की एक किस्म, जिसकी खेती के लिए कंपनी ने कुछ माह पहले गुजरात के कई किसानों पर भारी मुआवजे की मांग करते हुए मुकदमे दायर किये थे पर बाद में वापस ले लिये थे, की आज यहां सांकेतिक रोपाई कर विरोध प्रदर्शन किया।

किसान संगठनों ने कहा कि कानून के तहत किसानों की स्वतंत्रता और बीज के चयन के उनके अधिकार पर रोक नहीं लगायी जा सकती है। उन्होंने कंपनी को किसानों के कानून प्रदत्त अधिकारों का अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी।

एफएल 2027/एफसी-5 नाम के आलू की इस किस्म जिसका उपयोग कंपनी चिप्स बनाने के लिए करती है, की सांकेतिक रोपाई कर विरोध प्रदर्शन के मौके पर किसान बीज मंच के प्रतिनिधि कपिल शाह ने कहा कि कंपनी ने एक मामले में किसानों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हुए दलील दी थी। कंपनी किसानों के बीच भय पैदा करना चाहती है जो निंदनीय है। आलू की इस किस्म की सांकेतिक रोपाई का उद्देश्य किसानों को उनके कानूनी अधिकार के प्रति जागरूक करना है और साथ ही कंपनी को यह जताना भी है कि किसानों को डराया नहीं जा सकता।

इस मौके पर भारतीय किसान संघ के विट्ठल पटेल ने किसानों को बीज के चयन संबंधी संप्रभुता को समझने का आहवान किया। उन्हें यह समझना चाहिए कि बीज के चयन के मामले में उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। गुजरात किसान सभा और गुजरात खेड़ूत समाज के प्रतिनिधियों ने अधिक से अधिक किसानों को इस सत्याग्रह में शामिल होने और उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने का आहवान किया।

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कभी ऊपर तो कभी नीचे कूदने से हो गई इसकी हालत खराब, अब विदेशी डाक्टर ही कर सकेंगे इलाज

वैश्विक स्तर से मिले मिश्रित रूझानों के बीच घरेलू स्तर पर आर्थिक विकास में सुस्ती आने की चिंताओं में निवेशकों के सतर्कता बरतने से सोमवार को शेयर बाजार गिरावट लेकर बंद हुआ तो दूसरे दिन मंगलवार को यूरोपीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और घरेलू स्तर देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड द्वारा दिसंबर से टैरिफ में बढोतरी करने की घोषणा से मिले समर्थन के बल पर शेयर बाजार में तेजी का रूख कायम रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार के बार—बार ऊपर—नीचे होने से अर्थव्यवस्था की हालत खराब हो रही है और अब इसका इलाज विदेश में बैठे विशेषज्ञ ही सुझा सकते हैं क्योंकि भारत में एक भी विशेषज्ञ ऐसा नहीं बचा जिसकी साख को केन्द्र सरकार अपने ऊटपंटाग तर्कों से धूल में नहीं मिलाया हो।
बीएसई का सेंसेक्स 72.50 अंक उतरकर 40284.19 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1.20 अंक उतरकर 11894.25 अंक पर रहा। बीएसई में दिग्गज कंपनियों में जहां बिकवाली देखी गयी वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में लिवाली का जाेर देखा गया जिससे बीएसई का मिडकैप 0.44 प्रतिशत बढ़कर 14837.53 अंक पर और स्मॉलकैप 0.27 प्रतिशत बढ़कर 13362.61 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 2771 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 1154 बढ़त में और 1404 गिरावट में रहे जबकि 213 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई का सेंसेक्स 75 अंकों की तेजी के साथ 40431.08 अंक पर खुला और लिवाली के बल पर यह 40542.90 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा। इसी दौरान शुरू हुयी बिकवाली के कारण 40221.97 अंक के निचले स्तर तक उतरा। अंत में यह पिछले दिवस के 40356.69 अंक की तुलना में 0.18 प्रतिशत अर्थात 72.50 अंक गिरकर 40284.19 अंक पर रहा।

 

एनएसई का निफ्टी 20 अंकाें की बढ़त लेकर 11915.15 अंक पर खुला और लिवाली के जोर से यह 11946.20 अंक के उच्चतम स्तर तक गया। इसी दौरान बिकवाली होने से यह 11867.60 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह पिछले दिवस के 11895.45 अंक की तुलना में 1.20 अंक अर्थात 0.01 प्रतिशत गिरकर 11894.25 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 29 बढ़त और 20 गिरावट में रहे जबकि एक में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इधर बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 185.51 अंक बढ़कर 40469.70 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 55.60 अंक बढ़कर11940.10 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान मझौली कंपनियों में जहां बिकवाली देखी गयी वहीं छोटी कंपनियों में लिवाली का रूख रहा। बीएसई का मिडकैप 0.05 प्रतिशत उतरकर 14830.49 अंक पर रहा जबकि स्माॅलकैप 0.31 प्रतिशत चढ़कर 13404.51 अंक पर पहुंच गया।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजार मिश्रित खुले। यूरोपीय बाजार में लगभग तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिलेजुले रहे। ब्रिटेन का एफटीएसई 1.22 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 1.16 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.55 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.85 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि जापान का निक्की 0.53 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.34 प्रतिशत की गिरावट में रहा।

बीएसई का सेंसेक्स 172 अंकों की तेजी के साथ 40456.36 अंक पर खुला। एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतोे के कारण यह सत्र के मध्य में 40290.21 अंक के निचले स्तर तक फिसला लेकिन इसके बाद शुरू हुयी लिवाली के बल पर यह 40544.13 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 40284.19 अंक की तुलना में 0.46 प्रतिशत अर्थात 185.51 अंक बढ़कर 40469.79 अंक पर रहा।
एनएसई का निफ्टी 35 अंकों की बढ़त के साथ 11919.45 अंक पर खुला। बिकवाली के कारण यह 11881.75 अंक के निचले स्तर तक फिसला लेकिन लिवाली के जाेर से यह 11958.85 अंक के उच्चतम स्तर तक चढ़ा। अंत में यह पिछले दिवस के 11884.50 अंक की तुलना में 0.47 प्रतिशत अर्थात 55.60 अंक बढ़कर 11940.10 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल कंपनियों में से 24 हरे निशान में और 26 लाल निशान में रही।

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जियाे के बाद अब ये दाेनाे कम्पनियां मिलकर चूसेंगी माेबाइल उपभाेक्ताआें का खून

बकाया लाइसेंस शुल्क भुगतान के अदालती आदेश के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में हजारों करोड़ रुपये का घाटा उठा चुकी दूरसंचार कंपनियों वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और भारती एयरटेल ने एक दिसंबर से टैरिफ दरों में बढोतरी करने की घोषणा की है।
वोडाफोन आइडिया ने यहां जारी बयान में कहा कि उपभोक्ताओं को विश्व स्तरीय डिजिटल अनुभव सुनिश्चित करते हुये वह अपने टैरिफ में एक दिसंबर से समुचित बढोतरी करेगी। उसने कहा कि पूरी दुनिया में भारत में मोबाइल डाटा सबसे सस्ता है और मोबाइल डाटा सेवाओं की मांग में तेजी का रूख बना हुआ है।

कंपनी ने कहा कि मार्च 2020 तक देश की 100 करोड़ आबादी को 4 जी सेवायें उपलब्ध कराने के लिए क्षमता और कवरेज दायरें में तेजी से बढोतरी की जा रही है। कंपनी को देश में सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम फूटप्रिंट है और नेटवर्क एकीकरण कर इसमें तेजी लायी जा रही है। वह देशवासियों को डिजिटल सेवायें देने के लिए प्रतिबद्ध है।
एयरटेल ने भी इसके बाद जारी बयान में कहा कि वह भी दिसंबर महीने के प्रारंभ से टैरिफ में बढोतरी करेगी। उसने कहा कि वह ग्राहकाें को किफायती टैरिफ उपलब्ध कराती रहेगी और कंपनी की जरूरतों के बीच संतुलन बनायेगी ताकि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रखा जा सकेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवायें दी जा सकेगी।

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भारी ठंड की वजह से लुढ़का रागी, बाजरे ने दिया सहारा, जौ ने बंधाई हिम्मत

खाद्य वस्तु समूह के फल एवं सब्जी के दाम पिछले महीने के मुकाबले 11 प्रतिशत, अंडा एवं सूअर का मांस के चार प्रतिशत, उडद, चाय एवं गेहू के दो प्रतिशत, राजमा, मसाला, समुद्री मछली, मुर्गे का मांस, चना एवं मूंग एक प्रतिशत बढ़ी हैं। हालांकि इसी समूह में बाजरा के दाम छह प्रतिशत,रागी तीन प्रतिशत और मक्का एवं जौ के दाम एक प्रतिशत गिरे हैं।

बाजार में पर्याप्त आवक और जमाखोरी रोकने के सरकार के सतत् प्रयासों से अक्टूबर 2019 में थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 0.16 प्रतिशत दर्ज की गयी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी। आंकडों के अनुसार सितंबर 2019 में थोक मुद्रास्फीति की दर 0.33 प्रतिशत रही थी जबकि अक्टूबर 2018 में यह आंकड़ा 5.54 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष में बिल्डअप मुद्रास्फीति की दर 1.92 प्रतिशत रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष के इसी माह में थोक मुद्रास्फीति की दर 4.90 प्रतिशत थी।
गैर खाद्य वस्तु समूह में अरंडी के दाम 15 प्रतिशत, कच्ची रबड़ नौ प्रतिशत, कच्ची कपास चार प्रतिशत, कच्ची खाल एवं सोयाबीन तीन प्रतिशत, मूंगफली और नारियल रेशा एक प्रतिशत गिरावट में रहे है। हालांकि फूल 14 प्रतिशत, कच्चा सिल्क नौ प्रतिशत, तिल पांच प्रतिशत, करडी चार प्रतिशत, काला तिल तीन प्रतिशत, कच्चा जूट दो प्रतिशत एवं सरसों एक प्रतिशत बढ़े हैं।

विनिर्मित खाद्य उत्पादों के समूह शहद के दाम छह प्रतिशत, सूखा दूध चार प्रतिशत, पाम तेल तीन प्रतिशत, नमक, नारियल तेल, सरसों तेल, आटा, मिश्रित मसाले दो प्रतिशत और विनिर्मित कोकोआ, चॉकलेट, मिठाई, आइसक्रीम, मैदा, सोयाबीन तेल, चावल छिलका तेल, सूखी मछली, सूजी, गुड़, बेकरी उत्पाद एवं मक्खन एक प्रतिशत की वृद्धि में दर्ज किये गये हैं। अरंडी तेल के दाम नौ प्रतिशत, खोई आठ प्रतिशत, कॉफी चार प्रतिशत, तैयार भोजन में एक प्रतिशत की गिरावट हुई हैं।

अक्टूबर 2019 के दौरान शीतल पेय के दाम दो प्रतिशत गिरे हैं जबकि बोतल बंद पानी के दाम एक प्रतिशत चढ़ गये। खनिज समूह में तांबा पांच प्रतिशत, चूना पत्थर तीन प्रतिशत, लौह अयस्क, मैंगनीज और क्रोमाइट एक प्रतिशत घट गये जबकि सीसा के दाम एक प्रतिशत तेज हो गये। कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस समूह में प्राकृतिक गैस के दाम आठ प्रतिशत की गिरावट में दर्ज किये गये हैं जबकि कच्चे तेल के दाम तीन प्रतिशत चढ़े हैं। खनिज तेल समूह में फरनेस तेल नौ प्रतिशत, बिटुमन और नाफ्था छह प्रतिशत, विमान ईंधन एवं मिट्टी का तेल तीन प्रतिशत, पेट्रोल एवं हाई स्पीड डीजल दो प्रतिशत और एलपीजी एक प्रतिशत की तेजी में रही है। बिजली के दाम दो प्रतिशत बढ़े हैं। आलोच्य माह में तंबाकू उत्पाद दो प्रतिशत तेज रहे हैं।

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देश भर को पसंद ये कार कम्पनी दिसम्बर के पहले सप्ताह लंच में खाएगी सस्ती कार, डिनर में निगलेगी नौकरियां!

मारुति सुजुकी इंडिया ने अक्टूबर में अपने उत्पादन में 20.7 फीसदी की कटौती की है। कंपनी ने इस महीने 1,19,337 वाहनों का उत्पादन किया, जबकि पिछले साल इसी महीने 1,50,497 वाहनों का उत्पादन किया था। मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने अक्टूबर में अपने उत्पादन में 20.7 प्रतिशत की कटौती की है। यह लगातार नौवां महीना है जब देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने अपना उत्पादन घटाया है।

मारुति सुजुकी के मुताबिक, कंपनी ने अक्टूबर में 1,19,337 वाहनों का उत्पादन किया, जबकि पिछले साल इसी महीने 1,50,497 वाहनों का उत्पादन किया था। कंपनी के यात्री वाहनों का उत्पादन पिछले महीने 20.85 प्रतिशत घटकर 1,17,383 इकाई रहा जबकि अक्टूबर 2018 में यह 1,48,318 इकाई था। ऑल्टो, न्यू वैगनार, सेलेरियो, इग्निस, स्विफ्ट और डिजायर जैसे मिनी और कॉम्पैक्ट खंड में वाहनों का उत्पादन इस साल अक्टूबर में 21.57 फीसदी घटकर 85,064 इकाई रहा, जो पिछले साल इसी महीने में 1,08,462 इकाई था।

विटारा ब्रेजा, अर्टिगा और एस-क्रॉस जैसे उपयोगी वाहनों का उत्पादन पिछले महीने मामूली रूप से बढ़कर 22,736 इकाई रहा, जबकि बीते साल इसी महीने में यह 22,526 इकाई था। वहीं, मझोले आकार की सेडान सियाज का उत्पादन पिछले महीने 1,922 इकाई रहा, जो पिछले अक्टूबर 2018 में 3,513 इकाई था। इस दौरान हल्के वाणिज्यिक वाहन का उत्पादन 1,954 इकाई रहा, जो एक साल पहले इसी महीने में 2,179 इकाई था। कुल मिलाकर सितंबर महीने में मारुति सुजुकी का उत्पादन 17.48 प्रतिशत घटकर 1,32,199 इकाई रहा।

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अमेजन ने अपने पैकिंग डिब्बों पर क्यों लिखवाई भारत की ये प्रसिद्ध कहानियां, जानिए उसके पीछे का रहस्य

हाल में खत्म हुए त्यौहारी सीजन में यदि अमेजन के ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ के दौरान खरीदारी की है और इस पर गौर किया हो तो कुछ अनोखा अनुभव महसूस हुआ होगा।

अमेजन ने ग्राहकों को सामान ऐसे डिब्बों में डिलीवर किया है जो विक्रेताओं की कहानियां बयां करते हैं। ये कहानियां अमेजन के माध्यम से अपना कारोबार बढ़ा रहे छोटे और मझौले कारोबारियों पर आधारित हैं और उनके बदलाव पर आधारित हैं।
कंपनी में सेलर्स सर्विसेज विभाग के उपाध्यक्ष गोपाल पिल्लई ने कहा,“विक्रेता अमेजन फ्लाईव्हील का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमारे मार्केटप्लेस में पांच लाख से अधिक छोटे कारोबारी, कलाकार, महिला उद्यमी और ब्रैंड हैं। अमेजन पर अपने उत्पाद की बिक्री करने वाले प्रत्येक विक्रेता के पास उसकी सफलता की अनोखी कहानी है। स्टोरीबाक्सेज के साथ हम इन कहानियों को जीवन की असलियत में उतारना चाहते हैं। कंपनी ने अब तक अपने बाक्स पर छह खरीदारों की कहानी प्रकाशित की है। इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए और विक्रेताओं की प्रगति से जुड़े अनुभव को खरीदारों तक पहुंचायेंगे। हमें उम्मीद है कि इसपहल से ग्राहकों को यह झलक मिल सकेगी कि किस तरह अमेजन इन पर लाखों विक्रेताओं की बदलाव यात्राओं का अभिन्न हिस्सा है। वर्तमान में रानी रविंद्रन, बिस वजीत स्वेन, विजया राजन, इबानशारा शुलई, अब्दुल गफूर खत्री और अश्विन सोक्के के जीवन के सफर से जुड़े कहानियों के बाक्स ग्राहकों तक पहुंचाये गए हैं।

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चांदी ने जमकर दिखाया जलवा, फिर भी सोना साबित हुआ चिकना घड़ा

सप्ताहांत सोना तथा चांदी में ग्राहकी सुधार से हाजिर भाव मजबूती लिए रहे। बीते सप्ताह में सोने के भाव में लगभग 400 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी हुई। चांदी के भाव 400 रुपये की मजबूती लिए रहे। कारोबार की शुरुआत में सोमवार को सोना 38490 रुपये पर खुलने के बाद शनिवार को 38890 रुपये प्रति दस ग्राम होकर थमा।

चांदी में व्यापार की शुरुआत 46125 रुपये पर हुई वहीं अंतिम दिन सौदे 46525 रुपये के स्तर हुए। व्यापारियों के अनुसार सप्ताहांत रुपये में बढ़त से सोना महंगा बिका। कामकाज में सोना ऊंचे में 38900 नीचे में 38470 रुपये प्रति 10 ग्राम बिका। व्यापार में चांदी ऊपर में 46725 तथा नीचे 46050 रुपये प्रति किलोग्राम बिकी। कारोबार के अंतिम दिन विदेशी बाजार में सोना 1513.90 डॉलर तथा चांदी 18.11 सेन्ट प्रति औंस बिकी।

सप्ताहांत खाद्य तेलों में खरीदी से भाव मजबूती लिए रहे। कारोबार के प्रथम दिन सोयाबीन रिफाइंड नीचेे स्तर पर खुला, कारोबार के दरम्यान भाव में वृद्धि हुई। सप्ताहांत मूंगफली तेल महंगा बिका। तिलहनो में खरीदी रहने से मजबूती दर्ज की गई। पशुआहार कपास्या खली में भाव तेजी लिए रहे। कारोबार की शुरूआत में मूंगफली तेल 1010 से 1020 रुपये प्रति किलोग्राम खुला जो शनिवार को 1010 से 1030 रुपये के स्तर पर थमा। इसी तरह सोयाबीन रिफाइंड 768 से 770 रुपये पर खुलकर अंतिम दिन 765 से 770 रुपये प्रति 10 किलोग्राम बिका। तिलहन जिन्सों की मिलगत कमी के साथ ग्राहकी से सुधार दर्ज किया गया। पशुआहार कपास्या खली में भाव तेजी लिए रही।

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जिस्मानी ताकत बढ़ाने के काम आती है इसलिए सर्दियों में चढ़ जाते हैं इस दाल के भाव

सर्दियों की दस्तक के साथ ही भारत में एक तरह की दाल के भाव चढ़ने लगते हैं क्योंकि सर्दियों में इस दाल के लड्डू खाकर देश के युवा अपनी जिस्मानी ताकत बढ़ाते हैं। इस दाल के लड्डू सर्दियों में खाने से शरीर ऐसा हृष्ट—पुष्ट होता है कि दुनिया देखती ही रह जाती है। जी हां इस दाल का नाम है उड़द। इस दाल को पीसकर देसी घी में लड्डू भारत के घर—घर में बनाए जाते हैं। नवविवाहित जोड़ों को खास तौर पर उड़द के लड्डू अवश्य खिलाए जाते हैं। इस वजह से दिल्ली थोक जिंस बाजार में दाल—दलहनों में मजबूती का रुख रहा। चीनी में नरमी और खाद्य तेल सामान्य ग्राहकी से स्थिर रहे।

बाजार सूत्रों के अनुसार दिवाली निकल जाने के बाद बाजार में ग्राहकी अच्छी है। वहीं दूसरी तरफ माल की तंगी बताई जा रही है। उड़द में माल कम बताया जा रहा है। कारोबारियों के अनुसार आयातित उड़द की खपत मुंबई बंदरगाह पर ही हो जा रही है। आयातकों के अलावा अन्य को माल मिलने में दिक्कत है जिससे इसके भाव मजबूत बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में उड़द की नयी फसल को भारी बारिश और बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है। माल दागी हो गए हैं। कारोबारियों ने बताया कि नये माल में केवल 25 प्रतिशत ही अच्छा माल है जबकि 75 प्रतिशत दागी निकल रहा है । उत्तर प्रदेश की मंडियों में उड़द के भाव 7500 रुपए प्रति क्विंटल बोले गए जो किराया लगाकर दिल्ली पहुंच आठ हजार रुपए पड़ता है। आयातित माल 8500 रुपए प्रति किलो तक बोले जा रहे हैं।

मूंग भी चमकी हुई है । माल कम है। सामान्य किस्म की मूंग धोवा में पिछले तीन कारोबारी दिवसों में भाव छह सौ रुपए प्रति क्विंटल तक चढ़ गए हैं। औसत क्वालिटी की मूंग धोवा दाल का भाव 8400 रुपए के आसपास है। अरहर में भी तेजी का रुख है।