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डब्ल्यूएचओ की भविष्यवाणी: कोरोना वैक्सीन नहीं बना पाएंगे वैज्ञानिक!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वैज्ञानिक जिस तरह एचआईवी और डेंगू की वैक्सीन नहीं बना पाए हैं, वैसे ही हो सकता है कि वे कोरोना की वैक्सीन बनाने में भी नाकाम हो जाएं।

आशंका ने बढ़ाई लोगों की चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 के विशेष दूत डॉ.डेविड नैबोरो ने कहा, यहां कुछ वायरस हैं जिनकी कोई वैक्सीन नहीं है। हम यह मान कर नहीं चल सकते कि वैक्सीन आ जाएगी और अगर यह आती भी है तो क्या सभी तरह की सुरक्षा और क्षमता के मानकों पर खरा उतरती है। उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ चीफ भी कोरोना वायरस को लेकर भयावह भविष्यवाणी करते रहे हैं और अब एक्सपर्ट की इस आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

तीन करोड़ की हो चुकी है एचआइवी से मौत

सीएएन की रिपोर्ट के मुताबिक नैबोरो ने कहा, ‘सबसे बुरी स्थिति यह हो सकती है कि कभी कोई वैक्सीन ही न हो। उन्होंने कहा कि लोगों की उम्मीदें बढ़ रही हैं और फिर खत्म हो रही हैं, क्योंकि आखिरी मुश्किलों से पहले ही कई समाधान फेल हो जा रहे हैं। चार दशकों से अब एचआईवी से 3.2 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन दुनिया उसका वैक्सीन नहीं ढूंढ पाई है। वहीं, डेंगू की बात की जाए तो यह हर साल चार लाख लोगों को प्रभावित करता है। वहीं, कुछ देशों में 9-45 साल के लोगों के लिए डेंगू का वैक्सीन मौजूद है।

इन दो दवाओं से कम हुआ कोरोना का असर

एक अध्ययन के मुताबिक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के साथ एजिथ्रोमाइसिन का कॉम्बिनेशन कोरोना के असर को कम कर सकता है। कई देशों में दोनों दवाओं के इस्तेमाल के अच्छे नतीजे मिले हैं। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना वायरस का इलाज अभी तक नहीं मिल पाया है। देश में एक होम्योपैथिक दवा की भी फोटो और दवा का नाम खूब वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि यह दवा कोरोना वायरस के इलाज में कारगर है। इस दवा का नाम आर्सेनिक एलबम 30 है। सोशल मीडिया में चल रहे मैसेज में कहा गया है कि कोरोना वायरस एक तरह का वायरल इंफेक्शन है, जिसको होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एलबम 30 से नियंत्रित किया जा सकता है।

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पांच ग्राम खमीरा रोजाना खाएं, कोरोना के डर से मुक्ति पाएं

यूनानी चिकित्सा पद्धति में प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करने के लिए खमीरा पर बहुत जोर दिया गया है। इसमें सबसे बेहतर खमीरा अमरबरीद और रेशम को बताया गया है। इसके अलावा भी बहुत तरह के खमीरा है। जब भी प्रतिरोधक शक्ति में कमी महसूस हो, हकीम की सलाह लेकर यूनानी दवा की दुकान से खमीरा खरीद कर प्रतिदिन पांच ग्राम खाया जा सकता है।

फ्लू और मानव का साथ चोली-दामन जैसा

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के यूनानी विभागाध्यक्ष डा. सैयद अहमद के मुताबिक खमीरा शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत देता है। यूनानी में वैसे तो अनेक प्रकार के खमीरा का वर्णन है लेकिन अमरबरीद और रेशम को आम आदमी भी आसानी से खरीद सकता है। उनका दावा है कि भरपूर नींद और समय से भोजन करके भी कोरोना संक्रमण का सफलता के साथ मुकाबला किया जा सकता है। डा. सैयद अहमद ने बताया कि फ्लू और मानव का साथ चोली-दामन जैसा है। बदलते मौसम के साथ फ्लू के वायरस मानव शरीर को संक्रमित करते हैं और शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली कुछ बाहरी उपायों के साथ उससे निजात पा लेती है। इसलिए पारम्परिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाने सिद्धांत पर काम करती हैं।

कोशिकाओं की होती है मरम्मत

डा. अहमद के अनुसार मानव शरीर एक ऐसी मशीन है जिसमें जागते रहने पर लगातार टूट—फूट होती है अर्थात उसकी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता हैं। जैसे ही शरीर नींद के आगोश में जाता है, शरीर कोशिकाओं की मरम्मत शुरू कर देता है। इसके लिए भरपूर गहरी नींद अति आवश्यक है। नींद के दौरान सिर्फ कोशिकाओं की मरम्मत ही नहीं होती बल्कि प्रतिरोधक प्रणाली भी अपनी शक्ति बढ़ाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अक्सर आपने देखा होगा कि भरपूर गहरी नींद वही व्यक्ति ले पाता है जिसकी दिनचर्या नियमित है अर्थात वह सभी काम तय समय पर करता है। सीजनल फल—सब्जियों का सेवन करता है। डा. सैयद अहमद का कहना है कि कोरोना काल में इम्युन सिस्टम की मजबूती के लिए ड्राइफ्रूट खाएं। भीगे हुए बादाम और अखरोट की गिरी खाने के साथ ही काली मिर्च लोंग अदरक तुलसी गिलोय की चाय बनाकर पीने से भी कोरोना वायरस के प्रकोप से स्वयं को सुरक्षित किया जा सकता है।

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बॉलीवुड में गीत गाने के बदले गायकों को मिलती है फूटी कौड़ी

चमक—दमक वाले बॉलीवुड की असलियत बेहद डरावनी है। वहां शोषण की इंतिहा है। निर्माता—निर्देशक गायकों को गीत गाने के बदले फूटी कौड़ी तक नहीं देते हैं। हाल ही पार्श्वगायिका नेहा कक्कड़ ने गायकों को भुगतान न किए जाने के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया था। अब आदित्य नारायण का कहना है कि बॉलीवुड में गायकों को एक पैसा भी नहीं मिल रहा है, म्यूजिक इंडस्ट्री में भी महामारी की स्थिति है।

कहते हैं पैसे लेकर क्या करोगे एक्सपोजर तो मिलेगा

आदित्य ने बताया, हमें फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती है। ऐसा लगता है कि वे हमें किसी गीत को गाने के लिए बुलाकर हम पर एहसान कर रहे हैं। मुझे मुफ्त में किसी चीज को करने में दिक्कत है। अब तो बात यह है कि गाना गाने से आपको एक्सपोजर मिलेगा। क्या करूंगा मैं एक्सपोजर के साथ? अगर मेरे पास घर चलाने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे ही न हो, तो मैं एक्सपोजर का क्या करूंगा?
प्रख्यात पार्श्वगायक उदित नारायण के बेटे ने कहा, गायकों को इसलिए भुगतान नहीं किया जाता है क्योंकि बीस गायकों से एक गाना गवाया जाता है और इसके बाद एक कंपनी, एक निर्माता और एक एक्टर निश्चय करता है कि इसका वर्जन रखते हैं। मैंने ऐसा किसी और पेशे में होते नहीं देखा है। आप किसी एक दृश्य को फिल्माने के लिए बीस कलाकारों को नहीं बुलाते हैं और इसके बाद उनके द्वारा फिल्माए गए किसी एक के दृश्य को चुनते हैं।

हम बेचारे और लाचार है

आदित्य का कहना है कि फिर गायकों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों? सिर्फ इसलिए क्योंकि हम बेचारे और लाचार है? हमारी अपनी मजबूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कुछ भी करेंगे। कम से कम हमें एक गाने के 1000 रुपये ही दे दें? कुल मिलाकर यहां कई सारी दिक्कतें हैं, उम्मीद करता हूं कि हम इसका हल निकाल लेंगे, यही वजह है कि मैं अपनी पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी को अपना खुद का म्यूजिक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।
उल्लेखनीय है कि पार्श्वगायिका नेहा कक्कड़ ने कहा था कि हमें बॉलीवुड में गाना गाने के पैसे नहीं मिल रहे हैं। लोग सोचते होंगे कि एक सुपरहिट गाना गाकर हम खूब सारी कमाई करते हैं। लाइव कॉन्सर्ट व बाकी जगहों से हमें अच्छी रकम मिलती है, लेकिन बॉलीवुड में ऐसा कुछ नहीं है। हमसे गाना गवाया जाता है, लेकिन पैसे नहीं दिए जाते हैं।

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किंग खान को डेब्यू फिल्म दीवाना की शूटिंग में ऋषि कपूर ने दिया था हौंसला

बॉलीवुड के किंग खान शाहरूख खान ने ऋषि कपूर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके साथ पहली मुलाकात का किस्सा शेयर किया है। शाहरुख खान ने अपनी डेब्यू फिल्म दीवाना में ऋषि कपूर और दिव्या भारती के साथ मुख्य भूमिका अदा की थी।

शाहरुख ने अपनी पोस्ट में ऋषि कपूर को याद करते हुए बताया कि शूटिंग के पहले दिन ही उन्होंने मुझसे कहा कि यार तुझमें एनर्जी बहुत है। शाहरुख खान ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैं काफी डर रहा था, क्योंकि जिस तरह मैं दिखता था और मुझे लगता था कि मुझमें ज्यादा टैलेंट नहीं है। असफलता के बारे में सोचने का कोई मतलब नहीं था, क्योंकि यदि मैं फेल भी होता तो मैंने सबसे बड़े अभिनेता के साथ काम किया था, जिन्हें मैं जानता था।

ऋषि साहब. शूट के पहले दिन, वह पैकअप के बाद मेरे सीन के लिए बैठे, फिर अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ उन्होंने कहा, यार तुझमें एनर्जी बहुत है। उस दिन से ही मेरे दिमाग में मैं एक अभिनेता बन गया था। शाहरुख खान ने बताया, कुछ दिनों पहले मैं उनसे मिला और मैंने फिल्म में मुझे एक्सेप्ट करने के लिए उनका धन्यवाद किया।

उन्हें खुद पता नहीं था कि उन्होंने मुझे कैसे बढ़ावा दिया है। मैं उन्हें कई चीजों के लिए याद करूंगा, लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा, मैं मेरे सिर पर उनकी थाप को याद करूंगा। मैं हमेशा इसे एक आशीर्वाद की तरह अपने दिल में रखूंगा, जिसने मुझे वह बनाया है जो मैं आज हूं। कपूर खानदान को मेरी हार्दिक संवेदनाएं. अल्लाह आपको इस मुश्किल घड़ी से निपटने की शक्ति दे।

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अब फीकी हो जाएंगी बॉलीवुड की पार्टियां क्योंकि चिंटू (ऋषि कपूर) चला गया

बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता ऋषि कपूर के जिगरी दोस्तों में राकेश रोशन, जीतेन्द्र, प्रेम चोपड़ा और सुजीत कुमार शामिल थे जिसके साथ मिलकर वह पार्टी में धमाल मचाया करते थे। इन पांचों की खूब पटती थी। एक-दूसरे के सुख-दुख में वह अक्सर साथ नजर आते थे। जवानी के दिनों से ही ये पार्टी किया करते थे। एक-दूसरे के घरों में पार्टी का दौर चलता था। मन हुआ तो होटल में भी चले जाते थे। ये सिलसिला उम्र बढऩे तक चलता रहा।

 

वर्षों पूर्व सुजीत कुमार का निधन हुआ जो भोजपुरी फिल्मों के बड़े सितारे थे और हिंदी फिल्मों में भी कैरेक्टर रोल निभाया करते थे। उसके बाद ऋषि, जीतेन्द्र, राकेश रोशन और प्रेम चोपड़ा की पार्टियां चलती रहीं। ऋषि कपूर पार्टी की जान हुआ करते थे। ऋषि कपूर के निधन का वैसे तो पूरा देश शोक मना रहा है, लेकिन उनके जिगरी यार राकेश रोशन को उनके जाने का यकीन नहीं हो रहा है। राकेश रोशन और ऋषि कपूर का याराना कई साल पुराना है। हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार रोशन के बेटे राकेश रोशन ने ऋषि के साथ कई फिल्में भी कीं। दोनों पहली बार वर्ष 1975 की फिल्म खेल खेल में में साथ आये थे। इस म्यूजिकल थ्रिलर में नीतू सिंह फीमेल लीड में थीं।

 

राकेश रोशन ने टिवटर पर लिखा- ऋषि चले गये… चिंटू चला गया… यक़ीन नहीं हो रहा। उनके जाने से जो क्षति हुई वह अपूरणीय है। राकेश की तरह ही जीतेंद्र भी ऋषि कपूर के अंतरंग दोस्तों में शामिल थे। दोनों ने कई फिल्मों में साथ में काम भी किया था। जीतेंद्र की बेटी एकता कपूर ने तस्वीरों के जरिए ऋषि कपूर, राकेश रोशन, जीतेन्द्र, प्रेम चोपड़ा की दोस्ती का सफऱ दिखाया है। एक तस्वीर इन चारों की जवानी की है, दूसरी कुछ साल पुरानी। एकता ने लिखा है- ये फिर ऐसे पार्टी नहीं करेंगे। अलविदा अंकल और जबर्दस्त एक्टर। पिछले साल ऋषि कपूर जब न्यूयॉर्क से कैंसर का इलाज करवाकर लौटे थे तो जीतेंद्र और राकेश रोशन उनसे मिलने गये थे। ऋषि के बड़े भाई रणधीर कपूर भी साथ थे। ऋषि ने यह तस्वीर टवीट करके लिखा था। गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए शुक्रिया।

 

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कड़ी धूप में जाते ही दम तोड़ देता है यमराज बना कोरोना वायरस, अमेरिका ने किया दावा

कोरोना वायरस के डर से घरों में छुपी हुई दुनिया के लिए राहत की खबर, यमराज की शक्ल में आया ये वायरस सूरज की धूप नहीं सह पाता और कड़ी धूप में जाते ही दम तोड़ देता है। ये दावा अमेरिका के घरेलू सुरक्षा विभाग अति उन्नत बायो कन्टेनमेंट लैब ने किया है। लैब के अनुसार सूरज की रोशनी कोरोना को खत्म कर सकती है, जबकि गर्म तापमान और चिपचिपा मौसम वायरस को काफी नुकसान पहुंचाता है।

कोविड-19 को मार देती हैं सूरज की किरणें

व्हाइट हाउस ने लैब के शोध के हवाले से कहा है कि सूरज की किरणें कोविड-19 को मार देती हैं। जबकि गर्म तापमान और ह्यूमिडिटी वायरस को नुकसान पहुंचाते हैं, और इससे वायरस का जीवन और इसकी शक्ति आधी हो जाती है।
कोरोनावायरस महामारी के चलते अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। वर्तमान में यहां कोविड-19 संक्रमण के कुल आठ लाख 60 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 50 हजार से अधिक अमेरिकी नागरिकों की जान चली गई है। तापमान और ह्यूमिडिटी के प्रभाव को लेकर किए गए इस शोध को हफ्तों से ट्रैक्शन मिल रहा है। अमेरिकी सरकार ने कोविड-19 पर तापमान के परीक्षण के प्रारंभिक परिणामों पर पहली बार आधिकारिक मुहर लगाई है।
अमेरिकी घरेलू सुरक्षा विभाग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय के प्रमुख बिल ब्रायन ने कहा, यह आज तक का हमारा सबसे महत्वपूर्ण ऑब्जर्वेशन है। सूर्य की रोशनी के शक्तिशाली प्रभाव से वायरस सतह और हवा दोनों जगह मरता हुआ पाया गया है। हमने तापमान और ह्यूमिडिटी दोनों के साथ इसी तरह के परिणाम देखे हैं। ब्रायन के अनुसार, एक कमरे में 70-75 एफ तापमान पर 20 प्रतिशत ह्यूमिडिटी के साथ वायरस का जीवन लगभग आधा यानी एक घंटे है।
बिल ने कहा कि इसे लेकर बाहर निकलने पर जब यह यूवी किरणों से टकराता है तो इसका जीवन एक मिनट और डेढ़ मिनट में ही आधा रह जाता है।

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सहजन की पत्ती से बनी ब्रेड खिलाकर किया जा रहा है कोरोना मरीजों का इलाज

तमिलनाडु के तंजावुर स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को दवाओं के साथ ही सहजन की पत्ती, मूंगफली का पाउडर और प्रोटीन के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लहसुन, हल्दी, अदरक, काली मिर्च और अन्य मसाले युक्त भोज्य पदार्थ खिलाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे मरीज कोरोना संक्रमण से तेजी से मुक्त हो रहे हैं।

तंजावुर मेडिकल कॉलेज खिला रहा है ये ब्रेड

इसकी जिम्मेदारी भारतीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएफपीटी) उठा रहा है। वह कोरोना के मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सके। तमिलनाडु के तंजावुर स्थित आईआईएफपीटी खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के अधीनस्थ अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थान है। यह तंजावुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहा है।

ब्रेड, कूकीज, रस्क और बाजरे का भूजा भी

आईआईएफपीटी के निदेशक डॉ. डी.सी. आनंदरामकृष्णन् ने बताया कि मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संस्थान ने उनके लिए पैकेज्ड पौष्टिक आहार तैयार किये हैं। इनमें विशेष रूप से बनाये गये ब्रेड, कूकीज, रस्क और बाजरे का भूजा शामिल है। गत 21 अप्रैल से रोजाना ये पैकेट तैयार कर मरीजों को भिजवाये जा रहे हैं। इन्हें बनाने और इनकी पैकेजिंग में पूरी सावधानी बरती जा रही है। पौष्टिकता बढ़ाने के लिए ब्रेड में सहजन की पत्ती, मूंगफली का पाउडर और प्रोटीन मिलाया जाता है। साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लहसुन, हल्दी, अदरक, काली मिर्च और अन्य मसाले मिलाये जाते हैं। यहां तैयार कूकीज में 14.16 प्रतिशत प्रोटीन और 8.71 प्रतिशत फाइबर के साथ मसालों के गुण भी हैं। रस्क में 12.85 प्रतिशत प्रोटीन और 10.61 प्रतिशत फाइबर है। इन्हें ताजा तैयार कर पैक करके अस्पताल भेज दिया जाता है।

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मुनाफाखोर चीन का पर्दाफाश, दक्षिण कोरियाई कम्पनी आधे दामों पर बेच रही है कोरोना टेस्टिंग किट

कोरोना महामारी को लेकर पूरे विश्व के निशाने पर आए चीन की कम्पनियां टेस्टिंग किट पर भारी मुनाफा वसूल रही हैं। इसका खुलासा दक्षिण कोरियाई कम्पनी एस. डी बायोसेंसर की ओर से हरियाणा सरकार को सप्लाई की गई टेस्टिंग किट से हुआ है। दक्षिण कोरियाई कम्पनी ने किट चीनी कम्पनी के मुकाबले 400 रुपए सस्ती दर पर बेची है। चीनी कम्पनी इसी किट की कीमत 780 रुपए वसूल रही है।

चीन का आर्डर रद्द कर दक्षिण कोरियाई कम्पनी को दिया

इसी के साथ हरियाणा सरकार ने चीन से मंगाई जाने वाली एक लाख रेपिड टेस्ट किट का आर्डर रद्द कर इसे दक्षिण कोरियाई कम्पनी को दे दिया। दक्षिण कोरियाई कम्पनी का कारखाना हरियाणा के मानेसर में ही स्थित है। दक्षिण कोरियाई कम्पनी एस.डी. बायोसेंसर यह किट गुणवत्ता में भी बेहतर है। इसलिये चीन की कम्पनियों को दिया गया आर्डर रद्द किया गया है। इससे सरकार को राजस्व की भी बचत होगी। कोरियाई कम्पनी को एक लाख किट का आर्डर दिया गया है जिसमें से राज्य सरकार को 25 हजार रैपिड टेस्टिंग किट मिल गई हैं। इसकी प्रति किट कीमत 380 रुपए है जो चीन से आयातित किट से लगभग 400 रुपए सस्ती है। यह किट यहां बनने से अब इसके लिये दूसरे देशों पर देश और प्रदेश की निर्भरता कम होगी।

कोरियाई कम्पनी एक माह में देगी एक करोड़ रेपिड टेस्टिंग किट

खास बात यह है कि किट बनाने की स्वीकृति 15 दिन में ही मिल गई, जिसमें रूटीन में पांच माह तक का समय लग जाता है। क्योंकि किट निर्माण के लिये पहले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे को आवेदन करना होता है तो इसके बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद को जाता है तथा इसके बाद औषध महानियंत्रक से उत्पादन की स्वीकृति लेनी होती थी। कोरियाई कम्पनी एक माह में एक करोड़ रेपिड टेस्टिंग किट तैयार करेगी। हरियाणा में कोरोना मरीजों के दुगुने होने की रफ्तार लगभग 14 दिन है जबकि देश में यह औसत 7.5 दिन है। हरियाणा में रिकवरी रेट 57 है वहीं केंद्र में केवल 16 फीसदी है।

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ये करते हैं चीनी का नशा, नहीं मिलती है चीनी तो ऐंठने लगता है शरीर

क्या आजकल आप किसी भी वक्त मीठा खाने की इच्छा का सामना करते हैं। अगर ऐसा है तो सतर्क हो जाइए क्योंकि यह सिर्फ शुगर पेशेंट को ही नहीं होती। कई अन्य कारणों की वजह से भी आपकी मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है। जो लोग रातभर जागते हैं या जिनकी नींद पूरी नहीं होती उनके शरीर में जब ऊर्जा की कमी होती है तब उन्‍हें जंक फूड या मीठी चीजें खाने का मन करता है। खराब नींद हमारे हार्मोन्‍स को प्रभावित करती है। जिसकी वजह से हमें बार-बार भूख लगती है और शुगर खाने की इच्छा होने लगती है।
कई लोगों को चीनी की तलब बहुत ज्‍यादा होती है। यह उनके लिए एक नशीले पदार्थ की तरह होता है जिसे वह चाह कर भी नहीं छोड़ पाते। महिलाओं को 6 चम्‍मच तो वहीं पुरुषों को 9 चम्‍मच चीनी तक सीमित रखने की सलाह दी जाती है।

 

भूखे शरीर को भी मीठा चाहिए

हमारा शरीर जब भूखा होता है तब उसे अधिक ईंधन या फ्यूल की आवश्‍यकता पड़ती है। जब आप कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाते हैं, तो पाचन तंत्र उसे शुगर में तोड़ देता है। जो उसे रक्‍त के जरिए कोशिकाओं में ले जाकर एनर्जी में बदलता है। जब हमें बिना खाए पिए एक लंबा समय बीत जाता है तब हमारी कोशिकाओं को फ्यूल यानी ईंधन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हमें अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने की आवश्यकता पड़ती है और मीठा खाने का मन करने लगता है।

शरीर जब स्‍ट्रेस में होता है तब कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन ज्‍यादा बनने लगते हैं। ये दोनों हमारी बॉडी में असंतुलन पैदा करते हैं जिससे ब्‍लड प्रेशर और इंसुलिन का स्तर बढ़ाता है। यही नहीं इससे हमें मीठा खाने की भी क्रेविंग होने लगती है।
कई लोग मोटापा कम करने के चक्‍कर में खुद को भूखा रखकर कड़ी डायटिंग करते हैं। जिस वजह से उनके शरीर को पूरा पोषक तत्‍व नहीं मिल पाता। इससे शरीर में ग्लूकोज का स्तर बिगड़ जाता है और इसके साथ ही मीठा खाने का मन करने लगता है।

 

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आ गया आरोग्य सेतु, बता देगा कि छह फीट दूर है कोरोना संक्रमित

चीन ने कोरोना वायरस संक्रमितों पर नजर रखने के काम जिस मोबाइल एप से किया था, उसी तरह का एप भारत सरकार ने भी तैयार करा लिया है। मोबाइल लोकेशन आधारित कोरोना वायरस ट्रैकर एप को आरोग्य सेतु नाम दिया गया है। एप फोन के लोकेशन डाटा और ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर बताता है कि कहीं यूजर किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया है। इसे संक्रमितों का डाटाबेस के साथ जोड़ा गया है।

यूजर को देगा टेस्ट कराने की सलाह

यह एप लोकेशन डाटा के जरिये यूजर्स की लोकेशन की पता लगाता है और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी की मदद से यह देखा जाता है कि यूजर किसी संक्रमित व्यक्ति के छह फीट के दायरे में आया है या नहीं। इसके आधार पर यह यूजर को अगला कदम उठाने की सलाह देता है। अगर यूजर ‘हाई रिस्क’ एरिया में हैं तो एप उसको कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देता है।

देगा महामारी से बचाने के टिप्स

इसके अलावा आरोग्य सेतु एप यूजर को खुद को महामारी से बचाने के टिप्स भी देता है। अगर कोई यूजर कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जाता है तो यह उसका डाटा सरकार को भेज देता है। इसमें एक चैटबॉट भी दिया गया है जो महामारी से जुड़े सवालों के जवाब देता है और यह भी अंदाजा लगा सकता है कि कोई यूजर कोरोना संक्रमित है या नहीं। इसमें हर राज्य के हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं। इससे यूजर्स को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से महामारी को लेकर जारी किए जा रहे सभी अपडेट भी मिलेंगे।
भारत में महामारी से संक्रमित कुल लोगों की संख्या 1,965 हो गई है। इनमें से 1,764 मरीजों का इलाज चल रहा है, 151 ठीक हो चुके हैं और 50 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 12 घंटों में 131 नए मामले सामने आए हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कुछ दिनों में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 10 लाख पार हो जाएगी और मौतों का आंकड़ा 50,000 तक पहुंच जाएगा।