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दसवीं और बारहवीं कक्षा के शेष पेपरों का Time Table घोषित, 1 जुलाई से होंगे Exams

नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं के बोर्ड की परीक्षा के शेष बचे हुए पेपरों की परीक्षा डेटशीट सोमवार को घोषित कर दी। यह परीक्षाएं दिल्ली के पूर्वी इलाके के साथ-साथ पूरे देश भर में आयोजित की जाएंगी।

सीबीएसई के अनुसार यह परीक्षाएं एक जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक चलेगी। परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से होंगी और डेढ़ बजे तक होंगी। इन परीक्षाओं में भी उन्हीं नियमों और शर्तों का पालन किया जाएगा जो दसवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए मान्य है, मसलन परीक्षार्थी को मास्क पहन कर जाना होगा और सेनिटाइजर भी ले जाना होगा। इसके अलावा उन्हें सामाजिक दूरी का पालन करना पड़ेगा और यह सुनिश्चित करना अभिभावकों का काम होगा कि उनके बच्चे बीमार ना हो। बोर्ड के अनुसार एक जुलाई को होम साइंस, दो जुलाई को हिंदी (इलेक्टिव) और हिंदी (कोर) तथा तीन जुलाई को केवल दिल्ली के पूर्वी इलाके में फिजिक्स, एकाउंटेंसी और केमिस्ट्री के पेपर होंगे जबकि सात जुलाई को देशभर में इनफॉर्मेटिक्स (प्रेक्टिकल), कंप्यूटर साइंस (पुराना), कंप्यूटर साइंस (नया) और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के पेपर होंगे। आठ जुलाई को केवल दिल्ली के पूर्व इलाके में इंग्लिश इलेक्टिव (एन) इंग्लिश इलेक्टिव (सी) और इंग्लिश-कोर के पेपर होंगे जबकि नौ जुलाई को बिज़नेस स्टडीज, 10 को बायोटेक्नोलॉजी, 11 को भूगोल और 13 को समाजशास्त्र के पेपर होंगे जबकि 14 को केवल पूर्वी दिल्ली में राजनीति विज्ञान के पेपर होंगे तथा 15 जुलाई को दिल्ली के पूर्वी इलाके में गणित, अर्थशास्त्र और इतिहास तथा जीवविज्ञान के पेपर होंगे।

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पुतलीबाई का नाम सुनकर पायजामा गीला कर देते थे चंबल के डाकू

चंबल के बीहड़ों में राज करने वाले जिन डाकुओं का नाम सुनकर आम आदमी को कंपकंपी छूट जाती थी, उन्हीं डाकुओं में से अनेक डाकू पुतलीबाई का नाम सुनकर पायजामा गीला कर देते थे। बी हड़ों में पुतलीबाई के अलावा भी अनेक महिला डकैत हुई हैं लेकिन उनमें से एक भी पुतलीबाई जैसा नाम नहीं कमा सकी।

चंबल के इतिहास में पुतलीबाई का नाम पहली महिला डकैत के रूप में दर्ज है। बीहडों में पुतलीबाई का नाम एक बहादुर और आदर्शवादी महिला डकैत के रूप में सम्मानपूर्वक लिया जाता है। गरीब मुस्लिम परिवार में जन्मी गौहरबानो को परिवार का पेट पालने के लिए नृत्यांगना बनना पड़ा और इसी दौरान डाकुओं के उत्पीड़न से तंग आकर पुतली बाई ने हथियार उठा लिए। बीहड़ों में उसकी बहादुरी के साथ ही गरीबों विशेषकर महिलाओं की दुष्टों से रक्षा के लिए उसका नाम आज भी आदर के साथ लिया जाता है।

हाथों मे बदूंक थामना वैसे तो हिम्मत और साहस की बात कही जाती है, लेकिन जब कोई महिला बंदूक थामकर बीहडों में कूदती है तो उसकी चर्चा बहुत ज्यादा होती है। चंबल के बीहडों में सैकडों की तादात में महिला डाकुओं ने अपने आंतक का परचम लहराया है। बाद में कुछ महिला डकैत पुलिस की गोली खाकर मौत के मुंह मे समा गईं तो कुछ गिरफ्तार कर ली गई या फिर कुछ महिला डकैतों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से ऐसी ही कुछ महिला डकैत आज भी समाज में अपने आप को स्थापित करने में लगी हुई हैं।

एक समय था जब चंबल में सीमा के नाम की तूती बोला करती थी। सीमा बीहड में आने से पहले अपने माता-पिता के साथ मासूमियत के साथ जिंदगी बसर कर रही थी। दस्यु सरगना लालाराम सीमा परिहार को उठा कर बीहड में लाया था। बाद में लालाराम ने गिरोह के एक सदस्य निर्भय गुर्जर से सीमा की शादी करवा दी, लेकिन दोनों जल्दी ही अलग हो गए। 18 मई, 2000 को पुलिस मुठभेड में लालाराम के मारे जाने के बाद 30 नवंबर, 2000 को सीमा परिहार ने आत्मसमर्पण कर दिया था। फिलहाल, सीमा परिहार औरैया में रहते हुए राजनीति में सक्रिय है। फूलनदेवी के चुनाव क्षेत्र मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी सीमा परिहार टेलीविजन शो बिग बॉस में हिस्सा ले चुकी है। सीमा परिहार के बाद डकैत चंदन की पत्नी रेनू यादव, डकैत सलीम गुर्जर की प्रेयसी सुरेखा उर्फ सुलेखा और जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश गुर्जर, डकैत सलीम की प्रेमिका सुरेखा भी बहुत थोड़े समय तक चर्चा में रही है।

अस्सी के दशक में सीमा परिहार के बाद लवली पांडे, अनीता दीक्षित, नीलम गुप्ता, सरला जाटव, सुरेखा, बसंती पांडे, आरती, सलमा, सपना सोनी, रेनू यादव, शीला इंदौरी, सीमा यादव, सुनीता पांडे, गंगाश्री आदि ने भी बीहड में दस्तक दी परंतु इनमें से कोई भी सीमा परिहार जैसा नाम और शोहरत नहीं हासिल कर सकीं। सरला जाटव, नीलम गुप्ता और रेनू यादव के अतिरिक्त अन्य महिला डकैत पुलिस की गोलियों का शिकार हो गईं। हालांकि एक समय लवली पांडेय सीमा परिहार के मुकाबले ज्यादा खतरनाक साबित हुई थी।

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कैर-सांगरी को चट करने आंधियों के कंधे पर सवार होकर आई टिड्डी

कोरोना से परेशान राजस्थान अब टिड्डियों के निशाने पर है। धूल भरी आंधियों के कंधों पर सवार होकर पाकिस्तान से आए टिड्डी दल रेगिस्तानी कल्पवृक्ष खेजड़ी पर टूट पड़े हैं। कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जल्द ही टिड्डियों का सफाया नहीं किया गया तो वे जोधपुर से लेकर बाड़मेर तक सांगरी को पूरी तरह चट कर सकती हैं। इसके अलावा वे खरीफ की अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाएंगी!

पाकिस्तान की सीमा से सटे सीमावर्ती जैसलमेर, बाड़मेर एवं गंगानगर की सीमा के कई इलाकों में पिछले दो दिनों से टिड्डियों का जबरदस्त हमला हुआ हैं। पाकिस्तान के सिंध एवं पंजाब प्रान्त में टिड्डियों की भरमार को देखते हुए रबी की फसल के लिये यह टिड्डियां किसानों के लिये खतरे की घंटी बन सकती हैं इसको देखते हुए टिड्डी नियंत्रण विभाग द्वारा अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं तथा एरियल कंट्रोल के लिये इस बार विशेष रूप से एयरक्राफ्ट, ड्रोन व अन्य दूसरे संसाधन मंगवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पाकिस्तान की सीमा से बड़ी संख्या में टिड्डियों ने उनके खेतों में धावा बोला हैं हालांकि वहां पर फसलें कट चुकी हैं लेकिन खेतों में पड़े हुवे पशुओं के लिये घास व अन्य वनस्पतियों को टिड्डियां नष्ट कर रही हैं। टिड्डी नियंत्रण विभाग के उपनिदेशक डॉ के एल गुर्जर ने बताया कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में टिडिड्यों पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम रहा हैं इसके कारण बड़ी संख्या में टिड्डियों के होपर्स एडल्ट होकर भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर के सम क्षेत्र में भुवाना, धनाना, लंगतला एवं बछियाछोर लाठी चांधन आदि क्षेत्रों में तथा रामगढ़ में मीरवाला, आसुतार, लोंगेवाला, घोटारू आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में टिड्डी दल पहुंचे हैं हालांकि यह छोटे छोटे पेचेज में हैं।

टिड्डी नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं तथा इन्हें नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह गंगानगर के हिन्दूमल कोट कोठा आदि कई सीमावर्ती इलाकों में टिड्डियां पिछले कई दिनों से पाकिस्तान की सीमा से आ रही हैं जिन्हें लगातार नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इन टिड्डियों को कंट्रोल कर नहीं पाया, कुछ समय पूर्व ईरान में टिड्डियों की जो ब्रीडिंग चल रही थी और उस दौरान बरसात भी हो रही थी। ऐसे में टिड्डियों के समूह ईरान से सटे हुवे पाकिस्तानी ब्लूचिस्तान व अन्य इलाकों में आ गए और अब पंजाब व सिंध इलाकों में जबरदस्त रूप से इन टिड्डियों ने डेरा डाल रखा है।

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भोजन प्रेमी थे पिता समान शानदार इंसान ऋषि कपूर: आलिया भट्ट

ऋषि कपूर के बेटे रणवीर के साथ लिव इन में रह रही बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने ऋषि कपूर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये कहा कि वह उनके लिये एक फाइटर और पिता समान थे।

आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर ऋषि कपूर के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक पोस्ट शेयर कर अपने मन की बात कही हैं। उन्होंने लिखा है,’मैं इस खूबसूरत आदमी के बारे में क्या कह सकती हूं … जो मेरे जीवन में बहुत प्यार और अच्छाइयां लेकर आए। आज हर कोई ऋषि कपूर के बारे में बात कर रहा है… हालांकि मैं उनके पूरे जीवन जानती हूं।

पिछले दो वर्षों से मैंने उन्हें एक दोस्त, भोजन प्रेमी, सिनेमा प्रेमी, एक फाइटर, एक नेता, एक सुंदर कहानीकार, एक बेहद भावुक व्यक्ति और एक पिता के रूप में जाना है। उन्होंने लिखा, पिछले दो सालों से मैंने उनसे इतना प्यार पाया जैसे किसी को गर्मजोशी से गले लगाया हो। मैं इस ब्रह्मांड को शुक्रिया कहना चाहती हूं कि उनके जैसे इंसान से मिलने के मौका दिया।

आज मैं कह सकती हूं कि वो अब मेरे परिवार का एक हिस्सा थे। ऋषि अंकल आपको प्यार. आपको हमेशा याद करेंगे। इन सब चीजों के लिए शुक्रिया। हम आपको हमेशा के लिए याद करेंगे धन्यवाद। गौरतलब है कि आलिया और ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर काफी समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं।

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जिगरी दोस्त जितेन्द्र ने कहा: दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे ऋषि कपूर

बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता जीतेन्द्र ने ऋषि कपूर के निधन पर दुख जताते हुये कहा है कि वह लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। ऋषि कपूर के जिगरी दोस्तों में राकेश रोशन, जीतेन्द्र, प्रेम चोपड़ा और सुजीत कुमार शामिल थे जिसके साथ मिलकर वह पार्टी में धमाल मचाया करते थे।

एक-दूसरे के सुख-दुख में वह अक्सर साथ नजर आते थे। जीतेन्द्र ने ऋषि कपूर के निधन पर दुख व्यक्त किया है। जीतेन्द्र ने कहा, इस समय मेरे पास दिल में उठ रही भावनाओं के आघात और उसकी गहराई को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं! मैंने एक दोस्त को खो दिया है, जो मेरे लिए एक भाई से बढ़कर था।

भले ही हम पिछले कुछ सालों में कम मिले, लेकिन हमारी दोस्ती हमेशा वक्त की कसौटी पर खरी उतरी है। जीतेन्द्र ने कहा, ऋषि कपूर लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। एक कभी न खत्म होने वाला रिश्ता, जिसे हमने एक ही इंडस्ट्री के होने के बाद भी पेशे से हमेशा ऊपर रखा! यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं इस वक्त व्यक्तिगत रूप से उनके परिवार को सांत्वना नहीं दे पाऊंगा। फिर भी, हमारा पल जिसे हमने साथ में बिताया, वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।

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राजस्थान के पहली से नवीं, 11वीं के बच्चों को इस तारीख से मिलेंगे आॅनलाइन सर्टिफिकेट

जयपुर। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते राजस्थान में 1 से लेकर नवीं तक और 11 वीं कक्षा की परिक्षाएं नहीं हो पाईं। इसलिए शिक्षा विभाग ने इन कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत किया है। इसके लिए विभाग आॅनलाइन सर्टिफिकेट जारी करेगाा। ये सर्टिफिकेट 3 मई के बाद मिलना शुरू होंगे।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासारा के अनुसार, ‘राजकीय विद्यालओं में कक्षा 1 से 8 व 9, 11 की कक्षाओं से क्रमोन्नत छात्रों के परीक्षा परिणाम पृथक यूनिक कोड के साथ जारी होंगे, उक्त प्रमाण पत्र लॉक डाउन अवधि (3 मई 2020) के उपरांत शाला दर्पण व PSP पोर्टल से डाउनलोड किये जा सकते हैं।’

राजकीय स्कूलों के छात्रों को शाला दर्पण पोर्टल से और निजी स्कूलों के छात्रों को पीएसपी पोर्टल से तैयार सर्टिफिकेट डाउनलोड करके दिया जाएगा। प्रत्येक छात्र का कोड अलग होगा। इसलिए सभी को प्रमाण पत्र भी अलग-अलग ही डाउनलोड करना होगा। फोटोकॉपी मान्य नहीं होगी। सर्टिफिकेट और मार्क्सशीट गणना की सुविधा शाला-दर्पण और पीएसपी पोर्टल पर 3 मई को लॉकडाउन खत्म होने के बाद उपलब्ध होगी।

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दसवीं बोर्ड की नई परीक्षा तिथि, बाहरवीं बोर्ड की नई परीक्षा तिथि, 7-8 मई, 2020

जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बाहरवीं की बची हुई परीक्षाएं अगले माह यानी की मई में होने की पूरी संभावना है। बताया जाता है कि लॉकडाउन के चलते स्थगित हुई परीक्षाएं 7 या 8 मई, 2020 से प्रारंभ होगी।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board Exam 2020 ) की 10वीं और 12वीं बोर्ड की स्थगित की गई परीक्षाएं 7 या 8 मई से प्रारंभ होगी।

स्थगन के बाद फिर से होने वाली परीक्षाओं में सोशल डिसटेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्रों से कहा गया ​है कि बच्चों के बैठने के लिए कम से कम आपस में 1-1 मीटर की दूरी रखी जाए।

हालांकि इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अन्य क्या व्यवस्थाएं की जाएंगी, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाने का काम शुरू कर दिया है।

कोरोना ने लेट करवाई परीक्षा

कोरोना वायरस की वजह से बोर्ड परीक्षाएं बीच में ही स्थगित कर दी गई थी। बोर्ड की सीनियर सैकंडरी परीक्षाएं 5 मार्च से और दसवीं की परीक्षा 12 मार्च से प्रारंभ हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते यह सभी परीक्षाएं 20 मार्च को स्थगित कर दी गई। सीनियर सैकंडरी की परीक्षाएं 3 अप्रैल तक चलनी थी। इस दौरान लगभग 40 विषय की परीक्षा होनी थी। 10वीं की परीक्षाएं 24 अप्रैल तक चलनी थी। इस परीक्षा के दो महत्वपूर्ण विषय गणित और सामाजिक विज्ञान के पेपर्स होने बाकी हैं।

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सुंदरियों के शरीर पर बालों की भरमार तो वे मानी जाएंगी बीमार

वैसे तो महिलाओं के शरीर पर बाल बेहद कम होते हैं लेकिन अगर किसी के शरीर पर बालों की भरमार है तो यह उनके शरीर में किसी बीमारी का संकेत है। एक स्वास्थ्य रिपोर्ट में चिकित्सा विज्ञानियों ने कहा है कि महिलाओं के शरीर पर ज्यादा बाल होने की स्थिति में उन्हें चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता हो सकती है।

अमेरिकन इलेक्ट्रोलोजी एसोसिशन(एईए) के अनुसार महिलाओं के शरीर पर अधिक बाल उनके खराब स्वास्थ्य के संकेत हो सकते हैं। संभव है कि महिलाओं में प्रजनन संबंधी कोई समस्या हो। पुरुष हॉर्मोन ‘एंड्रोजन’ की अधिकता को भी महिलाओं के शरीर पर अधिक बाल उगने की वजह माना जाता है पर कई बार इसके कारणों का पता लगाना इतना आसान नहीं होता।

इस शोध में एंड्रोजन हॉर्मोन की अधिकता वाली कई महिलाओं पर अध्ययन किया गया। पता चला कि इनमें से 80 फीसदी से अधिक महिलाएं हर्सुटिज्म(अधिक संख्या में बालों का उगना), मासिक धर्म की गड़बड़ी और मुंहासों की समस्या से परेशान हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि करीब 80 फीसदी मरीजों में समय से इस समस्या का पता नहीं लग पाता, न ही उनका सही तरीके से इलाज हो पाता है। अनचाहे बालों की समस्या से निपटने के लिए इलेक्ट्रोलोजी पध्दति का इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि इनसे छुटकारा पाने के लिए उचित चिकित्सकीय इलाज की आवश्यकता होती है।

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खून में बैड कोलेस्ट्रोल अधिक है तो जमकर पीजिए टमाटर का रस!

टमाटर का सेवन हृदय रोगों से बचाव में सहायक है, ये निष्कर्ष फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने बीस से पचास साल के लोगों पर लगातार शोध के बाद पाया है। इस अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने उन लोगों को टमाटर खाने या उसका रस पीने की सलाह दी है जिनके रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक है।

फिनलैंड के औलो विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने 20 से 49 की आयु वर्ग के 21 स्वयंसेवियों को इस अध्ययन में शामिल किया जिनका कोलेस्ट्रोल स्तर सामान्य था। इन लोगों के नाश्ते में टमाटर की मात्रा बढ़ाई गई जिसके बाद तीन सप्ताह के भीतर इनके ‘लो डेनसिटी लाईपो प्रोटीन’ (एलडीएल) स्तर में गिरावट दर्ज हुई।

स्वयंसेवियों के कोलेस्ट्रोल स्तर में छ: फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और एलडीएल स्तर में 13 फीसदी की। ‘न्यूट्रीशन’ पत्रिका में छपे इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने लिखा ”जो बदलाव हमने देखे हैं वे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह असर केवल तीन हफ्तों में दिखाई दिया है।”

इधर अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों द्वारा सोने से पहले एक चम्मच शहद का सेवन खांसी को रोकने में सहायक है। भारत में घरेलू नुस्खे के तौर पर शहद से खांसी का उपचार किया जाता है।

अनुसंधानकर्ताओं ने 130 बच्चों पर किए गए एक शोध में भी यह पाया है कि शहद खांसी की रोकथाम में कारगर है। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार शहद एक एंटीआक्सीडेंट हैं जिसमें विषाणुओं से लड़ने की क्षमता है।

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ज्यादा चीनी खाई तो अल्जाइमर के शिंकजे में फंस जाएगा ‘दिमाग’

ज्यादा चीनी खाने से कोई भी इंसान अल्जाइमर अर्थात भूलने की बीमारी का शिकार हो सकता है। एक विज्ञान पत्रिका बायोलॉजिकल केमिस्ट्री में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि बढ़ती उम्र में अल्जाइमर होने की सम्भावनाएं तब और अधिक बढ़ जाती है जब चीनी के सेवन पर अंकुश नहीं लगाया जाए। पत्रिका ने परोक्ष रूप से डायबिटीज रोगियों को चेताने के साथ सामान्य तौर पर स्वस्थ वृद्धों को भी सलाह दी है कि वे रिटायर होने की उम्र आते—आते चीनी का उपभोग घटा दें। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी मीठा खाने की इच्छा पर काबू पाएं।

पत्रिका ने चूहों पर किए गए एक शोध का हवाला देते हुए कहा है कि नए शोध बताते हैं कि चीनी का अधिक सेवन बढ़ती उम्र में मस्तिष्क संबंधी परेशानियों को जन्म दे सकता है।

बर्मिंघम के अलबामा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध के दौरान 15 चूहों में से सात को पानी या अन्य पदार्थों के माध्यम से भारी मात्रा में चीनी दिया गया जबकि आठ को बिना चीनी के रखा गया। चीनी का सेवन करने वाले चूहों में मानसिक बीमारी अल्जाइमर के लक्षण पाए गए, जबकि चीनी का सेवन नहीं करने वाले चूहे सामान्य थे। इस शोध से अधिक चीनी सेवन करने वाले लोगों में अल्जाइमर बीमारी के होने की आशंका बढ़ जाने की पुष्टि होती है।

अल्जाइमर ऐसी बीमारी होती है जिसमें व्यक्ति बात करते—करते शब्दों को भूल जाता है। कई बार बात का संदर्भ भी याद नहीं रहता। ऐसी हालत में व्यक्ति धीरे—धीरे स्मृति भ्रम का शिकार हो जाता है।