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पूछा जा रहा है कि क्या इमरान की डिप्लोमेटिक रिवर्स स्विंग ने कर दिया मोदी को क्लीन बोल्ड

बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के जवाबी हमले में एक लड़ाकू विमान गंवाकर विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के घटनाक्रम के बाद विश्व मंच पर यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की रिवर्स स्विंग ने भारत के आत्ममुग्ध प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीन बोल्ड कर दिया है! हो सकता है कि ये सवाल मोदी समर्थकों को बिल्कुल नहीं भाये लेकिन प्रेक्षकों का यही मानना है कि विश्व के चोटी के आलराउंडर रह चुके इमरान खान ने क्रिकेट की रिवर्स स्विंग बॉल की तर्ज पर डिप्लोमेटिक रिवर्स स्विंग डालकर उन्हें चारों खाने चित्त कर दिया है। 

 

वे इसके लिए ठोस तर्क भी देते हैं। प्रेक्षकों का मानना है कि बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना तैयारी के स्तर पर पिछली बैंच पर बैठने वाला विद्यार्थी साबित हुई है क्योंकि उसने पाकिस्तान के करारे जवाबी हमले का प्रत्युत्तर किसी नौसिखुए की तरह दिया। पाकिस्तान की वायुसेना ने दिन के उजाले में खुलेआम भारतीय सीमा पर हमला किया और जम्मू—कश्मीर के बटालियन, बिग्रेड मुख्यालय के साथ ही आर्डिनेंस गोदाम पर निशाना साधा। यह सीधे—सीधे पूरी भारतीय सेना को चुनौती थी कि पाकिस्तान उससे किसी भी तरह उन्नीस नहीं है और वह दो—दो हाथ करने को तैयार है। जबकि भारतीय वायुसेना उसके हमले का ठीक से प्रतिकार भी नहीं कर पाई।

आत्मघाती कदम के समान था जवाबी हमले के लिए मिग 21 का इस्तेमाल

सैनिक टीकाकारों की जुबान में कहें तो पाकिस्तान के खुले हमले का प्रतिकार मिग 21 से करने का फैसला वायुसेना की पोल खोलने वाला था। जब उसके पास सुखोई से लेकर हवाई युद्ध में पारंगत मिग 29 तक थे तो उसने मिग 21 क्यों भेजा। इसका जवाब अभी तक किसी ने नहीं दिया। इस फैसले की वजह से ही भारत को मिग 21 बाइसन गंवाना पड़ा और उसके पायलट के पाकिस्तानी हाथों में पड़ने से भारत की ताकत को कमतर साबित करने का पाकिस्तान को मौका मिल गया। 

 

गर्वोक्ति के आदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस नाकामी के बावजूद अपने समर्थकों से तालियां पिटवाते दिखे। उन्होंने यह कहकर अपनी पीठ ठोकी कि पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो गया है और अब हमें इसे सच में कर दिखाना है, लेकिन वास्तव में यह भारत की करारी पराजय के समान है। सैनिक मामलों के जानकारों के अनुसार मोदी की यह टिप्पणी बेस्वाद और आत्मुग्धता भरी थी। एक तरफ मोदी यह कहते फिर रहे हैं कि देश सुरक्षित हाथों में हैं लेकिन पाकिस्तान के जवाबी हमले का निष्पक्ष विश्लेषण किया जाए तो यह साबित होता है कि देश ऐसे हाथों में हैं जिसे यह तक पता नहीं है कि विशालकाय भारत पर पाकिस्तान का जवाबी हमला ही उसकी बड़ी विफलता है। 

 

होना यह चाहिए था कि पाकिस्तान की जवाबी हमले की हिम्मत ही नहीं पड़ती, लेकिन उसने इसे गलत साबित कर दिया और यह संकेत दिए कि वह भारत से मुकाबले की पूरी ताकत रखता है। पूर्व भारतीय राजनयिक और कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ केसी सिंह ने एक मीडिया हाउस से कहा कि इमरान ख़ान की डिप्लोमैटिक रिवर्स स्विंग में मोदी ने ख़ुद को फँसा हुआ पाया है। पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई ज़्यादा तीव्र और अक्खड़ थी। एक भारतीय पायलट का पाकिस्तान में पकड़ लिया जाना मोदी सरकार की उम्मीदों और उसकी बनाई छवि के विपरीत था। इससे इस पूरे मामले में सरकार की तैयारी भी सवालों के घेरे में है।

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